हे ! मरिया के लड़कों आया मई महीना मिलके माता पास आओ उससे करने प्रार्थना गाना गाते हैं
पटना.ईसाई समुदाय, विशेषकर कैथोलिक, मई महीने को मां मरियम (मेरी) को समर्पित करते हैं और उनके सम्मान में प्रार्थना करते हैं. इस महीने को ‘मई का महीना‘ या ‘मेरी का महीना‘ भी कहा जाता है.
मई में, ईसाई समुदाय, विशेषकर कैथोलिक, मां मरियम के लिए रोजरी प्रार्थना करते हैं, जो एक विशेष प्रार्थना है जो मां मरियम के जीवन और मसीह के जीवन से जुड़ी घटनाओं के बारे में है.
बाइबिल के पवित्र सुसमाचारों में हुए घटनाक्रम, चमत्कारों, रहस्यों, प्रार्थनाओं और प्रभु येसु के क्रियाकलापों को जोड़कर रोजरी माला के चार भेदों का रूप दिया गया है.ये चार भेद हैं- आंनद का भेद, दुख का भेद, ज्योति का भेद और महिमा का भेद. हर भेद में पांच रहस्य होते हैं। इन रहस्यों पर मनन करते हुए कैथोलिक समुदाय मां मरियम की भक्ति के जरिए प्रभु येसु के जीवन पर ध्यान करता है.यह सरल सी प्रार्थना मां मरियम के माध्यम से लोगों को ईश्वर से जोड़ती है.मां मरियम के बहुत से भक्त रोजरी माला को अपने गले और हाथ की कलाई में बांधते हैं ताकि मां का आशीष हमेशा उन पर बना रहे.इस पवित्र माला के द्वारा ईश्वरीय वरदानों का भंडार भक्तों के लिए खुल जाता है और कई प्रकार के कृपादानों से मां के जरिए ईश्वर अपने भक्तों की झोली में खुशियां भर देता है.
आलोक कुमार

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