सोमवार, 30 अक्टूबर 2023

यूपीए की राह पर चलकर 1000 रू.देने की घोषणा कर दी


* ईपीएस के तहत छह करोड़ से अधिक अंशधारक और 75 लाख पेंशनभोगी लाभार्थी आते हैं

* उच्चतम न्यायालय के द्वारा 4 अक्टूबर, 2016 और 4 नवंबर, 2022 के फैसलों के अनुरूप वास्तविक वेतन पर पेंशन भुगतान करने की मांग

पटना.जब से ईपीएस-95 लागू है,तब से पेंशन में बढ़ोतरी नहीं की गयी है.महामारी कोरोना के समय भी सरकार को तरस बुर्जुगों के उपर नहीं आयी.मजे की बात है कि केंद्र में 2014 में यूपीए की सरकार थी.यूपीए सरकार ने न्यूनतम 1000 रू.पेंशन देने की मन बना ली थी.जिसका विरोध बीजेपी के द्वारा कहा गया कि कम से कम 3000 रू.न्यूनतम पेंशन देनी चाहिए थी.2014 में ही चुनाव होने के बाद एनडीए की सरकार बनी.तो सरकार ने


यूपीए की राह पर चलकर 1000 रू.देने की घोषणा कर दी.जो 9 साल से जारी है.

 इस संदर्भ में ईपीएस-95 पेंशनर्स ने रक्षामंत्री को ज्ञापन सौंप कर जल्द पेंशन बढ़ोतरी की मांग की है. ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से उनके आवास पर मुलाकात कर न्यूनतम पेंशन बढ़ाने और फ्री मेडिकल सुविधा की मांग की. राष्ट्रीय सचिव राजीव भटनागर ने बताया कि लाखों ईपीएस-95 पेंशनर्स में गुस्सा है, जिसका असर चुनाव पर पड़ेगा. इसलिए पेंशन बढ़ोत्तरी पर फैसला तत्काल हो.रक्षामंत्री ने आश्वासन दिया की पेंशन बढ़ोतरी और फ्री मेडिकल सुविधा के मुद्दे पर वह श्रम मंत्री से बात कर ठोस कार्रवाई कराएंगे. प्रतिनिधिमंडल में प्रांतीय महामंत्री राजशेखर नागर, राज्य समन्वयक उमाकांत सिंह, प्रांतीय कोषाध्यक्ष दिलीप पांडे के अलावा जयराम वर्मा व संजय मिश्रा मौजूद रहे.

   राष्ट्रीय संघर्ष समिति (एनएसी) के संयोजक अशोक राउत ने बयान में कहा, ‘‘हमारी मांगें लंबे समय से लंबित है. हम अपनी मांगों के समर्थन में देश और प्रदेश में आंदोलन करते रहे हैं.मगर सरकार नहीं मान रही है.जिसके कारण प्रत्येक दिन 200 की संख्या में बुर्जुग मर रहे हैं.

  उन्होंने विरोध-प्रदर्शन का ब्योरा देते हुए कहा, राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त (सीपीफसी) कार्यालय के सामने भूख हड़ताल की गयी. बारी-बारी से यह भूख हड़ताल सात अगस्त तक चली.मांगे पूरी नहीं होने पर उसके बाद आमरण अनशन किया गया. साथ ही आठ अगस्त से देशभर के लाखों पेंशनभोगी (ईपीएस 95 के अंतर्गत आने वाले) राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदर्शन/रास्ता रोको अभियान चलाया.

   एनएसी के तहत आंदोलन कर रहे पेंशनभोगी ईपीएफओ की कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस-95) के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर 7,500 रुपये मासिक करने के साथ महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे हैं. साथ ही ईपीएस-95 पेंशन भोगियों को उच्च पेंशन का विकल्प देने, सभी ईपीएस-95 पेंशनभोगियों और उनके जीवनसाथी को मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने समेत अन्य मांग कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार अन्य पेंशन योजनाएं सुचारू रूप से चला रही है लेकिन ईपीएस-95 पेंशन भोगियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है.’’

   उल्लेखनीय है कि ईपीएस- 95 के तहत आने वाले कर्मचारियों के मूल वेतन का 12 प्रतिशत हिस्सा भविष्य निधि में जाता है. वहीं नियोक्ता के 12 प्रतिशत हिस्से में से 8.33 प्रतिशत कर्मचारी पेंशन योजना में जाता है.इसके अलावा पेंशन कोष में सरकार 1.16 प्रतिशत का योगदान करती है. अभी इस योजना के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये मासिक मिलती है.

  राउत का दावा है, ‘‘ 30 - 30 साल काम करने और ईपीएस आधारित पेंशन मद में निरंतर योगदान करने के बाद भी कर्मचारियों को मासिक पेंशन के रूप में अधिकतम 2,500 रुपये ही मिल रहे हैं. इससे कर्मचारियों और उनके परिजनों का गुजर - बसर करना कठिन है. ’’


आलोक कुमार

राजाओं का राजा घोषित करने के लिए बेतियान्वी बेतिया की सड़कों पर उतरे

बेतिया में रोमन कैथोलिकों ने निकाली कॉर्पस क्रिस्टी यात्रा

राजाओं का राजा घोषित करने के लिए बेतियान्वी बेतिया की सड़कों पर उतरे  

चर्च का घंटा बजता रहा और चर्च में आने लगे

 बेतिया. बेतिया धर्मप्रांत के बेतिया पल्ली में रविवार को कॉर्पस क्रिस्टी यात्रा समारोह मनाया गया. इस अवसर पर पूरे ईसाई मोहल्ले की सड़कों को रंग-बिरंगे झंडी, गुब्बारें, फूलों से सजाया गया. कुछ जगहों पर तोरण द्वार भी बनाया गया था. सभी ईसाई परिवार अपने-अपने घर के सामने येसु ख्रीस्त की बेदी बनाये.

 बेतिया पल्ली के लोग नेटिविटी ऑफ दी ब्लेस्ड वर्जिन मेरी चर्च में पहुंचे लगे.कॉर्पस क्रिस्टी यात्रा निकालने के समय में चर्च का घंटा घनघना लगा.लोग दो के कतार में लग कर आगे बढ़ने लगे. धरती- अंबर के राज राजेश्वर तेरी जय जयकार, येसु ख्रीस्त राजा तेरा राज्य आवे, परमेश्वर की महिमा हो... जयघोष करने लगे.कॉर्पस क्रिस्टी यात्रा में सबसे आगे क्रूस व मोमबत्ती लेकर बेदी सेवक चल रहे थे. उनके बाद बच्चे, महिलाएं और धर्मबहन माला बिनती करती, भजन गीत गाती हुई चल रही थी. सिस्टर के पीछे सक्रामेंट के आदर में फूल छिटती फ्लावर गर्ल, गार्ड ऑफ ऑनर देती हुई झंडा लेकर युवतियां कॉर्पस क्रिस्टी यात्रा में शामिल थी.

कॉर्पस क्रिस्टी यात्रा में बेतिया धर्मप्रांत के बिशप सेबेस्टियन पीटर गोवेस,बेतिया पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर हेनरी फर्नांडिस,सलाहकार समिति के सदस्य माइकल जेम्स,गोडेन अंथोनी ठाकुर,पीटर इग्नासियुस आदि लोग शामिल थे.

आलोक कुमार


रोटरी इंटरनेशनल की ओर से पूरे विश्व में पोलियो उन्मूलन अभियान चलाया

 

पोलियो उन्मूलन के लिए रैली


बेतिया. रोटरी इंटरनेशनल की ओर से पूरे विश्व में पोलियो उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है. इसी के तहत रविवार को रोटरी क्लब और इनरव्हील क्लब के साथ हाथ मिलाते हुए, पोलियो उन्मूलन के लिए रैली फॉर ड्राइव में रोटेरियन भाग लिए.

     रोटरी क्लब और इनरव्हील क्लब सदस्यों की ओर से संयुक्त रूप से पोलियो उन्मूलन रैली निकाली गयी. रैली में रोटरी के सदस्य पल्स पोलियो जन जागरूकता फैलाने वाली स्लोगन की लिखित तख्तियों व बैनर को लेकर चल रहे थे. रैली शहर के मुख्य मार्ग से जागरूकता का प्रचार-प्रसार किया.

रोटेरियन विजय विक्टर ने कहा कि  अभी भी पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पोलियो वायरस सक्रिय है. यह पूरे विश्व में फैल सकता है. इसलिए इसे जड़ से मिटाने के लिए जागरूक होना बेहद आवश्यक है. रैली के माध्यम से संदेश दिया गया कि यदि जागरूक नहीं रहे तो फिर से पोलियो पैर पसार सकता है.इसमें रोटरी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. कार्यक्रम में विश्व से पोलियो को समाप्त करने का संकल्प लिया गया.

       पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में जंगली पोलियो वायरस के इंपोर्टेशन या वैक्सीन से उत्पन्न पोलियो वायरस के उभरने का जोखिम वैश्विक उन्मूलन तक बना रहता है.                            

इसके आलोक में बेतिया में पोलियो जागरूकता अभियान चलाया गया.ऐसा करने से देश में उच्च जनसंख्या प्रतिरक्षा और संवेदनशील निगरानी बनाए रखने की आवश्यकता रेखांकित करती है.    

      डब्ल्यूएचओ के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के 10 अन्य देशों के साथ भारत को 27 मार्च 2014 को पोलियो मुक्त प्रमाणित किया गया था. देश में पोलियो का आखिरी मामला 13 जनवरी 2011 को पश्चिम बंगाल के हावड़ा में सामने आया था.

      अफगानिस्तान और पाकिस्तान स्थानिक जंगली पोलियो वायरस टाइप 1 (WPV1) संचरण (1) वाले दो शेष देश हैं.वाइल्ड पोलियो वायरस (WPV) पोलियो वायरस का सबसे सामान्य ज्ञात रूप है.हालांकि, पोलियो का एक और रूप है जो समुदायों के भीतर फैल सकता है: प्रसारित टीका-व्युत्पन्न पोलियो वायरस, या सीवीडीपीवी. जबकि सीवीडीपीवी दुर्लभ हैं, समुदायों के भीतर कम टीकाकरण दर के कारण हाल के वर्षों में उनमें वृद्धि हो रही है.

        डब्ल्यूएचओ के अनुसार, पड़ोसी अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान उन दो देशों में से एक है, जो अभी भी पोलियो वायरस से पीड़ित है. पाकिस्तान में टीकाकरण विरोधी मान्यताएँ इतनी व्यापक हैं कि एक पति ने अपने बच्चों को पोलियो का टीका लगाने के लिए अपनी पत्नी को तलाक दे दिया। 11 जुलाई को बच्चे को लकवा मार गया. मंगलवार, 1 अगस्त को इस्लामाबाद के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में पाकिस्तान नेशनल पोलियो प्रयोगशाला द्वारा मामले की पुष्टि की गई.बन्नू में यह पोलियो का दूसरा मामला है. “बन्नू में एक और बच्चा जंगली पोलियो वायरस से अपंग हो गया है.


आलोक कुमार

ग्लोबल प्रोग्राम अन्तर्गत डिस्ट्रिक्ट लेवल वर्कशॉप

 

नवादा.बिहार वाटर डेवलपमेंट सोसाइटी, पटना जरूर ही गैर सरकारी संस्था जरूर है,परंतु उसके द्वारा अतीत में सरकार के साथ मिलकर काम करने में महारत हासिल है.उसी को आगे बढ़ाते हुए ग्लोबल प्रोग्राम अन्तर्गत डिस्ट्रिक्ट लेवल वर्कशॉप डिजास्टर रिस्क रिडक्शन होटल बुद्धा रिजेनसी,नवादा में आयोजित किया गया. इस वर्कशॉप के मुख्य अतिथि नवादा जिले के उप विकास आयुक्त श्री दीपक कुमार मिश्रा थे.

   डिस्ट्रिक्ट लेवल वर्कशॉप डिजास्टर रिस्क रिडक्शन होटल बुद्धा रिजेनसी,नवादा में आयोजित किया गया.ग्लोबल प्रोग्राम समन्वयक श्री जौन डीकूज ने मुख्य अतिथि श्री दीपक कुमार मिश्रा,उप विकास आयुक्त का और अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया.इस वर्कशॉप का शुभारंभ मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त दीपक कुमार मिश्रा के साथ अन्य अतिथियों ने मिलकर दीप प्रज्वलित किया.

   तत्पश्चात श्री जौन डीकूज ग्लोबल प्रोग्राम समन्वयक ने पावर पॉइंट पर किए गए कार्य को विस्तार से बताया. साथ ही उन्होंने बताया कि पीडीआरए कर गांव के लोगों के साथ मिलकर विकास योजना बनाएं. पीडीआरए के द्वारा निर्मित योजना के मुखिया एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी के पास दिया गया. इससे 2022 - 2023 मे गांव मे तालाब निर्माण,पईन,पनसोख्ता , ड्रेनेज,पीसीसी सड़क निर्माण कराया गया.प्रोग्राम समन्वयक जौन डीकूज ने प्रखंड विकास पदाधिकारी,मुखिया,वार्ड सदस्य  को धन्यवाद दिया कि आप सभी के सहयोग से कौवाकोल प्रखंड के पांच पंचायत के बीस गांव मे अच्छे कार्य किए गए.

      इस अवसर पर उप विकास  आयुक्त श्री दीपक कुमार मिश्रा ने कहा आपदा सिर्फ बाढ़ नहीं है. नवादा जिला मे आगलगी,वज्रपात, लू लगना, तालाब में डूबने ये सभी आपदा है. मुझे खुशी हुई पावर पॉइंट प्रदर्शन से जो जानकारी प्राप्त हुई. मै सिर्फ इतना कहुंगा कि ग्लोबल प्रोग्राम से लोगों को अधिकाधिक फायदा हुआ है.ग्लोबल प्रोग्राम कम अवधि के धान का बीज देकर लोगों को अधिक फायदा कराए और तड़ित चालक द्वारा लोगों को जागरूक किया है.

    इस कार्यशाला मे वरिष्ठ उप समाहर्ता श्री विकास पांडेय, मनोज कुमार  गिरी जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) जीविका, श्री सुशांत कुमार सुमन जिला कृषि पदाधिकारी, श्री प्रशान्त अभिषेक,उप समाहर्ता, श्री अभिषेक कुमार,कारितास, राज्य कार्यक्रम सहयोगी बिहार, श्री प्रशान्त कुमार बिहार फोरम,पटना, प्रोग्राम समन्वयक, श्री अरविन्द कुमार, ग्राम निर्माण मंडल, सचिव,  25 एनजीओ,10 किसान और 5 बीडब्लूडीएस के स्टाफ भाग लिये.


आलोक कुमार


रविवार, 29 अक्टूबर 2023

जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय (एनएपीएम) का पटना में 5वां राज्य सम्मेलन संपन्न

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जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय (एनएपीएम) का पटना में 5वां राज्य सम्मेलन संपन्न

* सम्मेलन में वक्ताओं ने मौजूदा चुनौतियां और जन संगठनों की भूमिका पर गहन चिंतन करते हुए अपने विचार रखे

पटना. जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय (एनएपीएम) का पांचवा राज्य सम्मेलन पटना के बिहार वालंटियर हेल्थ एसोसिएशन के सभागार में हुआ. इस सम्मेलन के उद्घाटन सत्र  में प्रसिद्ध समाजसेवी मेधा पाटकर ने इजरायल-हमास युद्ध को तत्काल रोक कर शांति स्थापित करने की अपील की. भारत सदा अहिंसा का पक्षधर रहा है इसलिए भारतीय जनता और भारत की सरकार को युद्ध रोकने के पक्ष में भूमिका लेनी चाहिए.
         वर्तमान विकास के मॉडल को मनुष्य विरोधी बताते हुए उन्होंने कहा, परिवर्तन के नाम पर हो रहे विकास से अगर मानव जीवन और प्राकृतिक संसाधन सुरक्षित नहीं हैं तो इस तरह का परिवर्तन हमें अस्वीकार है. खेतिहर, पशुपालन, मछुआरे, वनवासी, जल, जंगल, जमीन के असली मालिक हैं. इनके स्वामित्व और अधिकार को खारिज करने वाली राजनीति और कानून हमें नाकबूल है. अमेरिका और यूरोप में हजारों बाँधों को तोड़ कर नदियों को आजाद किया गया.
       पश्चिमी विकास मॉडल का अंधाधुंध अनुसरण करने वाली भारतीय राज्य व्यवस्था को बांध विरोधी नीति से सबक लेने की जरूरत है. सरकार की अमानवीय विकास मॉडल से भारत के गाँव तो तबाह हुए ही हैं, महानगरों में स्लम बस्तियों की जिंदगी हराम हुई है. मुंबई जैसे महानगर में 60 प्रतिशत आबादी झुग्गी झोपड़ी में रहती है, जहां जीवन की मूलभूत सुविधाएं भी मौजूद नहीं है. पूंजीवादी विकास मॉडल का सबसे शोषणकारी पहलू है कि जहां गरीबों को घर बनाने के लिए सवा लाख रुपया मिलता है, वहीं अंबानी का पांच हजार करोड़ का महल है.
        संघर्ष के मद्देनजर, वर्ष 2022-23 में, जातिवाद, धर्मवाद को खत्म कर सभी मुद्दों को घोषणापत्र में डाल कर यात्राएं निकाली गईं, जिसका भाजपा को छोड़ कर सभी राजनीतिक दलों ने समर्थन किया. देश की सीमा से लगे सभी सरकारी जमीन को निजी कंपनियों को हाथ में सौंपने की साजिश चल रही है, जहां होटल, मॉल, पर्यटन स्थल, इत्यादि बनाने की योजना है. इस षड्यंत्र को जन आंदोलन से ही रोका जा सकता है. नर्मदा घाटी आंदोलन ने 38 साल में 50 हजार लोगों का पूर्णवास किया.

आलोक कुमार

शनिवार, 28 अक्टूबर 2023

हत्या और आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में लगी है पुलिस

 गुमला.गुमला जिले के जारी प्रखंड के रिगनी टोली गांव के रहने वाले थे फादर रजत एक्का.उनका जन्म 27.01.1962 में हुआ था. अभी फादर रजत 61 साल 9 महीना और 1 दिन के थे.उनके सात भाई-बहन थे.जब 31 साल के थे,तब उनका पुरोहिताभिषेक 1993 में हुआ था.जब 56 साल के थे,तब 2018 में उनके पुरोहिताई जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती समारोह मनाया गया था.2019 में फादर रजत एक्का डीन बनकर  चैनपुर   आए थे.     

    इस बीच चैनपुर मुख्यालय के संत जोन पैरिश के डीन फादर रजत एक्का के बारे में दुखद खबर आ रही है.खबर यह है कि उनका शव पैरिश परिसर में स्थित कुएं से बरामद किया गया है.यह भी खबर है कि गुरुवार की रात 8ः30 बजे फादर रजत एक्का और फादर पवन लकड़ा साथ में खाना खाकर  दोनों अपने-अपने कमरे में सोने चले गए.        
    बताया जाता है कि प्रत्येक दिन सुबह 5ः30 बजे फादर रजत मिस्सा घंटी बजाते थे लेकिन शुक्रवार को मिस्सा की घंटी नहीं बजी तो फादर पवन लकड़ा ने बजाया. उसके बाद फादर रजत सुबह आठ बजे तक नाश्ते के लिए नहीं पहुंचे तो उनकी खोजबीन की गई लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला. 
  
      इसी बीच एक महिला को उनका चप्पल, नाइट लाइट कुएं के पास पड़ी दिखी. जब कुएं के पास जाकर देखा गया तो उनकी टोपी कुएं में तैरती दिखी. जिसके बाद शक के आधार पर लोगों ने कुएं में झागर डालकर फादर की तलाशी ली. इस पर उनका शव पानी से बाहर निकला. स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी जिसके बाद मौके पर  पुलिस पहुंची.     
  
    वहीं मौके पर पहुंची पुलिस प्रशासन ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकाला. पुलिस मामले में जांच कर रही है. इधर पैरिश परिसर के कुएं से फादर के शव मिलने की खबर पूरे  चैनपुर   मुख्यालय में फैल गई है जिसके बाद उन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ गई है.  

मिली जानकारी के अनुसार जुलाई, 2022 में अल्पसंख्यक विद्यालय में शिक्षक नियुक्ति को लेकर हुटार गांव के ग्रामीणों के साथ रजत एक्का का काफी विवाद हुआ था.मामला इतना बढ़ गया कि ग्रामीणों ने फादर को जान से मारने की धमकी दे डाली थी. इसके बाद फादर के भाई ने डुमरी थाना में मामला दर्ज कराया था.

आलोक कुमार

शुक्रवार, 27 अक्टूबर 2023

बेडसोर होने का खतरा

 

पीछे की जोड़ की हड्डी टूट गयी

बेतिया.किसी ईसाई व्यक्ति की मौत होने पर कमलनाथ नगर में स्थित बेतिया कब्रिस्तान में ईसाई धर्म रीति के अनुसार दफन किया जाता है.इसी कब्रिस्तान के नुक्कड़ पर आल्फ्रेड जोवाकिम रहते हैं.गिर जाने हड्डी तोड़वा बैठा है.वह घातक बेडसोर से पीड़ित है.

बता दें कि त्वचा पर लंबे समय तक दबाव के कारण त्वचा और उसके नीचे मौजूद ऊतकों को नुकसान हो रहा है.बेडसोर होने का खतरा ज़्यादातर उन लोगों को होता है जो अपनी स्थिति के कारण अपने शरीर को ज़्यादा चला नहीं पाते और लंबे समय तक एक ही अवस्था में रहते हैं.इसका शिकार बदनसीब आल्फ्रेड जोवाकिम हो गया है.वह किसी मसीहा की तलाश में ऐसी अवस्था से उबार दें.एक पर नजर है.वह परोपकारी संस्था संत विंसेंट डी पौल ही है.

फिलहाल यह बताया जाता है कि राजधानी पटना स्थित मरियम टोला से आकर बेतिया पल्ली में आल्फ्रेड जोवाकिम रहने लगा है.वह यहां ठेला चलाने का धंधा करता है.कम आमदनी होने के कारण आल्फ्रेड की धर्मपत्नी से संबंध विच्छेद है.

कहा जाता है कि वह एक दिन लड़खड़ा कर गिर गया था.धरती पर धड़ाम से गिर जाने के बाद हड्डी तोड़वा बैठा है. पीछे की जोड़ की हड्डी टूट गयी है.गरीबी के दलदल में रहने के कारण चिकित्सा नहीं करवा सक रहा है.एक लोकधर्मी के द्वारा निर्मित संत विंसेंट डी पौल समाज के यहां एरिया काउंसिल स्थापित है.इस एरिया काउंसिल का अध्यक्ष रंजीत केरोबिन है.जो हर संस्था/संगठन में ससम्मान शामिल रहते है.

बता दें कि एक विंसेंटियन होने के नाते एरिया काउंसिल का अध्यक्ष रंजीत केरोबिन होम विजिट करना अनिवार्य है.इसमें हॉस्पिटल और जेल भी शामिल है.संत विंसेंट डी पौल समाज के पटना सेंट्रल काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष सुशील लोबो ने दूरभाष पर बताया कि कमलनाथ नगर में स्थित कब्रिस्तान के नुक्कड़ पर रहने वाले पीड़ित आल्फ्रेड जोवाकिम के घर जाकर आवेदन लिख कर संत विंसेंट डी पौल समाज के उच्चतर अधिकारियों के पास आवेदन भेजना चाहिए.इस बीच एरिया काउंसिल को त्वरित कार्रवाई कर आल्फ्रेड जोवाकिम की जिंदगी बचानी चाहिए.

आल्फ्रेड जोवाकिम का पीछे की जॉइंट बोन की हड्डी टूटी है.लगातार बिस्तर पर लेटे रहने से बेडसोर हो गया है.आसपास के लोग मानवता के नाते पीड़ित की जान बजाने का आग्रह कर रहे है.बारम्बार चर्च के नाम पर चंदा देने वाले बेतिया भक्तगण चंदा करके हड्डी टूटे व बेडसोर से पीड़ित को सामान्य जिंदगी जीने लायक बना पाएंगे?यह तो कल ही पता चल जाएगा. 

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