शुक्रवार, 30 जून 2023

नफरत फैलाने की कोशिश एक घृणित कृत्य

 

मोदी चलाते हैं धार्मिक उन्माद का फास्ट फूड चेन और अमित शाह हैं उनके डिलीवरी ब्यॉय - अखिलेश सिंह

पटना. बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने गृहमंत्री अमित शाह के लखीसराय में दिये गये भाषण के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आज बकरीद के पाक मौके पर गृहमंत्री अमित शाह की रैली और उसके द्वारा नफरत फैलाने की कोशिश एक घृणित कृत्य है. 

  उनकी बातें समाज में धार्मिक एकता और बन्धुत्व की भावना में जहर घोलने का काम करती है. सच तो यह है कि मोदी और अमित शाह की उपस्थिति ही उत्तेजना और उन्माद पैदा करती है. दरअसल मोदी जी धार्मिक उन्माद का फास्ट फूड चेन चला रहे हैं और अमित शाह हैं उनके डिलीवरी ब्यॉय. नफरत फैलाने की सारी कोशिशें केवल इसलिए हो रही हैं कि कहीं महागठबंधन के बनते ही सत्ता हाथ से फिसल न जाय. शिकस्त का खौफ मोदी-शाह के दिलो दिमाग को विचलित कर रहा है.

       डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने आगे कहा कि मोदी और अमित शाह को एकता, एकजूटता, सामाजिक समरसता और धार्मिक सद्भाव की बात से पीड़ा होती है. इसलिए जैसे ही इस तरह की कोई कोशिश फलीभूत होते हुए दिखाई देती है कि उनका मन बेचैन हो जाता है और हाथ तरकश पे चला जाता है. यही कारण है कि जबसे महागठबन्धन की बैठक हुई है तबसे मोदी और शाह के बोल बिगड़ते जा रहे हैं. यूनिफॉर्म सिविल कोड की बात भी और कुछ नहीं बल्कि मोदी जी का शिकस्त के सामने करतब की कोशिश है.  

    उन्होंने कहा कि उनको मालूम नहीं कि बिहार की धरती पर केवल धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक समरसता की खेती संभव है. यहां के आवो हवा में नफरत का जहर घुल नहीं सकता चाहे मोदी और अमित शाह अपनी एड़ी चोटी भी एक क्यों न कर दें. यहाँ की सामाजिक समरसता और धार्मिक सहिष्णुता चट्टानी एकता के रूप में खड़ी है. मणिपुर हिंसा की आग मे झुलस रहा है और अमित शाह उसको छोड़कर बिहार भ्रमण कर रहे हैं ताकि बिहार भी जले.बिहार की गरीब जनता केन्द्र सरकार से विशेष राज्य का दर्जा की आश लगाये बैठी थी और बदले में धार्मिक उन्माद की घूँटी खिलायी जा रही है. यहाँ उनकी दाल नहीं गलने वाली है.


आलोक कुमार

पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने विधान परिषद में घोषणा,हवा में

 पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने विधान परिषद में घोषणा की थी कि बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुंगेरी लाल के नाम से कुर्जी मोहल्ला का नाम मुंगेरी लाल मोहल्ला रखा जाएगा.जो आज तक पूरा नहीं हो सका....

पटना. राजनीति में स्टंटबाजी को कला के रूप में स्थापित करना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सबसे बड़ा योगदान है. मोदी जी खिलाड़ी हैं यह तो अंधभक्त भी मानते हैं, लेकिन कहना मुश्किल है कि वो खिलाड़ी बेहतर हैं या कलाकार. दरअसल मोदी जी ऐसे खिलाड़ी हैं जो शिकस्त देखते ही करतब दिखाने में लग जाते हैं.उनके 9 साल का शासनकाल कलाबाजी,
पैतरेबाजी और करतब से भरा हुआ है. इसका सबसे ताजा तरीन उदाहरण है यूनिफॉर्म सिविल कोड.

       यह बात बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कही. डा0 सिंह स्वतंत्रता सेनानी एवं बिहार सरकार के पूर्व मंत्री स्व0 मुंगेरी लाल जी के 22वीं पुण्यतिथि ( 29 जून) के अवसर पर पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित समारोह में बोल रहे थे. डा0 सिंह ने कहा कि मोदी जी का आत्मविश्वास महागठबंधन की बैठक से इस कदर हिला हुआ है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड जैसे स्टंट को लेकर मैंदान में कूद पड़े हैं. मोदी जी इस तरह का काम शुरू से करते आये हैं.

       इस अवसर पर डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि स्व0 मुंगेरी लाल उच्च कोटि के स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक थे.राज्य सरकार के मंत्री के रूप में उन्होंने दलितों के विकास की कई योजनाएं चलाईं. पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने जो रिपोर्ट पेश की उसी के आधार पर आज तक बिहार में पिछड़ों एवं अति पिछड़ों के लिये आरक्षण की व्यवस्था है.

       इस अवसर पर पूर्व विधान पार्षद लाल बाबू लाल, निर्मल वर्मा, आनन्द माधव, आलोक हर्ष, कुमार आशीष, अमरेन्द्र सिंह, संजीव सिंह, प्रो0 रामायण प्रसाद यादव, अजय कुमार चौधरी, रीता सिंह, शशिकांत तिवारी, डा0 शशि कुमार सिंह, केशर कुमार सिंह, शशि रंजन, अरविन्द लाल रजक, संजय कुमार पांडेय, सुधा मिश्रा, दुर्गा प्रसाद, राजनन्दन कुमार, प्रदुमन राय, मृणाल अनामय, अखिलेश्वर सिंह, रवि गोल्डन, अविनाश सिंह, शशि भूषण राय, रमाशंकर पाण्डेय, अनूप कुमार, सत्येन्द्र पासवान सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित रहे.


आलोक कुमार 

बुधवार, 28 जून 2023

वेतन पर 11 हजार करोड़ का अतिरिक्त खर्च

 * वेतन पर 11 हजार करोड़ का अतिरिक्त खर्च



* सरकार मुकदमे में फंसा कर टालने का बहाना खोज रही है

पटना.बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सम्प्रति राज्य सभा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि शिक्षक भर्ती में बिहार के स्थाई निवासी की शर्त को वापस लेने संबंधी तुगलकी फरमान को बिहार प्रतिभा का अपमान बताते हुए उसे तत्काल वापस लेने की मांग की है.

    श्री मोदी ने कहा कि मंत्री का यह बयान हास्यास्पद है कि अंग्रेजी, गणित, फिजिक्स में योग्य शिक्षक नहीं मिलने के कारण बिहार के बाहर के अभ्यर्थियों को बुलाया जा रहा है. बिहार के लड़के अखिल भारतीय सेवाओं तथा आईआईटी आदि में परचम फहरा रहे हैं और मंत्री कह रहे हैं कि इन विषयों में लड़के नहीं मिल रहे हैं.

       श्री मोदी ने कहा कि 15 जून के विज्ञापन में बिहार डोमिसाइल की शर्त अनिवार्य रखी गई थी, फिर अचानक उसे क्यों हटा दिया गया? क्या कक्षा 1-5 के लिए भी बिहारी प्रतिभा पढ़ाने योग्य नहीं है कि बाहर के लोगों को बुलाया जाए.

    श्री मोदी ने कहा कि शिक्षक नियुक्ति में अराजकता की स्थिति पैदा हो गई है. चार लाख नियोजित शिक्षकों एवं एक लाख से ज्यादा टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को पुनः परीक्षा में बैठने की बाध्यता उनके साथ विश्वासघात है। अब एक ही विद्यालय में तीन प्रकार के शिक्षक हो जाएंगे.

    श्री मोदी ने कहा कि अभी तक 8 बार विज्ञापन में संशोधन किया जा चुका है। नई नियुक्ति के कारण 11,000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. इस कारण सरकार मुकदमे में फंसा कर परीक्षा टालने का बहाना खोज रही है.

    पूर्व उपमुख्यमंत्री और बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने नीतीश सरकार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा है कि जिन्होंने कैबिनेट की पहली बैठक में 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था, वे नौ माह में एक आदमी को भी नौकरी नहीं दे पाए.दूसरी तरफ पहले से नियुक्त लोगों को दोबारा नियुक्ति-पत्र बांटने का फोटो सेशन कराकर धोखा देने की कोशिश की गई.उन्होंने कहा कि दस लाख नौकरी का वादा धोखा है.

   बिहार में अब दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी भी शिक्षक बन सकेंगे. मंगलवार (27 जून) को कैबिनेट से मुहर लगने के बाद इस निर्णय का विरोध भी शुरू हो गया है. शिक्षक संघ और अभ्यर्थी लगातार विरोध कर रहे हैं. आंदोलन तक की चेतावनी भी दे दी गई है. इन सबके बीच अब बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर (Bihar Education Minister Chandrashekhar) ने इसके पीछे की बड़ी वजह भी बता दी है कि ऐसा क्यों किया गया है.


आलोक कुमार

सोमवार, 26 जून 2023

दान तो बहुत होते हैं, लेकिन जीवन दान से बड़ा कुछ भी नहीं होता


जमुई. दान तो बहुत होते हैं, लेकिन जीवन दान से बड़ा कुछ भी नहीं होता है. रक्तदान ही ऐसा दान है जो कि किसी की जान बचाता है और अनजान से खून का रिश्ता भी जोड़ता. रक्तदान से न केवल दुआएं मिलती बल्कि जान बचाने पर खुद को गर्व की अनुभूति के साथ ही आत्म संतोष भी मिलता है.

       खून देकर मानवता का रिश्ता बनाना कितना सुखद है इस बारे में "प्रबोध जन सेवा संस्थान" से जुड़े राजेश कुमार यादव ने बताया कि संस्थान के सहयोगी सिकंदरा निवासी राजीव कुमार के द्वारा जानकारी दी गई कि मेरे मित्र की पत्नी प्रसव पीड़िता सबीना खातून रविवार को मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में रक्त आभाव को जूझ रही है रक्त के कारण ऑपरेशन रुका हुआ है जैसे ही इसकी जानकारी संस्थान सहयोगियों को हुई वैसे ही  संस्थान के सार्थक प्रयास से रक्तदाता ग्रुप,मुजफ्फरपुर के सहयोगी गोपी मेहता के सौजन्य से रक्त जरुरत को पूरा किया गया.

एक दूसरे केस को लेकर जमुई सहयोगी अनुराग सिंह ने बताया कि गोपालपुर,खैरा निवासी सदर अस्पताल, जमुई में इलाजरत रक्त जरुरतमंद मानकवा देवी जिनके पति और पुत्र दोनों दिव्यांग है और रक्त के लिए काफी परेशान है इस केस कि जानकारी संस्थान के सदस्य को जैसे मिली उसके उपरांत कुछ मिनट के भीतर ही रक्त की पूर्ति संस्थान के सहयोग से करवा दी गई वहीं अब पेसेंट की स्थिति पहले से बेहतर बताई जा रही है.             

            तीसरे केस के लिए पटना से संस्थान के वरिष्ठ सहयोगी अमरनाथ साह ने बताया कि खैरा प्रखंड के दिनारी ग्राम निवासी शंभू नाथ पांडे जो वर्तमान में पटना के एक निजी अस्पताल में इलाजरत है रक्त आभाव के कारण उनका ऑपरेशन रुका हुआ था जब इसकी जानकारी समूह को हुई उसके उपरांत केस कि गंभीरता को देखते हुए हमने रक्त उपलब्ध करवा दिया है.

         चौथे केस के लिए सेवा भावी संस्थान सहयोगी कश्मीर निवासी सौरभ कुमार मिश्रा ने बताया कि जमुई शहर के निजी अस्पताल में इलाजरत खैरा प्रखंड के दीपा करहा ग्राम के गरीब आदिवासी परिवार के पांच वर्षीय मासूम सचिन हेम्ब्रम कि स्थिति रक्त आभाव के कारण काफी गंभीर बनी हुई थी जैसे ही इसकी जानकारी रक्तदाता सहयोगी सचिन कुमार रॉयल के माध्यम से समूह को प्राप्त हुई वैसे ही संस्थान से जुड़े भंडरा निवासी सब्लू सिंह के पुत्र सूर्यमणि कुमार सिंह ने अपने जीवन का पहला रक्तदान कर इंसानियत के हित में कार्य किया है.                    

                संस्थान से जुड़े सामाजिक कार्यकर्त्ता वरिष्ठ सहयोगी सुदर्शन सिंह ने कहा कि रक्तदान महादान है.एक व्यक्ति रक्तदान कर किसी जरूरतमंद की जान बचा सकता है और जाने अनजाने ही सही पर उस व्यक्ति से खून का रिश्ता बन जाता है. वहीं संस्थान सचिव सुमन सौरभ, विनोद कुमार, गौरव कुमार सिंह, शिवेंदु चौहान, साइंस रिसर्च सेंटर के सोनू कुमार, रिशु राज, शिवजीत सिंह आदि ने भी सभी रक्तवीर व सहयोगियों को बधाई दी है.

रविवार, 25 जून 2023

प्रथम अंतुनी जोसेफ स्मृति पुरस्कार वितरित किया गया

 पटना.आज रविवार है.एक विशेष मिस्सा फादर डॉ. प्रकाश लुईस के द्वारा अर्पित किया गया.सेंट जेवियर कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट में शिक्षक हैं फादर प्रकाश लुईस.उनके साथ फादर सेल्विन जेवियर भी थे.कुर्जी पल्ली के पल्ली पुरोहित हैं फादर सेल्विन जेवियर.उन दोनों की मौजूदगी में प्रथम अंतुनी जोसेफ स्मृति पुरस्कार वितरित किया गया.

    बताते चले कि पंजाब नेशनल बैंक में कार्यरत व कुर्जी चश्मा सेंटर गली में रहने वाले संजय सुमन व मरियाना सैमसन ने अपने पूजनीय माता मेरी अंतुनी और पिता अंतुनी जोसेफ की स्मृति में अंतुनी जोसेफ स्मृति पुरस्कार योजना शुरू की है.इसके तहत पटना में रहकर बारहवीं(+2)की परीक्षा उर्तीण करने वाले दो रोमन कैथोलिक (लड़का-लड़की) तरूणों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करना है.जो बारहवीं(+2)की परीक्षा में टॉप किए हैं. ये हैॆ अमीना लोइसा एवं संजय मार्क की पुत्री अमीना लोइसा हैं.वहीं नैंसी प्रकाश और मुक्ति प्रकाश के पुत्र अतुल प्रकाश हैं.दोनों वर्ष 2023 में हायर सेकेंडरी उत्तीर्ण विद्यार्थियों में श्रेष्ठ हैं.दोनों को स्मृति चिन्ह व 21 हजार रूपए का चेक दिया गया.
पुरस्कार मारियाना सैमसन और संजय सुमन (दिवंगत श्रीमान और श्रीमती एंथोनी जोसेफ की बेटी और बेटे) द्वारा दिया गया .यह पुरस्कार हर साल जारी रहेगा. अगले साल से यह एसएससी उत्तीर्ण छात्रों को भी दिया जाएगा.

शुक्रवार, 23 जून 2023

विभागीय दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन कराएं सुनिश्चित

 



विभागीय दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन कराएं सुनिश्चित


कार्य संस्कृति में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर की जाएगी सख्त कार्रवाई


बेतिया. पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिले के सभी सरकारी कार्यालयों के प्रधान सहायकों की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न.ससमय सही तरीके से कार्यालय के सभी कार्यों को निष्पादित करने का निर्देश दिया.


आमजनों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित गति से अग्रतर कार्रवाई करने का निर्देश.रोकड़ बही शत-प्रतिशत अद्यतन करने के लिए 10 दिनों की मोहलत.कार्यालय निरीक्षण के क्रम में रोकड़ बही अद्यतन नहीं पाये जाने पर निलंबन के साथ होगी विभागीय कार्रवाई.बैठक से अनुपस्थित तथा प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने को लेकर कई अधिकारियों एवं प्रधान सहायकों को शोकॉज करने का निर्देश.

जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभाकक्ष में जिले के सभी कार्यालय प्रधान सहायकों की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुयी. जिलाधिकारी ने सभी कार्यालय प्रधान सहायकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी प्रधान सहायक अपनी कार्य संस्कृति में बदलाव लाएं तथा बेहतर कार्य करें. कार्यालय के सभी कार्यों का ससमय विधिसम्मत निष्पादन कराना सुनिश्चित करें.

     उन्होंने निर्देश दिया कि टीम वर्क के साथ कार्यालय का ससमय संचालन हर हाल में होना चाहिए. कार्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज होनी चाहिए. कार्यालय के सभी कार्य विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप होना चाहिए. उन्होंने निर्देश दिया कि प्रधान सहायक अपने अधीनस्थ कर्मियों के साथ अच्छा व्यवहार करेंगे तथा अधीनस्थ कर्मी भी अपने अधिकारी एवं प्रधान सहायक के निर्देशों का अनुपालन करना सुनिश्चित करेंगे.

    जिलाधिकारी ने कहा कि उनके कार्यकाल में यह दूसरी बैठक है. पूर्व की बैठक में विस्तार से प्रत्येक बिंदुओं पर सुधार करने तथा कार्यों के निष्पादन में प्रगति लाने के लिए निर्देशित किया गया था. निर्देश के आलोक में कुछ प्रधान सहायक द्वारा बेहतर कार्य किया गया है तथा कई के द्वारा अपेक्षाकृत सुधार नहीं किया गया है. जिलाधिकारी ने अपेक्षाकृत सुधार नहीं करने वाले प्रधान सहायक को सख्त हिदायत देते हुए निर्देश दिया गया कि अगले 10 दिनों में कार्यालय के सभी कार्य विशेषकर रोकड़ बही अपडेट होने चाहिए। इस कार्य में लापरवाही, शिथिलता एवं कोताही बरतने वाले प्रधान सहायकों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.

    उन्होंने कहा कि मुख्यालय अथवा जिलास्तर से प्राप्त पत्रों, दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाए. प्रतिवेदन की मांग करने पर ससमय बिना त्रुटि के उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा कार्य में आ रही कठिनाइयों को दूर करने का हरसंभव प्रयास किया जायेगा. समस्या होने पर तुरंत वरीय अधिकारियों को सूचित करें, समस्याओं समाधान कराया जायेगा.

       जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मी जनता के कल्याण, उत्थान एवं भलाई के लिए ही है. सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं का लाभ योग्य व्यक्तियों के ससमय मिले, इसके लिए तत्परतापूर्वक कार्य करें. अपनी समस्याओं को लेकर कार्यालय आने वाले लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करें, उनकी बातों को गंभीरता पूर्वक सुने तथा उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए तत्परतापूर्वक अग्रतर कार्रवाई करें.जानबूझ कर जनता को परेशान करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.

जिलाधिकारी ने कहा कि पेंशन, अनुकंपा, कोषागार, पारिवारिक पेंशन आदि के लंबित मामलों को तुरंत निष्पादित करायें। कार्यालय के सभी कर्मियों को ससमय वेतन मिले, आकस्मिक, उपार्जित तथा अन्य अवकाश, सेवापुस्त आदि अपडेट रहे, इस के लिए कारगर कार्रवाई करें. उन्होंने कहा कि कार्यालयों में प्राप्त पत्रों, निर्गत पत्रों, शिकायत पंजी, आगत पंजी, लॉग बुक, गार्ड फाइल आदि को अच्छे तरीके से सुधार करें तथा अधिकारी के समक्ष उपस्थित करें.

    रोकड़ बही की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि यह अत्यंत ही महत्वपूर्ण कार्य है. सभी प्रधान सहायक इसे अत्यंत ही गंभीरता से लें. रोकड़ बही सही तरीके से अद्यतन रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिलास्तरीय टीम द्वारा कार्यालयों का निरीक्षण कराया जायेगा. निरीक्षण के क्रम में रोकड़ बही अद्यतन नहीं पाये जाने पर सख्त कार्रवाई करते हुए निलंबन तथा विभागीय कार्रवाई की जायेगी.

उन्होंने निर्देश दिया कि प्रधान सहायक अपने-अपने कार्यालयों में समुचित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे. स्वच्छ, शौचालय के साथ पेयजल की व्यवस्था आवश्यक है. कार्यालय के सभी उपस्कर, फर्निचर, संचिका आदि सुव्यवस्थित होनी चाहिए.

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सीएम डैशबोर्ड तथा जनता दरबार, मानवाधिकार आयोग, सीडब्ल्यूजेसी/एमजेसी आदि महत्वपूर्ण मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित कराना सुनिश्चित किया जाए.

बैठक से अनाधिकृत अनुपस्थिति तथा प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने को लेकर कई अधिकारियों एवं प्रधान सहायकों से शोकॉज करने का निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया.

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, सहायक समाहर्ता, सुश्री शिवाक्षी दीक्षित, अपर समाहर्ता, श्री राजीव कुमार सिंह, श्री अनिल राय, जिला स्थापना उप समाहर्ता, श्री अनिल कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं जिले के सभी सरकारी कार्यालयों के प्रधान सहायक उपस्थित रहे.


आलोक कुमार

राहुल, खरगे ने भारत जोड़ो घर की चाबी चंदन सहनी को सौंपीःबिहार युवा कांग्रेस

  राहुल, खरगे ने भारत जोड़ो घर की चाबी चंदन सहनी को सौंपीःबिहार युवा कांग्रेस

पटना. ‘भारत जोड़ो यात्रा‘ के बाद पहली बार पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष श्री राहुल गाँधी जी का आगमन सदाक़त आश्रम में हुआ जहां पर आज उनका भव्य स्वागत किया गया. अभिनंदन समारोह के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री मल्लिकार्जुन  खरगे   जी का स्वागत हुआ.

   इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्रीनिवास  वी बी के मार्गदर्शन पर बिहार युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शिव प्रकाश गरीब दास के नेतृत्व में  राहुल गांधी जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री खरगे , प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने चंदन सहनी , गोसेह टोला,मुजफ्फरपुर निवासी  को  नव निर्माण गृह का चाबी सौंपा.

   चंदन सहनी बैनर पोस्टर लगाने का काम भारत जोड़ो यात्रा में किया करते थे हमारे नेता राहुल गांधी जी की भारत जोड़ो यात्रा जब
कर्नाटक से गुजर रही थी तब वहां बैनर पोस्टर लगाने के क्रम में चंदन सहनी का पैर की हड्डी टूट गई और काफी जख्म हुआ. चंदन सहनी का परिवार बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में रहता था. इस समय चंदन सहनी की पत्नी आठवें महीने के गर्भ से थी.

    अखिल भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बिहार युवा कांग्रेस के अध्यक्ष को निर्देश दिया कि चंदन सहनी का घर बनाया जाए और उनके परिवार का और देखभाल का खर्च वहन किया जाए. जब तक कि चंदन सहनी बिल्कुल ठीक रूप से स्वस्थ नहीं हो जाते हैं.

   बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष ने चंदन सहनी की पत्नी ,उनके परिवार उनके बच्चों का पूरा खर्चा उठाया और उनके जमीन पर एक नया घर बना कर हमारे नेता राहुल गांधी जी ,राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे जी , बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह जी के द्वारा उनको आज नए घर की चाबी सौंपी गई.चंदन सहनी और उसके परिवार ने नव निर्मित घर का नाम ‘भारत जोड़ो घर रखा है‘!


 

आलोक कुमार

बी0जे0पी0 नफरत, हिंसा और तोड़ने की बात करती है-राहुल गाँधी

 

पटना.बिहार कांग्रेस पार्टी की रीढ़ है. हमारी बी0जे0पी0 से लड़ाई विचारधारा की लड़ाई है.बी0जे0पी0 और आर0एस0एस0 नफरत, हिंसा और तोड़ने की बात करती है. हम जोड़ने की बात करते हैं. यह बात कांग्रेस के सर्वमान्य नेता श्री राहुल गांधी ने सदाकत आश्रम में आयोजित ऐतिहासिक अभिनन्दन समारोह में कही.

      आज पटना स्थित कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का मजमा लगा रहा क्योंकि  श्री राहुल गांधी अपने कन्याकुमारी से कश्मीर तक की यात्रा के बाद पहली बार बिहार आये. उनके साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे, संगठन महासचिव श्री के0सी0 वेणुगोपाल भी शामिल थे. गौरतलब है कि श्री राहुल गाँधी करीब साढ़े सात साल बाद सदाकत आश्रम आये हैं और श्री खड़गे भी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार सदाकत आश्रम आये. कांग्रेस के शीर्षस्थ नेतृत्व का स्वागत करते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि सदाकत आश्रम पवित्र भूमि है जहाँ पर स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डा0 राजेन्द्र प्रसाद रहा करते थे और अंतिम साँस भी इसी भूमि पर ली.  इसलिए हम कांग्रेसियों ने इस धरती पर अपने नेताओं का ऐतिहासिक अभिनन्दन करने का फैसला किया.

      कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस अवसर पर कहा कि ये जो कांग्रेस आफिस है यह देश के इतिहास में बहुत महत्व रखता है. यहाँ से जो नेता नेता निकला देश की आजादी के लिए लड़ा. मुझे गर्व है कि यहीं से निकल कर बाबू राजेन्द्र प्रसाद देश के प्रथम राष्ट्रपति बने. हम सारे विपक्षी पार्टी के लोग एक साथ मिलकर 2024 के लोक सभा चुनाव में लड़ें इसके लिए राहुल जी ने कदम उठाया और एक-एक नेताओं से हमने बात की.श्री खड़गे ने भव्य स्वागत के लिए बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह का धन्यवाद किया.

       इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि हम सारे दल एक साथ मिलकर बी0जे0पी0 को हराने जा रहे हैं और तेलंगाना, मध्य प्रदेश और राजस्थान सभी जगह हम जीतने जा रहे हैं. श्री गाँधी ने करीब पन्द्रह हजार की तादाद में एकत्रित हुए कांग्रेस के कार्यकर्त्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप हमारे विचारधारा के लिए लड़ते हैं, इसलिए आपकी सुरक्षा हमारी जिम्मेवारी है.

इस अवसर पर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से राष्ट्रीय महासचिव तारिक अनवर, बिहार प्रभारी भक्त चरण दास एवं प्रभारी सचिव अजय कपूर भी मंच पर उपस्थित थे. इसके अलावा राज्य का शीर्ष नेतृत्व भी इस अवसर पर उपस्थित रहा जिसमें मुख्य रूप से पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार, कांग्रेस विधायक दल के नेता डा0 शकील अहमद खान,प्रदेश के पूर्व अध्यक्षों में डा0 शकील अहमद, चन्दन बागची, अनिल कुमार शर्मा, डा0 मदन मोहन झा,  पूर्व कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा, कांग्रेस कोटे से वर्तमान मंत्री मुरारी प्रसाद गौतम, पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक, विधान पार्षद प्रेमचन्द्र मिश्र, डा0 समीर कुमार सिंह, ब्रजेश पाण्डेय, निर्मल वर्मा नेता शामिल रहे.

        इसके अलावा कांग्रेस के सारे विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व एवं वर्तमान विधान पार्षद, प्रदेश के सभी मोर्चा संगठन एवं प्रकोष्ठों के अध्यक्ष तथा प्रदेश के सभी जिलाध्यक्ष भी अपने समर्थकों के साथ इस अभिनन्दन समारोह में उपस्थित रहे.

 

आलोक कुमार

गुरुवार, 22 जून 2023

पितृपक्ष मेला पूरे विश्व में एक अलग छवि प्राप्त किया

  गया. ज़िला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम की अध्यक्षता में इस वर्ष आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेला महासंगम 2023 की तैयारी के संबंध में सभी संबंधित पदाधिकारियों विष्णुपद केक पुरोहितों के साथ बैठक की गई जिला पदाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष 28 सितंबर से प्रारंभ होते हुए 14 अक्टूबर तक पितृपक्ष मेला प्रस्तावित है.

        उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष पितृपक्ष मेला में आप सभी तमाम पदाधिकारियों पुरोहितों एवं मेला क्षेत्र के वार्ड पार्षदों के साथ-साथ तमाम स्टेकहोल्डर स्वयंसेवी संस्था द्वारा काफी बढ़-चढ़कर सहयोग दिया गया जिसके कारण पितृपक्ष मेला पूरे विश्व में एक अलग छवि प्राप्त किया है. इस वर्ष भी पिछले वर्ष की तुलना में और बेहतर आयोजन किया जाए इसे लेकर अभी सही तैयारियां आवश्यक है.

        उन्होंने कहा कि 08 सरोवर एवं 52 पिंड वेदियां हैं जहां तर्पण कार्यक्रम होता है. पिछले वर्ष घाट का विस्तार होने के बाद और अधिक संख्या में तीर्थ यात्री तर्पण करने पहुंचे थे घाट पर अत्यधिक भीड़ देखी गई है.

        इस वर्ष तैयारियों के संबंध में उन्होंने कहा कि पूर्व से ही भौतिक जांच संबंधित समितियों के वरीय पदाधिकारियों द्वारा अपेक्षित है साथ ही विभिन्न कोषांग बनाए गए हैं जिसके वरीय पदाधिकारी साप्ताहिक रूप से अपने कोषांग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ निश्चित तौर पर बैठक करेंगे.

        उन्होंने कहा कि आवास समिति का जिम्मेदारी होगा कि यात्रियों को इस वर्ष और अच्छा आवासन व्यवस्था उपलब्ध करावे अभी से ही आवाज समर्थन को चिन्हित करें तथा एक चेक लिस्ट बनाएं उसी के अनुरूप सभी तैयारियों को पूर्ण करावे.

        सभी आवासन स्थल एवं पुलिस स्थल पर पर्याप्त संख्या में टॉयलेट एवं पेयजल की व्यवस्था का आकलन कर लें तथा 15 जुलाई तक लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को प्रतिवेदन समर्पित कर दें ताकि पीएचडी विभाग द्वारा टॉयलेट एवं पेयजल व्यवस्था का पूरा मुकम्मल व्यवस्था करा सके.

        इस वर्ष भी टेंट सिटी का निर्माण करवाया जाएगा साथ ही विष्णुपद क्षेत्र में चांद चोरा के पास से ही नो व्हीकल जोन बनाया जाएगा.

        उन्होंने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि नाली कास्लैब नाली का ग्रिल इत्यादि का अभी से ही सर्वे करा दें उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी नगर को निर्देश दिया कि प्रेतशिला में इस वर्ष और बेहतर सफाई व्यवस्था के लिए कार्य योजना तैयार करें.

        जिला पदाधिकारी ने विष्णुपद क्षेत्र के सभी पुरोहितों से अपील किया है कि पितृपक्ष मेला के साथ-साथ अन्य दिनों में अब सालों भर गयाजी डैम में पानी रहेगा पानी को स्वच्छ रखने के लिए आप सभी का सहयोग अपेक्षित है घाट पर यत्र तत्र पूजन सामान प्रवाहित करने के लिए 4 पक्का स्ट्रक्चर बनाया गया है यात्रियों तथा अन्य पंडित को पूजन सामग्री उसमें प्रवाहित करने के लिए जागरूक करें साथ ही घाट पर टूटे हुए टाइल्स को मरम्मत कराने तथा घाट पर यत्र तत्र पानी ना बहे इसके लिए ड्रेनेज सिस्टम बनाया जा रहा है.उन्होंने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि बड़े कैपेसिटी वाले डस्टबिन को पर्याप्त संख्या में घाटों पर रखवा ना सुनिश्चित करें.

        उन्होंने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि नालों की सफाई का अलग से जांच करें ताकि पितृपक्ष मेला में जलजमाव की कहीं स्थिति ना रहे.

           उन्होंने कार्यपालक अभियंता बुडको को को निर्देश दिया कि 15 जुलाई तक पाइप लाइन में जो भी कनेक्शन देने का कार्य किया जाना है उसे पूर्ण कर लें. जहां भी लीकेज की शिकायतें हैं उसे और अधिक टीम लगाकर लीकेज ठीक करावे.

           उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि पितृपक्ष मेला में प्रयोग में आने वाले उपकरण दवा की उपलब्धता चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति इत्यादि का अभी सही आकलन करते हुए विभाग को मांग प्रतिवेदन समर्पित करें.

           विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था के समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की आवश्यकता है स्थानीय लोगों से समन्वय कर जगह चिन्हित करते हुए जुलाई अंतिम सप्ताह तक हर हाल में ट्रांसफार्मर लगवाना सुनिश्चित करें ताकि पितृपक्ष मेला में कहीं कोई समस्या ना मिले साथ ही उन्होंने कहा कि लगातार कॉल में करेंट इत्यादि का अभी से ही सर्वे कर लें और उसे ठीक करवा ले.

           उन्होंने कहा कि हर वर्ष पितृपक्ष मेला में वाहनों के पार्किंग स्थल पर विशेष ध्यान दिया जाता है तीर्थयात्री को जाम का सामना ना करना पड़े इसके लिए अभी से ही पूरी तैयारी कर ले साथी पार्किंग स्थल का भौतिक सत्यापन कर ले सभी पार्किंग स्थल पर टॉयलेट एवं पानी का व्यवस्था सुनिश्चित करवाएं.

           अंत में उन्होंने सभी पदाधिकारियों को कहा कि अभी से ही मेला क्षेत्र तथा विभिन्न विधियों का भ्रमण करना सुनिश्चित करें इसके अलावा बारी-बारी से सभी विभागों के पदाधिकारियों तथा पुरोहितों से तैयारियों के संबंध में फीडबैक लिए गए तथा कई आवश्यक निर्देश भी दिए गए.

            बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त गया नगर निगम, नगर पुलिस अधीक्षक, अपर समाहर्ता राजस्व, अपर समाहर्ता लोक शिकायत, वरीय उप समाहर्ता नजारत, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, पुलिस उपाधीक्षक नगर सहित सभी कोषांग के वरीय पदाधिकारी, नोडल पदाधिकारी तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.


आलोक कुमार

एएनएम की आपसी वरीयता आयोग द्वारा निर्धारित मेधा सूची के अनुसार निर्धारित की जाएगी

  पटना.बिहार सरकार ने बिहार महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता संवर्ग नियमावली 2023 के गठन की स्वीकृति दी है. यह स्वीकृति स्वास्थ्य विभागीय अधिसूचना संख्या-904 (6),दिनांक 01.06.2023 द्वारा दी गयी है.इस अधिसूचना को ठेंगा दिखाकर बड़े पैमाने पर ए.एन.एम.का स्थानांतरण का मोटी रकम डकार ली गयी.जून माह में ए.एन.एम.का स्थानांतरण से संबंधित कई परिवाद बिहार के नर्सिंग स्वास्थ्य सेवाएं के निदेशक प्रमुख प्राप्त हो रहे हैं.उसे  कर इसकी सूचना से विभाग को अवगत कराने का आदेश निर्गत किया गया है.

         बता दें कि ए.एन.एम.बहाली की 2018 में बनाई गई थी.उक्त नियमावली को निरस्त करते हुए इसके स्थान पर बिहार महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता संवर्ग नियमावली 2023 के गठन की स्वीकृति दी है.इस संदर्भ में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने बताया कि राज्य में अब तक ए.एन.एम. की बहाली अंकों के आधार पर होती थी. यही नहीं इनका कैडर भी जिला कैडर होता था. इसमें संशोधन की आवश्यकता लंबे समय से महसूस हो रही थी.बिहार में ए.एन.एम. (ऑक्जिलरी नर्स मिडवाइफ) की बहाली अब लिखित परीक्षा से होगी. सरकार एएनएम का स्टेट कैडर भी बनाएगी ताकि आवश्यकता पड़ने पर इनका एक जिले से दूसरे जिले में तबादला भी किया जा सके.

             बिहार के नर्सिंग स्वास्थ्य सेवाएं के निदेशक प्रमुख डॉक्टर अनिल कुमार तिवारी है.उनका कहना है कि जून माह में ए.एन.एम.का स्थानांतरण से संबंधित कई परिवाद प्राप्त हो रहे हैं.मालूम हो कि स्वास्थ्य विभागीय अधिसूचना संख्या-904 (6),दिनांक 01.06.2023 द्वारा ए.एन.एम. का पद राज्य स्तरीय किया गया है.राज्य स्तरीय पद में क्षेत्रीय अपर निदेशक,स्वास्थ्य सेवाएं,बिहार,पटना एवं सिविल सर्जन स्थानांतरण करने के लिए सक्षम प्राधिकार नहीं है.

                इसके आलोक में निर्देश दिया जाता है कि अपने स्तर से ए.एन.एम.का स्थानांतरण से संबंधित कोई कार्रवाई नहीं किया जाए ताकि कोई परिवाद विभाग को प्राप्त हो.यदि आपके द्वारा कोई स्थानांतरण किया जाता है तो इसके लिए आप स्वयं जिम्मेवार जाने जाएंगे. यदि किसी कारण से जून माह में स्थानांतरण किया गया हो तो उसे तुरंत रद्द करने की कार्रवाई कर इसकी सूचना से विभाग को अवगत कराना भी सुनिश्चित किया जाए.

                डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि अब ए.एन.एम. की बहाली परीक्षा के आधार पर होगी. तकनीकी सेवा आयोग परीक्षा आयोजित करेगा. पूर्व में यह बहाली अंकों के आधार पर होती थी.एएनएम का स्टेट कैडर भी बनेगा.

              नई नियमावली प्रभावी होने के बाद एएनएम की जो भी नियुक्तियां होगी. नई नियमावली में किए गए प्रावधान के तहत होगी. बता दें कि राज्य में स्थायी एएनएम के 29479 पद स्वीकृत हैं.इनमें से 11824 पद रिक्त हैं. इन पदों के अलावा एएनएम के संविदा आधारित 11204 पद स्वीकृत हैं जिसके विरूद्ध 1584 पद पर ही संविदा एएनएम कार्यरत हैं.

               इस बीच बिहार में ऑक्जीलियरी नर्स मिडवाइफ ( एएनएम )  नियुक्ति, प्रोन्नति और सेवा शर्त नियमावली को स्वास्थ्य विभाग ने अधिसूचित कर दिया है. ए.एन.एम. की सीधी नियुक्ति लिखित परीक्षा के आधार पर बिहार तकनीकी सेवा आयोग के माध्यम से होगी. नियुक्ति में प्रतियोगिता परीक्षा के कुल 60 अंक शामिल किये जायेंगे. हालांकि पूरी मेधा सूची 100 अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी.

                   परीक्षा के अंकों के अलावा 15 अंक उच्चतर कोर्स के लिए निर्धारित किये गये है . उच्चतर डिग्री जी.एन.एम.होने पर उसे 10 अंक. बीएससी ( नर्सिंग ) पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग पास अभ्यर्थी को 15 अंक मिलेगा. शेष 25 अंक राज्य के अंदर स्थित सभी सरकारी या प्राइवेट (केंद्र सरकार, पंचायत, नगर निगम आदि) अस्पतालों में कार्य अनुभव के लिए प्रति वर्ष पांच अंक निर्धारित किये गये हैं.

           ए.एन.एम. की नियुक्ति के बाद उनकी वरीयता का निर्धारण भी तय कर दिया गया है. एएनएम की आपसी वरीयता आयोग द्वारा निर्धारित मेधा सूची के अनुसार निर्धारित की जाएगी. इसमें प्रोन्नति का सोपान भी तैयार किया गया है. एएनएम का पद मूल कोटि का है. यह पद संवर्ग के कुल स्वीकृत पद का 60 प्रतिशत होगा. प्रोन्नति के प्रथम सोपान में एएनएम वरीय महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता पद को धारण करेंगी. यह संवर्ग कुल स्वीकृत पद का 30 प्रतिशत होगा. इसके बाद वरीय महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता पद की प्रोन्नति का दूसरा सोपान महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता पर्यवेक्षिका का होगा. यह संवर्ग कुल स्वीकृत पद का 10 प्रतिशत होगा.

       नियमावली में विज्ञापन प्रकाशन वर्ष की पहली अगस्त को उम्र के अवधारणा के लिए कट ऑफ डेट माना जाएगा, नियुक्ति प्राधिकार द्वारा वर्ष की पहली अप्रैल की तिथि के आधार पर रिक्ति की गणना कर रोस्टर क्लीयरेंस कराकर आरक्षण कोटिवार अधियाचना बिहार तकनीकी चयन आयोग को 30 अप्रैल तक भेजी जाएगी, नियुक्ति के बाद परिवीक्षा (प्रोबेशन) की अवधि दो वर्षों की होगी. इस दौरान सेवा संतोषजनक नहीं पाये जाने की दशा में परिवीक्षा अवधि का विस्तार लिखित रूप से एक वर्ष तक के लिए किया जा सकेगा. ए.एन,एम.की नियुक्ति का प्राधिकार निदेशक प्रमुख को बनाया गया है.


आलोक कुमार

बिहार कांग्रेस में खासा उत्साह

  पटना.महागठबंधन की बैठक भले ही मुख्यमंत्री निवास में हो रही हो लेकिन असली रौनक बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मुख्यालय सदाकत आश्रम में देखने को मिल रहा है.कांग्रेस के सर्वमान्य नेता श्री राहुल गाँधी, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे एवं संगठन महासचिव श्री के0सी0 वेणुगोपाल के पटना आगमन पर बिहार कांग्रेस में खासा उत्साह है.

    कांग्रेसजन इसे एक ऐतिहासिक अवसर के रूप में तब्दील करना चाहते हैं.इसी को ध्यान में रखते हुए आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने पार्टी नेताओं के हुजूम के साथ पटना हवाई अड्डे से लेकर सदाकत आश्रम तक तैयारियों का जायजा लिया.

   आज सदाकत आश्रम में बन रहे विशाल पंडाल का स्थल निरीक्षण किया एवं जरूरी दिशा निर्देश दिए. गौरतलब है कि श्री राहुल गांधी सहित कांग्रेस के शीर्षस्थ नेतृत्व महागठबंधन की बैठक से पहले प्रदेश पार्टी मुख्यालय आयेंगे और कांग्रेस के नेता व कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और संबोधित भी करेंगे.

   इस अवसर पर डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि तैयारी में कोई कोर कसर बाकी न रह जाय यह सुनिश्चित करना जरूरी है. हमारा शीर्षस्थ नेतृत्व पार्टी मुख्यालय आ रहे हैं. हम राहुल गाँधी जी, खड़गे जी एवं वेणुगोपाल जी के आगमन पर ऐतिहासिक अभिनन्दन करना चाहते हैं.

इस अवसर पर जो कांग्रेस नेता प्रदेश अध्यक्ष के साथ रहे उनमें कांग्रेस विधायक दल के नेता डा0 शकील अहमद खान, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी, विधान पार्षद प्रेमचन्द्र मिश्र, बंटी चौधरी, राजेश राठौड़, निर्मल वर्मा, राजेश कुमार सिंहा, रीता सिंह, असित नाथ तिवारी, ज्ञान रंजन प्रमुख हैं.


आलोक कुमार

सोमवार, 19 जून 2023

जनता के लिए दर्द है वह दुनिया के लिए अनदेखी नहीं

  * कांग्रेस विधायक दल के नेता डॉ शकील अहमद खान को देश के सर्वश्रेष्ठ विधायक सम्मान प्राप्त, कांग्रेस अध्यक्ष सहित वरिष्ठ नेताओं ने दी बधाई

पटना. बिहार विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता डॉ.शकील अहमद खान को देश के सर्वश्रेष्ठ विधायक के रूप में सम्मानित किया गया. यह सम्मान  मुम्बई में आयोजित राष्ट्रीय विधायक सम्मेलन में उन्हें दिया गया.जिसमें देश के सर्वश्रेष्ठ 75 विधायकों को सम्मानित किया गया.क्षेत्रीय विकास कार्य में सर्वश्रेष्ठ योगदान देने के लिए उन्हें सम्मानित किया गया साथ ही  प्रगतिशील कार्यों के लिए सदन में सबसे ज्यादा आवाज बुलंद करने वाले श्रेणी में भी उन्हें सम्मानित किया गया.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने डॉ शकील अहमद खान को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह अभूतपूर्व सम्मान है जो उनकी मेहनत और लगन की बदौलत उन्हें हासिल हुआ है. डॉ. सिंह ने कहा कि सम्मान ये साबित करता है कि डॉ. शकील अहमद खान के दिल में  जो क्षेत्र के प्रति चिंता और जनता के लिए दर्द है वह दुनिया के लिए अनदेखी नहीं.

डॉ. शकील अहमद खान को बधाई देने वालों में वरिष्ठ कांग्रेस नेता व   पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा,  पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक, अवधेश कुमार सिंह, विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्र, डॉ समीर कुमार सिंह, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, विधायक आनंद शंकर, पूर्व विधायक डॉ अशोक कुमार, नरेन्द्र कुमार, बंटी चौधरी, निर्मल वर्मा, ब्रजेश पाण्डेय, ब्रजेश प्रसाद मूनन, आनंद माधव, असित नाथ तिवारी, लाल बाबू लाल, प्रो. रामायण प्रसाद यादव, कपिल देव प्रसाद यादव एवं दर्जनों अन्य नेता शामिल थे.  

आलोक कुमार

युवाओं और मजलूमों के नेता हैं राहुल गांधी :डॉ.अखिलेश प्रसाद सिंह

* देश के भविष्य हैं राहुल गांधी, जन्मदिन पर बोले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह

पटना. बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मुख्यालय सदाकत आश्रम में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का 53वां जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया.

प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने इस मौके पर केक काटकर सभी उपस्थित कांग्रेसजन सहित छोटे बच्चों को खिलाया। इस मौके पर छोटे बच्चों को पाठ्य पुस्तक एवं मिठाई वितरित किया गया.

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि हमारे नेता देश के भविष्य हैं.साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी महिलाओं, युवाओं और मजलूमों के हक की आवाज बनकर हमेशा देशहित में संघर्षरत रहते हैं। देश की एकता और अखंडता की रक्षा करने के लिए वें 4000 किमी की पैदल यात्रा कर देश को एक सूत्र में पिरोने का काम उन्होंने किया है. राहुल गांधी को युवाओं का प्रेरणास्रोत बताते हुए उन्होंने कहा कि उनके जन्मदिन पर पाठ्य पुस्तक का वितरण कर सशक्त भारत के लिए हम कांग्रेसजन अपना सहयोग देते रहेंगे.

जन्मदिन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार, विधायक दल के नेता  डॉ. शकील अहमद खान, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा,  पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक, अवधेश कुमार सिंह, विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्र, डॉ समीर कुमार सिंह, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, विधायक आनंद शंकर, पूर्व विधायक डॉ अशोक कुमार, नरेन्द्र कुमार, बंटी चौधरी, निर्मल वर्मा, ब्रजेश पाण्डेय, ब्रजेश प्रसाद मूनन, आनंद माधव, असित नाथ तिवारी, लाल बाबू लाल, ज्ञान रंजन, आलोक हर्ष, डॉ. अजय कुमार सिंह, कपिल देव यादव, अजय चौधरी, रामायण प्रसाद यादव, राजेश कुमार सिन्हा, सौरव सिन्हा, डॉ. स्नेहाशीष वर्धन पांडेय, मनोज कुमार सिंह, चंद्रप्रकाश सिंह, कमल देव नारायण शुक्ला, गुंजन पटेल शशिकांत तिवारी, मनजीत आनंद साहू दुर्गा गुप्ता, दशरथ प्रसाद केशरी, गरीब दास,  प्रदुमन कुमार, अनुराग चंदन, राजनंदन कुमार, रीता सिंह, मृणाल अनामय, सत्येन्द्र कुमार, उदय शंकर पटेल, शशी रंजन, सुनील कुमार सिंह, अशफर अहमद, रूमा सिंह, निधि पांडे, संतोष श्रीवास्तव, वशी अख्तर, राहुल पासवान, खुशबु कुमारी सहित सैंकड़ों की संख्या में कांग्रेसजन और छोटे बच्चें शामिल रहें.

आलोक कुमार

रविवार, 18 जून 2023

स्वागत की तैयारियों का जायजा लिया एवं जरुरी दिशा निर्देश दिए

राहुल गांधी के आगमन को लेकर सभी जिलाध्यक्षों के साथ प्रदेश अध्यक्ष ने किया वर्चुअल बैठक

*सभी जिलाध्यक्षों के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने किया वर्चुअल बैठक


पटना. बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने सदाकत आश्रम से सभी जिलाध्यक्षों के साथ वर्चुअल बैठक की. वर्चुअल मीटिंग के द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष ने 23 जून को कांग्रेस के लोकप्रिय नेता राहुल गांधी व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के बिहार आगमन पर सभी जिला से कार्यकर्ताओं के द्वारा स्वागत की तैयारियों का जायजा लिया एवं जरुरी दिशा निर्देश दिए.

   प्रदेश अध्यक्ष डॉ सिंह ने सभी ज़िलाध्यक्षों से यह आग्रह किया कि वें अधिक से अधिक संख्या के साथ आगामी 23 जून को पटना पहुंचें तथा हमलोगों के लोकप्रिय नेता राहुल गाँधी, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड्गे एवं संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के स्वागत में बढ़ चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें.

  गौरतलब है कि श्री राहुल गांधी जी चार हजार किलोमीटर की पदयात्रा के बाद बिहार आ रहे हैं जिसमे पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में कार्यकर्ताओं को भी संबोधित करेंगे.


आलोक कुमार


 

बिहार राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री डा0 श्रीकृष्ण सिंह के साथ डा0 अनुग्रह नारायण सिंह बिहार के विकास की नींव रखी

  पटना.बिहार विभूति डा0 अनुग्रह नारायण सिंह की 135 वीं जयंती आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में प्रदेश अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह, सांसद की अध्यक्षता में मनायी गयी.

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने डा0 अनुग्रह बाबू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता आन्दोलन के संग्राम में महात्मा गांधी के नेतृत्व में डा0 राजेन्द्र प्रसाद, स्व0 ब्रजकिशोर प्रसाद, मौलाना मजहरूल हक, डा0 श्रीकृष्ण सिंह जैसे नेताओं के साथ अनुग्रह बाबू ने कंधे-से-कंधे मिलाकर देश की स्वाधीनता की लड़ाई लड़ी.

डा0 सिंह ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के बाद बिहार राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री डा0 श्रीकृष्ण सिंह के साथ डा0 अनुग्रह नारायण सिंह बिहार के विकास की नींव रखी.

उन्होंने कहा कि अनुग्रह बाबू स्पष्ट वक्ता थे तथा सादा जीवन उच्च विचार की प्रतिमूर्ति थे। उनका दरबाजा गरीबों, पिछड़ों तथा असहायों के लिये हमेशा खुला रहता था.आज कृतज्ञ राज्य अनुग्रह बाबू के योगदान को स्मरण कर उनके चरण में शत-शत नमन कर रहा है.इसके पूर्व डा0 अनुग्रह नारायण सिंह के चित्र पर माल्यार्पण किया गया.

इस अवसर पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक, अवधेश कुमार सिंह, विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्रा, डॉ. समीर कुमार सिंह, ब्रजेश प्रसाद मुनन, ब्रजेश कुमार पाण्डेय आनंद माधव,  प्रभात सिंह, लाल बाबू लाल, कुमार आशीष, असित नाथ तिवारी कपिलदेव यादव आलोक हर्ष, ज्ञान रंजन, सौरव सिन्हा,  अजय चौधरी,  डॉ कमल देव नारायण शुक्ला, , शशिकांत तिवारी , स्नेहाशीष वर्धन पांडे, अरविंद लाल रजक संजय कुमार पांडे, राकेश कुमार सिन्हा, सत्येंद्र कुमार, रीता सिंह, मोहम्मद उमर सैफुल्ला खान, केसर कुमार सिंह, राजन यादव, डॉ. पुरुषोत्तम मिश्रा, अखिलेश्वर सिंह, अश्विनी कुमार, दुर्गा प्रसाद गुप्ता पंकज यादव, नदीम अख्तर , कमलेश तिवारी, अविनाश कुमार, प्रदुमन कुमार, ताहिर अनीश खान,  दिलीप कुमार सिंह, रूमा सिंह, निधि पांडे,  राज नंदन कुमार, राहुल पासवान, संतोष श्रीवास्तव, रेनू सिंह, मनजीत आनंद साहू, सुनील कुमार सिंह, रवि गोल्डन, वसी अख्तर, पंकज मिश्र ने अनुग्रह बाबू को श्रधान्जली अर्पित की.


आलोक कुमार

महागठबंधन की बैठक में भाग लेने के लिए जाएंगे

 

राहुल गांधी और खड़गे के बिहार आगमन पर ऐतिहासिक स्वागत की हो रही है तैयारीः डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह


23 को आ रहे हैं राहुल गांधी, ऐतिहासिक स्वागत की हो रही है तैयारीः प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह


पटना.बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने सदाकत आश्रम में संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित किया. 

  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि 4000 किमी के भारत जोड़ो यात्रा के ऐतिहासिक यात्रा के बाद हमारे नेता राहुल गांधी के प्रथम बिहार आगमन पर उनके स्वागत की तैयारियों में कोई कमी नहीं रहेगी.सदाकत आश्रम में संबोधन व कार्यकर्ताओं से मिलने के बाद वें महागठबंधन की बैठक में भाग लेने के लिए जाएंगे.

   संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से उन्होंने बताया कि आगामी 23 जून को हमारे राष्ट्रीय नेता व पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के बिहार आगमन पर ऐतिहासिक स्वागत की तैयारी प्रदेश कांग्रेस के द्वारा की जा रही है.इसके लिए सदाकत आश्रम में जोर-शोर से तैयारियां की जा रही है. उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट से सीधे हमारे राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी सीधे सदाकत आश्रम में 10 बजे पहुंचेंगे और कार्यकर्ताओं से मिलने के उपरांत उन्हें संबोधित भी करेंगे. 

  सदाकत आश्रम के कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अध्यक्षता में सम्पन्न होगा. इसके लिए सदाकत आश्रम में 70 हजार स्क्वायर फीट में टेंट लगाया जा रहा है साथ ही एयरपोर्ट से लेकर सदाकत आश्रम तक जोरदार स्वागत के लिए कांग्रेसजन तैयारी कर रहे हैं. संवाददाता सम्मेलन का संचालन प्रवक्ता आनन्द माधव ने किया.

    संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह के साथ विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्र, डॉ समीर कुमार सिंह, पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक, अवधेश सिंह, प्रवक्ता आनंद माधव, ब्रजेश पांडेय,  ब्रजेश प्रसाद मुनन, चन्द्र प्रकाश सिंह, पूर्व विधान पार्षद लालबाबू लाल, असित नाथ तिवारी, ज्ञान रंजन, डॉ स्नेहाशीष वर्धन पांडेय, सौरभ सिन्हा सहित अन्य नेतागण मौजूद रहें.


आलोक कुमार

शनिवार, 17 जून 2023

रत्नेश सदा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई

 पटना.बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं.उनका मंत्रिमंडल का शुक्रवार को विस्तार हुआ. जदयू विधायक रत्नेश सदा को मंत्रिमंडल में जगह मिल गई और उन्होंने मंत्री पद की शपथ ली. राजभवन के दरबार हॉल में राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर ने रत्नेश सदा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई.

           सहरसा जिले के सोनबरसा विधानसभा क्षेत्र से 2010 से तीन बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचने वाले रत्नेश सदा को मंत्री बना दिया गया है.सहरसा जिले के सोनबरसा से जदयू के विधायक हैं. वे मुसहर समाज से आने वाले रत्नेश सदा को नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल करने के पीछे हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों को माना जा रहा है. बिहार के पूर्व सीएम और हम सुप्रीमो जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन ने नीतीश कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था. लेकिन उनकी खाली जगह को सरकार ने भर दिया है.जदयू एमएलए रत्नेश सदा को सरल स्वभाव का इंसान माना जाता है. वो कभी अपनी आजीविका के लिए रिक्शा चलाते थे. उनके पिता लक्ष्मी सदा भी मजदूर ही थे. कभी रिक्शा चलाने वाले रत्नेश सदा अब नीतीश कैबिनेट में मंत्रालय चलाएंगे.

रत्नेश सदा सरल स्वभाव के व्यक्ति हैं. इसके साथ वो काफी पढ़े-लिखे भी हैं.चुने गए रत्नेश सदा तीन बार से विधायक हैं. वे मुसहर समाज से आते हैं. रत्नेश सदा का नाम मुसहर समाज के बड़े नेताओं में शुमार किया जाता है. वे धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य भी हैं. संस्कृत से ऑनर्स रत्नेश सदा बिहार विधानसभा में जनता दल यूनाइटेड के सचेतक भी हैं.इतना होने के बावजूद भी पंचायत चुनाव में अपने बेटे को मुखिया तक नहीं बनवा पाए थे. पंचायत चुनाव में बेटे को जिताने के लिए उन्होंने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी. खुद 15 दिनों तक गांव में डेरा डालकर रखा था. लोगों के घर-घर जाकर वोट मांगे थे, लेकिन जब रिजल्ट आया तो उनका बेटा तीसरे नंबर आया था. इससे पहले उनकी पत्नी भी पंचायत चुनाव हार चुकी हैं.

     बताया गया कि  चुनाव आयोग में 2020 में दायर किए हलफनामे के अनुसार, उन्होंने ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की है. यही नहीं उन्होंने संस्‍कृत में आचार्य की डिग्री तक ले रखी है. अभी उनकी उम्र करीब 49 साल है. वहीं चुनाव आयोग में दिए एफिडेविट के मुताबिक सदा के पास 1.30 करोड़ रुपयों की चल और अचल संपत्ति है.इसके अलावा खास बात है सदा की छवि, चुनाव आयोग में दाखिल एफिडेविट के हिसाब से रत्नेश सदा के ऊपर कोई मुकदमा नहीं है. सदा सहरसा जिले के कहरा कुट्टी वार्ड नंबर 6 के निवासी हैं. रत्नेश सदा के परिवार में उनकी पत्नी, तीन बेटे और दो बेटियां हैं.

   रत्नेश सदा के शपथ ग्रहण समारोह में मंत्री विजय चौधरी, बिजेंद्र यादव, तेज प्रताप यादव, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, प्रो चंद्रशेखर, समेत अन्य कई मंत्री मौजूद हैं। जेडीयू राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा भी मौजूद हैं.

           मनोनीत मंत्री रत्नेश सदा के साथ उनकी मां के अलावा उनकी पत्नी, बेटा और बहू थे.कबीरपंथ को मानने वाले रत्नेश सदा को सुनने के लिए लोगों की भीड़ जुटती है. इस पथ को मानने वालों में उनकी बड़ी पहचान है. दलित समाज के उत्थान के लिए काम की वजह से भी वह चर्चा में रहते हैं. नीतीश कैबिनेट में उन्हें दलित चेहरे के तौर पर जगह मिली है.उम्मीद की जानी चाहिए कि रत्नेश सदा को अनुसूचित जाति एवं जन-जाति कल्याण मंत्री विभाग की जिम्मेदारी सौंपी जायेंगी.

           रत्नेश सादा के मंत्रिमंडल में जगह मिलने के बाद सीएम नीतीश ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मांझी के जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता। मैंने उनको विलय के लिए बोला था. वह साथ होते थे तो भाजपा तक बात पहुंचाते थे. नीतीश ने कहा कि मांझी दिल्ली जाकर बात कर वापस आए थे तो हमसे कहे थे कि हम आपके साथ रहेंगे.यहां थे तो वो चाहते थे कि हम बड़े जगह पर रहे.एक बात सबको मालूम था कि वह जहां कहीं भी थे लेकिन भाजपा के लोगों से मिल रहे थे.

           नीतीश कुमार ने कहा कि वहां से मिल कर मांझी सबकुछ तय कर लेते थे. फिर हमारे यहां भी आकर कहते थे कि हमको कुछ अलग चाहिए. हम तो जान ही रहे थे सब बात. मांझी जब मेरे पास मिलने आए तो हमने कहा कि आपको हमने इतना ज्यादा बनाया, कोई दूसरा नहीं बनाया. उन्होंने कहा कि हमलोग 23 तारीख को मीटिंग करेंगे.यह उस मीटिंग के अंदर की बात को भाजपा को बता देते. इसीलिए हमने उनसे कहा कि या तो आप मर्ज करिए या अलग हो जाइए. इसके बाद वे अलग हो गए.अब उनकी जगह पर हमने अपने कोटे से रत्नेश सदा को मंत्री बना दिया.


    नीतीश कुमार ने मास्टरस्ट्रोक खेला 

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के द्वारा साथ छोडे़ जाने के बाद नीतीश कुमार ने मास्टरस्ट्रोक खेला है और इसी समाज से आने वाले एक नेता को तुरंत ही मंत्री बना दिया. इसके बाद अब मांझी समाज के आदर्श कहे जाने वाले दशरथ राम मांझी के बेटे और दामाद को नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी में शामिल करवाया है.

        जदयू प्रदेश कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में आज द माउंटेन मैन के नाम से ख्याति प्राप्त दशरथ मांझी के बेटे भागीरथ मांझी और दामाद मिथुन मांझी को पार्टी की सदस्यता दिलवाई गई. इन दोनों को जदयू के सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण करवाई.मंच से यह संवाद देने की कोशिश की गई कि मुसहरों के वास्तविक नेता दशरथ मांझी थे.

      परिवार के सदस्य भागीरथ मांझी हैं.इस दौरान जीतन राम मांझी पर हमला बोलते हुए जदयू नेताओं ने कहा कि वे इस समाज के नेता नहीं हैं.मुसहर समाज के लिए जीतन मांझी ने नहीं बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने काम किया है. दशरथ मांझी को अगर किसी ने सम्मान दिया उस शख्स का नाम है नीतीश कुमार.

वहीं जदयू में शामिल होने के बाद भागीरथ मांझी ने कहा कि हमारे पिता दशरथ मांझी को मुख्यमंत्री ने काफी मान सम्मान दिया. हमारे समाज के लिए जो भी काम किया वह नीतीश कुमार ने किया है. इसलिए हमलोग शुरू से ही नीतीश कुमार के साथ रहे हैं और आगे भी उन्हीं के साथ रहेंगे.

        बता दें कि मुसहर समाज का कई लोकसभा क्षेत्रों में बड़ी आबादी है. मांझी का साथ छोड़ने से नीतीश कुमार खौफ में हैं क्योंकि पहले से ही शराबबंदी को लेकर यह वर्ग काफी नाराज है. दूसरा यह कि जीतन राम मांझी ने साथ छोड़ दिया है.लोकसभा का चुनाव सामने है.

 आलोक कुमार



संत पापा का लैपरोटोमी और पेट की दीवार का ऑपरेशन

  संत पापा को 09 दिनों के बाद ए जेमेली विश्वविद्यालय अस्पताल से छुट्टी रोम में रहने वाले 83 साल के संत पापा फ्राँसिस बीमार थे.बुधवार 07 जून की सुबह आम दर्शन समारोह के अंत में संत पापा फ्राँसिस को रोम के ए जेमेली विश्वविद्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां दोपहर में उनका ऑपरेशन किया गया. इस अस्पताल में संत पापा का लैपरोटोमी और पेट की दीवार का ऑपरेशन किया गया. संत पापा को 09 दिनों के बाद ए जेमेली विश्वविद्यालय अस्पताल से छुट्टी मिल गयी.अपनी हर्निया से संबंधित सर्जरी के बाद संत पापा शुक्रवार की सुबह संत मारिया मेजर महागिरजाघर में (सालुस पोपोली रोमानी) रोम वासियों की संरक्षिका माता मरिया की प्रतिमा के सामने प्रार्थना करने के बाद वाटिकन लौट आए. मालूम हो कि संत पापा 1 अप्रैल 2023 को ब्रोंकाइटिस के लिए ए जेमेली विश्वविद्यालय अस्पताल में भर्ती होने के बाद और 14 जुलाई 2021 को अपने कोलन सर्जरी के बाद, वाटिकन लौटते समय संत पापा इसी तरह रोम वासियों की संरक्षिका माता मरिया का दर्शन करने गये थे. आज सुबह शुक्रवार को कृतज्ञता की अभिव्यक्ति के रूप में संत पापा ने पूरी ऑपरेटिंग टीम जिसमें डाक्टर, नर्स, चिकित्सा कर्मचारी, सामाजिक और स्वास्थ्य कार्यकर्ता और सहायक कर्मचारी शामिल थे.जिन्होंने 7 जून को ऑपरेशन के दौरान किसी भी तरह से उनकी मदद की. आलोक कुमार

शुक्रवार, 16 जून 2023

झूठे केस में जेल भेजने के विरोध में ईसाई आदिवासी महासभा का धरना-प्रदर्शन

 * बालाछापर के निर्दाेषों को झूठे केस में जेल भेजने के विरोध में ईसाई आदिवासी महासभा का धरना-प्रदर्शन.असली दोषियों को सजा दिलाने की मांग उठी. 7 दिन के भीतर गिरफ्तारी करें, अन्यथा उग्र आंदोलन की  चेतावनी........

जशपुरनगर.जशपुर जिले में बुधवार को रणजीता स्टेडियम के पास बालाछापर के निर्दाेष लोगों को झूठे केस में गिरफ्तार कर जेल भेजने के विरोध में ईसाइयों ने एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन किया.इस दौरान बालाछापर कांड के असली गुनहगारों और दोषी पुलिस अधिकारी को सजा दिलाने की मांग उठी. साथ ही 7 दिनों के भीतर उपद्रव मचाने वालों की गिरफ्तारी नहीं की जाती है तो ईसाई आदिवासी महासभा ने उग्र आन्दोलन करने की चेतावनी दी है. धरने के बाद ईसाई आदिवासी महासभा के पदाधिकारी कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपे.

       मालूम हो कि जशपुर के बालाछापर गांव में 6 जून 2023 को ग्राम बालाछापर की हीरामुनी बाई पति स्व. सोहन के घर में उसकी बेटी सिस्टर विभा बाई उर्फ विभा केरकेट्टा के कैथोलिक ईसाई नन बनकर प्रथम बार अपने घर आने पर शाम 6 बजे से ईसाई धर्म विधि अनुसार पवित्र मिस्सा (यूख्रीस्तीय प्रार्थना सभा) का आयोजन किया गया, यह अनुष्ठान जशपुर शांतिभवन के कैथोलिक प्रीस्ट के द्वारा सम्पन किया गया, जो लगभग 45 मिनट तक चला. इसमें वही धर्मविधि सम्पन्न की गई जो सभी कैथोलिक गिरजाघरों में प्रत्येक रविवार को एवं अन्य सामान्य अवसरों पर की जाती है.

       इस धार्मिक कार्यक्रम में सिस्टर विभा बाई उर्फ विभा केरकेट्टा के सगे संबंधी ईश्वर को धन्यवाद देने के लिए उपस्थित थे, साथ ही गांव के कुछ लोग उत्सुकतावश भी कार्यक्रम देखने के लिए आए थे.एकत्र लोगों की संख्या लगभग 40-50 रही होगी.पवित्र मिस्सा के बाद सिस्टर विभा वाई उर्फ विभा केरकेट्टा के सम्मान में स्वागत कार्यक्रम हुआ.

        उपस्थित कुछ लोगों ने अपने सम्बोधन में विभा बाई उर्फ विभा केरकेट्टा को बधाईयाँ और शुभकामनाएँ दीं. सिस्टर विभा बाई उर्फ विभा केरकेट्टा ने उपस्थित लोगों को अपना आभार प्रकट किया. यह कार्यक्रम भक्तिमय और शांत माहौल में सम्पन्न हुआ. उसके बाद सबके लिए भोजन परोसा गया और भोजन करने के बाद परिवार के सदस्यों के अलावा बाकी सभी लोग वापस चले गए. 

        अतिथियों के वहाँ से जाने के बाद रात्रि 9 बजे के लगभग रायमुनी भगत (अध्यक्ष जिला पंचायत), कृपाशंकर भगत ( पूर्व जिला पंचायत सदस्य), गंगाराम भगत (सरपंच ग्राम पंचायत पुरनानगर), दुर्गा देवी पति गंगाराम भगत पुरनानगर, अरविन्द भगत, पप्पू सिन्हा, पप्पू ओझा, वेद प्रकाश तिवारी निवासी जशपुर सहित लगभग 30 लोग चारपहिया वाहन और मोटर सायकलों में वहाँ आए और धर्मान्तरण का आरोप लगाकर शोर मचाने लगे.

        उन्होंने विभा बाई उर्फ विभा केरकेट्टा के परिवार वालों से कहा कि, चंगाई सभा करने के लिए किससे परमिशन लिया था. उन्होंने पवित्र वेदी ( पूजा टेबल) पर रखे सामानों को भी छितरा दिया और तोडफ़ोड़ किया. विभा बाई उर्फ विभा केरकेट्टा के दृष्टिबाधित मामा दिनेश को धमकी देते हुए कहा कि वह तो स्वयं ईसाई बन गया है, अब क्यों दूसरों को ईसाई बना रहा है, अगर उसने ऐसा करना नहीं छोड़ा तो उसके हाथ-पैर तोड़ देंगे और जान से भी मार कर फेंक देंगे.

 रायमुनी भगत ने हीरामुनी बाई पर हमला कर धक्का-मुक्की करते हुए उसका गला दबाया, थप्पड़ मारा और गले की रोजरी माला को तोड़ दिया. रायमुनी भगत ने विभा बाई उर्फ विभा केरकेट्टा के क्रूस वाले चेन को खींचा और गंदी-गंदी गाली देते हुए नन के परिधान वाली साड़ी के संबंध में उससे अपमानजनक रूप से कहा कि उसने विधवाओं वाली सफेद साड़ी क्यों पहन रखी है. उन्होंने परिवार के राशन कार्ड छीन लिए और कहा कि, उन्हें शासन से सुविधाएँ नहीं मिलनी चाहिए क्योंकि वे ईसाई बन गए हैं. उन्होंने सिस्टर विमा . बाई उर्फ विभा केरकेट्टा को घेरकर एक घंटे तक उल्टे-सीधे सवाल पूछ कर और गंदी गंदी गाली देकर प्रताड़ित किया.

         इतना करने के बाद उन्होंने पुलिस को बुला लिया. पुलिस वहाँ रात लगभग 10 बजे आयी. पुलिस दल में कोई भी महिला पुलिस नहीं थी. रात लगभग 12 बजे सिस्टर विभा बाई उर्फ विभा केरकेट्टा, सिस्टर विभा की माँ हीरामुनी बाई, सिस्टर विभा के मामा दिनेश, फूलवती विश्वकर्मा और सचिन राम को पुलिस वैन में बैठाकर जशपुर थाना ले जाया जाकर उन्हें लॉकअप में डाल दिया गया. उन्हें पूरी रात लॉकअप में रखा गया. जिन्होंने बालाछापर जाकर उधम मचाया था, वे लोग थाना परिसर में चक्कर लगाते हुए निगरानी कर रहे थे.

         दूसरे दिन अर्थात् 7 जून को भी उन्हें पुलिस लॉकअप में ही रखा गया. शाम लगभग 5 बजे उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया. सिस्टर विभा के मामा दिनेश को दृष्टिबाधित होने के कारण जमानत दे दी गई और बाकी लोगों को जेल भेज दिया गया.

         ईसाई आदिवासी महासभा का कहना है कि पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई अनेक सवाल खड़े करती है. प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने का समय 6 जून  को शाम 8.55 बजे अंकित किया गया है. यदि उसी समय प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज हुआ तो पुलिस को उसके वाद बालाछापर जाकर विवेचना करनी चाहिए थी और आगे की कार्रवाई होनी थी, लेकिन पुलिस के पहुँचने के पहले वहाँ भीड़ ने जाकर उत्पात मचाया और उसके बाद उनके बुलाने पर पुलिस वहाँ आई. 

          छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में ईसाईयों द्वारा अपने विश्वास एवं आस्था अनुसार किसी निजी स्थान पर प्रार्थना सभा आयोजित किए जाने पर एक धर्म विशेष के तथाकथित ठेकेदारों के उत्पात मचाने पर उनके दबाव में आकर पुलिस द्वारा इन्हीं धाराओं के तहत झूठे आपराधिक केस दर्ज कर ईसाई धर्मावलम्बियों को जेल भेज देती है जो कि कानून का दुरुपयोग और भारत के संविधान के अनुच्छेद 25 का घोर उल्लंघन है. 

      इस बीच बालाछापर में हीरामुनी बाई के घर में उपद्रव मचाने वाले रायमुनी भगत (अध्यक्ष जिला पंचायत) और उनके साथियों के विरुद्ध 12 जून को एक प्रथम सूचना रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया है, लेकिन अब तक पुलिस के द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट प्रस्तुत रिपोर्ट दर्ज नहीं किया गया है.

       नन बनी विभा बाई उर्फ विभा केरकेट्टा को सशर्त जमानत मिल गई है, साथ ही 3 अन्य को भी जमानत मिली है। इन सभी के साथ ही एक नेत्रहीन पर धार्मिक भावना भडक़ाने के आरोप में कोतवाली थाने में जुर्म दर्ज है.

       ईसाई आदिवासी महासभा के ज्ञापन में उल्लेख है कि बालाछापर, थाना व जिला जशपुर में हाल ही में घटित घटना की ओर आकृष्ट किया जा रहा है. बालाछापर में उपद्रव मचाने वालों के विरुद्ध पुलिस द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर 7 दिन के भीतर गिरफ्तार नहीं किया जाता है तो ईसाई आदिवासी महासभा उग्र आन्दोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसका जिम्मेदार शासन-प्रशासन होगा. ज्ञापन की प्रतिलिपि गृह मंत्री छत्तीसगढ़ शासन, पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़, रायपुर, पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज अम्बिकापुर को भी भेजी जाए.

     एस.के.लॉरेन्स ने एक सुझाव दिया है कि कट्टरवादियों के द्वारा इन दिनों किये जा रहे नकारत्मक आक्रमण को ध्यान में रखते हुए अगर कोई ईसाई(मसीही) व्यक्ति,पास्टर (पुरोहित) या धर्म बहनें किसी जगह कोई विशेष धार्मिक कार्यक्रम करते हैं.तो सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से वहाँ के डी.एम. या एस.डी.ओ. या थाना को इसकी सूचना देने का प्रयास कर सकते हैं.ताकि किसी नकारात्मक अनहोनी से बचाव किया जा सके.साथ ही उस वक्त के कार्यक्रम का वीडियो भी बना लें।ताकि जरुरत पड़ने पर लगाए जाने वाले किसी झूठे इल्जाम के खिलाफ अपने निर्दाेष होने का सबूत प्रस्तुत कर सकें तथा सम्भवतरू आक्रमणकारियों पर कार्यवाही हो सके.

  छत्तीसगढ़ के जशपुर ज़िले है.जशपुर में बहुत धर्मांतरण हो रहे हैं. जशपुर धर्मांतरण का एक गढ़ है. जशपुर एक ट्राइबल एरिया है, पिछड़ा एरिया है. यहाँ ज़्यादा षड्यंत्रकारी शक्तियां काम करती हैं. बाक़ी बॉर्डर पर झारखण्ड है. वहां भी बहुत धर्म परिवर्तन हुए हैं. काफ़ी हिन्दू कन्वर्ट हुए हैं. इस पूरे क्षेत्र में सालों से लोगों को हिन्दू धर्म में वापस लाने का एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है जिसमें आर्य समाज, बीजेपी, आरएसएस, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल और संघ परिवार के कई दूसरे संगठन शामिल हैं.

आलोक कुमार

गुरुवार, 15 जून 2023

बृजभूषण शरण सिंह पर से पॉक्सो हटाने की दिल्ली पुलिस की सिफारिश शर्मनाक है

* महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़क, कुश्ती संघ के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी के लिए आंदोलन जारी रहेगा

पटना. ऐपवा झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के शहादत दिवस के अवसर पर 17 -18 जून को बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर हर जगह बड़ा आंदोलन करेगा.इस बात की जानकारी राज्य सचिव अनीता सिन्हा ने दी है.

इस बीच ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि नाबालिग महिला पहलवान व अन्य पहलवानों के यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी बृजभूषण शरण सिंह पर से पॉक्सो हटाने की दिल्ली पुलिस की सिफारिश निराशाजनक है. उन्होंने कहा कि आज जो चार्ज शीट दाखिल की गई है उससे स्पष्ट है कहा कि  पहलवानों के पक्ष में महिलाओं और किसानों के बढ़ते आंदोलन से   घबराकर सरकार ने 15 जून तक का जो समय लिया था दरअसल वह समय बृजभूषण शरण सिंह को बचाने के लिए पुख्ता तैयारी के लिए ही था.

 उन्होंने कहा कि पिछले 6 महीने से सरकार बृजभूषण सिंह के बचाव में पूरी मुस्तैदी से अपने तंत्रों का इस्तेमाल करती रही है. एफ आई आर के बाद भी ना तो उसकी  गिरफ्तारी हुई और ना ही 45 दिनों तक कोई  पूछताछ की गई और बृजभूषण शरण सिंह को बयान देने रैली करने और शिकायत कर्ताओं को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष ढंग से डराने- धमकाने, जांच को प्रभावित करने की पूरी मोहलत दे दी गई. नाबालिग लड़की के पिता पर दबाव बनाकर बयान बदलवाया गया और अब उसके  आधार पर पॉक्सो हटाने की सिफारिश की गई है.

  मोदी सरकार महिला पहलवानों के दमन और एक यौन अपराधी को संरक्षण देने में पूरे तंत्र का इस्तेमाल करती रही है और जांच के नाम पर महिला पहलवानों के सम्मान को ठेस पहुंचाने, सबूत मांगने से लेकर पॉक्सो कानून को बेअसर करने की कोशिश की गई है. इससे एक बार फिर कार्यस्थलों पर महिलाओं की यौन हिंसा से सुरक्षा का  सवाल एक बड़े सवाल के रूप में सामने आ गया है. महिला पहलवानों के न्याय का मुद्दा पूरे देश की महिलाओं का मुद्दा बन चुका है और इस पर महिलाओं  का आंदोलन और आगे बढ़ेगा. 

ऐपवा झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के शहादत दिवस के अवसर पर 17 -18 जून को बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर हर जगह बड़ा आंदोलन करेगा.

                     

आलोक कुमार

53 हज़ार से अधिक को अपना घर छोड़ना पड़ा

  

मणिपुर.मणिपुर में हिंदू मैतेई और ईसाई कुकी समुदायों के बीच हिंसा 03 मई 2023 से जारी है. कुकी और मैतेई समुदाय के बीच होने वाले हिंसा में इन 46 दिनों में अब तक 115 से अधिक लोग मारे गए हैं और 53 हज़ार से अधिक को अपना घर छोड़ना पड़ा है.      

   मणिपुर में 46 दिन से जारी हिंसा में अब तक 115 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. 320 घायल हैं और 53 हजार से ज्यादा लोग 272 राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं. वहीं, 10 जून को राज्य के 11 अफसरों का तबादला कर दिया गया. इनमें आईएएस और आईपीएस अफसर शामिल हैं.

     इससे पहले गृहमंत्री अमित शाह इस महीने की शुरुआत में 4 दिन के दौरे पर यहां आए थे. इस दौरान राज्य के डीजीपी पी. डोंगल को हटा दिया गया था. उनकी जगह राजीव सिंह को कमान सौंपी गई है.

   केंद्र सरकार ने 10 जून को मणिपुर में शांति बहाल करने के लिए राज्यपाल की अध्यक्षता में कमेटी बनाई थी. कमेटी के सदस्यों में मुख्यमंत्री, राज्य सरकार के कुछ मंत्री, सांसद, विधायक और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हैं.समिति में पूर्व सिविल सेवक, शिक्षाविद्, साहित्यकार, कलाकार, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न जातीय समूहों के प्रतिनिधि भी शामिल किए गए हैं.

  मणिपुर में हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए सीएम एन बीरेन सिंह ने हर संभव मदद का एलान किया. सीएम ने विस्थापितों को घर देने और बच्चों की शिक्षा का आश्वासन दिया. कार्यालय रिकॉर्ड के अनुसार हिंसा के चलते करीब 47,000 लोगों ने घर छोड़ा है. सरकार इन्हें घर मुहैया कराएगी.दो कमरों का घर बनेगा.

   बताया गया कि मैतै या मणिपुरी पूर्वोत्तर भारत के मणिपुर राज्य का बहुसंख्यक समुदाय है. वे मणिपुर के मूल निवासी हैं इसलिए उन्हें मणिपुरी भी कहा जाता है.धार्मिक दृष्टि से अधिकतर मैतै हिन्दू हैं. उनकी मान्यताओं में ‘सनमाही‘ नामक विश्वास-पद्धति भी शामिल है जिसमें ओझा प्रथा के कुछ तत्व हैं.

 बताया गया कि सीए सोपिट के अनुसार, मणिपुर के संबंध में, ‘पुरानी कुकी‘ के बारे में पहली बार 16वीं शताब्दी में सुना गया था, जबकि ‘नई कुकी‘ 19वीं शताब्दी के पहले छमाही के दौरान ही मणिपुर में स्थानांतरित हो गई थी. उत्तर पूर्व भारत में कुकी जनजातियों में 20 से अधिक उप-जनजातियां शामिल हैं. 1956 तक, इस जनजाति को भारत सरकार द्वारा किसी भी कुकी जनजाति के रूप में मान्यता प्राप्त है.कुकी मंगोली नस्ल की एक वनवासी जाति है जो असम और अराकान के बीच लुशाई और का चार जिले में रहती है. इनको चिन, जोमी, मिजो (मिज़ोरम में) भी कहते हैं. कूकी लोग भारत के उत्तरपूर्वी राज्यों, उत्तरी म्याँआर, बंगलादेश के चित्तग्राम पहाड़ियों पर निवास करते हैं.

   इस बीच इम्फाल में संदिग्ध आदिवासियों और नागरिकों के बीच गोलीबारी हुई. इस फायरिंग में सोमवार को एक कुकी की मौत हो गई.10 लोग घायल हो गए.हिंसा के चलते राज्य में इंटरनेट पर 15 जून तक बैन बढ़ा.हिंसा प्रभावित मणिपुर में इंफाल ईस्ट जिले के खामेनलोक क्षेत्र में उग्रवादियों और ग्रामीण स्वयंसेवकों के बीच सोमवार देर रात तक हुई गोलीबारी में नौ और लोग घायल हो गए.पुलिस ने बताया कि पहले तीन लोगों के घायल होने की खबर थी.हालांकि दोनों पक्षों की ओर से गोलीबारी जारी रहने के कारण घायलों की संख्या बढ़ गई.अब दोनों ही पक्ष पीछे हट गए हैं. गांव के स्वयंसेवकों ने उग्रवादियों की ओर से बनाए गए कुछ अस्थायी बंकर और एक ‘वॉच-टॉवर’ में आग लगा दी थी. 

     यह इलाका मैतेई-बहुल इंफाल ईस्ट जिले और आदिवासी बहुल कांगपोकपी जिले की सीमाओं से लगा है. हिंसा को रोकने के लिए इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षा बल की तैनाती की गई है.मंगलवार की रात कांग फोकी जिले में गोलीबारी में 9 लोगों की मौत हो गई. साथ ही इस घटना में दर्जन भर लोगों के घायल होने की खबर है. कांगपोकी मैतई बहुल जिला है. पुलिस के मुताबिक आधी रात को कांगपोकी के करीब एक गांव खामेलोक और इंफाल पूर्वी जिले में अत्याधुनिक हथियारों से लैस उग्रवादियों ने हमला कर दिया. इस घटना में मारे गए सभी लोग खामेलोक गांव के निवासी थे.

     इससे पहले कल विष्णुपुर जिले में भी हिंसा हुई थी. यहां कुकी समुदाय के लोग मैतेई समुदाय के क्षेत्र में बंकर बनाने की कोशिश कर रहे थे जिसके बाद दोनों समुदाय के लोगों के बीच झड़प हो गई. इसके बाद कुकी उग्रवादियों और सुरक्षाबलों के बीच गोलीबारी भी हुई.

      मणिपुर में जारी हिंसा में अब तक 115 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 50 हजार से अधिक लोगों को विस्थापित होना पड़ा है. राज्य में लगभग 350 से अधिक विस्थापित कैंप चल रहे हैं जिसमें लोगों को रखा गया है. 3 मई को शुरू हुई हिंसा में अब तक हजारों लोग घायल हो चुके हैं.इससे पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हिंसाग्रस्त मणिपुर का दौरा किया था. इसके बाद केंद्र सरकार ने राज्य में शांति कायम करने के लिए एक शांति समिति बनाई थी.

 इस बीच बैंगलोर मेट्रोपॉलिटन के महाधर्माध्यक्ष पीटर मचाडो ने मणिपुर से आये युवाओं की बातें सुनी और विस्थापित छात्रों को चौतरफा मदद दी. उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि वे बंगलौर के महाधर्मप्रांत में धर्मप्रांत और धार्मिक शिक्षण संस्थानों में मुफ्त में अपनी शिक्षा जारी रख सकते हैं और साथ ही उन्हें छात्रावास की सुविधा भी प्रदान करेंगे.उन्होंने कहा कि बंगलौर शिक्षा के लिए एक उत्कृष्ट स्थान है. महाधर्माध्यक्ष मचाडो ने मणिपुर के प्रभावित और विस्थापित लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की और इन विस्थापित व्यक्तियों की देखभाल के लिए पूरे महाधर्मप्रांत की तत्परता से अवगत कराया.

    मणिपुर के जेसुइट फादर जेम्स ने राज्य में जातीय और सांप्रदायिक तनाव के बीच मणिपुर में ख्रीस्तियों और अन्य लोगों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में बताया. उन्होंने मणिपुर के ख्रीस्तीय बहुल जिलों में वर्तमान सामाजिक स्थिति पर प्रकाश डाला और छात्रों को बैंगलोर लाने के अपने कार्यों को साझा किया.चूंकि पूजा स्थल, संस्थान और घर हमलों की चपेट में हैं, इसलिए फादर जेम्स ने उन्हें बैंगलोर में स्थानांतरित करना आवश्यक समझा जहां वे अधिक सुरक्षित होंगे और जहां उनके कुछ रिश्तेदार और दोस्त हैं.

   उन्होंने छात्रों का स्वागत करने और उन्हें आश्रय, शिक्षा और सहायता प्रदान करने के लिए महाधर्माध्यक्ष मचाडो का आभार व्यक्त किया. मणिपुर की एक युवा महिला लूनी, जो अब बैंगलोर में काम करती है, मणिपुर में हाल की उथल- पुथल की गंभीरता का वर्णन करते हुए कहा कि यह किसी भी नागरिक संघर्ष से बढ़कर है जिसे उसने पहले देखा था। उन्होंने बंगलौर पहुंचने के बाद से राहत और सुरक्षा की भावना व्यक्त की, जहां लोगों ने उनका स्वागत किया है. 

     चर्चा के दौरान, फादर एडवर्ड थॉमस, एसडीबी, जो बैंगलोर में ड्रीम इंडिया नेटवर्क की देखरेख करते हैं, ने जरूरत पड़ने पर अपनी सहायता की पेशकश की. बैंगलोर बहुउद्देशीय सामाजिक सेवा सोसायटी के निदेशक,  फादर लूर्डू जेवियर संतोष और सिस्टर रोसली, एसएसएएम, शिक्षा और सुरक्षित आवास के मामले में इन युवाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.कुल मिलाकर, बंगलौर महाधर्मप्रांत ने मणिपुर के विस्थापित युवाओं को शिक्षा, आश्रय और रोजगार खोजने में सहायता प्रदान करते हुए उन्हें समर्थन देने और सुरक्षित आश्रय प्रदान करने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं. महाधर्माध्यक्ष और विभिन्न पुरोहितों ने सताए गए ख्रीस्तियों के साथ एकजुटता दिखाई है और इन कठिन परिस्थितियों के दौरान इन व्यक्तियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

आलोक कुमार

बुधवार, 14 जून 2023

जदयू विधायक रत्नेश सादा मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे

 


पटना. इस बार पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने महागठबंधन से अलग होने की घोषणा नहीं की है.इस बार उनके पुत्र व हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.इसके साथ ही अब हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा से और महागठबंधन के बीच बंधन नहीं रहा.इसका क्या असर राजनीति पर पड़ेगा वह तो आने वाले वक्त ही पता चल पाएगा.इतना जरूर है कि संतोष सुमन से अति बेहतर व्यक्ति मुख्यमंत्री के पास रत्नेश सादा हैं.उनको मंत्री बनाने की तैयारी कर ली गयी है.उनको मंत्री के रूप में मनोनीत कर लिया गया है. 16 जून को नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार होगा.उसी में जदयू विधायक रत्नेश सादा मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे.

     सोनवर्षा  विधानसभा के विधायक है रत्नेश सादा . हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन ने मंत्री पद से भी इस्तीफा दे दिया.उनके इस्तीफे के बाद जदयू विधायक रत्नेश सादा का राह साफ हो गया है.उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भेंट की.भेंट करने का मतलब है कि रत्नेश को मंत्री बनाया जाए.रत्नेश सादा भी उसी समाज से आते हैं जिस समाज से संतोष सुमन आते हैं.इसलिए यह चर्चा तेज है कि उन्हें संतोष की जगह मंत्री बनाया जा सकता है.

  JDU विधायक रत्नेश सादा संतोष सुमन की जगह लेंगे.गुरुवार को शपथ ग्रहण हो सकता है. बिहार में नीतीश कैबिनेट से संतोष सुमन के इस्तीफे के बाद तीन मंत्री पद खाली हो गए हैं. ऐसे में गुरुवार को मंत्रिमंडल विस्तार किया जा सकता है. माना जा रहा है कि जेडीयू विधायक रत्नेश सादा को संतोष सुमन की जगह अनुसूचित जाति-जनजाति विभाग का मंत्री बनाया जा सकता है. वह जीतन राम मांझी की जाति से ही ताल्लुक रखते हैं.

  रत्नेश सादा जदयू के उन विधायकों में से एक है, जिनकी जनता के बीच गहरी पैठ है. इसकी पुष्टि इस बात से होती है कि वह बीते 11 साल से सोनबरसा के विधायक हैं.  JDU विधायक रत्नेश सादा का पैतृक गांव महिषी प्रखंड का कुंदह गांव है. वह पिछले 11 साल से सोनबरसा राज (सुरक्षित) विधानसभा से जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ते और जीतते आ रहे है. रत्नेश सादा ने 2010 के विधानसभा चुनावों में सीट जीती थी. वह तब से सोनबरसा से जीतते आ रहे हैं और मौजूदा विधायक हैं. अब वह मंत्री बनने जा रहे हैं.


आलोक कुमार


नीतीश की मुहिम से केसीआर, पटनायक, मायावती पहले ही बना चुके दूरी

● विपक्षी एकता बैठक से पहले मांझी का अलग होना बड़ा अपशकुन

● आर सी पी सिंह, उपेंद्र कुशवाहा के बाद मांझी का किनारा करना बड़ी घटना

●  महागठबंधन सरकार बनने के बाद से एक भी बड़ा दल  नहीं जुड़ा

● नीतीश की मुहिम से केसीआर, पटनायक, मायावती पहले ही बना चुके दूरी

पटना. पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जीतन राम मांझी का महागठबंधन से अलग होना  विपक्षी एकता की पटना बैठक के लिए बड़ा अपशकुन है.उन्होंने कहा कि पहले बैठक की तारीख टली, फिर रोज कोई न कोई बड़ा नेता इससे दूरी बनाने लगा.

   उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने वरिष्ठ दलित नेता मांझी को नौ माह बाद अपमानित कर मुख्यमंत्री पद से हटाया था और अब उनकी पार्टी के जदयू में विलय के लिए दबाव बनाया जा रहा था.श्री मोदी ने कहा कि कोई भी स्वाभिमानी व्यक्ति नीतीश कुमार के साथ नहीं रह सकता. आर सी पी सिंह और उपेंद्र कुशवाहा के बाद मांझी का किनारा करना साधारण घटना नहीं है.

    उन्होंने कहा कि महागठबंधन सरकार बनने के बाद पिछले नौ महीनों में एक भी बड़ा दल या नेता इससे नहीं जुड़ा.श्री मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार की विपक्षी एकता मुहिम से केसीआर, नवीन पटनायक, मायावती, एचडी कुमारस्वामी और  जगनमोहन रेड्डी पहले ही दूरी बना चुके हैं.अब उमर अब्दुल्ला ने भी पटना बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है.

   उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के निकाय चुनाव में जब टीएमसी के गुंडे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमले कर रहे हैं, तब नीतीश कुमार वहाँ इन दो दलों में क्या एकता करा पायेंगे?

   इंजीनियर दिनेश कुमार ने ट्वीट कर कहा है कि बीजेपी के साथ जितने छोटे छोटे दल जुड़ेंगे महागठबंधन को उतना फायदा होगा. ये सब टोटल मिला के 10 से 12 सीट लेंगे और पैसा लेकर किसी को भी टिकट दे देंगे और सारे सीट पर जीरो पर आउट हो जायेंगे. बहुत जल्दी भूल गए 2015. बीजेपी इनको 80 सीट दी थी और ये 41 सीट जीते थे.

     राजीव रंजन सिंह ने भी ट्वीट कर कहा कि बीजेपी ने शिवसेना ,अकाली दल ,जदयू, तेलगुदेशम, त्रिमूल कांग्रेस , बीजू जनता दल सब तो छोड़ ही दिए. ये सब शुभ संकेत है क्या! पहले आपको मुबारक हो.


आलोक कुमार

मंगलवार, 13 जून 2023

 

पटना.बक्सर धर्मप्रांत के महामहिम धर्माध्यक्ष डॉ जेम्स शेखर के पवित्र मिस्सा अर्पित करने के बाद दो दिवसीय आवासीय शिविर संपन्न हो गया.यह शिविर 'दाम्पत्य जीवन सुचारू रूप से संचालित हो' पर जानकारी देने के लिए आयोजित था.
सर्वविदित है कि ईसाई धर्म रीति के अनुसार विवाह करने वालों को विवाह के पूर्व विशेष जानकारी दी जाती है.विवाह कर लेने वाले दम्पतियों को वैवाहिक जीवन के बारे में विस्तृत जानकारी देने के लिए नवज्योति निकेतन पटना में दो दिवसीय आवासीय शिविर शनिवार से शुरू हुआ था.
इसमें पटना महाधर्मप्रांत के पटना, मुजफ्फरपुर, बेतिया और पूर्णिया धर्मप्रांत के पचास से अधिक दम्पतियों ने हिस्सा लिए.इस शिविर का संचालन बेतिया धर्मप्रांत के विकर जनरल फादर फिंटन साह और गोवा-दमन महाधर्मप्रांत के फादर अरूण कर रहे थे.
विभिन्नन धर्मप्रांतों से आए कपल (कपल (couple) कपल का मतलब जोड़ा, जोड़ी, युगल, युग्मन या युग्म, दो लोगो का समूह, दम्पति, जोड़ना आदि होता है.उन्होंने अपने मैरिज लाइफ के बारे में विस्तार से बताया.
मौके पर पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष सेबेस्टियन कल्लूपुरा, मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष कैजेटन फ्रांसिस ओस्ता व बेतिया धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष पीटर सेबेस्टियन गोबियस उपस्थित थे.बक्सर धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष डॉ.जेम्स शेखर शिविर के समापन दिवस रविवार को पवित्र मिस्सा अर्पित किए.उनके साथ फादर फिंटन साह और फादर ज्ञान प्रकाश, फादर अरुण आदि पुरोहित थे.
इस अवसर पर बक्सर धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष डॉ.जेम्स शेखर शिविर ने कहा कि विभिन्न धर्मप्रांतों में द कपल्स फॉर क्राइस्ट संचालित है. मिशनरी फैमिली ऑफ क्राइस्ट के भूतपूर्व कंट्री सर्वेंट एवी जोसेफ थे.जो कपल ऑफ क्राइस्ट के लिए समर्पित थे. वक्त का मांग है कि प्रत्येक घरों में जीवंत क्राइस्ट का दर्शन दूर से ही हो जाए.
शिविर के संचालक फादर फिंटन साह और फादर अरुण ने कहा कि द कपल्स फॉर क्राइस्ट ( CFC ) एक अंतरराष्ट्रीय कैथोलिक लोक कलीसियाई आंदोलन है जिसका लक्ष्य ईसाई मूल्यों को नवीनीकृत और मजबूत करना है.घरेलू समूह 'परिवार' सप्ताह में एक बार या सप्ताह में दो बार मिलते हैं. घर के प्रत्येक सदस्य को प्रोत्साहित किया जाता है कि वे अपने घर पर बैठकें आयोजित करें, जब वे गिरजे की सभाओं में नहीं होती हैं. एक घरेलू समूह 'परिवारों के परिवार' के रूप में कार्य करता है. घरेलू बैठकों को देहाती या फेलोशिप के रूप में आयोजित किया जा सकता है.
शिविरार्थियों ने निश्चिय किए कि घर पर जाने के बाद द कपल्स फॉर क्राइस्ट के बारे में पल्लिवासियों के कपल को जानकारी देंगे और उनलोगों के साथ योजना बनाकर काम करेंगे. हमलोगों का प्रयास होगा की हर परिवार में जा कर परिवारिक प्रार्थना करना.पारिवारिक मुलाकात के दरम्यान बुजुर्ग और बीमार लोगों से मिलना.उनके साथ प्रार्थना करना उनकी समस्याओं को परिवार के लोगों के साथ मिलकर सुलझाना.
इस शिविर में बेतिया धर्मप्रांत से 3 कपल भाग लिए. बेतिया पल्ली से केविन क्लारेंस और उनकी पत्नी शालिनी विशाल विक्टर और उनकी पत्नी अनु विशाल और चुहड़ी पल्ली से रवि राजेश और उनकी पत्नी ज्योति रवि थे.
आलोक कुमार

The Configure Featured Post option in Blogger allows you to highlight a selected post prominently on

How to Configure Popular Posts in Blogger The Popular Posts widget highlights your most viewed post