● राज्य के 21 यात्री अब तक लापता, परिजन नाराज , सरकार से कोई मदद नहीं
● रेल मंत्री का इस्तीफा मांगने वालों ने पीड़ितों के लिए कुछ नहीं किया
श्री मोदी ने कहा कि उड़ीसा की रेल दुर्घटना पर बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तो खूब हुई, लेकिन बालासोर में बिहार सरकार ने न कोई हेल्प डेस्क बनाया, न अपनों की तलाश में वहाँ पहुँचने वाले बिहार के लोगों के लिए कहीं ठहरने और भोजन करने की व्यवस्था की.
उन्होंने कहा कि दुर्घटना में मरे या अब तक लापता लोगों के परिजनों की सहायता तभी अच्छी तरह से होती, जब इसकी मॉनिटरिंग के लिए सरकार ने किसी वरिष्ठ मंत्री को वहाँ कैंप कराया होता.
श्री मोदी ने कहा कि लापता लोगों के गरीब परिजन अपने सीमित साधन से बालासोर गए, दर-दर भटके और पैसा खत्म होने पर मायूस होकर लौट आए.
उन्होंने कहा कि किसी शव की पहचान के लिए डीएनए और ब्लड टेस्ट की जरूरत पड़ती है। इसके लिए भी वहां बिहार सरकार ने वहाँ कोई व्यवस्था नहीं की .
श्री मोदी ने कहा कि राजनीतिक विरोध को परे रख कर जब ममता बनर्जी बालासोर पहुंचीं और बंगाल सरकार की तरफ से राहत कार्यों में 40 बसें लगाई गई, तब नीतीश कुमार बालासोर क्यों नहीं गए?
उन्होंने कहा कि जो लोग रेल मंत्री का इस्तीफा मांग रहे थे, उन्होंने पीड़ित परिवारों की क्या मदद की?
आलोक कुमार
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