गुरुवार, 22 जून 2023

एएनएम की आपसी वरीयता आयोग द्वारा निर्धारित मेधा सूची के अनुसार निर्धारित की जाएगी

  पटना.बिहार सरकार ने बिहार महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता संवर्ग नियमावली 2023 के गठन की स्वीकृति दी है. यह स्वीकृति स्वास्थ्य विभागीय अधिसूचना संख्या-904 (6),दिनांक 01.06.2023 द्वारा दी गयी है.इस अधिसूचना को ठेंगा दिखाकर बड़े पैमाने पर ए.एन.एम.का स्थानांतरण का मोटी रकम डकार ली गयी.जून माह में ए.एन.एम.का स्थानांतरण से संबंधित कई परिवाद बिहार के नर्सिंग स्वास्थ्य सेवाएं के निदेशक प्रमुख प्राप्त हो रहे हैं.उसे  कर इसकी सूचना से विभाग को अवगत कराने का आदेश निर्गत किया गया है.

         बता दें कि ए.एन.एम.बहाली की 2018 में बनाई गई थी.उक्त नियमावली को निरस्त करते हुए इसके स्थान पर बिहार महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता संवर्ग नियमावली 2023 के गठन की स्वीकृति दी है.इस संदर्भ में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने बताया कि राज्य में अब तक ए.एन.एम. की बहाली अंकों के आधार पर होती थी. यही नहीं इनका कैडर भी जिला कैडर होता था. इसमें संशोधन की आवश्यकता लंबे समय से महसूस हो रही थी.बिहार में ए.एन.एम. (ऑक्जिलरी नर्स मिडवाइफ) की बहाली अब लिखित परीक्षा से होगी. सरकार एएनएम का स्टेट कैडर भी बनाएगी ताकि आवश्यकता पड़ने पर इनका एक जिले से दूसरे जिले में तबादला भी किया जा सके.

             बिहार के नर्सिंग स्वास्थ्य सेवाएं के निदेशक प्रमुख डॉक्टर अनिल कुमार तिवारी है.उनका कहना है कि जून माह में ए.एन.एम.का स्थानांतरण से संबंधित कई परिवाद प्राप्त हो रहे हैं.मालूम हो कि स्वास्थ्य विभागीय अधिसूचना संख्या-904 (6),दिनांक 01.06.2023 द्वारा ए.एन.एम. का पद राज्य स्तरीय किया गया है.राज्य स्तरीय पद में क्षेत्रीय अपर निदेशक,स्वास्थ्य सेवाएं,बिहार,पटना एवं सिविल सर्जन स्थानांतरण करने के लिए सक्षम प्राधिकार नहीं है.

                इसके आलोक में निर्देश दिया जाता है कि अपने स्तर से ए.एन.एम.का स्थानांतरण से संबंधित कोई कार्रवाई नहीं किया जाए ताकि कोई परिवाद विभाग को प्राप्त हो.यदि आपके द्वारा कोई स्थानांतरण किया जाता है तो इसके लिए आप स्वयं जिम्मेवार जाने जाएंगे. यदि किसी कारण से जून माह में स्थानांतरण किया गया हो तो उसे तुरंत रद्द करने की कार्रवाई कर इसकी सूचना से विभाग को अवगत कराना भी सुनिश्चित किया जाए.

                डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि अब ए.एन.एम. की बहाली परीक्षा के आधार पर होगी. तकनीकी सेवा आयोग परीक्षा आयोजित करेगा. पूर्व में यह बहाली अंकों के आधार पर होती थी.एएनएम का स्टेट कैडर भी बनेगा.

              नई नियमावली प्रभावी होने के बाद एएनएम की जो भी नियुक्तियां होगी. नई नियमावली में किए गए प्रावधान के तहत होगी. बता दें कि राज्य में स्थायी एएनएम के 29479 पद स्वीकृत हैं.इनमें से 11824 पद रिक्त हैं. इन पदों के अलावा एएनएम के संविदा आधारित 11204 पद स्वीकृत हैं जिसके विरूद्ध 1584 पद पर ही संविदा एएनएम कार्यरत हैं.

               इस बीच बिहार में ऑक्जीलियरी नर्स मिडवाइफ ( एएनएम )  नियुक्ति, प्रोन्नति और सेवा शर्त नियमावली को स्वास्थ्य विभाग ने अधिसूचित कर दिया है. ए.एन.एम. की सीधी नियुक्ति लिखित परीक्षा के आधार पर बिहार तकनीकी सेवा आयोग के माध्यम से होगी. नियुक्ति में प्रतियोगिता परीक्षा के कुल 60 अंक शामिल किये जायेंगे. हालांकि पूरी मेधा सूची 100 अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी.

                   परीक्षा के अंकों के अलावा 15 अंक उच्चतर कोर्स के लिए निर्धारित किये गये है . उच्चतर डिग्री जी.एन.एम.होने पर उसे 10 अंक. बीएससी ( नर्सिंग ) पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग पास अभ्यर्थी को 15 अंक मिलेगा. शेष 25 अंक राज्य के अंदर स्थित सभी सरकारी या प्राइवेट (केंद्र सरकार, पंचायत, नगर निगम आदि) अस्पतालों में कार्य अनुभव के लिए प्रति वर्ष पांच अंक निर्धारित किये गये हैं.

           ए.एन.एम. की नियुक्ति के बाद उनकी वरीयता का निर्धारण भी तय कर दिया गया है. एएनएम की आपसी वरीयता आयोग द्वारा निर्धारित मेधा सूची के अनुसार निर्धारित की जाएगी. इसमें प्रोन्नति का सोपान भी तैयार किया गया है. एएनएम का पद मूल कोटि का है. यह पद संवर्ग के कुल स्वीकृत पद का 60 प्रतिशत होगा. प्रोन्नति के प्रथम सोपान में एएनएम वरीय महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता पद को धारण करेंगी. यह संवर्ग कुल स्वीकृत पद का 30 प्रतिशत होगा. इसके बाद वरीय महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता पद की प्रोन्नति का दूसरा सोपान महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता पर्यवेक्षिका का होगा. यह संवर्ग कुल स्वीकृत पद का 10 प्रतिशत होगा.

       नियमावली में विज्ञापन प्रकाशन वर्ष की पहली अगस्त को उम्र के अवधारणा के लिए कट ऑफ डेट माना जाएगा, नियुक्ति प्राधिकार द्वारा वर्ष की पहली अप्रैल की तिथि के आधार पर रिक्ति की गणना कर रोस्टर क्लीयरेंस कराकर आरक्षण कोटिवार अधियाचना बिहार तकनीकी चयन आयोग को 30 अप्रैल तक भेजी जाएगी, नियुक्ति के बाद परिवीक्षा (प्रोबेशन) की अवधि दो वर्षों की होगी. इस दौरान सेवा संतोषजनक नहीं पाये जाने की दशा में परिवीक्षा अवधि का विस्तार लिखित रूप से एक वर्ष तक के लिए किया जा सकेगा. ए.एन,एम.की नियुक्ति का प्राधिकार निदेशक प्रमुख को बनाया गया है.


आलोक कुमार

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