और अदना स्तर के पदाधिकारियों ने प्रार्थना स्थल को तोड़ दिया
इसके पूर्व रांची चर्च ऑफ नार्थ इंडिया (डायोसिस ऑफ छोटानागपुर) के प्रतिनिधियों से गहन रूप से जानकारी प्राप्त की.जानकारी देने वालों का कहना है कि इस जमीन को लेकर थाना बनाने का सपना अंचल पदाधिकारी और स्थानीय थाना प्रभारी पाल रखे थे.जिसको लेकर सीएनआई से जुड़े ईसाई समुदाय के लोगों ने झारखंड प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित सूबे के मंत्रियों को पत्र लिखा और उनसे विधानसभा में जाकर मुलाकात की.इस दौरान छोटानागपुर डायोसिस के बिशप बीबी बास्के द्वारा लिखित ज्ञापन भी सौंपा गया. जिसमें हजारीबाग के सेंट स्टीफन चर्च परिसर में सदर सीओ द्वारा ईसाई के धार्मिक चिन्ह को लात मारने व क्षतिग्रस्त करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज की गई. सौंपे पत्र में कहा गया कि 14 मार्च को सीओ बिना अनुमति के चर्च परिसर में आए और हमारे धार्मिक चिंह को पैर से मारकर तोड़ दिया और अनादर पूर्वक धार्मिक चिंह को उठाकर ले गए. ज्ञापन में कहा गया कि चर्च परिसर समीप बने प्रार्थना स्थल में कई वर्षों से धार्मिक चिन्ह स्थापित है और जिसका सुंदरीकरण व नवीनीकरण विगत लेंटकाल में किया गया. उक्त जमीन पर 180 वर्षों से चर्च का दखल है और उस जमीन को सरकारी स्तर से हथियाने का प्रयास हो रहा है.जबकि इस जमीन का उपयोग चर्च कलीसिया के विश्वासी किसी धार्मिक समारोह में एवं वाहनों की पार्किंग के रूप में करते आ रहे है.
एक सरकारी पदाधिकारी के द्वारा इस तरह कृत्य से मसीही समाज में रोष है. ज्ञापन में कहा गया कि उक्त जमीन कैसर हिंद की जमीन हैं, इसलिए विगत आठ अप्रैल 2024 को भी सेंट स्टीफन चर्च हजारीबाग पास्तेरेत कमेटी ने अपर समाहर्ता सदर हजारीबाग को पत्र लिखकर सीएनआई चर्च हजारीबाग के नाम से बंदोबस्त करने का अनुरोध भी किया था.सौंपे गए ज्ञापन में चर्च कमेटी ने अपने दावे से संबंधित दस्तावेज व साक्ष्य भी सीएम संहित अन्य मंत्रियों को उपलब्ध कराया हैं.
आलोक कुमार


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