बुधवार, 20 अप्रैल 2022

विजयोत्सव कार्यक्रम में शामिल होकर ऐतिहासिक पल का गवाह बनें


बेतिया से स्वीटी माइकल और पटना से आलोक कुमार की रिपोर्ट..

बेतिया.चलो बेतिया से जगदीशपुर, बाबू वीर कुँवर सिंह ने पुकारा है.यह कहना है राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य प्रतीक एडविन शर्मा का .उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि आइए हम सभी बाबू वीर कुंवर सिंह की धरती जगदीशपुर (आरा) में 23 अप्रैल को दिन शनिवार समय पूर्वाह्न 11ः00 बजे लाखों-लाख की संख्या में विजयोत्सव कार्यक्रम में शामिल होकर ऐतिहासिक पल का गवाह बनें.

वीर कुंवर सिंह जी के जयंती पर 23 अप्रैल को जगदीशपुर में होने वाले कार्यक्रम के संबंध में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा बेतिया की बैठक की गयी. इस आयोजन में अल्पसंख्यक मोर्चा के साथियों से अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया. भाजपा के माननीय प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल जी के कुशल नेतृत्व में हम सभी विश्व रिकॉर्ड का हिस्सा बनने जा रहे हैं.

मोर्चा के सम्मानित जिलाध्यक्ष बड़े भाई अब्दुर रहमान जी ने सबों को इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़ के हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया है. आज के वर्चुअल बैठक में इरफान अंसारी, एलेक्स लाजरूस, सलीम खान,राहुल डेनिस, विशाल सिरिल,सलमा खातून,एमएन मैन्युद्दीन आदि सम्मानित पदाधिकारी गण उपस्थित रहे.दीपेन्द्र सरार्फ,अखिलेश्वर सिंह,गौरव चौधरी का पूर्ण सहयोग मिल रही है.



मालूम हो कि 23 अप्रैल को भोजपुर के जगदीशपुर में बाबू वीर कुंवर सिंह की जयंती समारोह का आयोजन होना है, जिसमे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शरीक होंगे. बीजेपी इस कार्यक्रम की तैयारी में लगी है. गृह मंत्री के आगमन से पूर्व भाजपा भव्य तैयारियों में जुटी है. बाबू वीर कुंवर सिंह की स्मृति में भाजपा 101011 तिरंगा झंडा फहराने की तैयारी कर रही है. जगदीशपुर में तिरंगा के साथ लोगों का कुंभ लगेगा. बिहार के 14 जिलों के कार्यकर्ता तिरंगा कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचेंगे. भाजपा की कोर कमेटी में इस बाबत निर्णय भी लिया जा चुका है और इस योजना पर काम शुरू कर दिया गया है. पार्टी इस बार एक लाख से अधिक तिरंगा झंडा के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी कर रही है.   

1857 का संग्राम ब्रिटिश शासन के खिलाफ एक बड़ी और अहम घटना थी. इस क्रांति की शुरुआत 10 मई 1857 को मेरठ से हुई, जो धीरे-धीरे बाकी स्थानों पर फैल गई. वैसे तो संग्राम में कई लोगों ने अपनी जान की बाजी लगाई लेकिन अंग्रेजों के साथ लड़ते हुए अपने क्षेत्र को आजाद करने वाले एकमात्र नायक बाबू वीर कुंवर सिंह थे. उन्होंने 23 अप्रैल, 1858 को शाहाबाद क्षेत्र को अंग्रेजों के चंगुल से मुक्त कराया था. उन्होंने जगदीशपुर के अपने किले पर फतह पाई थी और ब्रिटिश झंडे को उतारकर अपना झंडा फहराया था. उसी आजादी का पारंपरिक विजयोत्सव दिवस 23 अप्रैल को मनाया जाता है.     


आलोक कुमार

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