बुधवार, 27 अप्रैल 2022

पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी के द्वारा कार्यों की सूक्ष्मता से जांच की गई


 बेतिया.पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी के द्वारा बेतिया सदर अंचल का निरीक्षण किया गया.ऑनलाइन भूमि दाखिल-खारिज, ऑनलाइन जमाबंदी का परिमार्जन/शुद्धिकरण, सरकारी भूमि/सार्वजनिक जल निकायों को अतिक्रमण मुक्त कराना, भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र, जाति/आवास एवं आय प्रमाण पत्र, लोक शिकायत निवारण अधिनियम, ऑपरेशन भूमि दखल दहानी, गृह स्थल/वास भूमि बंदोबस्ती, भू-मापी के अन्तर्गत अभिलेखों का निष्पादन सहित अन्य कार्यों की सूक्ष्मता से जांच की गई.


आमजन को किसी तरह के कार्यों के निष्पादन में नहीं परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखने पर बल दिया गया.विभागीय दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन करते हुए समयबद्ध तरीके से विभिन्न मामलों का निष्पादन कराने का निर्देश दिया गया. कार्य में लापरवाही, कोताही को लेकर हल्का कर्मचारी एवं कार्यालय लिपिक को शोकॉज, प्रपत्र-क गठित करने का निर्देश दिया गया.साथ ही लंबित मामलों के लिए अंचल अधिकारी, बेतिया सदर से भी स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया गया.राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी निर्देश के आलोक में आज दिनांक 27.04.2022 को समूचे जिले के 18 अंचलों में एक साथ जांच दल से गहन निरीक्षण कराया गया है. जिलाधिकारी, पश्चिमी चम्पारण, बेतिया, श्री कुंदन कुमार द्वारा बेतिया सदर अंचल का निरीक्षण किया गया तथा सूक्ष्मता के साथ विभिन्न कार्यों के कार्यान्वयन की जांच की गई.

जिलाधिकारी ने अंचल अधिकारी को निदेशित करते हुए कहा कि अंचल कार्यालयों में विभिन्न कार्यों से आने वाले व्यक्तियों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े, इसका विशेष ख्याल रखा जाय. विभागीय दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन करते हुए समयबद्ध तरीके से विभिन्न मामलों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन कराना सुनिश्चित किया जाय.उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने की स्थिति में त्वरित जाँच करायी जाएगी. जांचोपरांत दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई निश्चित है.

निरीक्षण के क्रम में विभिन्न लाभुकों के आवेदन पत्रों की जांच के क्रम में यह पाया गया कि हलका कर्मचारी नगर परिषद क्षेत्र द्वारा कार्य में लापरवाही एवं कोताही बरती गई है.अनावश्यक तरीके से दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन के मामलों को लंबित रखा गया है। त्रुटिपूर्ण प्रतिवेदन समर्पित किया गया है.जिलाधिकारी द्वारा हलका कर्मचारी को शोकॉज करने तथा प्रपत्र-क गठित करने के लिए निदेशित किया गया. इसी क्रम में सीमांकन के काफी पुराने मामले भी लंबित पाए गए.लंबित सभी मामलों में अंचल अमीन को एक सप्ताह में नापी करने का निर्देश दिया गया.साथ ही लंबित मामलों को अंचल अमीन के संज्ञान में नहीं लाने के लिए कार्यालय लिपिक श्री सत्येन्द्र श्रीवास्तव से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया गया.


निरीक्षण के दौरान ऑनलाइन भूमि दाखिल-खारिज, ऑनलाइन जमाबंदी का परिमार्जन/शुद्धिकरण, सरकारी भूमि/सार्वजनिक जल निकायों को अतिक्रमण मुक्त कराना, भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र, जाति/आवास एवं आय प्रमाण पत्र, लोक शिकायत निवारण अधिनियम, ऑपरेशन भूमि दखल दहानी, गृह स्थल/वास भूमि बंदोबस्ती, भू मापी के अन्तर्गत अभिलेखों का निष्पादन सहित अन्य कार्यों की सूक्ष्मता से की जांच की गई.

दाखिल-खारिज के तहत ऑनलाइन आवेदन करने से लेकर, शुद्धि पत्र निर्गमन एवं जमाबंदी सृजन तक की बारीक जानकारी उपस्थित पदाधिकारी एवं कर्मियों से ली गई, ताकि ज्ञात हो सके कि कार्यान्वयन की जानकारी इन्हें है अथवा नहीं. कई मामले निर्धारित तिथि के उपरांत भी लंबित पाए गए. लंबित अभिलेखों का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान छोटे-छोटे त्रुटियों के निराकरण के लिए मामले को लंबित रखना पाया गया. राजस्व कर्मचारी को सभी मामलों में स्पष्ट मंतव्ययुक्त प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया.लंबित सभी मामलों का एक सप्ताह के अंदर गुणवत्तापूर्ण एवं विधि अनुकूल तरीके से निष्पादन करने का निर्देश दिया गया. इसी दौरान आवेदकों के द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाईल नम्बर पर सम्पर्क करते हुए उनका फीडबैक भी लिया गया.निरीक्षण के क्रम में यह भी पाया गया कि कई आवेदन परिमार्जन के कारण लंबित हैं, जबकि उसी राजस्व कर्मचारी एवं अंचल अधिकारी को सुओ-मोटो परिमार्जन करने की शक्ति प्राप्त है. मात्र इस कार्य के लिए एक लंबी अवधि से आवेदन का लंबित रखने को जिलाधिकारी के द्वारा गंभीरता से लिया गया एवं सुओ-मोटो तरीके से ऐसे मामलों में त्वरित परिमार्जन करने का निर्देश दिया गया.

जमाबंदी के डिजिटाइजेशन एवं परिमार्जन से संबंधित लंबित मामलों का भी निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान कई मामले लंबित पाए गए. सभी मामलों का एक सप्ताह में निष्पादन करने का निर्देश अंचल अधिकारी, बेतिया सदर को दिया गया। जिलाधिकारी के द्वारा विभागीय सभी बिंदुओं का ध्यान रखते हुए निष्पादन करने का निर्देश दिया गया.

निरीक्षण के दौरान कई प्रकार की तकनीकी समस्या यथा बंटवारा संबंधी दाखिल-खारिज के मामलों में बंटवारा करने वाले लाभुकों का नाम इन्द्राज ना कर क्रेता एवं विक्रेता के नामों को ओवदकों को इन्द्राज करना पड़ता है। इसी प्रकार से दाखिल-खारिज स्वीकृति संबंधी आदेश फलक में भूमि प्राप्ति का श्रोत इन्द्राज करने का ऑप्शन नहीं दिखाई देता है. इत्यादि समस्याएं बताई गई. जिला पदाधिकारी द्वारा इन सुझावों से विभाग को अवगत कराने का आश्वासन दिया गया. इसी प्रकार से विभागीय पोर्टल के प्रतिवेदन संबंधी टैब में भी सुधार करने के कई सुझावों से अवगत कराया गया.

निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि दाखिल-खारिज के उपरांत ऑनलाईन जमाबंदी सृजित तो हो रहा है, लेकिन राजस्व कर्मचारी के द्वारा भौतिक रूप से पंजी-02 में उसका संधारण नहीं किया जा रहा है. जिलाधिकारी के द्वारा इसे काफी गंभीरता से लिया गया तथा अंचल अधिकारी को इसे कैंप मोड में सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया.

जिलाधिकारी के द्वारा निरीक्षण के क्रम में बेदखली के मामलों की भी समीक्षा की गई. अंचल अधिकारी के द्वारा मात्र एक मामला प्रतिवेदित किया गया, जिस पर विश्वास नहीं किया जा सकता है. जिला पदाधिकारी ने बताया गया कि प्रतिदिन काफी संख्या में लोग बेदखली का मामला लेकर उनसे मुलाकात करते हैं, जिन्हें अंचल अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा जाता है. जिला पदाधिकारी द्वारा सभी आवेदनों की पुनः समीक्षा करते हुए, मामलों का विधि-सम्मत तरीके से निष्पादन करने का निर्देश दिया गया. इसी प्रकार से लोक भूमि अतिक्रमण एवं जल निकायों के अतिक्रमण से संबंधित मामलों का भी सर्वेक्षण कराते हुए अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया गया.

इसी दौरान जिलाधिकारी द्वारा अंचल कार्यालय अवस्थित आर.टी.पी.एस. काउण्टर का भी निरीक्षण किया गया एवं उपस्थित कम्प्यूटर ऑपरेटर, आई.टी. सहायकों को बिल्कुल पारदर्शी तरीके से एवं समयबद्ध तरीके से मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया गया.अंचल अधिकारी, बेतिया सदर के द्वारा नक्शा का प्रिंट देने वाले प्लाटर के खराब होने की जानकारी दी गई तथा बताया गया कि प्लॉटर कैनन कंपनी का है और हार्डवेयर में समस्या है.जिलाधिकारी के द्वारा आपूर्ति करने वाली एजेंसी से सम्पर्क करते हुए शीघ्र प्लॉटर की मरम्मति कराने का निदेश दिया गया, ताकि आम जन को समस्या का सामना नहीं करना पड़े.जिलाधिकारी ने कहा कि आम जनों को सुविधापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके, इसे सुनिश्चित कराया जाना है.

आलोक कुमार

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