रविवार, 21 मई 2023

माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य आज पहुंचे सरासत, माले के कई विधायक रहे उपस्थित

  *भारत धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है, हिंदू राष्ट्र की बात करना संविधान विरोधी कदम


*माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य आज पहुंचे सरासत, माले के कई विधायक रहे उपस्थित

नौबतपुर. माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि यह समझना मुश्किल नहीं है कि वे कौन लोग हैं जो डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं. ये वही लोग हैं जो भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का सपना देख रहे हैं. यह बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर हमला नहीं बल्कि उनके विचारों और संविधान पर हमला है. डॉक्टर अंबेडकर समतामूलक और धर्मनिरपेक्ष समाज की बात करते थे, यह उन विचारों पर हमला है. 

      यह बातें उन्होंने आज नौबतपुर के सरासत गांव का दौरा के क्रम में आयोजित जनसभा में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कही. इसके पूर्व नौबतपुर से लाल और नीले झंडे के साथ बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता और आम लोगों ने सरासत गांव का दौरा किया, जहां कुछ दिन पहले डॉक्टर अंबेडकर की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था. मार्च में उनके अलावा पार्टी के जिला सचिव अमर, पूर्व सांसद रामेश्वर प्रसाद, फुलवारी विधायक गोपाल रविदास, पालीगंज विधायक संदीप सौरभ, केंद्रीय कमिटी सदस्य कुमार परवेज सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नेता और कार्यकर्ता शामिल थे. 

       माले महासचिव ने कहा कि कुछ दिन पहले इस इलाके में एक बाबा आए थे. उनकी बात भाजपा से मिलती है. भाजपा भी हिंदू राष्ट्र की बात करती है और बाबा भी हिंदू राष्ट्रवाद पर उन्माद पैदा करके गए. उसी के बाद सरासत गांव की घटना को अंजाम दिया गया. भाजपा बिहार में उन्माद उन्माद फैलाकर 2024 का चुनाव जीतना चाहती है, लेकिन याद रखना चाहिए बिहार बुद्ध के जमाने से सामाजिक बदलाव की धरती रही है. यहां से हिंदू राष्ट्र का उद्घोष नहीं बल्कि 2024 के चुनाव में केंद्र की सत्ता से मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने का संदेश जा रहा है. 

उन्होंने इसके पहले सिवान के दरौली में बीडीओ द्वारा डॉ. अंबेडकर की मूर्ति स्थापित करने के लिए बने चबूतरे को तोड़ देने की घटना का भी ज़िक्र किया. कहा कि उस घटना के खिलाफ सिवान में माले विधायकों ने दो दिवसीय उपवास भी किया. यह देखा जा रहा है कि आज जगह-जगह बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों को निशाना बनाकर लोकतंत्र व संविधान विरोधी ताकतें बिहार में जबरदस्त रूप से सक्रिय हो रही हैं. बिहार सरकार को ऐसे तत्वों पर कार्रवाई करनी चाहिए. 

           मौके पर विधायक गोपाल रविदास ने कहा कि धर्मगुरू धीरेन्द्र शास्त्री द्वारा नौबतपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ही बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को  तोड़ा गया बाबा साहेब ने संविधान दिया जिसके मूल में समतामूलक समाज का निर्माण करना है. आज कुछ लोग हिंदू राष्ट्र की असंवैधानिक मांग कर रहे हैं जो कि ग़ैर बराबरी पर आधारित है. हम इसे कभी स्वीकार नहीं कर सकते हैं. बाबा साहेब एक विचार हैं जिसे मिटाना नामुमकिन है. उन्होंने मांग की कि इस मामले में राज्य सरकार पहल करे और दोषियों को गिरफ्तार करते हुए मूर्ति की पुनः स्थापना की जाए. 

           विदित हो कि नौबतपुर के तरेत पाली में तथाकथित बाबा बागेश्वर के मंच से हिंदू राष्ट्र की असंवैधानिक मांग उठाई गई. धर्म के नाम पर भाजपा की नफरती राजनीति को बढ़ावा देने वाले ऐसे वक्तव्यों के बाद ही अंबेडकर की मूर्ति को तोड़ डालने की घटना घटित हुई है. अतः इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि बाबा बागेश्वर के प्रवचन के बाद उन्माद में आकर असामाजिक तत्वों ने ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया है. 

             कार्यक्रम में जयप्रकाश पासवान , सत्यनारायण प्रसाद, माधुरी गुप्ता, कमलेश राम, पप्पू शर्मा, ललन सिंह, महेश यादव, सरासत निवासी धीरेन्द्र कुमार, अदला पंचायत के मुखिया पति इंदुभूषण, कृपा नारायण सिंह, महेश यादव, साधु शरण, शंकर पासवान, अमरसेन दास, पंचम मांझी आदि शामिल थे.


आलोक कुमार  

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