अपनी पत्नी के निधन पर रक्तदान अर्पण शिविर आयोजित कर महादान की शानदार पहल शुरू कर दी
जमुई। अभी तक सर्वज्ञात था कि लोग जन्मदिन और वैवाहिक सालगिरह के अवसर पर रक्तदान करके महादान करते थे। अब समय बदल गया है। इस क्षेत्र में रहने वाले विनोद मंडल ने अपनी पत्नी के निधन पर रक्तदान अर्पण शिविर आयोजित कर महादान की शानदार पहल शुरू कर दी है. इस अवसर पर तकरीबन 40 से अधिक युवाओं ने रक्त अर्पण शिविर में आकर अंजू कुमारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
बता दें कि गुर्दा (किडनी) शरीर का एक जरूरी अंग है। ये मानव शरीर के निचले हिस्से में होता है। ये मानव खून की सफाई करते हैं और आपके शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालते हैं। किडनी आपके मूत्राशय में विषाक्त पदार्थों को भेजती है, जिसे आपका शरीर बाद में पेशाब के दौरान विषाक्त पदार्थों को निकालता है। पर गुर्दे से जुड़ी कोई भी बीमारी इसके काम काज को प्रभावित कर सकती है। अंजू कुमारी किडनी रोग के शिकार हो गयी। अंजू कुमारी की दोनों किडनी फेल्योर हो गई। जब आपके गुर्दे आपके ब्लड से वेस्ट चीजों को पर्याप्त रूप से फिल्टर करने की क्षमता खो देते हैं। उसे लगातार डायलिसिस पर रखा गया। जो सफल नहीं हो सका। अंनतः अंजू कुमारी का निधन हो गया। वह एक बच्ची को छोड़ गयी।
रक्त के अभाव में किसी व्यक्ति की मौत न हो उसके प्रति सचेत रहने वाली गैर सरकारी संस्था प्रबोध जन सेवा संस्थान की इकाई मानव रक्षक रक्तदाता परिवार,जमुई द्वारा रक्तदाता मिलन सह स्वैच्छिक रक्तदाता शिविर आयोजित की गई। शिविर का उदघाटन जिलाधिकारी राकेश कुमार, सिविल सर्जन डॉ. महेन्द्र प्रताप, डीएस डॉ सैयद नौशाद अहमद, सुदर्शन सिंह एवं संस्थान सचिव सुमन सौरभ द्वारा संयुक्त रूप से की गई।
शिविर की शुरुआत रक्तवीर विनोद मंडल के पत्नी के तस्वीर पर पुष्पर्पित कर की गई। इस दौरान स्मृतिशेष अंजू कुमारी के निधन पर तकरीबन 40 से अधिक युवाओं ने रक्त अर्पण श्रद्धांजलि दी। वहीं, अधिकारियों ने रक्तदाताओं के बीच प्रोत्साहन प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
डीएम राकेश कुमार ने संस्थान के क्रियाकलापों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान महादान है। इससे लोगों को जीवनदान मिलता है।डीएम ने रक्तवीरों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि, हर सक्षम लोगों को रक्तदान अवश्य करना चाहिए। वहीं, संस्थान सचिव सुमन सौरभ, रक्तवीर अनुराग सिंह,शिवजीत सिंह, रोशन सिंह, सौरभ मिश्र, रॉकी, सचिन कुमार आदि ने बताया कि पत्नी के निधन पर आयोजित हुआ ये शिविर एक सामाजिक चेतना का आगाज है,ताकि समाज के अंतिम वर्ग रक्तदान की महत्ता समझते हुए संस्थान के उद्देश्य को सार्थक कर सके। शिविर के अंतिम कड़ी में सिविल सर्जन व डी एस ने भी संस्थान के सकारात्मक कार्यशैली की प्रसंशा करते हुए रक्तवीरों के बीच प्रमाण पत्र का वितरण किया। वहीं, शिविर के मौके पर सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।आलोक कुमार





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