धृतराष्ट्र ने हस्तिनापुर को अपना परिवार समझता था:डा0 अखिलेश
पटना। बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश को अपना परिवार समझने वाले बयान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मोदी को बपना परिवार बसाना ही नहीं आया उनको तो परिवार को छोड़ने की आदत है। अगर मोदी देश को वास्तव में परिवार समझते हैं तो परिवार की चिंता करना भी उनको देखना चाहिए।
आगे कहा कि परिवार को बेहाल करके खुद वास्कोडिगामा की तरह विश्व भ्रमण नहीं करना चाहिए। मैं पूछना चाहता हूँ कि क्या मणिपुर के जिन महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाया गया वह इस परिवार की इज्जत नहीं थी। महिला पहलवानों को भी मोदी जी बेटी कहा था लेकिन उन्हीं के पार्टी के सांसद जब उन बेटियों की इज्जत पर हाथ डाल रहा था तो मोदी जी की पुलिस ने उन बेटियों पर लाठियां बरसाईं, तब मोदी धृतराष्ट्र क्यों हो गए? धृतराष्ट्र ने हस्तिनापुर को अपना परिवार कहता था लेकिन द्रौपदी का चीरहरण होने दिया, हर तरह का अन्याय, अनैतिकता और सत्ता के दुरुपयोग कर विरोधियों को कुचलने का नापाक खेल चलता रहा, वह आज हो रहा है। लेकिन उनको याद होना चाहिए कि जिस तरह कौरवों का विनाश हुआ ठीक उसी तरह भाजपा का भी विनाश तय है।
अगर देश को मोदी वास्तव में अपना परिवार समझते हैं तो देशवासियों की आह उनको जरूर लगेगी। अगर देश को परिवार समझते तो भूख से बिलखते बच्चों की चीख उनको जरूर सुनाई नहीं देती और भूख मिटाने वाले अन्नदाता किसानों को कुचलने के लिए मोदी रोड पर कील नहीं ठुकवाते और उनके रास्ते में पत्थरों का पहाड़ खड़ा नहीं करवाते। वही हाल नौजवानों का है। देश का भविष्य बेरोजगारी से बेहाल है और मोदी दो करोड़ सालाना नौकरी का झाँसा देते रहे। देश का नौजवान, महिला और किसान इस क्रूर मजाक का बदला जरूर लेंगे।
आलोक कुमार
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