रविवार, 12 अक्टूबर 2025

बिहार में उभरते क्रिकेटरों में वैभव सूर्यवंशी के अलावे अनेक प्लेयर हैं

 बिहार में उभरते क्रिकेटरों में वैभव सूर्यवंशी के अलावे अनेक प्लेयर हैं

           बिहार क्रिकेट: लगातार गिरावट की कहानी


पटना .बिहार क्रिकेट के प्रशंसकों के लिए ये खबर बेहद निराशाजनक है कि रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में टीम एलीट ग्रुप से बाहर होकर फिर से प्लेट ग्रुप में लौट गई है. कभी उम्मीदों की नई सुबह के साथ रणजी में वापसी करने वाली यह टीम अब लगातार गिरावट का शिकार बनती जा रही है. 2018 में बिहार को रणजी में दोबारा मान्यता मिली थी. प्लेट ग्रुप में शानदार प्रदर्शन कर एलीट ग्रुप तक का सफर तय करने वाली टीम से क्रिकेट प्रेमियों को बड़ी उम्मीदें थीं.

      लेकिन इन सात वर्षों में बिहार क्रिकेट की तस्वीर में सुधार के बजाय गिरावट ही दिखी है. रणजी 2025-26 के पूरे सीजन में भी बिहार किसी तरह एलीट ग्रुप में टिकी रही थी, मगर इस बार केरल के खिलाफ शर्मनाक हार ने उस संभावना को भी खत्म कर दिया. चार दिन के मैच में कुछ ही घंटों में दो बार ऑल आउट होना न केवल तकनीकी कमजोरी को उजागर करता है, बल्कि मानसिक तैयारी और टीम संयोजन की कमी को भी दिखाता है. सात में से पाँच मैच पारी से हराया इस बात का प्रमाण है कि बिहार की रणजी टीम में न बल्लेबाजी का भरोसा है और न गेंदबाजी की निरंतरता.रणजी ट्रॉफी के नए सीजन में बिहार फिर से प्लेट ग्रुप में खेलेगी. जहां उसका सामना अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मणिपुर, मेघालय और मिजोरम जैसी टीमों से होगा.दये मुकाबले बिहार के लिए आत्ममंथन का मौका होंगे.सिर्फ हार-जीत नहीं, बल्कि यह समय है यह समझने का कि क्या बिहार क्रिकेट संरचना में सुधार की जरूरत है, क्या प्रतिभाओं को सही अवसर मिल रहे हैं, और क्या राज्य क्रिकेट संघ में पारदर्शिता व योजना की कमी इस पतन की वजह बन रही है. अब जबकि बिहार 15 अक्टूबर से अपने नए सफर की शुरुआत मोइन-उल-हक स्टेडियम, पटना में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ करेगा, उम्मीद यही की जानी चाहिए कि यह गिरावट का नहीं, बल्कि पुनरुत्थान का आरंभ बने. बिहार क्रिकेट को अब आत्मसम्मान बचाने से आगे बढ़कर एक नई पहचान गढ़नी होगी..

     ऑस्ट्रेलिया  दौरा से वैभव सूर्यवंशी बिहार आ गये हैं.इस समय उनके हाथ से एक बड़ा मौका हाथ से निकल रहा है. वैभव को इस रणजी ट्रॉफी में बिहार टीम की तरफ से खेलने का मौका मिल सकता था, लेकिन बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (ठब्।) में सीनियर सिलेक्शन पैनल में तीन स्लॉट खाली हैं. इन पदों पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने किसी की नियुक्ति नहीं की है. इन पदों पर जब तक ठब्ब्प् नियुक्ति नहीं करती है, तब बिहार की रणजी ट्रॉफी टीम चयन करने के लिए सेलेक्टर्स नहीं मिलेंगे और सेलेक्शन कमेटी में जब तक लोग ही नहीं होंगे, तब तक वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल नहीं किया जा सकता है.

  वैभव सूर्यवंशी पिछले एक साल से बेहकर फॉर्म में नजर आ रहे हैं. बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी का अगला सीजन 15 अक्टूबर के बाद से शुरू हो रहा है. बीसीए की सेलेक्शन कमेटी में तब तक भर्ती नहीं होती है तो वैभव सूर्यवंशी को इस बार रणजी ट्रॉफी में खेलने का मौका नहीं मिलेगा. वैभव ने अंडर-19 डेब्यू में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच में 62 गेंदों में 104 रन बनाए थे. इसी के साथ वे भारत के लिए टेस्ट में सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए. 14 साल की उम्र में ही वैभव ने आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स के लिए डेब्यू किया और आईपीएल में भी वे 35 गेंदों में सेंचुरी ठोकर सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गए.

आलोक कुमार

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

welcome your comment on https://chingariprimenews.blogspot.com/

The Configure Featured Post option in Blogger allows you to highlight a selected post prominently on

How to Configure Popular Posts in Blogger The Popular Posts widget highlights your most viewed post