शुक्रवार, 31 अक्टूबर 2025

मोकामा सीट अपनी ऐतिहासिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि

 पटना.मोकामा सीट अपनी ऐतिहासिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ बाहुबलियों के प्रभाव के लिए जानी जाती है. बाहुबली नेता अनंत सिंह यहां से कई बार विधायक रह चुके हैं. गंगा नदी के दक्षिण में बसे इस क्षेत्र में घोसवरी, मोकामा और पंडारक प्रखंड के कुछ गांव शामिल हैं. आगामी 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में मोकामा सीट पर कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है, क्योंकि जातीय समीकरण और बाहुबली प्रभाव इस क्षेत्र की राजनीति को आकार देते हैं.

            बिहार में चुनाव हो रहा है.कुल 243 सीटों पर चुनाव होना है.चुनाव दो चरणों में होना है.पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा 11 नवंबर हो है.चुनाव परिणाम 14 नवंबर को आएगा.बिहार के लोगों की नजर मोकामा विधानसभा पर जा ठीक गयी है.भूमिहार बहुल मोकामा विधानसभा सीट पर इस बार दो बाहुबलियों की भिड़ंत होने वाली है. मोकामा के छोटे सरकार जदयू से चुनाव लड़ रहे हैं, तो सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी ने राजद के टिकट पर परचा भर दिया है. चुनाव भले वीणा लड़ रहीं हों, लेकिन मुकाबला अनंत सिंह बनाम सूरजभान सिंह ही बताया जा रहा है.अब दोनों बाहुबलि पसंद नहीं करते हैं कि बाहुबलि  कहा जाए.अब जनता ही बाहुबली है.

        बिहार विधानसभा चुनाव में मोकामा विधानसभा क्षेत्र की अलग अहमियत होती है. मोकामा विधानसभा क्षेत्र और ‘बाहुबली’ अनंत सिंह राजनीतिक रूप से एक-दूसरे के पर्याय माने जाते हैं. इस बार ‘छोटे सरकार’ को उनके ही गढ़ में शिकस्त देने के लिए वीणा देवी मैदान में तर गयीं हैं. वीणा देवी ‘बाहुबली’ सूरजभान सिंह की पत्नी हैं. वह कहते हैं कि जनता ने एक बार मौका दिया, तो वह मोकामा की तस्वीर बदल देंगी. ठीक वैसे ही, जैसे अपने पति सूरजभान सिंह के व्यक्तित्व को बदल दिया.

  मोकामा विधानसभा क्षेत्र दिलीप सिंह का क्षेत्र रहा है.अनंत सिंह के भाई दिलीप सिंह 1990 से एकतरफा चुनाव जीतते थे.उनको बाहुबलि  सूरजभान सिंह ने 2000 में पराजित कर बिहार विधानसभा में पहुंचे.उसके बाद सूरजभान सिंह 2004 में उत्तर प्रदेश से लोकसभा का चुनाव लड़े और लोकसभा में पहुंचे.बाहुबलि अनंत सिंह 2005 में बिहार विधानसभा का चुनाव लड़े और विधायक बन गए.तब से अनंत सिंह का सीट बनकर रह गया.लोकसभा चुनाव के एक साल बाद बिहार में हुए विधानसभा चुनाव 2020 में अनंत सिंह उर्फ छोटे सरकार ने राजद के टिकट पर मोकामा सीट पर जीत दर्ज की थी. वर्ष 2022 में एक आपराधिक मामले में सजा होने के बाद उनकी सदस्यता समाप्त हो गयी. इसके बाद उनकी पत्नी नीलम देवी ने उपचुनाव जीता और बाद में जदयू में शामिल हो गयी. इस बार अनंत सिंह जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. 2025 में खुद अनंत सिंह मैदान में हैं.उनके सामने सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी चुनौती दे रही हैं.


आलोक कुमार

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