शनिवार, 2 जनवरी 2016

बेतिया धर्मप्रांत में जल्द से जल्द बिशप नियुक्त हो

धर्मगुरू का गिरजाघर

भारत और नेपाल का धर्मगुरू

भारत और नेपाल के नानशियों हैं दिल्ली में रहते

बेतिया मूल के फादर मनीष ओस्ता,येसु समाजी को
बेतिया धर्मप्रांत के बिशप नियुक्त करें

पटना।मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के विभाजन के बाद बना बेतिया धर्मप्रांत।रायपुर धर्मप्रांत से बुलाकर विक्टर हेनरी ठाकुर को बनाया प्रथम धर्माध्यक्ष।बिशप विक्टर हेनरी ठाकुर 27 जून, 1998 से 3 जुलाई, 2013 तक कार्यशील रहे। मात्रः 5 साल कार्य करने के बाद कॉल आया रायपुर से। यहां से विदा होने वाले को पदोन्नत कर बिशप विक्टर को आर्कबिशप रायपुर महाधर्मप्रांत के बनाया गया। इस तरह 270 साल पुराना बेतिया पल्ली/धर्मप्रांत में 2 साल 6 माह से बिशप नहीं है। रोमन कैथोलिक के अधिकारियों ने येसु समाजी फादर लौरेंस पास्कल को प्रशासक बनाकर धर्मप्रांत का कार्य निपटारा करवाया जा रहा है। इस संदर्भ में पटना महाधर्मप्रांत के आर्कबिशप विलियम डिसूजा का कहना है कि मेरे अधिकार क्षेत्र से बाहर की बात है बिशप को नियुक्त करना। दिल्ली में रहने वाले नानशियों निर्णय लेते हैं। रोम से शासित करने वाले संत पिता फ्रांसिस के नानशियों दिल्ली में रहते हैं। इनको धर्मदूत कहा जाता है। इस बाबत प्रक्रिया जारी है।

मराना दी नेपॉली (इटली) में है। सालवाटोवोर पन्नाच्चिहीवो का जन्म 7 सितम्बर 1952 को हुआ है।  इनका पुरोहिताभिषेक 18 सितंबर 1976 को हुआ। 28 नवंबर 1998 को आर्कबिशप बने। 6 जनवरी 1999 मेंटेमारानों के आर्कबिशप और रवांडा के अपोस्टोलिक नानशियों बने। 20 सितंबर, 2003 को पोप जॉन पॉल द्वितीय को धन्यघोषित वाले पवित्र मिस्सा अर्पित किए थे। 8 मई,2010 में भारत और नेपाल के धर्मदूत बने। Apostolic Nunciature, 50-C Niti Marg,Chanakyapuri, New Delhi 110 021Tel. 011- 42492300, 
Fax.011–26874286 Email: nuntius@apostolicnunciatureindia.com
Website: 
www.apostolicnunciatureindia.com 

बेतिया मूल के ईसाई समुदाय ने धर्मदूत से आग्रह किए हैं कि बेतिया मूल के फादर मनीष ओस्ता,येसु समाजी को बेतिया धर्मप्रांत के बिशप नियुक्त करें। अभी संत जेवियर उच्च विघालय, पटना के सहायक प्राचार्य हैं येसु समाजी फादर मनीष ओस्ता।

आलोक कुमार

मखदुमपुर बगीचा,दीघा घाट,पटना।

आपका नूतन वर्ष मंगलमय हो!

आपका  नूतन वर्ष मंगलमय हो! धन और यश बढ़े

सोमवार, 24 अगस्त 2015

महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति अभियोजन की अनुमति देकर न्याय को शक्ति दें



पटना .निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार मिश्र द्वारा महामहिम के प्रधान सचिव को निगरानी थाना कांड संख्या 10/2015 में नामजद अभियुक्त कुलपति, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा,  डॉ द्विजेंद्र गुप्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 19 एवं 1988 की धारा 197 दप्रस में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (2) सह पठित धारा 13 (1) (डी) 1988 एवं धारा 409, 420, 467, 468, 477 (), 34/120 (बी) भादवि के तहत अभियोजन की अनुमति के लिए अनुरोध किया गया है. विदित हो कि श्री द्विजेन्द्र गुप्ता ने लगभग डेढ़ करोड़ रूपए की Public Money का लूट किया है तथा अपने ऊँचे संपर्कों के कारण अब तक क़ानून से बचने का प्रयास करते रहे हैं. महामहिम से सादर प्रार्थना है कि इस मामले में अभियोजन की अनुमति देकर न्याय को शक्ति दें.

शिव प्रकाश राय 
अध्यक्ष  (नागरिक अधिकार मंच, बिहार),
चरित्रवन, धोबीघाट,
बक्सर (बिहार), ८०२१०१ 
मोबाईल नंबर- 9931290702


शुक्रवार, 21 अगस्त 2015

इसे विपक्षी के द्वारा चुनावी रसगुल्ला परोसना करार दिया

बिहार के 21 जिलों को पिछड़े इलाके के रूप में अधिसूचित किया

पटना। पी.एम.नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को विशेष पैकेज के रूप में एक लाख करोड़ का तोहफा दिया। वहीं बुधवार को केन्द्र सरकार ने बिहार में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से राज्य के 21 जिलों को पिछडे इलाके के रूप में अधिसूचित किया है जिससे उन क्षेत्रों में विनिर्माण इकाई या उद्योग लगाने पर कर में 35 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। बिहार की दशा और दिशा में तरक्की लाने के क्रम में केन्द्र सरकार के द्वारा सुविधाओं को पहुंचायी जा रही है। इसे विपक्षी के द्वारा चुनावी रसगुल्ला परोसना करार दिया है। इन नेताओं का कहना है कि अगर एन.डी.ए. सरकार बिहार की तरक्की के प्रति कटिबद्ध है। तो सत्तासीन होने के 2014 के कुछ माह के अंदर लागू कर दिया जाता। इससे बिहारियों को अधिक फायदा हो जाता।

वित्त मंत्रालय ने आज यहां बताया कि वित्त  अधिनियम 2015 के जरिए आयकर अधिनियम 1961 को संशेाधित कर बिहार के लिए ये प्रावधान किये गये हैं। राज्य के उन 21 जिलो में 01 अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2020 के दौरान जो भी विनिर्माण इकाई या उद्यम लगाए जाएंगे उन्हें आयकर अधिनियम की धारा 32 (1) (आईआईए) के तहत 15 प्रतिशत अतिरिक्त  मूल्य ह्रास और धारा 32 ए डी के तहत 15 प्रतिशत निवेश भत्ता मिलेगा। यह लाभ आवश्यक मशीनों को लगाने और संयंत्र की लागत पर दिया जाएगा। ये सारे प्रोत्साहन आयकर अधिनियम के अंतर्गत उपलब्ध अन्य कर लाभों के अतिरिक्त हैं।

इस तरह निर्धारित अवधि के अंतर्गत इन क्षेत्रों में जो भी निर्माण इकाईयां और उद्योग लगाए जाएंगे उन्हें  20 प्रतिशत के स्थान पर 35 प्रतिशत का अतिरिक्त  मूल्यो ह्रास प्रदान किया जाएगा। यह 15 प्रतिशत के सामान्य मूल्य ह्रास से अधिक है। इसके अलावा जो कम्पनी 25 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से विनिर्माण उद्यम लगायेगी उसे भी 01 अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2017 के दौरान नये संयंत्र और मशीनरी के लिए निवेश पर 15 प्रतिशत के स्थान पर 30 प्रतिशत का निवेश भत्ता मिलेगा।

वित्त अधिनियम, 2015 के जरिए आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों में संशोधन किया गया है, ताकि बिहार सहित चिन्हित राज्यों में अधिसूचित पिछड़े इलाकों को कर लाभ प्राप्त हो सके और उनके विकास में गति आ सके। संशोधन के अनुरूप बिहार के 21 जिलों को पिछड़े इलाके के रूप में अधिसूचित किया गया है, जिनमें पटना, नालंदा, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, गया, जहानाबाद, औरंगाबाद, नवादा, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, जमुई, लखीसराय, सुपौल और मुजफ्फरपुर शामिल है।


आलोक कुमार

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