Bihar:डुमराँव पल्ली का 70वाँ स्थापना दिवस
डुमराँव पल्ली का 70वाँ स्थापना दिवस एवं प्रभु येसु ख्रीस्त का स्वर्गारोहण पर्व समारोह – एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक अवसर
बक्सर धर्मप्रांत के अंतर्गत स्थित डुमराँव पल्ली इस वर्ष एक अत्यंत विशेष और ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनने जा रही है। यह पल्ली, जिसकी स्थापना वर्ष 1956 में की गई थी, अपने 70वें स्थापना वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। इस पावन अवसर को और भी गरिमामय बनाने के लिए पल्ली समुदाय द्वारा भव्य पल्ली दिवस समारोह का आयोजन किया गया है, जो प्रभु येसु ख्रीस्त के स्वर्गारोहण पर्व के साथ संयुक्त रूप से मनाया जाएगा। यह अवसर न केवल डुमराँव पल्ली के विश्वास जीवन की यात्रा का उत्सव है, बल्कि ईश्वर के प्रति कृतज्ञता, एकता और आध्यात्मिक नवीनीकरण का भी प्रतीक है।
डुमराँव पल्ली के वर्तमान पल्ली पुरोहित फादर विजय भास्कर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष का पल्ली दिवस दो दिवसीय उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन समस्त पल्लीवासियों, धार्मिक समुदायों और अतिथियों के लिए आध्यात्मिक आनंद और सहभागिता का अद्भुत अवसर होगा। फादर विजय भास्कर ने सभी विश्वासियों से आग्रह किया है कि वे इस पवित्र आयोजन में सम्मिलित होकर पल्ली की आत्मिक प्रगति और एकता को और अधिक मजबूत करें।
कार्यक्रम की शुरुआत शनिवार, 16 मई 2026 को भव्य रूप से होगी। इस दिन शाम 5:30 बजे माला जप (रोज़री प्रार्थना) के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा। इसके पश्चात एक पवित्र जुलूस निकाला जाएगा, जिसमें पल्ली के विश्वासियों द्वारा भक्ति, प्रार्थना और स्तुति के साथ प्रभु येसु की महिमा का गुणगान किया जाएगा। यह जुलूस पल्ली की एकता, आस्था और परंपरा का जीवंत प्रतीक होगा, जिसमें बच्चे, युवा, वृद्ध और धार्मिक बहनें सभी उत्साहपूर्वक भाग लेंगे।
इसके बाद शाम 6:00 बजे से पवित्र यूखरिस्ट समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस पवित्र मिस्सा बलिदान की अध्यक्षता परम पूज्य फादर विमल किशोर एसजे करेंगे, जो पटना प्रांत के प्रांतीय (Provincial) हैं। उनकी उपस्थिति इस समारोह को और अधिक आध्यात्मिक गहराई प्रदान करेगी। यूखरिस्ट के दौरान विश्वासियों को प्रभु येसु ख्रीस्त के स्वर्गारोहण के रहस्य पर मनन करने का अवसर मिलेगा, जो हमें यह स्मरण कराता है कि प्रभु स्वर्ग में जाकर भी अपने अनुयायियों के साथ आत्मिक रूप से सदैव उपस्थित रहते हैं।
यूखरिस्ट समारोह के पश्चात रात्रि 8:00 बजे अगापे भोज का आयोजन किया जाएगा। यह भोज केवल भोजन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि प्रेम, भाईचारे और समुदायिक एकता का उत्सव है। इसमें सभी पल्लीवासी एक साथ बैठकर आनंद, प्रेम और आपसी सहभागिता का अनुभव करेंगे। यह अवसर पल्ली जीवन की उस भावना को दर्शाता है जिसमें सभी लोग एक ही आध्यात्मिक परिवार के सदस्य हैं।
दूसरे दिन रविवार, 17 मई 2026 को उत्सव का दूसरा चरण आरंभ होगा। इस दिन सुबह 8:00 बजे पवित्र मिस्सा बलिदान (होली यूखरिस्ट) का आयोजन किया जाएगा। इस पवित्र मिस्सा की अध्यक्षता मोस्ट रेवरेन्ड जेम्स शेखर करेंगे, जो बक्सर धर्मप्रांत के बिशप हैं। उनकी अध्यक्षता में होने वाला यह यूखरिस्ट विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह संपूर्ण पल्ली समुदाय के लिए आशीर्वाद, मार्गदर्शन और आध्यात्मिक नवीनीकरण का स्रोत होगा।
मिस्सा के दौरान विश्वासियों को प्रभु के स्वर्गारोहण के संदेश पर चिंतन करने का अवसर मिलेगा, जो हमें यह सिखाता है कि प्रभु येसु हमें अकेला नहीं छोड़ते, बल्कि पवित्र आत्मा के माध्यम से सदैव हमारे साथ बने रहते हैं। यह पर्व हमें अपने विश्वास को मजबूत करने और अपने जीवन में ईश्वर के राज्य के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
इसके पश्चात सुबह 10:00 बजे उत्सव भोज का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी पल्लीवासी, अतिथि और आगंतुक एक साथ सम्मिलित होकर आनंद साझा करेंगे। यह भोज आपसी प्रेम, सौहार्द और एकता का प्रतीक होगा, जो पल्ली जीवन की सामाजिक और आध्यात्मिक संरचना को मजबूत करता है।
फादर विजय भास्कर ने सभी विश्वासियों, धार्मिक बहनों, युवाओं और बच्चों से इस पावन अवसर में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि ईश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और अपने विश्वास को पुनः सुदृढ़ करने का अवसर है। उन्होंने यह भी कहा कि डुमराँव पल्ली की 70 वर्षों की यात्रा ईश्वर की कृपा, लोगों के सहयोग और संतों की मध्यस्थता का परिणाम है।
सीजे सिस्टर्स और पल्ली के सभी सेवक-सेविकाएँ इस आयोजन की तैयारियों में पूर्ण समर्पण के साथ जुटे हुए हैं। सजावट, प्रार्थना, संगीत, लिटर्जी और अतिथि सत्कार की सभी तैयारियाँ जोरों पर हैं, ताकि यह आयोजन श्रद्धा, गरिमा और भक्ति के साथ संपन्न हो सके।
डुमराँव पल्ली के सभी सदस्यों की ओर से समस्त धर्मप्रांत, पड़ोसी पल्ली समुदायों और सभी श्रद्धालुओं को सादर आमंत्रित किया जाता है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर उपस्थित होकर हमारी खुशी और आस्था में सहभागी बनें। आपकी उपस्थिति न केवल हमें प्रोत्साहित करेगी, बल्कि इस उत्सव को और अधिक पवित्र और स्मरणीय बनाएगी।
अंत में, हम सभी विश्वासियों से निवेदन करते हैं कि वे डुमराँव पल्ली के लिए अपनी प्रार्थनाओं में स्थान दें, ताकि यह पल्ली आगे भी विश्वास, सेवा और प्रेम के मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहे। प्रभु येसु ख्रीस्त का स्वर्गारोहण पर्व हमें यह संदेश देता है कि हम अपने जीवन में स्वर्गीय मूल्यों को अपनाएँ और एक दूसरे के प्रति प्रेम और करुणा का जीवन जिएँ।
“कृपया हमारे साथ जुड़ें और इस पवित्र अवसर पर प्रभु की महिमा का अनुभव करें।”
आलोक कुमार
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