शनिवार, 9 अगस्त 2025

कांग्रेस ने अगस्त क्रांति दिवस पर निकाली तिरंगा यात्रा, अमर शहीदों को किया नमन


 *9 अगस्त क्रांति दिवस पर बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने दी अमर शहीदों को श्रद्धांजलि


*कांग्रेस ने अगस्त क्रांति दिवस पर निकाली तिरंगा यात्रा, अमर शहीदों को किया नमन


*अगस्त क्रांति दिवस पर अमर शहीदों को कांग्रेसजन ने किया याद, सेवादल ने किया तिरंगा मार्च का  आयोजन


पटना.  'भारत छोड़ो आन्दोलन' के 83 वीं वर्षगांठ पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी द्वारा आज शहीद स्मारक में अमर शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाएं रखने की प्रतिज्ञान ली गई तथा कांग्रेस सेवादल के द्वारा सदाकत आश्रम से शहीद स्मारक तक तिरंगा मार्च निकाला गया.

    प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम से निकले तिरंगा यात्रा का नेतृत्व बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम . सेवादल बिहार के प्रभारी अफरोज खान, सेवादल के मुख्य संघटक डॉ संजय यादव कर रहे थे.सेवादल के द्वारा आयोजित तिरंगा यात्रा सदाकत आश्रम से होकर एलसीटी घाट ,राजापुर ,बोरिंग रोड चौराहा ,हाईकोर्ट मोड़ ,वीरचंद पटेल पथ होते हुए विधान सभा गेट के सामने स्थित शहीद स्मारक पर आकर श्रद्धांजलि सभा सह प्रतिज्ञान कार्यक्रम में तब्दील हो गई.

      शहीद स्मारक पर माल्यार्पण के बाद बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने सभी कांग्रेसजन को प्रतिज्ञा दिलाई. इसके बाद उन्होंने कहा कि यह देश त्याग, समर्पण और बलिदानियों का देश रहा है. इस देश को अखंड बनाने में कई कुर्बानियां हुई हैं और कालांतर में हमने गांधीवादी नीतियों से इसे और बुलंद किया.हम कांग्रेसजन इस बात का संकल्प लेते हैं कि आखिरी सांस तक इस देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने की हम लड़ाई लड़ते रहेंगे.हमारा इतिहास बलिदान का रहा है और हमने इस देश को सींचा है.अमर शहीद हमें प्रेरणा देते हैं कि देश के तिरंगा को हमेशा कांग्रेसजन बुलंदी देंगे।.देश में तानाशाही सरकार को समझना होगा कि आम जनता के विकास के लिए उन्हें काम करना होगा तभी सच्चे मायनों में हम आजादी की जीती हुई लड़ाई को स्थापित रख सकेंगे.

          उन्होंने कहा कि 1942 का यह दिन भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है, जब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में ‘अंग्रेज़ों भारत छोड़ो’ आंदोलन की गूंज देशभर में फैल गई थी.श्री राम ने कहा कि असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों की आहुति देकर आज़ादी का अमूल्य उपहार हमें दिया.उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के बलिदान को स्मरण करते हुए उनके दिखाए रास्ते पर चलें और राष्ट्र की एकता, अखंडता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहें.

            इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रामजतन सिन्हा, विधान पार्षद डा0 समीर कुमार सिंह, पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक, विधायक अजय कुमार सिंह, मीडिया चेयरमैन राजेश राठौड़, विनय वर्मा, राजेश कुमार सिन्हा, आजमी बारी, चन्द्रप्रकाश सिंह, नागेन्द्र कुमार विकल, कमलदेव नारायण शुक्ला, शशिकांत तिवारी, संजीव कर्मवीर, संतोष श्रीवास्तव, वसी अख्तर, सुनील कुमार सिंह, ललन यादव, राहुल पासवान, अश्विनी कुमार सिंह, प्रो0 विजय कुमार, अरविन्द लाल रजक, संजय पाण्डेय, सत्येन्द्र कुमार सिंह, प्रदुम्न यादव, रवि गोल्डन, रौशन कुमार सिंह, आशुतोष शर्मा, मो0 कामरान, अरविन्द चौधरी  , विमलेश तिवारी, रूचि सिंह, उदय चन्द्रवंशी, संजय भारती, साधना रजक, मो0 शाहनवाज, राजेन्द्र चौधरी  , मनोज शर्मा, एस ऍम सरफ,सुदय शर्मा, डॉ विवेक राज, विकास झा,विनय देव, रमाशंकर पाण्डेय,सुबोध मंडल, बिपिन झा  सहित सैंकड़ों की संख्या में कांग्रेसजन शामिल रहें.


आलोक कुमार


सदाकत आश्रम में भव्य तरीके से मनाया गया राखी महोत्सव

  

राखी महोत्सव में सैकड़ो बहनो ने बांधा राजेश राम को राखी





सदाकत आश्रम में भव्य तरीके से मनाया गया राखी महोत्सव

राखी महोत्सव पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने बहनों को दिया भाईचारे और सौहार्द का संदेश

पटना. आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम में राखी महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से आयी बहनों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री राजेश राम को राखी बांधकर इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया.

राखी महोत्सव में विधायक प्रतिमा कुमारी दास, नीतू सिंह, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरवत जहां फातमा ने राजेश राम को राखी बांधकर राखी महोत्सव का शुरूआत किया। इस अवसर पर राज्य भर से डाक से आये हजारों राखी उपस्थित बहनों से प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के कलाई पर बांधी। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की धर्मपत्नी रेखा दास के साथ सैकड़ों बहने उपस्थित थी.

राखी बांधने के पश्चात बहनों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लम्बी उम्र, स्वस्थ जीवन और जनसेवा में सफलता की शुभकामनाएं दी। श्री राजेश राम ने भी सभी बहनों को उपहार स्वरूप शुभ आर्शीवाद और स्नेह प्रदान किया .

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व प्रेम, विश्वास और आपसी सौहार्द का प्रतीक है.यह पर्व हमें नारी सम्मान, सुरक्षा और भाईचारे का संदेश देता है.बहनों द्वारा बांधी गई राखी केवल एक धागा नहीं बल्कि हमारी सामाजिक मूल्यों और पारिवारिक संस्कृति की पहचान है.कांग्रेस पार्टी सदैव महिलाओं के अधिकारों, उनकी सुरक्षा और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध रही है.समाज में हर बहन, बेटी सुरक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बने यही रक्षाबंधन का सच्चा अर्थ है. मैं सभी बहनों को इस पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं और उनके स्नेह और विश्वास के लिए आभार प्रकट करता हूं.

     राखी महोत्सव में विधायिका प्रतिमा कुमारी दास, नीतू सिंह, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष शरवत जहां फातमा, रीता सिंह, साधना रजक,खुशबू कुमारी, विनीता, राजेश राठौड़,अम्बुज किशोर झा, सौरभ सिन्हा, रौशन कुमार सिंह, राजीव मेहता, वैद्यनाथ शर्मा, कमल कमलेश, अरविन्द लाल रजक, शशांक शेखर, पंकज यादव मौजूद थे.

 


गुरुवार, 7 अगस्त 2025

राहुल गांधी का मतदाता अधिकार यात्रा 17 को सासाराम से प्रारंभ होगी-राजेश राम

 


राहुल गांधी का मतदाता अधिकार यात्रा 17 को सासाराम से प्रारंभ होगी-राजेश राम

सभी कार्यकर्ता राहुल गांधी की मतदाता अधिकार यात्रा में एकजुटता के साथ लगें-कृष्णा अल्लावारू.

पटना. कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में 17 अगस्त को सासाराम से प्रारंभ होने वाली राहुल गांधी की मतदाता अधिकार यात्रा के तैयारी को लेकर बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावारू एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं, मोर्चा संगठन के अध्यक्षों के साथ यात्रा को सफल बनाने के लिए पुरजोर ढंग से गहन विचार-विमर्श किया गया.  कृष्णा अल्लावारू एवं राजेश राम ने यात्रा के सफलता के लिए सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से राय ली.

    बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने उपस्थित नेताओं, कार्यकर्ताओं को निर्देश देते हुए 17 अगस्त से होने वाली राहुल गांधी की मतदाता अधिकार यात्रा कीे सफलता के लिए पुरजोर तरीके से लगकर अद्वितीय यात्रा बनाने का निर्देश दिया. राजेश राम ने कहा कि इस यात्रा में इंडिया गठबंधन के तमाम नेताओं को आमंत्रित किया जायेगा.उन्होंने बैठक उपरांत मीडिया से बात करते हुए कहा कि आने वाले समय में यात्रा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया जायेगा.वैसे यह यात्रा एक पखवाडे का होगा.यात्रा के विस्तृत रूपरेखा लगभग तैयार कर लिया गया है उसे अंतिम रूप देकर मीडिया एवं कार्यकर्ताओं के बीच प्रस्तुत किया जायेगा.

        बैठक को बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावारू ने सम्बोधित करते हुए कहा कि राहुल गांधी जी की यह यात्रा न्याय, समानता, लोकतंत्र की रक्षा और जनसंवाद को मजबूत करने के लिए की जा रही है. श्री अल्लावारू ने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे पूरी ऊर्जा, समर्पण और अनुशासन के साथ इस यात्रा को ऐतिहासिक बनाने में जुट जायं.उन्होंने कहा कि राहुल जी की यह यात्रा सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि देश की आत्मा को जोड़ने का प्रयास है. बिहार की धरती ने हमेशा जन-आंदोलनों को दिशा दी है और इस बार भी बिहार अग्रणी भूमिका निभायेगा.

बैठक में बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावारू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, ए.आई.सी.सी. के सचिव 17 अगस्त से सासाराम से राहुल गांधी का मतदाता अधिकार यात्रा की शुरूआत होगी.

   आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय बिहार प्रभारी सुशील पासी, पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रेमचन्द्र मिश्रा, कृपानाथ पाठक, नरेन्द्र कुमार,कोषाध्यक्ष जितेन्द्र गुप्ता, विधायक विजेन्द्र चौधरी, छत्रपति यादव, राजेश राठौड़,जमाल अहमद भल्लू , ब्रजेश प्रसाद मुनन, राज कुमार राजन,अजय  चौधरी, अमिता भूषण, भावना झा, प्रवीण सिंह कुशवाहा, आनन्द माधव, अजय चौधरी , राजेश कुमार सिन्हा ,ज्ञान रंजन, डा0 अजय कुमार सिंह, विनय कुमार वर्मा, गजानन्द शाही, शरवत जहां फातमा,, ब्रजेश पाण्डेय, शशि रंजन,राजीव मेहता, मंजीत आनन्द साहू, चन्द्र प्रकाश सिंह, वैद्यनाथ शर्मा, सूरज यादव विनय वर्मा,, शरवत जहां फातमा, अमिता भूषण, मुन्ना शाही, गुंजन पटेल,  डा0 अजय कुमार सिंह, मधुरेन्द्र सिंह, कुमार आशीष, प्रभात सिंह, कमलदेव नारायण शुक्ला, मनोज शर्मा, मनोज मेहता,मधुरेन्द्र कुमार सिंह,ई.कमल कमलेश, सरीफ रंगरेज, संतोष श्रीवास्त, वसी अख्तर, रवि गोल्डन,, प्रो0 विजय, सत्येन्द्र कुमार सिंह, मो0 शहनवाज, असफर अहमद, सुनील कुमार सिंह, मृणाल अनामय, कामरान हुसैन, रीता सिंह, साधना रजक, अरविन्द लाल रजक, ललन कुमार, मोनी पासवान, प्रदुम्न कुमार यादव, शम्स तवरेज, विमलेश तिवारी, सिद्धार्थ क्षत्रिय, पंकज यादव, कुंदन गुप्ता, रामाशंकर पाण्डेय, राज छविराज, खुशबू कुमारी, सत्येन्द्र बहादुर सहित अन्य नेता मौजूद थे. बिहार कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन, राजेश राठौड़ भी थे.


आलोक कुमार

बुधवार, 6 अगस्त 2025

नन और युवक पर हमला, पुलिस की लापरवाही उजागर

 

छत्तीसगढ़ के दुर्ग स्टेशन पर मॉब लिंचिंग: नन और युवक पर हमला, पुलिस की लापरवाही उजागर

राज्य में अल्पसंख्यकों के खिलाफ मॉब लिंचिंग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में दुर्ग रेलवे स्टेशन पर बजरंग दल से जुड़े लोगों ने दो ननों और एक युवक को धर्मांतरण के आरोप में घेरकर पीटा, धमकाया और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने पीड़ितों पर जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए मारपीट की और उन्हें "धर्मांतरण का चादर" पहनाकर जुलूस की तरह घुमाया। मौके पर मौजूद पुलिस ने हिंसा रोकने में सुस्ती दिखाई और उल्टे पीड़ितों के बैग की तलाशी लेने लगी।

पुलिस का रवैया सवालों के घेरे में
पीड़ितों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मॉब लिंचिंग करने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय उनका बयान दर्ज कर खानापूर्ति की। यहां तक कि कथित "धर्मांतरण" का आरोप लगाकर पीड़ितों को ही जेल भेज दिया गया, जबकि हमलावरों पर स्वतः संज्ञान लेने की कोई कोशिश नहीं की गई।

विशेषज्ञों की राय
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि मॉब लिंचिंग एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए कड़ी सजा होनी चाहिए। लेकिन प्रशासन की लापरवाही से अपराधियों को खुली छूट मिल रही है, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बढ़ता भय और असुरक्षा
अल्पसंख्यक समुदाय में इस घटना के बाद भय का माहौल और गहरा गया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसी घटनाएं न केवल संविधान के मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन हैं बल्कि भीड़तंत्र के बढ़ते प्रभाव को भी दर्शाती हैं।


सोमवार, 4 अगस्त 2025

दिशोम गुरू नहीं रहे

 
दिशोम गुरू नहीं रहे

झारखंड. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक 'दिशोम गुरुजी' शिबू सोरेन का 81 वर्ष की आयु में नई दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया. वे लंबे समय से बीमार थे और वेंटिलेटर पर थे.उन्हें हार्ट, किडनी सहित कई बीमारियां थीं.

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का सोमवार को दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल निधन हो गया. उन्होंने 81 वर्ष की आयु में आखिरी सांस ली. शिबू सोरेन ने झारखंड राज्य की मांग को लेकर चलाए गए आंदोलन में भी भाग लिया. वह तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे. वर्तमान में शिबू सोरेन राज्यसभा के सदस्य थे. शिबू सोरेन का जन्म 11 मई 1944 को झारखंड के हजारीबाग जिले के निमरा गांव में हुआ था. उन्होंने हजारीबाग के गोला हाईस्कूल से शिक्षा हासिल की. वह मैट्रिक पास थे और पेशे से किसान थे. उन्होंने झारखंड के सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में एक अलग पहचान बनाई. इसीलिए लोग उन्हें दिशोम गुरू के नाम से भी जानते थे.
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन एक वरिष्ठ और विशिष्ठ आदिवासी नेता थे. उनके प्रशंसक उन्हें दिशोम गुरु कहा करते थे. जबकि गरीबों में उनकी पहचान गुरुजी के रूप में थी. वह आदिवासी समुदाय के अधिकारों और उत्थान के आंदोलन में एक प्रमुख आवाज और जमीनी कार्यकर्ता थे. झारखंड की स्थापना के आंदोलन में उन्होंने अहम भूमिका निभाई.
शिबू सोरेन झारखंड के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक थे. उन्होंने वंचितों के अधिकारों और कल्याण के लिए समर्पित भाव से काम किया. वह आठ बार लोकसभा के सदस्य रहे. जबकि उन्होंने 2004 से 2006 तक कोयला मंत्रालय में कैबिनेट, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में भी काम किया. वे तीन बार राज्यसभा के सदस्य रहे. वर्तमान में भी वह राज्यसभा के सदस्य थे.
शिबू सोरेन को उनके प्रशंसक 'दिशोम गुरु' या 'गुरुजी' के नाम से भी जानते थे. ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि आखिर शिबू सोरेन को 'दिशोम गुरु' क्यों कहा जाता था. इसका अर्थ क्या होता है. दरअसल, झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन को 'गुरुजी' या 'दिशोम गुरु' इसलिए कहा जाता था क्योंकि उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के माध्यम से आदिवासी समुदायों. जिसमें खासकर संथाल और अन्य जनजातियों के अधिकारों और उनकी स्वायत्तता के लिए एक लंबा संघर्ष किया.
वह आदिवासियों के हितों की रक्षा के लिए झारखंड को अलग राज्य बनाने की मांग के लिए चलाए गए आंदोलन के प्रमुख नेता थे. शिबू सोरेन के नेतृत्व में ही सामाजिक कार्यों और आदिवासी संस्कृति के हितों के प्रति समर्पण ने उन्हें जनजातीय समुदायों का प्रिय नेता बना दिया. वह आदिवासियों के लिए एक मार्गदर्शक और शिक्षक (गुरु) की सम्मानित हो गए. बता दें कि दिशोम गुरु का मतलब संथाली में देश का गुरु होता है, जो सोरेन के नेतृत्व और प्रभाव को दर्शाता है.

आलोक कुमार

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रविवार, 3 अगस्त 2025

प्रीति को गरीबों की मदद करने का जुनून था

छतीसगढ़ में सिस्टरों की जमानत पर रिहाई के बाद


छत्तीसगढ़. छत्तीसगढ़ में 'जबरन धर्मांतरण' और 'मानव तस्करी' के आरोप में गिरफ्तार दो ननों, प्रीति मेरी और वंदना फ्रांसिस को शनिवार को एनआईए कोर्ट ने जमानत दे दी. दोनों नन असिसी सिस्टर्स ऑफ मैरी इमैकुलेट (एएसएमआई) कॉन्ग्रेगेशन से हैं, जिसका मुख्यालय केरल के अलप्पुझा जिले के चेरथला में है. आइये इनके बारे में कुछ जानकारियां उपलब्ध हैं उससे इनके काम तथा जीवन के बारे में कुछ जानते हैं.

प्रीति मैरी केरल के एर्नाकुलम जिले के एलावूर से हैं. प्रीति मेरी ने कम उम्र में ही नन बनने का फैसला किया था. अपने सात भाई-बहनों के परिवार में सबसे बड़ी प्रीति ने 20 साल की उम्र में ही नन बनने का निर्णय लिया था. उनके भाई एम. बैजू ने कहा कि प्रीति को गरीबों की मदद करने का जुनून था.

"वह जब भी घर आती थीं, छत्तीसगढ़ के गरीबों के लिये भोजन, कपड़े और दवाइयाँ पैक कर ले जाती थीं," बैजू ने कहा. एक प्रशिक्षित नर्स होने के नाते, प्रीति प्रार्थना और उपचार को समान रूप से महत्व देती थीं.

वहीं, 56 वर्षीय वंदना फ्रांसिस केरल के कन्नूर जिले के उदयगिरी गाँव की रहने वाली हैं. वह छत्तीसगढ़ में एक फार्मेसी में काम करती थीं. दोनों ननों के भाई, बैजू और जेम्स, उनके गिरफ्तारी के बाद से छत्तीसगढ़ में डेरा डाले हुए थे.

असिसी सिस्टर्स ऑफ मैरी इमैकुलेट की मदर सुपीरियर इसाबेल फ्रांसिस ने कहा, "हमारा मिशन 75 साल पहले कुष्ठ रोगियों के उपचार से शुरू हुआ था. बाद में हमने सामान्य चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में काम शुरू किया. हम छत्तीसगढ़ में मानसिक रूप से अक्षम बच्चों के लिए स्कूल और स्वास्थ्य क्लीनिक चलाते हैं. हमें कभी भी जबरन धर्मांतरण जैसे आरोपों का सामना नहीं करना पड़ा."

    प्रीति और वंदना, दोनों अपनी 50 की उम्र में हैं और पिछले 30 सालों से चर्च के लिए काम कर रही हैं. इसाबेल ने बताया कि उनकी गिरफ्तारी के बाद कॉन्वेंट की अन्य ननें चिंतित हैं और कुछ ननें अब कानून सीख रही हैं ताकि उसे "बनावटी आरोपों" का सामना किया जा सके.

आलोक कुमार


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शनिवार, 2 अगस्त 2025

शर्तों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश

 दुर्ग रेलवे स्टेशन विवाद पर नन और आदिवासी युवतियों की गिरफ्तारी से लेकर जमानत तक घटनाक्रम.एनआईए कोर्ट ने दी जमानत, पहले दो बार खारिज हुई थी अर्जी......


दुर्ग . दुर्ग रेलवे स्टेशन पर मिशनरी ननों और तीन आदिवासी युवतियों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एनआईए कोर्ट के जमानत आदेश के बाद ठंडा पड़ता नजर आ रहा है.सिस्टर प्रीति मेरी, सिस्टर वंदना फ्रांसिस और ब्रदर सुकमन मंडावी को एनआईए कोर्ट ने जमानत दे दी है.इससे पहले उनकी जमानत अर्जी निचली अदालत और सत्र न्यायालय दोनों में खारिज हो चुकी थी.

घटना चक्र:

26 जुलाई 2025:

दुर्ग रेलवे स्टेशन पर विवाद.

नारायणपुर जिले की तीन आदिवासी युवतियां (कमलेश्वरी प्रधान, ललिता और सुखमती) ननों के साथ आगरा नौकरी के लिए जा रही थीं.टीटीई द्वारा टिकट जांच के बाद बजरंग दल को सूचना दी गई.

बजरंग दल नेता ज्योति शर्मा ने मौके पर पहुंचकर आरोप लगाया कि नन नौकरी का लालच देकर युवतियों को धर्मांतरण के लिए ले जा रही हैं.पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों ननों और युवक सुखमन मंडावी को हिरासत में लिया.

27 जुलाई 2025:

पुलिस ने छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया.तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया.

29 जुलाई 2025:

निचली अदालत ने जमानत अर्जी खारिज की. अदालत ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच पूरी होने तक जमानत नहीं दी जा सकती.

30 जुलाई 2025:

सत्र न्यायालय ने भी जमानत याचिका खारिज की.अदालत ने पुलिस को जल्द चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए.

31 जुलाई 2025:

ननों और ब्रदर सुकमन के समर्थन में केरल और छत्तीसगढ़ में विरोध प्रदर्शन.चर्च और ईसाई संगठनों ने इसे झूठा केस बताया.

2 अगस्त 2025:

मामला एनआईए कोर्ट में पहुंचा.एनआईए कोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए जमानत मंजूर कर ली.

आरोप और बचाव

आरोप: बजरंग दल का कहना था कि नन आदिवासी युवतियों को नौकरी के बहाने धर्मांतरण के लिए ले जा रही थीं.

बचाव: युवतियों और उनके परिजनों ने कहा कि वे अपनी मर्जी से नौकरी के लिए जा रही थीं और किसी प्रकार का दबाव नहीं था.

जमानत का आदेश

एनआईए कोर्ट ने कहा कि पुलिस जांच पूरी होने तक आरोपियों को जेल में रखना उचित नहीं है.अदालत ने सभी को शर्तों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया.

 


आलोक कुमार

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