1 से 8 अगस्त तक पोस्टकार्ड अभियान चला
एकता परिषद बिहार का पोस्टकार्ड अभियान
गांधी विचार और विरासत से छेड़छाड़ अच्छी बात नहीं है. ऐसी किसी कोशिश के खिलाफ व्यापक जनमत तैयार किया जाना चाहिए. ऐसी परिस्थिति आने पर बेरोजगार युवाओं एवं गरीबों को आगे आना चाहिए. क्योंकि बेरोजगारी तथा गरीबी का पूर्ण निदान गांधी विचारधारा में निहीत है.अभी, कुछ दिन पूर्व, गांधी विचारधारा से जुड़ी संस्था सर्वसेवा संघ के बनारस स्थित प्रकाशन भवन पर उ.रेलवे ने बलपूर्वक अवैध कब्जा जमा लिया. आचार्य विनोबा भावे, डॉ.राजेन्द प्रसाद., जयप्रकाश नारायण, लालबहादुर शास्त्री के प्रयास से स्थापित संस्थान पर, अपूर्ण दस्तावेज का बहाना बनाकर, कब्जा जमा लेना अनुचित था. वाराणसी स्थित गांधी विरासत को हड़पने के प्रयास का, गांधीवादी जनसंगठन एकता परिषद ने राष्ट्र से बिहार स्तर तक पुरजोर विरोध किया है, और करती रहेगी.
इस संदर्भ में राजघाट में जेपी प्रतिमा के समक्ष चलने वाले सत्याग्रह में एकता परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रदीप प्रियदर्शी, बिहार के संयोजक एवं सचिव सहित बिहार से 16 साथी शामिल हुए.समर्थन में बिहार के मुजफ्फरपुर में सत्याग्रह हुआ, कटिहार में परिचर्चा का आयोजन किया गया, भोजपुर में एकता महिला मंच के प्रयास से उपवास सह-धरना हुआ जिसमें महिला मंच की राष्ट्रीय नेत्री मंजुला डुंगडुंग शामिल रहीं.
आलोक कुमार



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