सोमवार, 14 अगस्त 2023

एकता परिषद के विभिन्न संघर्षों और अभियानों से निकटता से जुड़े थे

 * एकता परिषद के कद्दावर कार्यकर्ता थे रवि भाई  (बद्री) नहीं रहे



हैदराबाद. कल रविवार की रात में एकता परिषद के कद्दावर कार्यकर्ता रहे रवि भाई  (बद्री) का देहांत हो गया.हर सोमवार को कुछ दिनों से स्वराज शास्त्र पर गूगल मीट हो रही थी.आज शाम सोमवार को मिलना भी था.यह सब विधि के विधान के कारण सहज विश्वास ही नही हो रहा है.

    कल सुबह मुझे मेंढलेखा महाराष्ट्र में रहकर स्वराज्य पर काम करने वाले  रवि भाई का फोन आया था. कुछ दिनों से कफ की तकलीफ झेल रहे थे.वे कफ की शिकायत को दूर करने के लिए आयुर्वेद की चिकित्सा हैदराबाद के वैद्य के मार्गदर्शन में कर रहे थे.

     हाल ही मे वे डायरिया से परेशान थे.कुछ कमजोरी भी महसूस कर रहे थे.वे बोले की हैदराबाद जाना चाहते है.वहीं बाकी इलाज करेंगे. मैंने पूछा की कमजोरी की  हालत मे कैसे जायेंगे?  वे बोले की बस से जा सकते है.देवाजी भाई बोले की आप इस हालत में बस से मत जाइये.इतना चाहते है तो स्पेशल गाड़ी कर के जायेंगे.देवाजी भाई खुद उन के साथ गये.हैदराबाद के करीब पहुंचने से थोडा समय पहले वे बेहोश हो गये. हैदराबाद में हॉस्पिटल पहुंचने पर डॉक्टर ने उन्हे मृत घोषित कर दिया.

    अभी तक मुझे इतनी ही जानकारी  मिली है. देवाजी भाई हैदराबाद  जाने के लिए वहां से निकल गये है. रवि भाई का असमय इस तरह से जाना बहुत दुखद एवं धक्कादायी है.रवि भाई उन के जीवन प्रवास मे मेंढलेखा महाराष्ट्र पहुंच कर बहुत शांति का अनुभव कर रहे थे. 

   ग्राम सभा के सहयोगी मित्र के रूप में भविष्य मे काम करने की उनकी योजना थी और अचानक मृत्यु ने उन्हें हम से छिन लिया है.उनकी स्मृति को भावपूर्ण श्रद्धांजलि!

अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि रवि बद्री भाई की अचानक और असमय इस दुनिया को छोड़कर जाना दुखित करने वाला है. रवि भाई लंबे समय तक एकता परिषद के कार्यों और अभियानों से जुड़े रहे.राजस्थान के सहरिया आदिवासियों के बीच संगठन का कार्य बारां के शाहाबाद में रहकर किया. अभी पिछले कुछ सालों से वे मेंढलेखा महाराष्ट्र में रहकर स्वराज्य पर काम कर रहे थे. ईश्वर इस क्षति को सहन करने की शक्ति उनके परिवार को प्रदान करें.रवि भाई को विनम्र श्रद्धांजलि और सादर नमन.

मनीष राजपुत ने कहा कि बहुत याद आते रहोगे रवि भाई एक सच्चे मित्र ओर वंचितो के सच्चे ईमानदार कर्मठ समाजिक कार्यकर्ता जिनके दिल में गरीबों के प्रति प्यार और उनको अधिकार दिलाने की ललक उन्होंने दूर से आकर राजस्थान के शाहबाद में आकर सहरिया आदिवासियों के बीच रह कर उनकी जीवन शैली जी कर उनकी जल जंगल जमीन की लड़ाई लड़ी वह हमेशा उनके जीवन स्तर ऊपर ले जाने के लिये संवाद करते थे .

आज उनको अपने बीच न होने की खबर मिली मन बहुत  ही दुखी है. पिछली बार जब वह ग्वालियर आये थे फोन पर चर्चा हुई.लेकिन मिल नहीं पाया.मुझे भी उनके साथ काम करने का मौका मिला ऐसे साथी को चला जाने मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है.ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करे और उनके परिवार को दुख सहन करने की शक्ति दे.

अनिलकुमार मनमेड़ा ने कहा कि घनिष्ठ मित्र एवं एकता परिषद के सह-प्रचारक रवि बद्री का आज निधन हो गया. शोक संवेदनाएँ. वह हैदराबाद के रहने वाले थे और एक आईटी पेशेवर थे. फिर उन्होंने सामाजिक कार्य और आंदोलनों में अपना करियर चुना. वह जय जगत 2020 के संबंध में एकता परिषद के विभिन्न संघर्षों और अभियानों से निकटता से जुड़े थे.

 

आलोक कुमार

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