मनीषा की याद में एक पौधा कॉलेज परिसर में लगाया
पटना . अहमदाबाद विमान हादसे में कई लोगों की जान चली गई है. उन्हीं में से एक हैं एयर होस्टेस मनीषा थापा. मनीषा थापा के निधन के बाद उनके पूर्व शैक्षणिक संस्थान सेंट जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट के छात्रों, शिक्षकों और प्रशासन को गहरा सदमा लगा है. आज कॉलेज में एक संवेदना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें मनीषा के सहपाठियों, शिक्षकों और एल्युमिनाई सदस्यों ने भाग लिया और मनीषा की याद में एक पौधा कॉलेज परिसर में लगाया.
लाइब्रेरी शिक्षक तपेश्वर प्रसाद ने बताया कि मनीषा सहज तरीके से लाइब्रेरी में पुस्तक पढ़ने के बाद कुछ पुस्तकों की लिस्ट उन्हें देती थी. वह उस पुस्तकों को निकाल कर रख देते थे. इसके बाद मनीषा कॉलेज से घर जाते समय उन पुस्तकों को लेकर चली जाती थी और फिर उसे पढ़कर समय पर लौटा देती थी. कोर्स कंप्लीट होने के बाद भी मनीषा तीन-चार बार कॉलेज आई. मनीषा जब भी कॉलेज आती थी, तब सभी शिक्षकों और अपने जूनियर से से जरूर मिलती थी. उनको बताती थी कि मैंने इंडिगो ज्वाइन कर लिया है.
गुजरात के अहमदाबाद में हुए प्लेन क्रैश में 241 लोगों की जान चली गई. इस दुखद हादसे में पटना से जुड़ी एयर होस्टेस मनीषा थापा भी दुनिया को अलविदा कह गईं. मनीषा मूल रूप से नेपाल के विराटनगर की रहने वाली थीं, लेकिन उनका जन्म पटना में हुआ था. उन्होंने पटना के सेंट जेवियर्स कॉलेज में 2014 से 2017 तक पढ़ाई की और अपनी प्रतिभा से सभी का दिल जीता.
मनीषा के निधन पर सेंट जेवियर्स कॉलेज में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों और शिक्षकों ने उन्हें नम आंखों से याद किया. बिजनेस इकोनॉमिक्स विभाग की प्रमुख (एचओडी) कल्पना कुमारी ने कहा, ‘मनीषा जेवियर्स परिवार की एक अनमोल बेटी थी. वह न केवल एक होनहार छात्रा थीं, बल्कि एक बेहतरीन इंसान भी थीं. उनकी पढ़ाई के प्रति लगन, सहपाठियों के साथ सहयोग और हर गतिविधि में उत्साह शिक्षकों के लिए प्रेरणा था.‘ कल्पना कुमारी ने बताया कि मनीषा क्लास रेप्रेजेंटेटिव थीं और कॉलेज की हर गतिविधि में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थीं. वह न सिर्फ अपनी पढ़ाई में अव्वल थीं, बल्कि दूसरों को भी प्रेरित करती थीं. उनकी कॉपी चेक करने में मजा आता था. वह हमेशा सकारात्मक रहती थीं. तीन साल में उन्होंने बहुत प्रगति की. हमें यकीन था कि वह जिंदगी में बहुत आगे जाएंगी, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ छीन लिया.
यह जेवियर्स परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है. मनीषा के क्लासमेट एल्विन ने भी उन्हें याद करते हुए कहा, ‘ मनीषा के बिना सब सूना है. वह हमेशा सबको हंसाती थीं और किसी को दुखी नहीं देख सकती थीं. पढ़ाई हो या कॉलेज की गतिविधियां, वह हर चीज में आगे रहती थीं. हम अभी भी इस सदमे से उबर नहीं पाए हैं.‘ एल्विन के मुताबिक, मनीषा ने कॉलेज के बाद अपने सपनों को पंख दिए और एयर होस्टेस के रूप में करियर शुरू किया. कुछ समय पहले वह कॉलेज आई थीं और अपनी उपलब्धियां साझा कर शिक्षकों को मिठाई खिलाई थीं. अचानक उनके जाने से कॉलेज में शोक की लहर है. शिक्षक और छात्र उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भगवान से उनके माता-पिता को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना कर रहे हैं. मनीषा भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें और प्रेरणा सेंट जेवियर्स कॉलेज में हमेशा जिंदा रहेंगी.
एयर इंडिया की केबिन क्रू मेंबर मनीषा थापा को आज उनके कॉलेज सेंट जेवियर मैनेजमेंट कॉलेज, दीघा में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई.आज कॉलेज परिसर में शोक का माहौल था, जहां शिक्षकों, सहपाठियों और कॉलेज स्टाफ ने नम आंखों से मनीषा को अंतिम विदाई दी.
श्रद्धांजलि सभा के दौरान मनीषा की याद में पौधे भी लगाए गए , ताकि उनकी स्मृति में सदैव जीवित रहें. छात्र-छात्राओं ने कहा कि मनीषा हमेशा मुस्कुराते रहने वाली और प्रेरणा देने वाली शख्सियत थीं, जिनका जाना सभी के लिए अपूरणीय क्षति है.
मनीषा थापा दो दिन पहले अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट में बतौर केबिन क्रू तैनात थीं. टेकऑफ के कुछ ही समय बाद विमान में तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटना हो गई, जिसमें मनीषा की जान चली गई.मनीषा के माता-पिता इस समय अहमदाबाद में हैं. हादसे के बाद उनका डीएनए टेस्ट कराया गया है, जिसके जरिए मनीषा की पहचान की जा रही है. पहचान की पुष्टि के बाद ही उनका पार्थिव शरीर उनके परिजनों को सौंपा जाएगा.
कॉलेज प्रशासन और छात्रों ने सरकार और एयर इंडिया से अपील की है कि मनीषा के परिवार को समुचित मुआवजा और हर संभव सहायता प्रदान की जाए.पटना ने आज एक होनहार बेटी को खो दिया, लेकिन उसकी यादें, उसका संघर्ष और उसकी मुस्कान हमेशा सबके दिलों में जीवित रहेंगी.
मनीषा मूल रूप से नेपाल के विराटनगर की रहने वाली थीं, लेकिन उनके पिता राजू थापा बिहार पुलिस में बेगूसराय में पोस्टेड हैं. मनीषा का पूरा परिवार पटना में रहता है. मनीषा का जन्म पटना में ही हुआ था. पटना के सेंट जेवियर से मनीषा ने ग्रेजुएशन किया था. शनिवार को यहां श्रद्धांजलि सभा आयोजित होगी.
आलोक कुमार



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