एक तो धान की रोपाई 10 प्रतिशत भी नहीं हो पाई है. दूसरी ओर रोपे गए धान और बिचरा तेज धूप के कारण पानी के अभाव में झुलस के बर्बाद हो गया है. खेतों की दरारें किसानों की दिल की दर्द बनकर रह गई है.सरकार द्वारा किसानों को कोई राहत नहीं दिया जाना चिंता का विषय है सुखार की ऐसी भीषण स्थिति में बिहार सरकार को किसानों के बारे में सोचने और इसके सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है.
बिहार किसान कांग्रेस बिहार सरकार से मांग करती है की सुखार के ऐसी भयावह स्थिति में खेती और किसानी को बचाने के लिए किसानों को डीजल अनुदान के साथ-साथ बिजली बिल माफ करने नलकूपों पर त्वरित गति से निर्बाध रूप से बिजली उपलब्ध कराने ,कृषि ऋण माफ कर नए सिरे से किसानों को सस्ते ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने , 90 प्रतिशत अनुदान पर नलकूप किसानों को देने, वैकल्पिक खेती की व्यवस्था करने जैसा कदम उठाना चाहिए.
आलोक कुमार
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