1995 में देहरादून में जन्मे अभिमन्यु ईश्वरन हैं
डोमेस्टिक क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले हैं अभिमन्यु ईश्वरन
देहरादून.अभिमन्यु घरेलू क्रिकेट में बंगाल के लिए खेलते हैं. वे लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन करते हुए आ रहे हैं. लेकिन अब तक सीनियर टीम में मौका नहीं मिला है.
भारत ए टीम का कप्तान अभिमन्यू ईश्वरन हैं.उनको अभी चयनकर्ती, कोच और कप्तान रूपी ईश्वर का आर्शीवाद नहीं मिल रहा है.अभिमन्यू का हाल यह है कि उनके सामने एक नहीं पूरे 15 खिलाड़ियों ने टेस्ट डेब्यू किया है.ऐसा प्रतीत होता है कि वह केवल भारत ए टीम के लिए ही तैयार है.
अभिमन्यू ईश्वरन को 2021-22 में पहली बार भारतीय टीम में शामिल किया गया था.2022 में बांग्लादेश दौरे पर अभिमन्यु को टीम में शामिल किया गया था, लेकिन उन्हें प्लेइंग 11 में मौका नहीं मिला.अभिमन्यु ईश्वरन ने 103 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं और 48.70 की औसत से 7841 रन बनाए हैं.
इंडिया ए के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ईश्वरन ने 5 पारियों में 4, 7, 12, 0 और 17 रन बनाए थे.इसके कारण उन्हें ऑस्ट्रेलिया पर रोहित शर्मा की अनुपस्थिति में पहले टेस्ट में डेब्यू करने का मौका नहीं मिला.
अभिमन्यु को भारत ए टीम में चुना गया.वह दक्षिण अफ्रीका गए. उस समय भारतीय कोचों की सलाह पर, अभिमन्यु को वन-डाउन खेलने के लिए कहा गया, क्योंकि चेतेश्वर पुजारा क्रिकेट छोड़ रहे थे. इसलिए उन्होंने तीसरे नंबर पर खेला और मार्को जेनसन और पाँच अन्य बेहतरीन गेंदबाजों के खिलाफ 103 रन बनाए," उन्होंने कहा.अभिमन्यु ईश्वरन को इंग्लैंड दौरे पर भारत ए टीम का कप्तान बनाया गया था.
अभी हाल में भारत ए के कप्तान के रूप में ईश्वरन इंग्लैंड गए.
ऐसे में इंग्लैंड लायंस के पहली पारी में उनका बल्ला न चलना चिंता का विषय था, लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने अच्छी बल्लेबाजी की.
वहां इंग्लैंड लायंस के खिलाफ पहले अनाधिकारिक टेस्ट मैच में, उन्होंने दूसरी पारी में 68 रन बनाए थे.इंग्लैंड लायंस के खिलाफ एक अनौपचारिक टेस्ट में 68 और 80 रनों की अर्धशतकीय पारियां खेलीं.ईश्वरन को इंग्लैंड दौरे पर शुभमन गिल की अगुआई वाली टीम में चुना गया.केवल प्लेअर को पानी पिलाते रहे.उनके पिता रंगनाथन ईश्वरन अपने बेटे के बार-बार चूकने से नाराज़ हैं.
अभिमन्यु के सामने 15 खिलाड़ियों का डेब्यू हो चुका है.
अभिमन्यु को 2022 में बांग्लादेश दौरे पर टेस्ट टीम में चुना गया था. इसके बाद से वह कई दौरों पर टीम इंडिया का हिस्सा रहे हैं, लेकिन टीम मैनेजमेंट ने उन्हें अब तक डेब्यू के लायक नहीं समझा है. उनके सामने 15 खिलाड़ियों का टेस्ट में डेब्यू हो चुका है.इनमें केएस भरत, सूर्यकुमार यादव, यशस्वी जायसवाल, ईशान किशन, मुकेश कुमार, प्रसिद्ध कृ्ष्णा, रजत पाटीदार, सरफराज खान, ध्रुव जुरेल, आकाश दीप, देवदत्त पडिक्कल, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, साई सुदर्शन और अंशुल कंबोज शामिल हैं.
भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने 29 वर्षीय बल्लेबाज को आश्वासन दिया था कि उन्हें जल्द ही मौका मिलेगा.रंगनाथन ने विक्की लालवानी के साथ इंटरव्यू में कहा, 'गौतम गंभीर ने जब मेरे बेटे से बात की तो उन्होंने उसे भरोसा दिलाया कि देखो, तुम सही काम कर रहे हो, तुम्हें अपनी बारी जरूर मिलेगी, तुम्हें लंबे समय तक खेलने का मौका मिलेगा.मैं वो नहीं हूं जो तुम्हें एक-दो मैच के बाद बाहर कर दूं. मैं तुम्हें लंबा मौका दूंगा. मेरे बेटे ने मुझे यही बताया.पूरी कोचिंग टीम ने उसे भरोसा दिलाया कि उसे उसका हक मिलेगा, उसे लंबे समय तक खेलने का मौका मिलेगा. मैं बस इतना ही कह सकता हूं.मेरा बेटा 4 साल से इंतजार कर रहा है, उसने 23 साल कड़ी मेहनत की है.लेकिन उसके बाद 15 खिलाड़ियों ने टेस्ट डेब्यू किया और यह सब ईश्वरन देखते रह गए.

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