पटना.पटना नगर निगम,दीघा थाना और दीघा हाट में दुकान सजाने वालों के साथ छतीस का रिश्ता बन गया है.कई दशक से पटना- बांस घाट- दानापुर मुख्य मार्ग के दीघा के आसपास मुख्य मार्ग के दोनों तरफ बेरोजगार गरीब लोग दीघा हाट में दुकान सजाने का काम करते हैं. यहां सब्जी,फल और घरेलू सामान बेचते हैं.इन लोगों के द्वारा दुकान लगाने से सड़क अतिक्रमण हो जाता है.जिसके कारण जाम की स्थिति बन जाती है.
बता दें कि पटना- बांस घाट- दानापुर मुख्य मार्ग के संपर्क में संत माइकल हाई स्कूल, हार्टमन हाई स्कूल,साईं शिवम पब्लिक स्कूल ,डॉन बोस्को एकेडमी, संत दोमनिक सावियों स्कूल के अलावे अन्य स्कूलों में 'साहब' लोगों के साहबजादे लोग पढ़ते हैं.जो स्कूल से घर और घर से स्कूल आते समय जाम में फंसकर बिलबिलाने लगते हैं.सभी स्कूलों का समय स्कूल लगने और छोड़ने का लगभग समान ही है.इन स्कूलों के पास लंबे और चौड़ी गाड़ी है.जो जाम को महाजाम बनाने में सहायक है.
वहीं अधिकारियों की सरकारी गाड़ी और अधिकारियों के रौबदार चालक मनमर्जी से गाड़ी को पार्किंग कर रहे हैं.इन लोगों पर दीघा थाने की पुलिस व यातायात पुलिस का पुलिसिया कानून नहीं चलता है.इनका केवल दीघा हाट पर सब्जी,फल और घरेलू सामान बेचने पर पड़ता हैं.यहां सड़क अतिक्रमण कर दुकान सजाने वालों को सबक सिखाया जाती है.
अब बताया जाता है कि दीघा थाना पुलिस और पटना नगर निगम के कर्मियों के बीच सांठगांठ हो गया है.सादे लिबास में आकर कुछ लोग दीघा हाट पर सब्जी बेचने वालों से कहा कि सरकार अन्यत्र दुकान बनाकर देगी. नाम,मोबाइल नंबर और पता लिखा लीजिए.ये लोग इस कहावत को जानकर भी अनजान बनकर लोभ में फंस गए."शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा" यह एक प्रसिद्ध कहावत है जिसका अर्थ है कि "धोखा देने वाला, फंसाने वाला आएगा, जाल फैलाएगा". यह लोगों को आगाह करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है कि वे किसी के बहकावे में न आएं या किसी के जाल में न फंसें. यह अक्सर राजनीति या सामाजिक मुद्दों में इस्तेमाल होता है, जहां किसी को फंसाने या धोखा देने की कोशिश की जाती है.इसमें पचास से अधिक लोग फंस गए.अब उनको कोर्ट से जमानत लेने के लिए कहा जा रहा है.यहां तो दुकान चलाने का मसला है.जो दशकों से मांग की जाती है.
इस बीच पटना नगर निगम ने तुगलकी फरमान जारी कर दिया है.इस बेतुका या अव्यावहारिक आदेश में कहा गया कि सुबह आठ बजे के बाद दीघा हाट की सभी दुकानों को बंद कर देना है.ऐसा नहीं करने पर मोटी रकम वसूली और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.जो बिना सोचे-समझे जारी कर दिया जाता है, जिससे बड़ा नुकसान होता है और अक्सर उसे बाद में वापस लेना पड़ता है.
पटना- बांस घाट- दानापुर मुख्य मार्ग के दीघा के आसपास मुख्य मार्ग के दोनों तरफ बेरोजगार गरीब लोग दीघा हाट में दुकान सजाने की मांग है कि सरकार हम लोगों को उपयुक्त जगह पर दुकान बनाकर दें.जिस दुकानदार पर केस किया गया है.वह केस वापस लिया जाए.
आलोक कुमार
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