दिव्यांगजन आपदा सुरक्षा कार्यक्रम का राज्यव्यापी शुभारंभ

 

दिव्यांगजन आपदा सुरक्षा कार्यक्रम का राज्यव्यापी शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में ऐतिहासिक पहल, 38 जिलों में एक साथ कार्यक्रम आयोजित

दानापुर. बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (बी.एस.डी.एम.ए.) ने समाज कल्याण विभाग की संस्था “सक्षम” के सहयोग से आज प्रदेशभर में “दिव्यांगजन आपदा सुरक्षा कार्यक्रम” का भव्य शुभारंभ किया. यह महत्वाकांक्षी पहल माननीय मुख्यमंत्री सह प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नीतीश कुमार के प्रगतिशील नेतृत्व में संचालित की जा रही है.

        राज्यस्तरीय उद्घाटन समारोह पटना जिले के दानापुर स्थित सदर बुनियाद केंद्र में आयोजित हुआ.प्राधिकरण के माननीय उपाध्यक्ष डाॅ. उदय कांत, माननीय सदस्य श्री कौशल किशोर मिश्र, श्री नरेंद्र कुमार सिंह एवं श्री प्रकाश कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. समारोह में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन और उनके परिजन उपस्थित रहे.

               इस अवसर पर माननीय उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत ने कहा - “यह कार्यक्रम केवल आपदा प्रबंधन नहीं, बल्कि मानवता की सच्ची सेवा है.इसका लाभ समाज के उस अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य है, जो आज सबसे ज्यादा संवेदनशील है.” माननीय सदस्य श्री नरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि “संभवतः पूरे देश में बिहार पहला राज्य है जिसने दिव्यांगजनों के लिए आपदा सुरक्षा कार्यक्रम को इतनी व्यापकता से लागू किया है.”

            समारोह में प्राधिकरण के ओ.एस.डी. मो. मोइन उद्दीन, एस.डी.आर.एफ. कमांडेंट श्री राजेश कुमार, "सक्षम" के वरिष्ठ प्रशासनिक पदाधिकारी श्री हरिशंकर राम, डिप्टी सी.ई.ओ. श्री सुनील कुमार, राज्य कार्यक्रम प्रबंधक श्री शाहनवाज अहमद और श्री सुशील श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे। नोडल पदाधिकारी श्री संदीप कमल तथा प्राधिकरण की अवैतनिक सलाहकार सुश्री सुमन कुमारी के साथ प्राधिकरण की पूरी टीम भी मौके पर मौजूद थी.

          प्रदेश के सभी 38 जिलों में यह कार्यक्रम आज एक साथ आयोजित किया गया.वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के बुनियाद केंद्र उद्घाटन समारोह से जुड़े रहे.जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में सहायक जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी ने भी भाग लिया.

            इस अभियान के तहत अब तक 1000 से अधिक मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा चुके हैं तथा दर्जनों स्कूलों में मॉक ड्रिल आयोजित कर दिव्यांगजनों को आपदा के समय सुरक्षित रहने के तरीके सिखाए गए हैं.आने वाले दिनों में यह कार्यक्रम “सुरक्षित शुक्रवार” के नाम से राज्य के सभी 101 अनुमंडलों के बुनियाद केंद्रों से नियमित रूप से चलाया जाएगा. इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आपदा के समय आत्मनिर्भर एवं सुरक्षित बनाना है.बी.एस.डी.एम.ए. और एस.डी.आर.एफ. की विशेषज्ञ टीमों के साथ प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर दिव्यांगजनों को उनके अधिकार, सुरक्षा उपाय और आपातकालीन प्रतिक्रिया के गुर सिखा रहे हैं.


आलोक कुमार

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