गोड्डा.इन दिनों गोड्डा जिले के ललमटिया के डकैता गांव चर्चा में है.यहां पर नीलमणी मुर्मू रहती हैं.उसके बेटा का नाम सूर्यनारायण उर्फ सूर्या हांसदा है.वह इस समय बीमार चल रहा था.जिसके कारण वह अपनी मौसी के घर देवघर के मोहनपुर नावाडीह में रहता था.वहीं पर रहकर इलाज करवा रहा था.गोड्डा.जिले के एसपी मौसी के घर आकर सूर्या हांसदा से पूछताछ करने के उद्ेश्य से उठाकर ले गयी.वह रविवार का दिन था और 10 अगस्त की शाम.उसे पुलिस हिरासत में लिया गया.
रात होने पर पुलिस ने सूर्या हांसदा को हथियार खोजने के लिए ले गयी.और बहुत ही नाटकीय ढंग से भाजपा, झाविमो और जेकेएलएम जैसी पार्टियों से चार बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके सुर्या हांसदा पर आरोप लगाया गया कि वह पुलिस से रायफल छिनने लगा.इसी क्रम में सूर्य नारायण हांसदा की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई.बोआरीजोर थाना के जोलोकुण्डी एवं राहरबड़िया पहाड़ी के तराई से सोमवार 11 अगस्त की सुबह पुलिस ने शव बरामद किया है.
सूर्यनारायण हांसदा की मां निलमनी मुर्मू को घटना स्थल पर रोकती है.सूर्या हांसदा की मां निलमनी मुर्मू ने बताया कि कल रविवार को पुलिस ने देवघर के मोहनपुर नावाडीह स्थित मौसी के घर से सूर्या को गिरफ्तार किया था. कल रात मुठभेड़ करने की बात कही जा रही है. आज सोमवार की सुबह सूर्या के शव को सैकड़ों की संख्या में पुलिस बल द्वारा घटना स्थल से सदर अस्पताल गोड्डा पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया है. पुलिस मामले में फिलहाल कुछ भी नहीं बता रही है.गोड्डा पुलिस की ओर से सुर्य नारायण हांसदा के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी को लेकर एसआईटी का गठन किया गया था. इस मामले में गोड्डा एसडीपीओ अशोक रविदास के नेतृत्व में गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही थी.
इधर सूर्या की पत्नी सुशीला मुर्मू और उसकी मां नील मुनि मुर्मू ने फर्जी मुठभेड़ में उसके निहत्थे पति या पुत्र की हत्या किये जाने का आरोप लगाते हुए उसका शव लेने से फिलहाल इंकार कर रही है. पत्नी और मां का कहना है कि सूर्या बीमार था और चलने फिरने में असमर्थ था. उसे देवघर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र के नवाडीह गांव से गिरफ्तार किए जाने की सूचना मिली थी. लेकिन पुलिस की ओर से इस संबंध विधिवत रूप से परिवार कोई को सूचना नहीं दी गई,इस बीच आज ललमटिया थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में उसके मारे जाने की खबर मिलने पर वे लोग गोड्डा सदर अस्पताल पहुंची हैं और पोस्टमार्टम के बाद उसका शव लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है.
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि पुलिस ने जिस तरह आदिवासी नेता सूर्या हांसदा के खिलाफ कार्रवाई की, वह कई संदेह खड़ा करता है.वक्त ने एक आदिवासी को अपराधी बनाया, लोकतंत्र ने मंच दिया, लेकिन पुलिस ने आखिरी सांस छीन ली.सूर्या हांसदा चार बार चुनाव लड़ चुके थे, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था में यकीन करते थे.
विगत दिनों सूर्या हांसदा के पुलिस मुठभेड़ के संबंध मे जानकारी के लिए प्रदेश अध्यक्ष श्री बाबु लाल मरांडी जी ने सात सदस्यीय टीम का गठन किए हैं जो टीम स्वर्गीय सूर्य नारायण हांसदा के डकैता ग्राम में उनके परिवार से मिलेंगे जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री झारखंड सरकार व पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन मुंडा,पूर्व मंत्री झारखंड सरकार श्री अमर बाउरी व श्री रणधीर सिंह,पूर्व सांसद श्री सुनील सोरेन,पूर्व विधायक श्री भानु प्रताप शाही व श्री अमित कुमार मंडल,महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री श्रीमती अनीता सोरेन उनके परिवार से मिलेंगे.
आलोक कुमार


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