नई दिल्ली .राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद आदित्य साहू ने मंगलवार को इस मामले को उठाया. उन्होंने कहा कि खनन माफिया के इशारे पर सूर्या हांसदा की हत्या की गयी है. उन्होंने कहा कि आदिवासियों की हितैषी बनने का दिखावा करने वाली सरकार आदिवासियों की हत्या करवाती है.
सूर्या हांसदा एनकाउंटर का मामला मंगलवार को राज्यसभा में भी गूंजा. भाजपा प्रदेश महामंत्री सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने इस मामले को उठाते हुए राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि आदिवासी की हितैषी बनने का ढोंग करने वाली हेमंत सरकार युवा आदिवासी नेता की हत्या करवाती है. वहीं सदन में कांग्रेस -राजद के लोग जोर-जोर से चिल्लाते हैं और सदन नहीं चलने देते हैं, लेकिन दूसरी ओर इन दलों के समर्थन से चलने वाली झारखंड सरकार में अत्याचार, अन्याय और अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाने वाले सूर्या हांसदा जैसे लोगों की हत्या की जाती है.
उन्होंने कहा कि सूर्या हांसदा का परिवार जनजाति समाज की सांस्कृतिक, सामाजिक व्यवस्था का अगुआ है. स्वयं सूर्या हांसदा सैकड़ों अनाथ बच्चों को निशुल्क शिक्षा देते थे. उनके लिए भोजन, आवास की व्यवस्था कराते थे. ऐसे समाजसेवी को राज्य की पुलिस प्रशासन ने साजिश के तहत गोलियों से छलनी कर दिया.
आदिवासी नेता सूर्या हांसदा के एनकाउंटर पर ढेर सारे सवाल उठ रहे हैं. सूर्या हांसदा को 10 अगस्त की शाम को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था. गोड्डा जिले के बोआरीजोर ब्लॉक स्थित सूर्या हांसदा के गांव ललमटिया में इस घटना के बाद से मातम छाया हुआ है. वहीं घटना के बाद नेताओं का आना-जाना लगा हुआ है और परिजन एनकाउंटर की जांच सीबीआई से कराने के लिए गुहार लगाते फिर रहे हैं.
सूर्या हांसदा अपने गांव में आदिवासी बच्चों को फ्री शिक्षा और आवास देने वाला एक स्कूल चलाते थे. हांसदा कई राजनीतिक दलों में रहे और उनके खिलाफ 25 आपराधिक मामले भी दर्ज थे. जिसमें हत्या, हत्या के प्रयास, फिरौती के लिए अपहरण, जबरन वसूली, दंगा फैलाने के आरोपों से जुड़े मुकदमे शामिल हैं. राजनीतिक जीवन में सक्रिय रहे सूर्या हांसदा दो बार जेवीएम और बाद में इसका भाजपा में विलय होने पर वे बीजेपी में शामिल होकर 2019 में विधानसभा चुनाव लड़े. बहरहाल, सूर्या हांसदा की मौत पर सवाल उठ रहे हैं. बीजेपी इसे एनकाउंटर नहीं, बल्कि हत्या बताकर सरकार पर जांच का दबाव बनाने में जुटी है.
आलोक कुमार

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
welcome your comment on https://chingariprimenews.blogspot.com/