बुधवार, 10 जनवरी 2024

गुमला धर्मप्रांत के तीसरे बिशप का अभिषेक 12 जनवरी को


गुमला धर्मप्रांत के तीसरे बिशप का अभिषेक 12 जनवरी 2024 को

गुमला धर्मप्रांत में बिशप अभिषेक 12 जनवरी को 09:00 से संत पात्रिक पैरिश मैदान में

गुमला.रांची महाधर्मप्रांत को विभक्त कर गुमला धर्मप्रांत बनाया. तब संत पिता जॉन पॉल द्वितीय ने 28 मई, 1993 को विभक्त गुमला धर्मप्रांत का प्रथम बिशप माइकल मिंज एसजे नियुक्त कर दिया.यहां कैथोलिक आबादी में अनुसूचित जनजातियाँ में शामिल मुख्यतः खरिया, मुंडा, ओराँव और बड़ाइक हैं.बिशप माइकल मिंज 15 नवंबर 2004 तक रहे.         

        गुमला धर्मप्रांत का प्रथम बिशप माइकल मिंज एसजे का जन्म 8 अक्टूबर,1932 में हुआ था.उनका पुरोहित अभिषेक 25 मार्च,1965 में हुआ था.28 मई,1993 में बिशप मनोनीत हुए.उनका 22 अगस्त,1993 को बिशप अभिषेक हुआ.15 नवंबर 2004 में प्रभु के प्यारे हो गये.उस 72 साल 1 माह के थे.एक पुरोहित के रूप में 39 साल 6 माह और एक बिशप के रूप में 11 साल 2 माह सेवा दी.भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के जशपुर जिले का एक छोटा सा गाँव घोलेंग में बिशप का जन्म हुआ था.

           गुमला धर्मप्रांत का द्वितीय बिशप पॉल अलोइस लकड़ा बने.रोम के पोप बेनेदिक्त 16वें ने 28 जनवरी,2006 को गुमला शहर के नदीटोली निवासी पॉल अलोइस लकड़ा को गुमला धर्मप्रांत का बिशप चुना था.बिशप पॉल का जन्म 11.7.1955 को गुमला में हुआ था. उनका 06 मई 1988 में पुरोहित अभिषेक प्रीस्ट ऑफ रांची के रूप में हुआ.28 मई 1993 में प्रीस्ट ऑफ गुमला बने.28.1.2006 को बिशप मनोनीत किये गये.05 अप्रैल 2006 में बिशप अभिषेक हुआ.झारखंड में गुमला धर्मप्रांत के बिशप पॉल अलोइस लकड़ा  (65) का मंगलवार 15 जून, 2021 को सुबह 1.30 बजे आर्किड मेडिकल सेंटर, रांची में निधन हो गया. तब से बिशप गुमला धर्मप्रांत के एक चरवाहा बनकर 33 साल पुरोहित व 15 साल बिशप के रूप में सेवा दी.  

             गुमला धर्मप्रांत में 39 पल्ली है. इसके अंतर्गत 350 छोटे छोटे चर्च हैं. गुमला धर्मप्रांत के पल्ली के नाम है गुमला, सोसो, टुकूटोली, रामपुर, दलमदी, तुरबुंगा, अघरमा, कोनबीर नवाटोली, केमताटोली, ममरला, केउंदटाड़, छत्तापहाड़, रोशनपुर, लौवाकेरा,सुंदरपुर, देवगांव, करौंदाबेड़ा, मांझाटोली, जोकारी, मुरुमकेला, टोंगो,बारडीह, चौनपुर, मालम नवाटोली, नवाडीह, कटकाही, केड़ेंग, परसा, भिखमपुर, रजावल, कपोडीह, डुमरपाट, डोकापाट, बनारी, विमरला, चिरैयां, जरमना व नवडीहा है.

               गुमला धर्मप्रांत के बिशप पॉल अलोइस लकड़ा का 15 जून, 2021 निधन होने के बाद 15 जून, 2021 से 30 नवंबर 2023 तक प्रशासक के बल पर गुमला धर्मप्रांत चलता रहा. कलीसिया की सेवकाई व संचालन को ध्यान में रखते हुए रांची आर्चडायसिस के उच्चाधिकारियों ने गुमला धर्मप्रांत का नए प्रशासक के रूप में फादर लीनुस पिंगल एक्का को नियुक्त किया है. फादर लीनुस वर्तमान में चांसलर ऑफ द डायसिस के प्रो फादर का जन्म गुमला जिला के बुकमा गांव चैनपुर प्रखंड में 23 सितंबर, 1961 को हुआ था. जबकि पुरोहिताभिषेक 22 जनवरी 1994 को हुआ था.2021 में प्रशासक बने. 30 नवंबर 2023 को गुमला धर्मप्रांत के बिशप मनोनीत हुए.62 साल 1 माह में शानदार अवसर मिला.गुमला शहर के नदीटोली निवासी पॉल अलोइस लकड़ा की तरह गुमला धर्मप्रांत के चौनपुरा पल्ली के निवासी फादर लीनुस पिंगल एक्का है.

   गुमला धर्मप्रांत को 30 साल 7 माह 15 दिनों के बाद धर्मप्रांत के तीसरे बिशप के रूप में फादर लीनुस पिंगल एक्का मिलने वाले है.12 जनवरी 2024, शुक्रवार, 9.00 बजे प्रातः संत पात्रिक पैरिश मैदान, गुमला में बिशप अभिषेक होगा.मुख्य अभिषेककर्ता अति माननीय आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो, एस. जे. राँची महाधर्मप्रांत   है.उनके साथ सह अभिषेककर्ता मान्यवर बिशप विंसेंट बरवा सिमडेगा धर्मप्रांत मान्यवर बिशप आनन्द जोजो हजारीबाग धर्मप्रात होंगे.अति माननीय आर्चबिशप लेयोपोल्दो जिरेल्ली, भारत एवं नेपाल के प्रेरितिक राजदूत के उपस्थिति रहेंगे.तत्पश्चात् स्वागत समारोह तथा प्रीतिभोज का आयोजन है.

    इसमें भाग लेने के लिए बक्सर धर्मप्रांत के शाहपुर पल्ली के पल्ली पुरोहित भास्कर बोच्चा और   बक्सर पैरिश के फादर अनिल जा रहे हैं.उनके साथ सोहाव पैरिश (वाराणसी) के विक्टर डेनिस जा रहे हैं.


आलोक कुमार


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