राष्ट्रीय संघर्ष समिति के द्वारा न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग की जा रही है
श्रम मंत्री पेंशनरों को आंदोलन पुनः शुरू करने पर मजबूर न करें
नई दिल्ली. राष्ट्रीय संघर्ष समिति के द्वारा न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग की जा रही है. राष्ट्रीय संघर्ष समिति के
अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत के नेतृत्व में दो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर न्यूनतम पेंशन 7500 रु. महीना,डी ए, बिना किसी भेदभाव के सभी पेंशनर्स को उच्च पेंशन लाभ व पति-पत्नी को मुफ्त चिकित्सा सुविधा की मांग की गयी.इस अवसर पर सांसद हेमा मालिनी भी थी.उस समय प्रधानमंत्री मुलायम होकर हर संभव मांग पूरी करने का आश्वासन दिया.परंतु आज तक पूर्ण नहीं हो सका.
पिछले दिनों रामलीला मैदान में महारैली की गयी. जंतर मंतर पर धरना दिया गया. आमरण अनशन शुरू करने के पहले श्रम मंत्री के साथ अन्य कई सांसदों के आग्रह पर आमरण अनशन कार्यक्रम को स्थगित किया गया.आमरण अनशन स्थगित करने के बाद भी काम नहीं बनने से से श्रम मंत्रालय और ईपीएफओ की उदासीनता के विरोध में ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के आह्वान पर देशभर के 110 ईपीएफओ कार्यालयों पर पेंशनरों ने धरना प्रदर्शन कर श्रम मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया.
दिल्ली में भीकाजी कामा प्लेस स्थित ईपीएफओ कार्यालय पर समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत और राष्ट्रीय महामंत्री वीरेंद्र सिंह राजावत के नेतृत्व में दिल्ली के अनेक विभागों के पेंशनरों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शन में भाग लिया. अशोक राउत जी ने कहा कि पिछले 6 वर्षों से पेंशन न्यूनतम पेंशन 7500 रु महीना ़ डी ए, बिना किसी भेदभाव के सभी पेंशनर्स को उच्च पेंशन लाभ व पति-पत्नी को मुफ्त चिकित्सा सुविधा की मांग को लेकर देश भर में प्रदर्शन कर रहे हैं. बार-बार सरकार के मंत्री आश्वासन दे रहे हैं, दो बार मा प्रधानमंत्री जी ने भरोसा दिलाया पर अभी तक कोई घोषणा नहीं की गई. पिछले दिनों जंतर मंतर पर जारी अनशन को श्रम मंत्री जी के आश्वासन के बाद रोके रखा गया है परंतु पेंशनरों के सब्र का बांध अब टूट रहा है. मोदी जी को अपनी गारंटी निभानी चाहिए और मानवता के आधार पर वृद्ध पेंशनरों की मांगों को तत्काल पूरा करना चाहिए वरना स्थगित अनशन 30 जनवरी से पुनः शुरू कर दिया जाएगा और मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा.
प्रदर्शन स्थल पर सभा को राष्ट्रीय महामंत्री वीरेंद्र सिंह राजावत राष्ट्रीय सचिव रमेश बहुगुणा, बी एस राणा, राजेंद्र छेत्री, अशोक तंवर, धर्मवीर सुनीता डेविड आदि ने संबोधित करते हुए कहा कि श्रम मंत्री बार-बार आश्वासन दे देते हैं परंतु ईपीएफओ कोई रुचि न लेकर सरकार को भ्रमित कर रहा है जिससे पेंशनरों में रोष बढ़ता जा रहा है जो धीरे-धीरे उग्र रूप ले सकता है अतः पेंशनरों की समस्याओं का तत्काल समाधान होना चाहिए.
आलोक कुमार

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