दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग गोपालगंज से पूर्वी चंपारण पहुंचा
नारायणी नदी पार कर विराट रामायण मंदिर केसरिया की ओर ऐतिहासिक यात्रा
दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग अब गोपालगंज से नारायणी नदी पार कर पूर्वी चंपारण पहुंच चुका है. करीब 210 टन वजनी इस विशाल शिवलिंग को डुमरिया घाट सेतु के रास्ते प्रशासन की निगरानी में सुरक्षित तरीके से नदी के उस पार ले जाया गया.इस ऐतिहासिक और चुनौतीपूर्ण अभियान के सफल होने के बाद श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. शिवलिंग को पूर्वी चंपारण के केसरिया स्थित विराट रामायण मंदिर में स्थापित किया जाना है.
प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती, लेकिन सफल अभियान
इतने भारी-भरकम 210 टन शिवलिंग बिहार को पुल से सुरक्षित पार कराना जिला प्रशासन के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था.जरा-सी चूक बड़ा हादसा बन सकती थी। इसे देखते हुए डीएम पवन कुमार सिन्हा और एसपी के नेतृत्व में इंजीनियरों व तकनीकी विशेषज्ञों की विशेष टीम तैनात की गई थी.डीएम पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि 210 टन वजनी दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग को पुल से सुरक्षित पार कराना आसान नहीं था, लेकिन सभी विभागों के आपसी समन्वय और विशेषज्ञों की सलाह से यह कार्य पूरी सावधानी और सफलता के साथ पूरा किया गया.उन्होंने कहा कि अब शिवलिंग को निर्धारित मार्ग से विराट रामायण मंदिर केसरिया तक पहुंचाया जाएगा.
श्रद्धालुओं में उत्साह, रास्ते भर उमड़ी भीड़ दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग के बिहार में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला. गोपालगंज से पूर्वी चंपारण धार्मिक समाचार के लिहाज़ से यह एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है. रास्ते भर श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ते नजर आए। प्रशासन की इस सफलता को एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है.
तमिलनाडु से बिहार तक World’s Largest Shivling की यात्रा यह World’s Largest Shivling Bihar तमिलनाडु के महाबलीपुरम में तैयार किया गया है. विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद इसे गोपालगंज लाया गया और अब यह अपने अंतिम गंतव्य, पूर्वी चंपारण के केसरिया स्थित विराट रामायण मंदिर की ओर अग्रसर है.इस अवसर पर बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने शिवलिंग का विधिवत स्वागत किया और पूजा-अर्चना की.मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह दिवंगत किशोर कुणाल का सपना था कि पूर्वी चंपारण में दुनिया का सबसे भव्य विराट रामायण मंदिर बने. इसी उद्देश्य के साथ पिछले 10 वर्षों से इस विशाल शिवलिंग का निर्माण कार्य चल रहा था.जानिए दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की विशेषता मंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें 1008 शिवलिंग समाहित हैं. यानी कोई भी श्रद्धालु जब इस शिवलिंग पर जलाभिषेक करता है, तो उसे 1008 शिवलिंग के पूजन के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है.उन्होंने कहा कि अयोध्या के बाद यह दुनिया का सबसे विराट मंदिर होगा. 2030 तक विराट रामायण मंदिर के निर्माण को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
17 जनवरी को होगी शिवलिंग की स्थापना महावीर मंदिर, पटना के सचिव और बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के सदस्य सायन कुणाल ने बताया कि 17 जनवरी, माघ कृष्ण चतुर्दशी के पावन अवसर पर दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना पूर्वी चंपारण स्थित विराट रामायण मंदिर में की जाएगी. इसी दिन अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की भी स्थापना होगी.उन्होंने बताया कि 12 से 13 जनवरी के बीच शिवलिंग को मंदिर परिसर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
आलोक कुमार



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