मंगलवार, 26 अप्रैल 2022

दो दिवसीय ग्रामीण मुखिया नेतृत्व विकास शिविर का हुआ समापन

* एकता परिषद का दो दिवसीय ग्रामीण मुखिया नेतृत्व विकास शिविर का हुआ समापन

सागर.एकता परिषद मध्यप्रदेश वन अधिकार अभियान के  तहत जिला सागर के ब्लॉक देवरी, बंडा, राहतगढ़ ब्लॉक के सागर कन्हैया वाटिका में दो दिवसीय ग्रामीण मुखिया नेतृत्व विकास शिविर का आयोजन रखा गया.शिविर का समापन हो गया.इस शिविर में गांव-गांव वन अधिकार चौपाल  चलाने का निश्चय किया गया.जिसमे सागर जिले कि देवरी, बंडा , राहतगढ़ ब्लाक,50 गांव के  150 मुखिया साथी भाग लिया. इस शिविर का मुख्य उद्देश्य वन अधिकार अधिनियम के तहत जानकारियों का आदान-प्रदान करना एवं वन अधिकार पाने के लिए जो प्रक्रिया है उसकी जानकारी ग्रामीणों को देना है.


इस शिविर में प्रत्येक गांव से दो-दो मुखियाओं का नेतृत्व तैयार कर वन अधिकार अभियान चलाया जाएगा. शिविर में भोपाल से आए एकता परिषद के राष्ट्रीय महासचिव श्री अनीश जी ने  जमीन के संदर्भ में बात रखते हुए बताया की वन अधिकार कानून 2006 को लागू  हुए पन्द्रह साल से ज्यादा हो गया है फिर भी गरीब वंचित आदिवासी आज भी अपने अधिकार से वंचित हैं. कई बार गांव के लोगों ने दावा आवेदन किये. कभी ऑफलाइन ,तो कभी ऑनलाइन के दावा किए. परन्तु अभी भी अपने अधिकारों से वंचित हैं. जंगलों में निवास करने वाला समुदाय के लोग मध्यप्रदेश में अभी भी पिछड़ा हुआ है. जिसको लेकर अभी बहुत कार्य करना शेष है.           


एकता परिषद के प्रदेश संयोजक डोंगर भाई ने कहां कि मध्यप्रदेश वन अधिकार अभियान कार्यक्रम चलाया जा रहा है, आने वाले समय में अंतिम बार जिन लोगों को वन अधिकार का पट्टा नहीं मिला है,उन सभी का वन अधिकार अभियान के तहत दावा लगाने के लिए एकता परिषद इस अभियान के तहत कार्यकर्ताओं द्वारा सिलवानी के ग्रामों में वन अधिकार पर मई माह से चौपाल लगाकर दावे लगाने की प्रक्रिया चलाएं .


इस प्रक्रिया के उपरांत वन भूमि के मुद्दों को हल कराने के लिए शासन प्रशासन से संवाद किया जाएगा साथ ही संगठन का विस्तार हो रहा इसलिए सदस्यता अभियान चलाया जाएगा और गांव-गांव में अनाज कोष इकठ्ठा करना होगा. जो गरीब वंचितों समाज की पंचायत पर खर्च कर समाज को एकजुट किया जाएगा.दो दिवसीय शिविर का सफल संयोजन दीपक अग्रवाल ने किया. शिविर में एकता महिला मंच रायसेन जिला समन्वयक सरस्वती ऊइके, जिला संयोजक टीकाराम आठिया,सिहोर संयोजक राकेश रतन,बैतूल से आए संयोजक भरत सरयाम, सागर क्षेत्र के कार्यकर्ता साथी, रविशंकर भाई, प्रमोद गौड़ , मनोज आदिवासी , शान्ति बहिन, तुलसा , प्रदीप कुमार,मंगल सौर,पुरन अहिरवार, आदि गांवों मुखिया, युवा,महिलाए उपस्थित रहे.

आलोक कुमार 

सोमवार, 25 अप्रैल 2022

बिहार के युवाओं की सोच बदलने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए काम कर रहे हैं विकास वैभव

 

समस्तीपुर.भारत विरासत ओलंपियाड पुरस्कार 2022 संपन्न.2003 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी विकास वैभव हैं.इन दिनों बिहार में लेट्स इंस्पायर बिहार मुहिम चला रहे हैं. इसके तहत वह बिहार के युवाओं की सोच बदलने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए काम कर रहे हैं.वर्तमान में बिहार सरकार के गृह विभाग में विशेष सचिव के पद पर हैं.राज्य सरकार की दी गई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को वह बखूबी निभा रहे हैं. वे परिवार को भी समय दे रहे हैं.


पश्चिम चंपारण के बेतिया मूल की आयरिन ओस्ता समस्तीपुर में रहती हैं.यहां पर संत पीटर नामक स्कूल चलाती हैं.यहां पर दीनबंधु ट्रस्ट संचालित है.ट्रस्ट का सचिव ने भारत विरासत ओलंपियाड पुरस्कार 2022 का पुरस्कार वितरण समारोह में एंकरिंग करने का दायित्व आयरिन ओस्ता को सौंपा था.जिसे बखूबी आयरिन ने निभाई. एंकरिंग करने वाली आयरिन ओस्ता ने कहा कि बिहार सरकार के गृह विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यशील आईपीएस विकास वैभव जी बतौर मुख्य अतिथि के रूप में आये थे.उनके कुशल नेतृत्व में युवाओं को मार्गदर्शन देने का कार्यक्रम संचालित है.इस अवसर पर बिहार के ओलंपियाड पुरस्कार 2022 के युवाओं को पुरस्कार दिया गया. मौके पर एंकरिंग का दायित्व बखूबी निभाने वाली आयरिन ओस्ता को सम्मानित किया गया. बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी विकास वैभव के करकमलों से युवाओं को सम्मानित किया गया.


मौके पर सम्मानित होने के बाद आयरिन ओस्ता ने कहा कि एक सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह का हिस्सा बनना एक सम्मान की बात थी.एंकरिंग का दायित्व  युवाओं को प्रेरित करें.बिहार के युवाओं के लिए यह अद्भुत अवसर था.मौके पर सभी लोगों को अवसर लाने के लिए धन्यवाद! आईपीएस विकास वैभव और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को भी धन्यवाद.इन महानुभावों ने अपनी कीमती वक्त दिये.वहीं दीनबंधु ट्रस्ट के लिए बिहार के उत्थान के लिए काम करने का उनका अद्भुत उत्साह वाला दिन साबित हुआ.



आलोक कुमार  


सोशल मीडिया के अनेको पदाधिकारियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए मोमेंटो देकर सम्मानित किया

                                *प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने टॉप सोशल मीडिया वारियर्स को सम्मानित किया

पटना.बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा ने आज कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम में प्रदेश सोशल मीडिया के अध्यक्ष सौरभ सिन्हा सहित सोशल मीडिया के अनेको पदाधिकारियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए मोमेंटो देकर सम्मानित किया.


प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस  सोशल मीडिया के टॉप वारियर्स  डा0 शंकर चौधरी, केशव प्रसाद सिंह, नदीम अख्तर अंसारी, नितिन कृष्णन, रूपेश कुमार, राम शिव लोकेश, संजय राय, राज किशोर चौधरी, उमेश कुमार शर्मा, प्रफुल्ल रंजन, मो0 सरफराज को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा ने आज मोमेन्टो देकर सम्मानित किया. ये सोशल मीडिया के टॉप वारियर्स ने सोशल मीडिया के क्षेत्र में पिछले कई महीनों से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, तथा कांग्रेस पार्टी की नीतियों एवं कार्यक्रमों को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार कर आमजन तक पहुंचा रहे हैं.


आलोक कुमार 
 

रविवार, 24 अप्रैल 2022

गांव की योजना एवं गांव का विकास विषय पर संवाद

 मोतिहारी.पूर्वी चंपारण जिले के जिला परिषद सभागार, मोतिहारी में माननीय अध्यक्ष, जिला परिषद, श्रीमती ममता राय एवं जिलाधिकारी , श्री शीर्षत कपिल अशोक की उपस्थिति  में  दैनिक हिंदी समाचार पत्र ‘प्रभात खबर‘ के तत्वावधान में पंचायती राज दिवस के अवसर पर गांव की योजना एवं गांव का विकास विषय पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया.



प्रभारी प्रभात खबर श्री सत्यानंद सत्यार्थी द्वारा जिलाधिकारी महोदय को बुके देकर किया गया सम्मानित.कार्यक्रम का संचालन प्रभात खबर के जिला संवाददाता मो इंतेजारुल हक के द्वारा किया गया.जिलेभर के सभी प्रखंडों के विभिन्न क्षेत्रों से आए माननीय जनप्रतिनिधियों ने पंचायती राज के तहत गांव की योजना एवं गांव के विकास विषय पर अपनी चुनौतियों से अवगत कराते हुए उनके द्वारा बेहतर  सुझाव भी प्रस्तुत किए गए.

जिलाधिकारी महोदय ने अपने संबोधन में कहा कि पंचायती राज विभाग अंतर्गत सभी योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण ढंग से धरातल पर उतारे.ग्राम सभा को सशक्त बनाएं.उन्होंने कहा कि देश की आत्मा गांवों में बसती है.सभी माननीय जनप्रतिनिधिगण अपनी जिम्मेवारी के साथ कार्य करें, ग्राम स्वराज्य के कार्य में समय न गवाएं ,ग्राम स्तर पर सभी लाभकारी योजनाओं को धरातल पर उतारे, आमजन के हित में राजनीतिकरण न होने दें,समाज के सभी वर्गों के लिए समान रूप से कार्य करें.उन्होंने कहा कि पंचायतों के हर गांव में खेल का मैदान, जल संचयन योजना, स्वच्छता योजना,आवास योजना, महिला सशक्तिकरण आदि को गुणवत्तापूर्ण ढंग से प्राथमिकता में ले.
माननीय जिला परिषद अध्यक्षा श्रीमती ममता राय ने कहा कि पंचायत स्तर पर योजनाओं की छोटे से छोटे समस्याओं का निदान करें.तभी हर गांव को समस्या से मुक्ति मिल सकेगा.प्रभारी प्रभात खबर श्री सत्यानंद सत्यार्थी ने कहा कि जन सरोकार के हित में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करते रहेंगे.


इस अवसर पर  माननीय जिला परिषद उपाध्यक्ष, श्रीमती गीता देवी, समाजसेवी कपूराय, जिला गोपनीय शाखा पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, सभी माननीय जनप्रतिनिधि यथा जिला परिषद सदस्य, मुखिया, प्रखंड प्रमुख, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य आदि उपस्थित थे.

आलोक कुमार

शनिवार, 23 अप्रैल 2022

प्रथम पुण्यतिथि

 पटना. येसु समाज के पुरोहित फादर सुशील साह.एक साधारण पुरोहित नहीं थे.वे अमेरिका में जाकर मनोचिकित्सक का अध्ययन किये थे.अमेरिका से मनोचिकित्सक के डाक्टर बनकर आये.यहां पर कुर्जी पल्ली के सहायक पल्ली पुरोहित थे. एक मनोचिकित्सक के डाक्टर होने के कारण डॉ.सुशील साह कुर्जी होली फैमिली हाॅस्पिटल में प्रैक्टिस करने लगे थे. इस बीच डा.सुशील साह का स्थानान्तरण बेतिया महापल्ली में 2018 में हो गया.यहां प्रधान पल्ली पुरोहित बनने के बाद फादर सुशील साह ने पल्ली परिषद गठित किया.इनके नेतृत्व में बेतिया चर्च के 275 वर्ष का जयंती बनाया गया.फादर सुशील का कदम बढ़ने लगा.इस बीच बीमार पड़े. बिस्तर पर गिरे तो फिर उठे नहीं.विधि के विधान के तहत फादर सुशील साह का निधन 24 अप्रैल 2021 को पटना में हो गया. उनका प्रथम पुण्यतिथि पर के.आर.हाई स्कूल के शिक्षक और बेतिया पल्ली परिषद के सदस्य जेम्स माइकल ने श्रद्धांजलि अर्पित किये हैं.


आलोक कुमार 

देश में स्वतंत्रता संग्राम के 1857 के अग्रिम योद्धा वीर कुंवर सिंह

 

पटना.देश में स्वतंत्रता संग्राम के 1857 के अग्रिम योद्धा वीर कुंवर सिंह का 165 वां विजयोत्सव आज पूर्वाह्न 11.30 बजे प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय, सदाकत आश्रम में मनाया गया. बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा ने समारोह की अध्यक्षता की.


डा0 झा ने कहा कि वीर कुंवर सिंह 80 वर्ष की अवस्था में 23 अप्रैल, 1857 को अंगरेजी सेना को हराकर जगदीशपुर के किले एवं आरा शहर में अपना झंडा फहराया था.उन्होंने कहा कि वीर कुँवर सिंह अद्वितीय शौर्य एवं साहस के साथ अंगरेजी सेना से लड़े. वे साम्प्रदायिक एकता के बड़े हिमायती थे.जहाँ उन्होंने शिव मंदिर बनाये वहीं उन्होंने मस्जिद भी बनवाये तथा पीर-फकीरों को दान भी दिये.डा0 झा ने कहा कि आज कृतज्ञ राष्ट्र वीर कुँवर सिंह के योगदान को स्मरण कर उनकी स्मृति को शत-शत नमन करता है.


इस अवसर पर डा0 मदन मोहन झा के अलावे प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, सदस्यता प्रभारी ब्रजेश प्रसाद मुनन, पूर्व विधायक गजानन्द शाही, लाल बाबू लाल, कुमार आशीष,ज्ञान रंजन, शशिकांत तिवारी, शरबतजहां फातमा, अरविन्द लाल रजक,रीता सिंह, मृणाल अनामय, आर0एन0चैधरी, राज किशोर चौधरी, विमलेश तिवारी, अनूप कुमार, निधि पाण्डेय, रूमा सिंह, सत्येन्द्र पासवान, आयुष भगत, सुभाष झा, सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित थे.


आलोक कुमार 

शुक्रवार, 22 अप्रैल 2022

22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस मनाया


रांची.नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज रद्द हो.जान देंगे जमीन नहीं देंगे.जल,जंगल और जमीन, वह हो जनता के अधीन.इसी तरह का नारा लगाते ग्रामीण 21 अप्रैल को टूटवापानी से पदयात्रा शुरू कर दी है.इस समय की चिलचिलाती धूप में टुटूवापानी से बनारी, विशुनपुर, आदर, घाघरा, टोटाम्बी, गुमला, सिसई, भरनो, बेड़ो, गुटुवा तालाब, कटहलमोड़, पिस्का मोड़, रातू रोड होते 25 अप्रैल को रांची (राजभवन) पहुंचेगी.इस बीच पदयात्री 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस भी मनाया.झारखंड के राज्यपाल से मिलने करीब दो सौ किमी पदयात्रा कर सैकड़ों आदिवासी लातेहार के नेतरहाट टुटुआपानी आंदोलन स्थल से आएंगे.


नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज रद्द करने की मांग को लेकर केंद्रीय जनसंघर्ष समिति के बैनर तले 200 से भी अधिक गांवों के लोग दो सौ किमी पदयात्रा कर रहे हैं. वे झारखंड की राजधानी रांची पहुंच राजभवन के सामने धरना देंगे. करीब 30 सालों से अनिश्चितता में जीते लोग गांवों से निकल पड़े हैं.जान देंगे, जमीन नहीं देंगे. जल, जंगल, जमीन हमारा है. इस नारे के साथ गुरुवार को झारखंड के लातेहार जिले के नेतरहाट के सत्याग्रह स्थल टुटूवापानी से नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज को रद्द कराने की मांग को लेकर केंद्रीय जनसंघर्ष समिति लातेहार, गुमला के बैनर तले राजभवन के लिए पदयात्रा शुरू हुई. इस पदयात्रा को केंद्रीय जनसंघर्ष के सबसे बुजुर्ग साथी 95 वर्षीय एमान्वेल एवं मगदली कुजूर, दोमिनिका मिंज, मो खाजोमुदीन खान, बलराम प्रसाद साहू, एवं रमेश प्रसाद जायसवाल ने आंदोलनकारियों को माला पहनाकर एवं झंडा दिखाकर रवाना किया. इस पदयात्रा में जेरोम जेराल्ड कुजूर व फिल्म निर्देशक श्रीराम डाल्टन भी शामिल हैं. ये पदयात्रा 25 अप्रैल को रांची पहुंचेगी. यहां आंदोलनकारी राजभवन के समक्ष धरना देंगे और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे.


ये पदयात्रा नेतरहाट की वादियों से निकल कर चिलचिलाती धूप में टुटूवापानी से बनारी, विशुनपुर, आदर, घाघरा, टोटाम्बी, गुमला, सिसई, भरनो, बेड़ो, गुटुवा तालाब, कटहलमोड़, पिस्का मोड़, रातू रोड होते 25 अप्रैल को रांची (राजभवन) पहुंचेगी. यात्रा में प्रभावित क्षेत्र के 200 से अधिक आंदोलनकारी महिला एवं पुरुष के साथ युवा भी शामिल हुए. ये 25 अप्रैल को राजभवन के समक्ष धरना देंगे और राज्यपाल को नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज रद्द कराने को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा. इस पदयात्रा में शामिल होने के लिए बुधवार शाम से ही सत्याग्रह स्थल टुटूवापानी में प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण जुटने लगे थे. सत्याग्रह स्थल पर पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों ने रात्रि विश्राम किया, जहां जन संघर्ष समिति के द्वारा भोजन की व्यवस्था की गयी. इस पदयात्रा में फिल्म निर्देशक श्रीराम डाल्टन भी शामिल हुए. आपको बता दें कि इस आंदोलन की पृष्ठभूमि पर एक फिल्म का ताना बाना बुना गया. पटकथा लिखी गयी और फिल्म थंडर स्प्रिंग बनाई गयी है. निर्देशक श्रीराम डाल्टन ने कहा कि मौका मिले तो फिल्म जरूर देखें. इसमें दिखाया गया है कि कैसे लोग जान देने को तैयार हैं, लेकिन अपनी जमीन किसी सूरत में देने को तैयार नहीं हैं.


 बताते चले कि पायलट प्रोजेक्ट नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज से होने वाले 245 गांव के विस्थापन के खिलाफ चला आंदोलन 22-23 मार्च 2014 को सत्याग्रह दिवस मनाते हुए अपने आंदोलन का 21वाँ वर्ष पूरा करेगा. जतरा टाना भगत के दिखाए रास्ते पर अमल करते हुए झारखंड में झारखंडी प्रतिरोध की संस्कृति में  आगे बढ़ते जन सत्याग्रह के माध्यम से झारखंड ही नहीं , देश एवं वैश्विक स्तर पर विस्थापन विरोधी आंदोलनों को नई दिशा देने का काम इस आंदोलन ने किया है. आज की तारीख में यह आंदोलन  सफल आंदोलनों की श्रेणी में शामिल है.परन्तु आंदोलनकारी आज भी संघर्षरत हैं और अपनी लड़ाई के लिए कमर कस कर किसी भी कीमत पर पायलट प्रोजेक्ट को नहीं बनने देना चाहते हैं और नही उस क्षेत्र में होने वाले चांदमारी  एवं गोलाबारी अभ्यास को भी नहीं होने देना चाहते.स्पष्ट तौर पर कहा जा सकता है कि संभावित विस्थापित  क्षेत्र के लोग अब किसी भी कीमत पर सेना की चहलकदमी स्वीकार करने को तैयार नहीं। इसके पीछे इनका तर्क साफ है कि 1956 से 1993 तक  37वर्षों में सेना द्वारा गोलाबारी अभ्यास के दौरान सेना के जवानों द्वारा अमानवीय,शर्मनाक एवं दर्दनाक व्यवहार जिसका सर्वेक्षण  केंद्रीय जन संघर्ष समिति जिसने पूरे आदोलन का नेतृत्व किया, करा लिया था जो चौंकाने वाले हैं. 


आलोक कुमार 


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