रविवार, 22 मई 2022

फादर प्रोविंशियल सुसैमनी एसजे द्वारा पुस्तक का विमोचन

राजस्थान.अविला की संत तेरेसा ने एक आत्मा की अन्तर्यात्रा की कहानी लिखी, और उसका नाम THE SPIRITUAL WINDOWS दिया है, जिसका हिंदी अनुवाद है,‘ आध्यात्मिक दुर्ग‘.‘आध्यात्मिक दुर्ग‘ में आत्मा अपनी यात्रा बाहर से अन्तः की ओर करती है, जिसमें उसे अनेक दुर्गों का सामना करना पड़ता है, जिसमें उसे अनेक दुर्गों का सामना करना पड़ता है, ऊंची-नीची,लम्बी- चौड़ी ,अंधेरी घाटियों आदि के रूप में व्याख्यायित है.राजस्थान में स्थित संत जेवियर्स कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल हैं फादर रेमण्ड केरोबिन,फादर रेमण्ड केरोबिन आध्यात्मिक दुर्ग का लेखक हैं. पिछले दिनों आध्यात्मिक दुर्ग का विमोचनकिया गया.दिल्ली जेसुइट प्रोविंश के फादर प्रोविंशियल सुसैमनी एसजे द्वारा पुस्तक का विमोचन किया गया.

मैंने संत तेरेसा की इसी पुस्तक,‘ आध्यात्मिक दुर्ग‘ से प्रेरणा प्राप्त कर अपनी इस पुस्तक का नाम ‘ आध्यात्मिक झरोखा‘ रखा है. प्रस्तुत पुस्तक में ‘झरोखा‘ शब्द का अभिप्राय उन छोटी-बड़ी खिड़कियों से है, जिनके माध्यम से आत्मा/व्यक्ति अपने जीवन के परे विभिन्न घटनाओं पर एक नजर डालता है, तथा उनसे अपने भावी जीवन के लिए कुछ सीख लेता है.ये झरोखा इस पुस्तक में विभिन्न कहानियों,जीवनियों एवं घटनाओं के रूप में आए हैं.

प्रस्तुत पुस्तक लिखने के मेरे निम्नलिखित अभिप्राय है- यह पुस्तक..

1. वैसे लोगों के लिए है, जो अपनी व्यस्तता के बावजूद, कुछ समय निकाल कर कुछ रोचक एवं प्रेरणादायक कहानियां पढ़ कर अपने जीवन को सजाने-संवारने में विश्वास रखते है.

2. वैसे शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए है,जो जीवन में घटित घटनाओं को नीति-शिक्षा से जोड़ने में विश्वास रखते हैं.प्रस्तुत पुस्तक आपको चिंतन एवं एकांकी आदि तैयार कर प्रश्न पूछने के लिए प्रचूर मात्रा में सामग्री प्रदान करेगी.

3. वैसे धर्म सामाजिक समुदायों के लिए है, जो प्रति माह एक दिवसीय ‘रेकलेक्शन‘ अथवा प्रार्थना एवं मनन-चिंतन में समय बिताने में विश्वास रखते हैं. प्रस्तुत पुस्तक विभिन्न विषयों पर चिंतन एवं धर्मग्रंथ बाइबिल से उनके प्रेरणों के द्वारा काफी हद तक सहायक सिद्ध हो सकती है.

4. वैसे पुरोहितों के लिए है,जिनको प्रतिदिन और विशेषकर रविवारीय मिस्सा पूजा में प्रवचन अथवा उपदेश देने के लिए काफी समय इसकी तैयारी में लगाना पड़ता है. प्रस्तुत पुस्तक आपको चिंतक एवं धर्मग्रंथ बाइबिल से उनके प्रेरणों के द्वारा सहायक सिद्ध हो सकती है.

अंततः मैं फादर ड्यूरैक,ये.स.,फादर सुशील बिलुंग,ये.स. तथा सिस्टर बेला,ओ.एस.यू. के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूं,जिन्होंने न सिर्फ इस पुस्तक की ‘ प्रूफ रीडिंग‘ की है,बल्कि अपने बहुमूल्य सुझावों से इसे आकर्षक तथा प्रेरणादायक बनाने में अहम भूमिका निभाई है.

मैं अपने प्रोविंशियल फादर जोस वड़ाशेरी,ये.स. के प्रति कृतज्ञ हूं,जिन्होंने मुझे इस पुस्तक को छापने की अनुमति दी है, तथा अपने सह्दय विचारों एवं सुझावों से लाभान्वित भी किया है.

पटना महाधर्मप्रांत के हमारे महाधर्माध्यक्ष विलियम डिसूजा,ये.स.के प्रति मैं कैसे धन्यवाद ज्ञापन करूं, समझ में नहीं आता है. उन्हीं की प्रेरणा एवं आशीर्वाद का फल है यह पुस्तक. उन्होंने कैथोलिक हिंदी साहित्य के लिए अपना योगदान देने के लिए मुझे हमेशा प्रोत्साहित किया है, तथा धर्मप्रांत की कलीसिया के आध्यात्मिक विकास के लिए प्रस्तुत पुस्तक को लिखने के लिए प्रोत्साहित किया है. धन्यवाद शब्द यहां अति लघु जान पड़ता है. प्रस्तुत पुस्तक के लिए आपने बहुमूल्य संदेश लिखा है, तथा इस प्रकाशित करने की अनुमति दी है. यह मेरे लिए बहुत ही उत्साहवर्धक एवं प्रेरणादायक भी है.

मैं अपने सभी मित्रों एवं शुभचिंतकों को भी धन्यवाद देता हूं,जिन्होंने हमेशा मुझे प्रोत्साहित एवं क्रियाशील बने रहने में मेरी सहायता की है. आप सभी की प्रार्थनाओं एवं सहायता के कारण ही मेरी कलम कुछ लिखने को बाध्य हो जाती है.

आलोक कुमार  



मिल कर काम करने पर भी सहमति जाहिर


 देश के प्रसिद्ध कॉलेजों की पढ़ाई के तरीके, सभ्यता और रिसर्च वर्क के लिए पटना वीमेंस कॉलेज ने 17 कॉलेजों के साथ एमओयू साइन किया है. कॉलेजों के बीच शिक्षा, अनुसंधान और अन्य गतिविधियों के क्षेत्रों में अकादमिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के साथ ही कॉलेजों के बीच संबंधों को विकसित करने में मदद करेगा. संस्थान उच्च शिक्षा की दिशा में सहयोग करने और मिल कर काम करने पर भी सहमति जाहिर की है....

पटना.पटना वीमेंस कॉलेज की स्थापना 1940 में बिशप

बी.जे. सुलिवन एसजे, पटना के बिशप और मदर एम. जोसेफिन ए.सी. सुपीरियर जनरल ऑफ अपोस्टोलिक कार्मेल द्वारा की गई थी. यह बिहार में महिलाओं की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए खोला गया उच्च शिक्षा का पहला संस्थान था. संस्थापक बिशप सुलिवन ने इसका नाम पटना महिला कॉलेज रखा और इसे बिहार की महिलाओं को उपहार के रूप में प्रस्तुत किया, जिससे उनके निपटान में उच्च शिक्षा का अवसर मिला. बिशप सुलिवन का दृढ़ विश्वास था कि बिहार का उत्थान अपनी महिलाओं को उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करके यानी उन्हें सशक्त बनाकर उन्हें मुक्त करने में है.प्रारंभिक वर्षों में, कॉलेज और छात्रावास बांकीपुर में बिशप के अपने आवास में स्थित थे, जिसे उन्होंने इस मील के पत्थर के लिए खाली कर दिया था.


इस बीच शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए यूजीसी यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने ओपन यूनिवर्सिटी को स्थापित करने के लिए कई नियमों में बदलाव किए हैं. नियमों में हुए संशोधन को लेकर केंद्र शिक्षा मंत्रालय के द्वारा 20 मई को इस पर मुहर लगाई जा चुकी है. यूजीसी फिटनेस नियम 1989 के तहत ओपन यूनिवर्सिटी के लिए यूजीसी के द्वारा गजट अधिसूचना जारी की गई थी. जिसकी मंजूरी शिक्षा मंत्रालय के द्वारा 20 मई को दी जा चुकी है. साथ ही इस बदलाव के संबंध में शिक्षा मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ हायर एजुकेशन के द्वारा यूजीसी को लेटर और गजट की रिपोर्ट कॉपी भेजी गई है.                


यूजीसी के चेयरमैन का कहना है कि इस संशोधन के बाद ओपन यूनिवर्सिटी की स्थापना करने के लिए लगभग 40 से 60 एकड़ की जमीन की जरूरत को महज पांच एकड़ की जमीन तक सीमित कर दिया गया है. वहीं, अब ओपन यूनिवर्सिटी केवल पांच एकड़ की जमीन पर ही खोले जाएंगे. इस संशोधन के पीछे संस्थान के लिए जमीन की जरूरत को सीमित किए बिना डिस्टेंस लर्निंग और ऑनलाइन मोड से शिक्षा में ज्यादा से ज्यादा संस्थानों को बढ़ावा देना है. इससे पहले ओपन यूनिवर्सिटी के लिए 40 से 60 एकड़ जमीन हुआ करती थी, जो कि शहरों में और खास कर पहाड़ी इलाकों में खरीदना मुश्किल होता है. जिसे घटाकर महज पांच एकड़ कर दिया गया है.

भारत के प्रसिद्ध कॉलेजों की शिक्षा नीति, सभ्यता और रिसर्च के काम के लिए पटना वीमेंस कॉलेज ने 17 कॉलेजों के साथ एमओयू को साइन किया है. वहीं सभी कॉलेजों के मध्य शिक्षा, अनुसंधान और बाकी सभी गतिविधियों के क्षेत्रों में अकादमिक और सांस्कृतिक सभ्यताओं के आदान-प्रदान के साथ बेहतर संबंधों को बनाया जा सकेगा. संस्थान उच्च शिक्षा के लिए मिलकर काम करने की सहमति जाहिर की है.

साझेदारी समझौता कार्यक्रम जेवियर बोर्ड ऑफ हायर एजुकेशन के द्वारा आयोजित किया गया. इसमें एर्णाकुलम के संत अल्बर्ट कॉलेज के प्राचार्य, उप प्राचार्य, डीन, आइक्यूएसी कोऑर्डिनेटर मौजूद रहे. इसके साथ ही नेशनल कोलेबोरेशन एंड कंसल्टेंसी सर्विस के डीन आलोक जॉन भी शामिल रहे.नेशनल कोलेबोरेशन एंड कंसल्टेंसी सर्विस के डीन आलोक जॉन ने बताया कि एमओयू के तहत 1.क्राइस्ट कॉलेज,केरला 2.फातिमा कॉलेज, मदुरै,तमिलनाडु 3.सेंट तेरेसा कॉलेज,केरला4.होली क्रॉस कॉलेज,तमिलनाडु 5.लिटल फ्लावर डिग्री एंड पीजी कॉलेज,तेलंगाना 6.लोरेटो कॉलेज कोलकाता 7.लोयला एकेडमी,तेलंगाना 8.माउंट कार्मेल कॉलेज,कर्नाटक 9.प्रोविडेंस वीमेंस कॉलेज,केरला, 10.सेल्सियन कॉलेज,वेस्टबंगाल 11. सेंट एल्बर्ट कॉलेज,केरला 12.सेंट एंस कॉलेज फॉर वीमेन, तेलांगना 13. सेंट एंथनी कॉलेज,मेघालय 14.सेंट जोसेफ कॉलेज,तमिलनाडु 15.सेंट जोसेफ कॉलेज,केरला 16.सेंट जेवियर कॉलेज,मुंबई  और 17. विमला कॉलेज,केरला है.

                           


आलोक कुमार           

जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने ड्रेनेज निर्माण करने वाली एजेंसियों के प्रतिनिधियों को तलब किया


मुजफ्फरपुर.स्मार्ट सिटी के तहत शहर में विभिन्न एजेंसियों द्वारा किये जा रहे ड्रेनेज/नाला निर्माण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा जिलाधिकारी द्वारा उनके कार्यालय कक्ष में की गई.बैठक में नगर आयुक्त, नाले के निर्माण से संबंधित विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधि, स्मार्ट सिटी के सीईओ,दोनों अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राम नरेश पासवान, संबंधित थानों के थाना प्रभारी एवं विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता इत्यादि उपस्थित थे.

शहर के विभिन्न हिस्सों में एजेंसियों के द्वारा नाला निर्माण के क्रम में नाला निर्माण के कारण उत्पन्न कठिनाइयों विशेषकर जगह-जगह जलजमाव की स्थिति तथा जाम लगने के कारण यातायात अवरुद्ध की स्थिति के बाबत जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने ड्रेनेज निर्माण करने वाली एजेंसियों के प्रतिनिधियों को तलब किया. जिलाधिकारी ने वर्तमान स्थिति हालात पर कड़ी नाराजगी प्रकट करते हुए एजेंसियों के प्रतिनिधियों को हिदायत दी कि निर्धारित समय के अंदर नाले के निर्माण की पूर्णता की दिशा में तीव्र गति से कार्य करना सुनिश्चित करें अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें. जिलाधिकारी ने कहा कि एक जगह कार्य पूरा करने के बाद दूसरा जगह कार्य आरंभ करें.कहीं पर काम पूर्ण है कहीं पर गड्ढा कर छोड़ दिया गया है. ऐसे में आम लोगों को कठिनाइयों से दो-चार होना पड़ता है.इसे लेकर उन्होंने एजेंसी के प्रतिनिधियों को कड़ी फटकार लगाई.नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि उक्त कार्यों का सतत अनुश्रवण करना सुनिश्चित करें.

कंपनी बाग वाले इलाके में नाले निर्माण को लेकर निर्देश दिया गया कि 25 तारीख तक अधूरे कार्यों को पूर्ण करना सुनिश्चित करें. यदि ऐसा नहीं होता है तो एजेंसी पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी साथ ही उन्हें ब्लैक लिस्ट के लिए लिखा जाएगा.वहीं मोती झील एवं उसके आसपास नाला निर्माण करने वाली एजेंसी को भी चेताया एवं निर्देश दिया कि 27 मई तक हर हाल में अधूरे कार्यों को करना सुनिश्चित किया जाए.

 इस तरह से कलमबाग चौक, तिलक मैदान ,स्टेशन रोड ,इमली चट्टी इत्यादि इन जगहों पर जहां कार्य अधूरे हैं उसे शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया.जिलाधिकारी ने कहा कि आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ मैन पावर को बढ़ावे ताकि कार्य तेजी से हो सके. साथ ही कार्य की गुणवत्ता को हर हाल में मेंटेन करना सुनिश्चित करें.जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि वर्तमान स्थिति का कारण  योजनाबद्ध तरीके से कार्य नहीं करना है.ऐसी स्थिति में किसी भी तरह की यदि क्षति होती है तो इसके लिए संबंधित एजेंसियों पर जिम्मेदारी तय की जाएगी.

नगर आयुक्त ने बताया कि स्मार्ट सिटी के अलावे शहर के बाहरी हिस्सों में  आरसीडी एवं बुडको के द्वारा भी नाला निर्माण का कार्य किया जा रहा है.जिलाधिकारी ने कहा कि शीघ्र ही आरसीडी एवं बुडको के साथ बैठक की जाएगी.स्मार्ट सिटी के सीईओ को निर्देशित किया गया कि शहर में विभिन्न एजेंसियों द्वारा किये जा रहे ड्रेनेज  निर्माण के कार्य का सतत अनुश्रवण करें.

 आलोक कुमार           

30 मई तक कार्य पूर्ण कर लिया जाय

  * डीएम द्वारा जल जीवन हरियाली अभियान एवं अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब उड़ाही को लेकर सुप्पी प्रखंड कार्यालय परिसर में तालाब उड़ाही कार्य का निरीक्षण                                            


सीतामढ़ी.जिला पदाधिकारी मनेश कुमार मीणा द्वारा जल जीवन हरियाली अभियान एवं अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब उड़ाही को लेकर सुप्पी प्रखंड कार्यालय परिसर में तालाब उड़ाही कार्य का निरीक्षण किया गया.जिसका शिलान्यास रामनागरा पंचायत के मुखिया रंजीत कुमार द्वारा जिला पदाधिकारी की उपस्थिति में किया गया. जो कि 30 मई तक कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा.

जिला पदाधिकारी ने बताया कि यह कार्य मनरेगा के तहत कराया जा रहा है.इस योजना से पोखर का जीर्णोद्धार होने से प्रखंड परिसर में आने वाले लोगों को आकर्षित करेगा.इसके चारों तरफ पथ वे का निर्माण किया जाएगा साथ ही जल जीवन हरियाली अभियान के तहत पौधरोपण कर बैठने की व्यवस्था की जाएगी.लगभग पूरे जिले में 35 तालाबों पर उड़ाहीकरण का कार्य प्रारंभ किया गया है जो जल जीवन हरियाली अभियान एवं अमृत सरोवर योजना के तहत 1 एकड़ से कम वाले जितने पोखर है सभी का उड़ाहीकरण का कार्य किया जा रहा है जो आगामी मानसून से पहले कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा. ताकि वर्षा होने पर ज्यादा से ज्यादा जल संचयन किया जा सके.साथ ही जिला पदाधिकारी द्वारा प्रखंड परिसर में पार्क निर्माण को लेकर स्थल निरीक्षण किया गया जहां पथ वे खेल ग्राउंड, पार्क में बैठने की व्यवस्था आदि विभिन्न योजनाओं के बारे में आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया.            


उक्त  निरीक्षण में उप विकास आयुक्त विनय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सीतामढ़ी सदर राकेश कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा राजीव कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी सौरभ सुमन,प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी प्रखंड प्रमुख,पंचायत समिति सदस्य एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.                            

आलोक कुमार           

शिथिलता एवं लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी : प्रभारी मंत्री

 

माननीय मंत्री अल्पसंख्यक कल्याण विभाग बिहार सरकार-सह- प्रभारी मंत्री सीतामढ़ी, की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ पूर्व तैयारी को लेकर समीक्षात्मक बैठक आयोजित.बाढ़ एवं सूखाड़ पूर्व तैयारी को पूरी गंभीरता के साथ किया जाना चाहिए, इसमें थोड़ी भी शिथिलता एवं लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी : प्रभारी मंत्री                                            

सीतामढ़ी.बिहार सरकार के माननीय मंत्री अल्पसंख्यक कल्याण विभाग बिहार सरकार-सह- प्रभारी मंत्री सीतामढ़ी,मो0 जमा खान की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ पूर्व तैयारी को लेकर समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिला पदाधिकारी मनेश कुमार मीणा ने अबतक की गई तैयारी से उन्हें अवगत कराया.

                                                                                   उन्होंने अंचलवार, प्रखंडवार एवं विभागवार तैयारियों को पी0पी0टी0 के माध्यम विस्तृत जानकारी दी डीएम ने मननीय मंत्री जी को जिले में पिछले पाँच वर्षों के बाढ़ की स्तिथि की जानकारी दी, उन्होंने बताया कि सभी प्रखंडों में वर्षा मापक यंत्र अधिष्ठापित हैं एवं कार्यरत है, साथ ही वर्षापात का दैनिक प्रतिवेदन दैनिक रूप से भेजने के लिए प्रखंड में दो पदाधिकारी इस कार्य के लिए प्रतिनियुक्त किये गए हैं, बाढ़ से प्रभावित होने वाले संभावित क्षेत्रों एवं संकट ग्रस्त व्यक्ति समूहो की पहचान कर ली गई है.

गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का आंगनबाड़ी केंद्रवार सूची तैयार कर लिया गया है, सरकारी नाव एवं निजी नाव, लाइफ जैकेट मोटर बोट जनरेटर सेट आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दिया गया, डीएम ने बताया कि सभी प्रखंडों के नोडल पदाधिकारी के द्वारा नाव की मरम्मती पशु एवं मानव शरण स्थली,शुद्ध पेयजल, शौचालय एवं अन्य आवश्यक तैयारियों को लेकर संबंधित प्रखंडों का निरीक्षण किया जा रहा है।जिला स्तर पर खाद्यान्न आपूर्ति एवं अन्य सामग्रियों का निर्धारण के लिए निविदाताओं का चयन कर लिया गया है.

उन्होंने पेयजल की व्यवस्था को लेकर बताया की जिले में चापाकल की कुल संख्या 31347 हैं जिसमें 31115 कार्यरत हैं शेष सभी चापाकलों का मरम्मती कार्य चल रहा है, जिले में पेयजल संकट से ग्रस्त एक भी पंचायत,वार्ड नहीं है। पॉलिथीन सीट्स उपलब्धता  को लेकर जिला पदाधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 39350 पॉलिथीन सीट्स उपलब्ध है, और 35200 पॉलिथीन शीट्स की अधियाचना की गई है, मानव दवा की उपलब्धता के बारे में उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 55 प्रकार की आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध है सभी प्रखंडों में कुल 64 मेडिकल कैंप चिन्हित किए गए हैं ,प्रखंडवार पंचायतवार महामारी दल के साथ 31 मोबाइल मेडिकल टीम का गठन सिविल सर्जन द्वारा कर लिया गया है, पशु दवा की उपलब्धता संभावित बाढ़ के समय पशु चिकित्सा के लिए जिला पशुपालन कार्यालय में आठ प्रकार की आवश्यक दवाएं उपलब्ध है, साथ ही पशु चारा के लिए आपूर्तिकर्ता का चयन एवं दर का निर्धारण कर लिया गया है.


 संभावित बाढ़ के मद्देनजर खोज बचाव एवं राहत दलों में 1013 मानव बलों का गठन कर लिया गया है, सभी प्रखंडों के लिए 59 पशु शरण स्थलों को चिन्हित किया गया है, तटबंध की सुरक्षा हेतु सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता की टीम बनाकर तटबंध का निरीक्षण कर संवेदनशील स्थलों रेनकट आदि स्थलों की मरम्मती कार्य शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है, साथ ही संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी को तटबंध मरम्मती कार्य पर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है.


 ग्रामीण कार्य विभाग एवं पथ  प्रमंडल द्वारा सड़कों की मरम्मती कार्य को सुनिश्चित कर लिया गया है. जिले में राहत एवं बचाव दल के रूप में एसडीआरएफ के 32 सदस्य टीम कार्यरत है, साथ ही 200 आपदा मित्र को प्रशिक्षित किया गया है, इसके अतिरिक्त अभी तक कुल 3300 व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है. जिला आपातकालीन संचालन केंद्र 24×7 कार्यरत है जिसका नंबर 06226-250316 है। जिले का कम्युनिकेशन प्लान तैयार कर लिया गया है, जिले के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों के लिए जिला कृषि कार्यालय द्वारा आकस्मिक फसल योजना के लिए बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में फसल योजना का सूत्रण तैयार कर लिया गया है.


उक्त बैठक में माननीय जनप्रतिनिधियों द्वारा शहर में जल जमाव तटबंध की सुरक्षा एवं बाढ़ को लेकर अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं से अवगत कराया गया.माननीय मंत्री ने अपने संबोधन में कहा की जिले में बाढ़ एवं सुखाड़ पूर्व तैयारियों को पूरी गंभीरता के साथ किया जाना चाहिए. इसमें थोड़ी भी शिथिलता एवं लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, उन्होंने माननीय जनप्रतिनिधियों के प्राप्त सुझावों एवं फीडबैक के आलोक में  जिला पदाधिकारी को निदेशित किया कि जल्द ही अपने पदाधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित कार्यों पूर्ण करें.


उन्होंने बाढ़ एवं सुखाड़ पूर्व तैयारी को लेकर जिला प्रशासन के कार्यों की प्रशंसा भी किया. साथ ही लंबित कार्यों को मानसून से पहले पूर्ण करने का निर्देश दिया गया. बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी द्वारा माननीय मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों के सुझाव एवं फीडबैक को लेकर आश्वस्त किया गया कि जल्द ही जिले में बाढ़ एवं सुखाड़ पूर्व लंबित  कार्यों को पूर्ण कर लिया जाएगा. उक्त बैठक में माननीय सांसद सीतामढ़ी सुनील कुमार पिंटू, माननीय विधान पार्षद सदस्य देवेश चंद्र ठाकुर, माननीय विधान परिषद सदस्य रेखा देवी माननीय विधान सभा सदस्य सीतामढ़ी मिथिलेश कुमार, माननीय विधान सभा सदस्य बाजपट्टी मुकेश कुमार यादव, माननीय विधान सभा सदस्य बेलसंड संजय कुमार गुप्ता, माननीय विधान सभा सदस्य सुरसंड दिलीप राय, माननीय विधान सभा सदस्य रीगा मोतीलाल प्रसाद, माननीय विधान सभा सदस्य रुनीसैदपुर पंकज मिश्रा, माननीय विधान सभा सदस्य परिहार गायत्री देवी, माननीय जिला परिषद अध्यक्षा अदिति कुमारी,जिला पदाधिकारी मनेश कुमार मीणा,पुलिस अधीक्षक हर किशोर राय,उप विकास आयुक्त विनय कुमार, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, सभी प्रखंडों के नोडल पदाधिकारी के साथ सभी कार्यपालक अभियंता उपस्थित थे.


आलोक कुमार           


शनिवार, 21 मई 2022

दोन क्षेत्र के 500 परिवारों को नाबार्ड के तहत 03 करोड़ 34 लाख रुपये की योजना से किया जाएगा लाभान्वित

* दोन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सरकार एवं जिला प्रशासन कृतसंकल्पित : जिलाधिकारी


बेतिया.सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रत्येक लाभुकों को समयबद्ध तरीके से आसानी से दिलाने के लिए किया जा रहा है मिशन मोड में कार्य.दोन क्षेत्र के 500 परिवारों को नाबार्ड के तहत 03 करोड़ 34 लाख रुपये की योजना से किया जाएगा लाभान्वित.पीपल और अमरूद के पौधे का जिलाधिकारी ने किया रोपण, टीबी को हराने के लिए चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान पर किये सिग्नेचर.

सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय जनता को सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराने, स्थानीय स्तर पर प्रशासन की सभी इकाईयों के माध्यम से सरकारी सेवाओं का लाभ पहुंचाने एवं जन शिकायतों को दूर करने के लिए आज दिनांक 21.05.2022 को बगहा अनुमंडल अंतर्गत रामनगर प्रखण्ड के ग्राम पंचायत राज बनकटवा करमहिया के पंचायत सरकार भवन, शेरवा दोन में आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत ग्रामीण विकास शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया.इस शिविर के माध्यम से 02 ग्राम पंचायत राज बनकटवा करमहिया एवं नौरंगिया दोन के सैकड़ों निवासियों को लाभ पहुँचाया गया.

ग्रामीण विकास शिविर में स्वास्थ्य के 150, कृषि के 78, पशुपालन के 117, मनरेगा के 28, पेंशन बायोमेट्रिक के 20 मामलों का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन किया गया.

जिलाधिकारी, पश्चिमी चम्पारण, बेतिया, श्री कुंदन कुमार द्वारा फीता काटकर ग्रामीण विकास शिविर का विधिवत उद्घाटन किया गया. तत्पश्चात जिलाधिकारी द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा, राजस्व विभाग, आपूर्ति विभाग, पशुपालन विभाग, जीविका, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग आदि विभागों द्वारा लगाए गए शिविरों का मुआयना किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों, कर्मियों एवं लाभुकों से विभिन्न योजनाओं आदि की जानकारी ली गयी.

इसी क्रम में जिलाधिकारी द्वारा 250 लाभुकों के बीच राशन कार्ड, 03 लाभुकों के बीच ट्राई साइकिल एवं दर्जनों व्यक्तियों के बीच दिव्यांगता प्रमाण पत्र का वितरण किया गया. इस दौरान विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुंचे ग्रामीणों को जिलाधिकारी ने सुना और समस्याओं का निष्पादन कराया.साथ ही पीपल और अमरूद के पौधे का जिलाधिकारी ने रोपण भी किया और टीबी को हराने के लिए चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान पर अपना सिग्नेचर भी किया.

शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्र में प्राकृतिक छटाओं के बीच ग्रामीण विकास शिविर का आयोजन किया गया है. इस शिविर के आयोजन में सभी अधिकारी, एसएसबी आदि ने बेहतर कार्य किया है, यह काबिले तारीफ है। एसडीएम, बगहा द्वारा लगातार इस क्षेत्र की समस्याओं को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है.उन्होंने कहा कि इस तरह के सफल शिविर का आयोजन आगे भी निर्धारित समय पर किया जाए ताकि दोन क्षेत्र की तस्वीर को बदला जा सके.

उन्होंने कहा कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक लाभुकों को समयबद्ध तरीके से आसानी से मिल जाया करे, इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है.आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत ग्रामीण विकास शिविर इसका उदाहरण है.ऐसे कई शिविर लगाकर यहाँ के सभी लाभुकों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और इस दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है.

जिलाधिकारी ने कहा कि यहाँ के लोगों के जीविकोपार्जन के स्कोप को बढ़ाने के लिए तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है.सभी की जिन्दगी कैसे बेहतर हो, इस दिशा में कार्य प्रारंभ कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों की ऑंखों में बड़े सपने हो और वे निरंतर आगे बढ़ते रहे. दोन क्षेत्र की बेहतरी के लिए, आने वाली पीढ़ियों के लिए हम सभी को संकल्प लेकर मिलजुल कर कार्य करना होगा.

उन्होंने कहा कि उक्त दोनों पंचायत अंतर्गत दोन क्षेत्र के 500 परिवारों को नाबार्ड के तहत 03 करोड़ 34 लाख रुपये की योजना से लाभान्वित किया जाएगा.इसके तहत आम का बगान, नींबू, मधुमख्खी, मशरूम का उत्पादन कराया जाना है.उन्होंने कहा कि इसके साथ ही एक बड़ा हनी प्रोसेसिंग प्लांट और लेमन जूस प्रोसेसिंग प्लांट का अधिष्ठापन सहित पोल्ट्री आदि मुहैया कराया जाना है.

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, बगहा, श्री किरण कुमार गोरख जाधव, समादेष्टा, एसएसबी, श्री पंकज डंगवाल, अपर समाहर्ता, श्री नंदकिशोर साह, अनुमंडल पदाधिकारी, बगहा, श्री दीपक कुमार मिश्रा सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे.

आलोक कुमार  

मुआवजा का भुगतान तेजी से करने का जिलाधिकारी ने दिया निर्देश

 * जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विभिन्न सड़क परियोजनाओं को लेकर भू-अर्जन की बैठक.विशेष कैंप लगाकर भूधारी रैयतों को एलपीसी निर्गत करने तथा मुआवजा का भुगतान तेजी से करने का जिलाधिकारी ने दिया निर्देश


नालंदा. इस जिले के जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने शुक्रवार की देर शाम को जिला में विभिन्न महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं के लिए किए जा रहे भू-अर्जन कार्यों की समीक्षा बैठक की.बैठक में मुख्य रूप से हिलसा पूर्वी बाईपास, नूरसराय बाईपास, तेलमर-नरसंडा-सालेपुर पथ, इस्लामपुर बाईपास एवं नूरसराय- सिलाव पथ परियोजना के भू-अर्जन कार्यों की मौजावार समीक्षा की.

 

हिलसा पूर्वी बाईपास में मई, हिलसा, इंदौत, कामता, मोमिनपुर एवं मियांबिगहा मौजे की कुल 47.2445 एकड़ भूमि अर्जित की जा रही है. इसमें से लगभग 19 एकड़ भूमि का मुआवजा भुगतान संबंधित एवार्डी को किया जा चुका है. कुल 456 अवार्डी में से 220 अवार्डी को मुआवजे का भुगतान हो चुका है। जिलाधिकारी ने शेष अवार्डी के एलपीसी निर्गत करने तथा मुआवजे का भुगतान में तेजी लाने का निर्देश दिया.


नूरसराय बाईपास पथ के लिए नोनौरा, चकचंडासी एवं अँधना मौजे में 18.69 एकड़ भूमि अर्जित की जा रही है. इसमें से लगभग 7 एकड़ भूमि का मुआवजा संबंधित रैयत को दिया जा चुका है. कुल 144  अवार्डी   में से 55  अवार्डी   को मुआवजे का भुगतान किया जा चुका है. जिलाधिकारी ने शेष सभी अवार्डी   के एलपीसी निर्गत करने तथा मुआवजे का भुगतान में तेजी लाने का निर्देश दिया.


तेलमर-नरसंडा-सालेपुर पथ परियोजना के तहत कुल 11 मोजे के लगभग 114 एकड़ भूमि का अर्जन किया जाना है.इस परियोजना के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया के तहत समाचार पत्रों के माध्यम से अधिघोषणा का प्रकाशन किया गया है. जिलाधिकारी ने आगे की प्रक्रिया को तेजी से पूरा कराने का निर्देश जिला भू अर्जन पदाधिकारी को दिया.


इस्लामपुर बाईपास के निर्माण के लिए बररडीह, इस्लामपुर, धमौली एवं इचहोस मौजे के लगभग 47 एकड़ भूमि का अर्जन किया जा रहा है। जिसमें से लगभग 9 एकड़ भूमि का मुआवजा संबंधित रैयतों को भुगतान किया गया है. कुल 415  अवार्डी   में से 70  अवार्डी   को भुगतान किया जा चुका है. जिलाधिकारी ने शेष  अवार्डी  के एलपीसी निर्गत करने तथा भुगतान को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया.


 इसी प्रकार नूरसराय-सिलाव पथ वाया-बेगमपुर के निर्माण के लिए कुल 16 मौजा की लगभग 119 एकड़ भूमि का अर्जन किया जा रहा है. जिसमें से लगभग 45 एकड़ भूमि का मुआवजा संबंधित रैयत को भुगतान किया जा चुका है.कुछ मौजे में नक्शा से संबंधित तकनीकी समस्या को लेकर विलंब हुआ है, जिसका तेजी से निवारण करने का निर्देश दिया गया.


 जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि इन सभी महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं के लिए  भू-अर्जन की प्रक्रिया को उच्च प्राथमिकता के साथ तेजी से पूरा करें। इसके लिए एलपीसी निर्गत करने तथा मुआवजा भुगतान के लिए सभी जगहों पर विशेष शिविर का आयोजन कर कार्रवाई सुनिश्चित करें.बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता, संबंधित कार्यकारी विभागों के कार्यपालक अभियंता एवं संबंधित अंचलों के अंचलाधिकारी आदि उपस्थित थे.


आलोक कुमार 

The Configure Featured Post option in Blogger allows you to highlight a selected post prominently on

चिंगारी प्राइम न्यूज़

 About Us | चिंगारी प्राइम न्यूज़ Chingari Prime News एक स्वतंत्र हिंदी डिजिटल न्यूज़ और विचार मंच है, जिसका उद्देश्य सच्ची, तथ्यपरक और ज़मी...

How to Configure Popular Posts in Blogger The Popular Posts widget highlights your most viewed post