आलोक कुमार हूं। ग्रामीण प्रबंधन एवं कल्याण प्रशासन में डिप्लोमाधारी हूं। कई दशकों से पत्रकारिता में जुड़ा हूं। मैं समाज के किनारे रह गये लोगों के बारे में लिखता और पढ़ता हूं। इसमें आप लोग मेरी मदद कर सकते हैं। https://adsense.google.com/adsense/u/0/pub-4394035046473735/myads/sites/preview?url=chingariprimenews.blogspot.com chingariprimenews.com
गुरुवार, 9 जून 2022
भाकपा-माले की पोलित ब्यूरो की दो दिवसीय बैठक संपन्न
कौशल विकास के क्षेत्र में डीएम गया को नवाजा गया
जिला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम को डॉ० अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर जनपथ रोड नई दिल्ली में गया जिले में कौशल विकास योजना क्षेत्र में "अवार्ड ऑफ एक्सीलेंट" पुरस्कार से सचिव कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया.भारत सरकार कौशल विकास मंत्रालय के द्वारा भारत के प्रत्येक जिले से डिस्ट्रिक्ट स्किल डेवलपमेंट प्लान की मांग की गई थी, जिसके पश्चात जिला कौशल विकास समिति के मेंबर सेक्रेटरी असिस्टेंट डायरेक्टर एंप्लॉयमेंट के नेतृत्व में डिस्टिक स्किल डेवलपमेंट के द्वारा 24 जनवरी 2022 को एक प्लान तैयार कर उसे जिला कौशल विकास समिति गया के अध्यक्ष -सह- जिला पदाधिकारी गया के अनुमोदन प्राप्त कर कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय भारत सरकार को प्रेषित किया गया.
’देशभर 534 जिलों में गया जिले के डिस्टिक स्किल डेवलपमेंट प्लान को अव्वल माना गया’ एवं इसके लिए गया जिला को ‘अवार्ड ऑफ एक्सीलेंट’ के लिए चयन किया गया. जिला कौशल विकास प्लान में मशरूम उत्पादन, पत्थर कट्टी, स्टोन, टूरिज्म, हैंडलूम एवं कृषि पर विशेष रूप से फोकस किया गया था. ’जिला पदाधिकारी डॉ० त्यागराजन एसएम ने कहा कि गया जिले में दो प्रकार की योजना को प्रमुखता से लिया गया, जिसमें बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर तथा विष्णुपद मंदिर में चढ़ने वाले फूल, जो विशेषकर अक्टूबर महीने के बाद काफी बड़े पैमाने में फूल चढ़ाए जाते हैं. उन सभी फूलो से गुलाल एवं अगरबत्ती बनाने संबंधि कार्य को स्थानीय लोगों में काफी बढ़ावा दिया गया है. उसी प्रकार पत्थर कट्टी के लोगों को बोधगया में टैग किया गया ताकि विभिन्न देशों से आने वाले विदेशी पर्यटक, पत्थर कट्टी के लोगों द्वारा निर्मित विभिन्न स्टैचू/मूर्तियां की खरीदारी हो सके‘.
इसके उपरांत माननीय मंत्री कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार श्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में विभिन्न जिलों के 17 जिला पदाधिकारियों के साथ एक घंटे का इंटरेक्शन प्रोग्राम किया गया.’जिला पदाधिकारी गया द्वारा माननीय मंत्री भारत सरकार एवं अन्य पदाधिकारियों के समक्ष गया जिला में इस संबंध में किए जा रहे कार्य के बारे में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तार से बताया गया.’
आलोक कुमार
गया जिला में स्किल डेवलपमेंट के संबंध में किए जा रहे कार्य
गया.माननीय मंत्री कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार श्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता नई दिल्ली में स्थित कार्यालय के सभा कक्ष में डिस्ट्रिक्ट स्किल डेवलपमेंट प्लान (डीएसडीपी) अवार्ड हेतु चयनित विभिन्न जिलों के 17 जिला पदाधिकारियों के साथ एक घंटे का इंटरेक्शन प्रोग्राम किया गया.माननीय केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहां की स्किल इंडिया के संकल्प परियोजनाओं के एक भाग के रूप में, पुरस्कार जमीनी स्तर पर कौशल विकास योजना के लिए नवीन सर्वोत्तम प्रथाओं को मान्यता देता है.जिला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम द्वारा माननीय केंद्रीय मंत्री भारत सरकार एवं अन्य पदाधिकारियों के समक्ष गया जिला में स्किल डेवलपमेंट के संबंध में किए जा रहे कार्य के बारे में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तार से बताया.
आलोक कुमार
बाल श्रम निषेध से संबंधित जानकारियां का प्रचार प्रसार किया जाएगा
गया. आगामी 12 जून को होने वाले विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के सफल संचालन के लिए आज श्रम अधीक्षक, गया श्रीमती स्नेहा सृजन की अध्यक्षता में जिले में संचालित विभिन्न गैर सरकारी संगठन के संचालन, चाइल्ड लाइन के अधिकारियों तथा अन्य संबंधित पदाधिकारियों एवं संस्थाओं के साथ उप श्रमायुक्त के कार्यालय में समीक्षा बैठक करते महत्वपूर्ण निर्देश दिया गया.
इसके उपरांत उप श्रमायुक्त, मगध प्रमंडल, गया श्री विजय कुमार द्वारा 02 प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर जिले के सभी प्रखंडों के लिए रवाना किया गया.उन्होंने बताया कि इस प्रचार वाहन का परिचालन दिनांक 12 जून, 2022 तक किया जाएगा तथा इसके माध्यम से बाल श्रम निषेध से संबंधित जानकारियां का प्रचार प्रसार किया जाएगा.
इस अवसर पर सहायक श्रमायुक्त, मगध प्रमंडल श्री राजेश कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, गैर सरकारी संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित थे. ’विदित है कि विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के पूर्व कल दिनांक 10 जून, 2022 को पूर्वाह्न में समाहरणालय परिसर से प्रभात फेरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया है तथा गैर सरकारी संस्थानों एवं अन्य संबंधित के द्वारा महादलित विकास मिशन के बच्चों के बीच चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाना है.’
आलोक कुमार
4 एल ई डी वाहनों को समाहरणालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर प्रखंडों के लिए रवाना की
उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में इससे पूर्व 324 महादलित टोला में जो पूर्व में एईएस से प्रभावित रहे है वहां एलईडी वाहनों के माध्यम से सघन जागरूकता अभियान किया गया था।दूसरे चरण में 120 स्थानों पर एलईडी वाहनों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त अडॉप्ट अ विलेज कार्यक्रम के तहत सघन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है तथा विभिन्न अन्य माध्यमों से लोगों को जागरूक किया जा रहा है.उन्होंने बताया कि रेफरल सिस्टम पूरी मजबूती के साथ कार्य कर रहा है इसके सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहे हैं.उन्होंने बताया कि सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि आपसी समन्वय के साथ एईएस पर प्रभावी नियंत्रण के मद्देनजर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना सुनिश्चित करें.मौके पर सिविल सर्जन , जिला जनसंपर्क अधिकारी कमल सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी तथा डीपीएम स्वास्थ्य विभाग भी उपस्थित थे.
आलोक कुमार
मुजफ्फरपुर जिला द्वारा बिंदुवार समीक्षा की गई
श्री विकास कुमार, वरीय उप समाहर्ता, जिला आपदा प्रबंधन प्रशाखा, मुजफ्फरपुर द्वारा बताया गया कि तटबंधों की सुरक्षा के लिए पूर्व से सभी संवेदनशील एवं आक्राम्य स्थलों को जिला स्तरीय पदाधिकारियों, संबंधित अनुमण्डल पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों, प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों एवं स्थानीय जन प्रतिनिधियों के माध्यम से चिन्हित कर लिया है.जल संसाधन विभाग के संबंधित कार्यपालक अभियंताओं के स्तर पर बाढ़ निरोधात्मक कार्यों से संबंधित 02 परियोजनाओं के अतिरिक्त सभी कार्य पूर्ण हैं.चिन्हित किये गए सभी संवेदनशील एवं आक्राम्य में से 23 स्थलों पर बाढ़ संघर्षात्मक कार्य पूर्ण है तथा अन्य सभी स्थलों पर बाढ़ निरोधक सामग्री का भण्डारण कर लिया गया है तथा बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कराया जा रहा है. जिलान्तर्गत कुल 255 स्लुईस गेट हैं, सभी की ग्रीसिंग तथा मरम्मति कर ली गई है.
जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा बताया गया कि आपदा प्रबंधन विभाग की मानक संचालन प्रक्रिया अनुसार सभी स्तरों पर तैयारी कर ली गई है.जिलान्तर्गत उपलब्ध सभी नावों का भौतिक सत्यापन , नाव पंजीकरण कार्य व नाव मालिकों के साथ एकरारनामा करने की कार्रवाई कर ली गई है.बाढ़ प्रभावितों के राहत सहायतार्थ खाघान्न एवं पॉलीथीन शीट का निविदा आमत्रिंत कर आपूर्तिकर्ता का चयन कर लिया गया है. प्रमंडलीय जिला होने के कारण तिरहुत प्रमंडल के अन्य जिलों को पॉलीथीन आपूर्ति प्रारम्भ कर दी गई है.पूर्व से 540 शरण स्थलों व 364 सामुदायिक रसोई के लिए भवनों को चिन्हित करते हुए मूलभूत सुविधाओं का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है. जिला स्तर पर बाढ़ संबंधी कार्यों का अनुश्रवण करने के लिए जिला स्तरीय पदाधिकारियों का टास्क फोर्स गठित है तथा नियंत्रण कक्ष के रूप में जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र का संचालन किया जा रहा है.
सिविल सर्जन, मुजफ्फरपुर द्वारा बताया गया कि संभावित बाढ़ के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग द्वारा माइक्रो प्लान बना लिया गया है.सदर अस्पताल, सभी सी0एच0सी0 एवं सभी रेफरल अस्पतालों में सभी आवश्यक एवं जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता है.एन्टी रैबीज एवं एन्टी वेनम सीरम की उपलब्धता भी पर्याप्त मात्रा में है.मोबाइल मेडिकल टीम की प्रतिनियुक्ति कर ली गई है, जिसके सहयोग से बाढ़ की स्थिति में प्रभावितों के सहायतार्थ संचालित किए जाने वाले राहत शिविरों व सामुदायिक रसोई में चिकित्सा शिविर लगाया जाएगा.
अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार सह प्रभारी सचिव, मुजफ्फरपुर द्वारा सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बाढ़ के मद्देनजर सर्तक व सजग रहें. प्रभावी रूप से अनुश्रवण करते हुए तटबंधों के सभी संवेदनशील बिंदुओं की मरम्मति अविलम्ब कराएं.
आलोक कुमार
बुधवार, 8 जून 2022
किश्तवार पूर्ण मौजे में से 15 मौजे में खानापूरी की कार्रवाई
नालंदा. जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज हरनौत अंचल के बराह पंचायत सरकार भवन में संचालित भूमि सर्वे शिविर हरनौत-1 का निरीक्षण किया.हरनौत-1 शिविर के माध्यम से 27 मौजों का सर्वे कार्य किया जा रहा है.इनमें से 24 मौजे का किस्तवार किया जा चुका है तथा शेष 3 मौजे में जारी है. किश्तवार पूर्ण मौजे में से 15 मौजे में खानापूरी की कार्रवाई की जा रही है, जिसमें से 6 मौजे की खानापूरी पूरी की जा चुकी है तथा 9 में जारी है.तीन मौजे में लैंड पार्सल मैप(एलपीएम) का वितरण भी किया जा चुका है.
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने विभिन्न मौजे का सर्वे से संबंधित अभिलेख का बारीकी से अवलोकन किया. ग्रामसभा पंजी, अंचल कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराये गए सरकारी भूमि की विवरणी आदि से संबंधित अभिलेख का अवलोकन किया.भू-अर्जन के तहत अर्जित भूमि की विवरणी जिला भू-अर्जन कार्यालय द्वारा सर्वे कार्यालय को उपलब्ध कराई जाती है.जिस भू-अर्जित भूमि की विवरणी उपलब्ध नहीं कराई गई है, एक सप्ताह के अंतर्गत उपलब्ध कराने को कहा गया.
जिलाधिकारी ने कहा कि अंचल कार्यालय द्वारा सर्वे टीम को उपलब्ध कराये जा रहे जमीन से संबंधित सभी प्रकार की सूचि का प्रत्येक पृष्ठ राजस्व कर्मचारी से हस्ताक्षरित होना चाहिए.किसी भी दस्तावेज की छायाप्रति अंचलाधिकारी द्वारा सत्यापित होना चाहिए.भूमि सर्वे से संबंधित अपनी समस्या को लेकर आए हुए स्थानीय लोगों से भी जिलाधिकारी ने एक-एक कर मुलाकात की। उनकी समस्याओं को सुना,कुछ मामलों से सम्बंधित सर्वे रिकॉर्ड मंगा कर भी देखा तथा सम्बंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया.
जिलाधिकारी ने सर्वे शिविर में सर्वे से संबंधित समस्या को लेकर आए हुए लोगों का आवेदन प्राप्त करने के लिए एक कर्मी को विशेष रूप से प्राधिकृत करने की आवश्यकता महसूस की तथा सभी सर्वे शिविरों में इस व्यवस्था को कायम करने का निर्देश दिया.निरीक्षण के क्रम में सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी (नोडल पदाधिकारी), अंचलाधिकारी हरनौत, शिविर प्रभारी, कानूनगो , सर्वे अमीन आदि मौजूद थे.
आलोक कुमार
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