मंगलवार, 7 जून 2022

24 जून एक घंटे की राष्ट्रीय धन्यवादी प्रार्थना सेवा का आयोजन


पटना.पटना.अभी हाल में रोम में ‘संत‘ बनने वाले संत देवसहायम को श्रद्धांजलि अर्पित करने का निर्णय लिया गया है.पेंटेकोस्ट के बाद दूसरे रविवार के बाद 24 जून दिन शुक्रवार को येसु का पवित्र हृदय का पर्व है. उस दिन संत देवसहायम को श्रद्धांजलि अर्पित किया जाएगा.मौके पर सभी येसु का पवित्र हृदय के पवित्र परिवारों के लिए 8.30 से 9.30 बजे रात्रि  एक घंटे की राष्ट्रीय धन्यवादी प्रार्थना सेवा का आयोजन किया गया है.


बता दें कि भारत का सबसे बड़ा चर्च रोमन कैथोलिक चर्च ही है.रोमन कैथोलिक कुल आबादी का 1.55  प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनकी संख्या लगभग 20 मिलियन से अधिक हैं. भारत में 10,701 पैरिश और 174 धर्मप्रांत हैं, जो 29 प्रांतों में संगठित हैं.इनमें से 132 लैटिन कैथोलिक चर्च के हैं.भारत में लैटिन कैथोलिक चर्च के द्वारा शुक्रवार 24 जून 2022 को एक घंटे की राष्ट्रीय धन्यवादी प्रार्थना सेवा आयोजित करेगा.

यह भी बता दें कि संत देवसहायम की समाधि संत फ्रांसिस जेवियर्स कैथेड्रल, कोट्टार, तमिलनाडु में है वहां से ही से प्रार्थना की जाएगी. यूचरिस्टिक आशीर्वाद के साथ विशेष प्रार्थना सेवा कैथोलिक उपग्रह टेलीविजन चैनलों जैसे माधा टीवी, शालोम टीवी, गुडनेस टीवी, दिव्यवाणी टीवी, आत्मदर्शन टीवी, ईश्वरी टीवी, सीसीआर टीवी और प्रार्थना भवन टीवी पर प्रसारित की जाएगी. इसे प्रमुख कैथोलिक यूट्यूब चैनलों के माध्यम से भी स्ट्रीम किया जाएगा.

माननीय जॉर्ज एंटोनीसैमी, उपाध्यक्ष, सीसीबीआई और मद्रास-मैलापुर के आर्चबिशप प्रार्थना सेवा की शुरुआत करेंगे.दिल्ली के आर्चबिशप माननीय अनिल कूटो, महासचिव, सीसीबीआई और कोट्टार के बिशप माननीय नाजरीन सूसाई के साथ सिस्टर एनी कुट्टिकाड एसएमआई स्तोत्र का जाप करेगा. डॉ. जॉन कुलंदई, वाइस पोस्टुलेटर,संत देवसहायम का संतीकरण सुसमाचार की घोषणा करेगा और महामहिम बॉम्बे के आर्चबिशप सह कार्डिनल ओसवाल्ड ग्रेसियस प्रवचन देंगे.

बाइबिल के लिए सीसीबीआई आयोग के कार्यकारी सचिव डॉ. येसु करुणानिधि और भारत के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु हिंदी, तमिल, मलयालम, कन्नड़, तेलुगु, बंगाली और बडगा सात भाषाओं में भक्तों की प्रार्थनाओं का नेतृत्व करेंगे. त्रिवेंद्रम के आर्चबिशप माननीय थॉमस जे. नेट्टो संत देवसहायम की प्रार्थना का पाठ करेंगे. संत देवसहायम के लिए गीत गाना बजानेवालों द्वारा संत की हिमायत का आह्वान करते हुए गीत गाना गाया जाएगा.


महामहिम कार्डिनल-चुनाव फिलिप नेरी फेराओ, अध्यक्ष सीसीबीआई और गोवा और दमन के आर्चबिशप सभी परिवारों को येसु के पवित्र हृदय को समर्पित करेंगे.मदुरै के महाधर्माध्यक्ष एंटनी पप्पू सामी समापन प्रार्थना का पाठ करेंगे और मोस्ट रेव लियोपोल्डो गिरेली, भारत के अपोस्टोलिक नुनसियो यूचरिस्टिक आशीर्वाद देंगे.

भारत के  सीसीबीआई    के अध्यक्ष द्वारा जारी परिपत्र में सभी से अनुरोध किया जाता है, विशेष रूप से परिवारों और धार्मिक समुदायों से, इस प्रार्थना सेवा में शामिल हो और इस कार्यक्रम के बारे में भक्तों के साथ साझा करें.जिनके परिवार और समुदाय के सदस्य विदेश में हैं, ताकि वे भी एक परिवार के रूप में शामिल हो सके.

यह आशा व्यक्त किया गया है कि भारत में सभी श्रद्धालु इस एक घंटे में एक परिवार के रूप में बिताएंगे, इस प्रकार कैथोलिक धर्म और चर्च की सांस्कृतिक और भाषाई विविधता की गवाही देंगे.भारत में लैटिन कैथोलिक चर्च में 132 लैटिन कैथोलिक चर्च और 20 मिलियन भक्तगण विश्वासी हैं.

300 साल बाद वेटिकल से संत की उपाधि


18वीं सदी में ईसाई धर्म अपनाने वाले देवसहायम पिल्लई को उनके जन्म के 300 साल बाद वेटिकल से संत की उपाधि पाने वाले पहले संत बन गए हैं. वैटिकन में पोप फ्रांसिस ने रविवार को पिल्लई के संत बनने की प्रक्रिया पूरी की है. देवसहायम यह उपाधि पाने वाले पहले आम भारतीय हैं. इस तरह पोप फ्रांसिस ने देवसहायम को संत की उपाधि प्रदान करने का संचालन किया. यह पहली बार हुआ कि कोई भारतीय आम आदमी क्रिश्चियन धर्म में इस प्रकार से संत की उपाधि प्राप्त कर रहा किया. पोप ने उनके अलावा दुनियाभर के 9 अन्य लोगों को भी संत की उपाधि से नवाजा है.पिल्लई के चमत्कारिक परोपकारी कार्यों को पोप फ्रांसिस ने साल 2014 में मान्यता दी थी.उनको 15 मई 2022 में संत घोषित किया गया.

साल 1745 में अपनाया ईसाई धर्म

देवसहायम पिल्लई का जन्म 23 अप्रैल 1712 को तमिलनाडु के कन्याकुमारी में हिंदू परिवार में हुआ था और उन्होंने 1745 में ईसाई धर्म अपना लिया और अपना नाम लाजरूस रख लिया था.इसका मतलब होता है प्रभु की मदद.तमिल और मलयालम भाषाओं में इसका अनुवाद देवसहायम होता है. इसी नाम से उन्हें अधिक पहचान मिली. धर्मांतरण के कारण उनको काफी नाराजगी झेलनी पड़ी थी. पिल्लई तत्कालीन त्रावणकोर के राजा के दरबार में एक अधिकारी थे. राजा मार्तंड वर्मा के अधीन त्रावणकोर सेना के कमांडर के रूप में बाद के कार्यकाल के दौरान उन्हें डच नौसेना अधिकारी कैप्टन डी लेनॉय द्वारा ईसाई धर्म से परिचित कराया गया था. देवसहायम के पिता वासुदेवन नंपुथिरी एक ब्राह्मण थे और उनकी मां का नाम देवकी अम्मा नायर जाति की थी.इसलिए उनका नाम नीलकंद पिल्लई रखा गया.

साल 1752 में हुए शहीद

साल 2020 में वेटिकन ने कहा था कि प्रचार करते समय उन्होंने विशेष रूप से जातिगत मतभेदों के बावजूद सभी लोगों की समानता पर जोर दिया. उनका धर्म बदलना उनके मूल धर्म से जुड़े प्रमुखों को रास नहीं आया.उनके खिलाफ राजद्रोह, जासूसी के झूठे आरोप लगाए गए.शाही प्रशासन के पद से हटाया गया और जेल में डाल दिया गया.14 जनवरी 1752 को देवसहायम को गोली मार दी गई. जिसके बाद उन्हें शहीद का दर्जा मिला. कोट्टर में 2 दिसंबर 2012 को ईसाई धर्म अनुसार उन्हें सौभाग्यशाली (ब्लेस्ड) घोषित किया गया था.15 मई 2022 को संत घोषित किये गये.

आलोक कुमार


रैयतों की समस्याओं शिकायतों का समाधान किया जायेगा

 



बेतिया. जिले के सभी विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त शिविर कार्यालयों में 08 जून को विशेष निरीक्षण एवं समीक्षा का आयोजन.रैयतों की शिकायतों/समस्याओं का वरीय पदाधिकारी करेंगे समाधान. जिले के सभी विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त शिविर कार्यालयों में दिनांक-08.06.2022 को विशेष निरीक्षण एवं समीक्षा का आयोजन किया गया है.जिला के वरीय अधिकारियों द्वारा विशेष निरीक्षण एवं समीक्षा की जाएगी तथा रैयतों की समस्याओं शिकायतों का समाधान किया जायेगा.

लौरिया अंचल अंतर्गत (1) नगर पंचायत, चनपटिया के पुराने कार्यालय भवन में (2) पंचायत भवन, लखौरा, बुनियादी विद्यालय के निकट एवं (3) पंचायत भवन गुरवलिया बेलदार शिविर कार्यालय में रैयतों की शिकायत समस्याओं का समाधान किया जायेगा.

इसी तरह चनपटिया अंचल अंतर्गत (1) सामुदायिक भवन, विशुनपुरवा (2) जिला परिषद डाक बंगला स्थित ट्रायसम भवन, लौरिया (3) सामुदायिक भवन, साठी पोखरा पर मझौलिया अंचल अंतर्गत (1) पंचायत भवन, सरिसवा (2) पंचायत भवन, महदीपुर (3) पंचायत सरकार भवन, बैठनिया तथा नौतन अंचल अंतर्गत (1) जगदीशपुर, बहुउद्देश्यीय भवन एवं (2) दक्षिण तेल्हुआ पंचायत सरकार भवन में रैयतों की शिकायतों/समस्याओं का समाधान किया जायेगा.


 इस निमित जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न हुयी.जिलाधिकारी ने कहा कि भू-सर्वेक्षण कार्य के लिए संचालित विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त प्रक्रिया अंतर्गत नए सिरे से अधिकार अभिलेखों (खतियान) एवं मानचित्र का निर्माण कराया जा रहा है। बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त अधिनियम-2011 एवं नियमावली 2012 के प्रावधान अंतर्गत किए जाने वाले इस कार्य में सर्वेक्षण पूर्व गतिविधियां, किस्तवार, खानापुरी, सुनवाई, प्रारूप अधिकार अभिलेख एवं मानचित्र का प्रकाशन तथा लगान निर्धारण पश्चात अंतिम अधिकार अभिलेख एवं मानचित्र के प्रकाशन का कार्य किया जाना है.

 

 उन्होंने कहा कि यह कार्य सरकार के उच्च प्राथमिकता कार्यों में शामिल है। 08 जून को निरीक्षण एवं समीक्षा कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार विभिन्न स्तरों पर कराया जाए ताकि अधिक से अधिक रैयत शामिल होकर अपनी-अपनी समस्याओं/शिकायतों को रख सकें और उनका नियमानुकूल समाधान किया जा सके.


 उन्होंने कहा कि निरीक्षण के क्रम में शिविर स्तर पर उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा एवं शिविर कार्यालय की सुरक्षा स्थिति, विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्य से संबंधित पंजी अभिलेख एवं कागजातों के संधारण की स्थिति, विशेष सर्वेक्षण शिविर अंतर्गत पदस्थापित कर्मियों के विगत तीन माह की उपस्थिति, सर्वेक्षण पूर्व गतिविधियों यथा-गा्रमवार उद्घोषणा, रैयतों से स्वघोषणा की प्राप्ति , प्रपत्र-5 के संधारण की समीक्षा तथा राजस्व ग्राम वार ग्राम अभिलेख के संधारण की स्थिति, किश्तवार कार्य अंतर्गत त्रिसिमाना एवं ग्राम सीमा का सत्यापन तथा भू-खंडों के सत्यापन की स्थिति आदि की गहनता के साथ जांच की जाए.


 अपर समाहर्ता, पश्चिम चम्पारण, श्री नंदकिशोर साह द्वारा बताया गया कि विशेष निरीक्षण एवं समीक्षा का आयोजन सफलतापूर्वक करने के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गयी है। रैयतों को विभिन्न माध्यमों से शिविर कार्यालयों में उपस्थित होकर अपनी शिकायतों समस्याओं से अवगत कराने हेतु प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है.उन्होंने अपील की है कि 08 जून को निरीक्षण एवं समीक्षा में रैयत निरीक्षण पदाधिकारी के समक्ष विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त से संबंधित अपनी समस्याओं एवं परिवादों को रख सकते हैं ताकि उन समस्याओं परिवारों के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सके। सर्वसाधारण अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्य को सफल बनाएं.


आलोक कुमार

माननीय मुख्यमंत्री, बिहार, श्री नीतीश कुमार के कर-कमलों द्वारा किया जायेगा शुभारंभ

 * इन्वेस्टर्स मीट-सह-बिहार टेक्सटाइल एवं लेदर पॉलिसी 2022 का शुभारंभ 08 जून को

*माननीय मुख्यमंत्री, बिहार, श्री नीतीश कुमार के कर-कमलों द्वारा किया जायेगा शुभारंभ

बेतिया. जिलाधिकारी, पश्चिमी चम्पारण, बेतिया, श्री कुंदन कुमार बेतिया मॉडल (चनपटिया स्टार्टअप जोन) से संबंधित देंगे प्रेजेंटेशन. इन्वेस्टर्स मीट-सह-बिहार टेक्सटाइल एवं लेदर पॉलिसी 2022 का विधिवत शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री, बिहार, श्री नीतीश कुमार के कर-कमलों द्वारा दिनांक-08.06.2022 को पुराना सचिवालय स्थित अधिवेशन भवन में किया जाना है। इस कार्यक्रम में माननीय उपमुख्यमंत्री, बिहार, माननीय मंत्री, उद्योग विभाग, बिहार सहित मुख्य सचिव, बिहार, प्रधान सचिव, उद्योग विभाग सहित अन्य माननीय जनप्रतिनिधिगण तथा वरीय अधिकारीगण भाग लेंगे.

उद्योग विभाग, बिहार द्वारा उक्त कार्यक्रम में भाग लेने के लिए जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया, श्री कुंदन कुमार को आमंत्रित किया गया है.जिलाधिकारी श्री कुमार उक्त कार्यक्रम में बेतिया मॉडल (चनपटिया स्टार्टअप जोन) से संबंधित प्रजेंटेशन देंगे तथा  वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान चनपटिया स्टार्टअप जोन को किस प्रकार से चरणबद्ध तरीके से वापस आये कामगारों की स्किल मैपिंग कराकर, उनसे सुझाव लेकर और बैंक लिंकेज कराते हुए, काफी अल्प अवधि में स्टार्टअप जोन की स्थापना की गई और इसे विकसित किया गया, की जानकारी हर्ष के साथ देंगे.


जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार टेक्सटाईल एवं लेदर पॉलिसी 2022 के उद्भूत होने से जिला से लेकर समूचे बिहार का सम्यक विकास होगा। इससे रोजगार सृजन को एक नया आयाम मिलेगा ही, इसके साथ-साथ रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगी.


आलोक कुमार

पर्यावरण को संरक्षण देना पहली प्राथमिकता:जिलाधिकारी


मोतिहारी. जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक के अध्यक्षता में जिला अन्तर्गत गार्जियंस ऑफ चंपारण के पुराने वृक्ष के संरक्षण हेतु जन जागरूकता को लेकर की गई बैठक.

जिलाधिकारी महोदय ने पुराने वृक्षों को संरक्षण को लेकर अधिकारियों को दिया आवश्यक दिशा निर्देश...

गार्जियंस ऑफ चंपारण अंतर्गत विद्यालयों के शिक्षकों एवं छात्रो  को पुराने वृक्षों के संरक्षण के लिए  गतिविधियों में किया जाए सम्मलित.

उक्त मौके पर विशेष कार्य पदाधिकारी गोपनीय शाखा, जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी,  डीपीओ मनरेगा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.

आलोक कुमार

मोतिहारी. जिलाधिकारी महोदय, पूर्वी चंपारण के निर्देशानुसार जिला समादेष्टा, सदस्य- सह-सचिव, स्वच्छ नामांकन, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी के द्वारा विज्ञापन संख्या 01 /2009 एवं 02/ 2011 के शारीरिक दक्षता परीक्षण में सफल अभ्यर्थियों के औपबंधिक मेधा सूची के क्रम में सभी औपबंधिक मेधा सूची के अभ्यर्थियों को सूचित किया गया है कि दिनांक 10 जून 2022 को विज्ञापन संख्या 1/2009 के औपबंधिक रूप से सफल अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन एवं चिकित्सकीय परीक्षण होगा.


दिनांक 11 जून 2022 को विज्ञापन संख्या 02/2011 के औपबंधिक रूप से सफल अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन एवं चिकित्सकीय परीक्षण किया जाएगा. दस्तावेज सत्यापन एवं चिकित्सकीय परीक्षण जिला निबंधन -सह- परामर्श केंद्र, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी में प्रातः 10ः30 पूर्वाह्न से प्रारंभ होगी.


आलोक कुमार 

सोमवार, 6 जून 2022

अधिकारियों को विकास कार्यो में गति लाने का दिया निर्देश


मोतिहारी.‘प्रभारी जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित राधाकृष्णन भवन के सभागार में राजस्व, आपदा एवं विकास विभाग से संबंधित जिला स्तरीय समन्वय समिति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित किया गया ‘.

उक्त बैठक में जिला स्तरीय, अनुमंडल स्तरीय, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा लिया गया भाग.प्रभारी जिलाधिकारी महोदय ने अधिकारियों को विकास कार्यो में गति लाने का दिया निर्देश.वहीं अपूर्ण विकास कार्यो को जल्द पूर्ण करने का दिया निर्देश.उक्त मौके पर एडीएम श्री अनिल कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्री सुमन सौरभ यादव, भू अर्जन पदाधिकारी श्री विजय कुमार, डीआरडीए डायरेक्टर श्री राकेश रंजन, जिला पंचायत राज पदाधिकारी श्री सादिक अख्तर, जिला सांख्यिकी  पदाधिकारी श्री भीम शर्मा सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे.

आलोक कुमार


इस योजना के माध्यम से राजगीरवासियों को जलापूर्ति की जायेगी

  नालंदा.बिहार के गया और नालंदा जिले के जल संकट के समाधान के लिए ‘गंगा उद्वह परियोजना‘ के तहत 190 किमी पाइपलाइन के जरिए गंगा नदी का पानी मोकामा के हथिदह से नवादा तक पहुंचाने का ट्रायल सफल रहा. यह ‘गंगा उद्वह योजना‘ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट है.‘गंगा उद्वह योजना‘ का ट्रायल सफल होने के बाद राजगीर में सभी होटलों को गंगा जलापूर्ति होगी.इसके लिए सभी होटलों को अपने परिसर में सम्प (अंडरग्राउंड टैंक) का निर्माण करना होगा.इसके क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी ने राजगीर के होटल व्यवसायियों के साथ बैठक आयोजित की.गंगाजल आपूर्ति योजना को आगामी वर्षा ऋतु में क्रियान्वित करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है.इस योजना के माध्यम से राजगीर वासियों को जलापूर्ति की जाएगी.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट गंगाजल उद्वह योजना के तहत नालंदा के अलावा गया, बोधगया और नवादा को गंगाजल की आपूर्ति की जानी है. इन सभी जगहों पर गंगाजल को शुद्ध कर पेयजल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. इस योजना को तीन चरणों में पूरा किया जाना है. पहले चरण के तहत इस योजना पर पहले 2836 करोड़ रुपये खर्च किये जाने थे, लेकिन कोरोना की वजह से विलंब होने से लागत बढ़कर 4174 करोड़ रुपये कर दिया गया है.

राजगीर नगर परिषद क्षेत्र के सभी घरों, होटलों, विद्यालय कॉलेज एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को इस योजना के माध्यम से लोक स्वास्थ्य एवं अभियंत्रण विभाग(पीएचईडी) द्वारा पाइप लाइन के माध्यम से जलापूर्ति की जाएगी.वर्तमान में होटलों द्वारा बोरिंग के माध्यम से भूगर्भ जल का उपयोग किया जा रहा है. बोरिंग के उपयोग से भूगर्भ जल का स्तर नीचे जाता है. पाइपलाइन के माध्यम से सुचारू रूप से जलापूर्ति होने के उपरांत होटलों द्वारा बोरिंग को बंद किया जाएगा.इससे भूगर्भ जल का संरक्षण हो सकेगा.राजगीर नगर परिषद क्षेत्र में अब तक 82 होटल सूचीबद्ध किए गए हैं.छूटे हुए होटलों को भी इस सूची में शामिल किया जा सकेगा.

इन सभी होटलों को पीएचईडी द्वारा पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति की जाएगी.इस व्यवस्था के तहत होटल संचालकों को भी पानी के स्टोरेज के लिए आवश्यक संरचना का निर्माण करना होगा.योजना के क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने राजगीर नगर परिषद क्षेत्र के सभी होटल संचालकों के साथ आरआईसीसी सभाकक्ष में बैठक की.सभी होटल संचालकों को 11 जून तक अपने-अपने होटल के लिए पानी के दैनिक आवश्यकता का आकलन कर इसकी लिखित जानकारी पीएचइडी को उपलब्ध कराने को कहा गया.होटल संचालकों को पाइपलाइन के माध्यम से प्राप्त जल के भंडारण के लिए संप (अंडरग्राउंड टैंक) का निर्माण कराना होगा. जिसमें उनके द्वारा उनकी आवश्यकता के अनुरूप पाइप लाइन के माध्यम से प्राप्त जल का भंडारण किया जाएगा.सम्प में भंडारित जल को होटल संचालकों द्वारा मोटर के माध्यम ऊपर के टैंक में पहुंचाया जाएगा जहां से होटल के सभी कमरों में पानी पहुंचेगा.जिलाधिकारी ने जून माह के अंत तक सभी होटल संचालकों को अपनी आवश्यकता के अनुरूप निर्धारित क्षमता के संप का निर्माण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया.

ज्ञातव्य हो कि पीएचईडी द्वारा राजगीर नगर परिषद क्षेत्र में लगभग 10 हजार घरों में पाइप लाइन कनेक्शन दिया जा रहा है. अब तक  8 हजार से अधिक घरों में कनेक्शन दिया जा चुका है. शेष घरों में भी आगामी कुछ दिनों में कनेक्शन दे दिया जाएगा.बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी राजगीर, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद राजगीर, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी सहित विभाग के सहायक कनीय अभियंता एवं राजगीर नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न होटलों के संचालक  प्रतिनिधि उपस्थित थे.

मालूम हो कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जल जीवन हरियाली अभियान के तहत यह योजना गया, बोधगया और राजगीर जैसे शहरों को पेयजल मुहैया कराएगी. इस स्कीम के पहले चरण का बजट 2836 करोड़ रुपये है और इससे गया को 43 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) और राजगीर को सात एमसीएम पानी मुहैया कराया जाएगा. दिसंबर 2019 में कैबिनेट ने इस योजना की मंजूरी दी थी.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज नालंदा के घोड़ा कटोरा पहुंचें जहां उन्होंने गंगा उद्वह योजना का जायज लिया. इस दौरान उन्होंने योजना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी. इस परियोजना की शुरुआत 2019 में की गयी थी. इस परियोजना पर 2836 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे है.इस परियोजना के तहत जल संचयन के लिए कुल 350 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है. दिसंबर 2019 में राज्य कैबिनेट ने गंगा जल उद्वह योजना के पहले फेज के लिए 2836 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी. इस योजना का पहला चरण जून 2021 तक पूरा किये जाने का लक्ष्य था, लेकिन कोरोना संकट और तकनीकी वजहों से इसमें विलंब हुआ. मोकामा के मरांची स्थित गंगा नदी का पानी पाइपलाइन के जरिये गया के मानपुर प्रखंड के अबगीला स्थित खदान में लाया जाएगा.इस योजना के तहत बरसात के मौसम में 4 महीने तक पानी स्टोर किया जाएगा. जिसके बाद उसे प्यूरीफाई कर घरों व अन्य जगहों पर सप्लाई किया जाएगा.

आलोक कुमार

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“कब्रिस्तान में जगह नहीं है…”

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