रविवार, 26 जून 2022

ऐपवा एवं भाकपा माले के बैनर तले शहर के मालगोदाम चौक से प्रतिरोध मार्च

 अग्निपथ योजना वापस लेने समेत अन्य मांगों को लेकर ऐपवा- माले ने निकाला जुलूस.बथुआ बुजुर्ग में दलित के घर उजाड़ने वाले को जेल में बंद करे प्रशासन- उपेंद्र राय.खानपुर के वर्मा विस्थापित  से जमीन छीनना बंद करे सीओ- उमेश कुमार.विभूतिपुर नाबालिग रेप कांड के दोषी को गिरफ्तार करे पुलिस- बंदना सिंह...


समस्तीपुर.अग्निपथ योजना वापस लेने समेत सरायरंजन के बथुआ बुजुर्ग में दलितों के घर उजाड़ने, खानपुर के वर्मा विस्थापित से सीओ द्वारा जमीन छीनने, विभूतिपुर नावालिग के कांड के दोषी को गिरफ्तार नहीं करने के खिलाफ ऐपवा एवं भाकपा माले के बैनर तले शहर के मालगोदाम चौक से प्रतिरोध मार्च निकाला गया. 

अपने- अपने हाथों ने झंडे, बैनर एवं सरायरंजन के थानाध्यक्ष, खानपुर के सीओ का संयुक्त पुतला लेकर नारे लगाते हुए कार्यकर्ता स्टेशन चौराहा पहुंचकर जोरदार नारेबाजी के बाद मार्च सभा में तब्दील हो गया. सभा की अध्यक्षता ऐपवा के जिलाध्यक्ष   बंदना सिंह एवं खेग्रामस के जिलाध्यक्ष  उपेंद्र राय ने किया. माले जिला सचिव प्रो० उमेश कुमार, जिला कमिटी सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह, अनिल चौधरी, प्रेमानंद सिंह, प्रमिला राय, नीलम देवी, संजीत कुमार, शिव कुमारी देवी, रिंकी कुमारी, फिरोजा बेगम, सोनिया देवी, अनीता देवी, रंग कुमारी आदि ने संबोधित किया.

सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा के राज्य सचिव शशि यादव ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा अग्निपथ योजना लाकर सेना का निजीकरण करने की कोशिश की गई है. इसका चौतरफा विरोध हो रहा है. इसे लेकर ऐपवा भी गाँव- टोला स्तर पर महिलाओं को संगठित कर आंदोलन तेज करेगी.माले नेता उपेंद्र राय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बथुआ बुजुर्ग में गरीबों के घर उजाड़ने वाले को जेल भेजने वाले को पुलिस संरक्षण दे रही है. वहीं खानपुर में भारत सरकार एवं बिहार सरकार द्वारा वर्मा विस्थापितों को आवंटित जमीन साजिशन सीओ द्वारा छीनकर निजी हाथों से बेचना शुरू कर दिया है. इससे स्थानीय लोगों एवं वर्मा विस्थापितों में तनाव पैदा हो रहा है. 

ऐपवा जिलाध्यक्ष बंदना सिंह ने विभूतिपुर में नवालिग से रेप के आरोपी को अविलंब गिरफ्तार करने एवं बढ़ रहे हत्या- अपराध पर रोक लगाने की मांग पुलिस प्रशासन से की.अंत में मुसरीघरारी थानाध्यक्ष पंकज कुमार एवं खानपुर सीओ रविरंजन दिवाकर का पूतला फूंककर विरोध जताया गया.

आलोक कुमार

तीस्ता सीतलवाड़ और आरबी श्रीकुमार की गिरफ्तारी बदले की कार्रवाई

 *अविलंब रिहाई की मांग पर 28 जून को माले-एआइपीएफ-इंसाफ मंच द्वारा संयुक्त प्रतिवाद


पटना. भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने 2002 के गुजरात जनसंहार पीड़ितों के लिए न्याय का अभियान चलाने वाले तीस्ता सीतलवाड़ और आरबी श्रीकुमार की गिरफ्तारी को बदले की कार्रवाई बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है और उन दोनों के अविलंब रिहाई की मांग की है.उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि आज के प्रधानमंत्री और तब के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के दौरान 2002 का बर्बर गुजरात जनसंहार हुआ था, जिसमें हजारों मुसलमानों को मौत के घाट उतार दिया गया था.

तीस्ता सीतलबाड़ और अन्य सत्ता के संरक्षण में घटित इस मुस्लिम विरोधी हिंसा में निचली अदालत द्वारा नरेन्द्र मोदी को दी गई क्लीन चिट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस अपील को खारिज कर दिया. उसके महज 24 घंटे के अंदर बदले की भावना से प्रेरित होकर तीस्ता सीतलबाड़ और अन्य के खिलाफ का मुकदमा दायर कर उनलोगों को गिरफ्तार कर लिया गया. यह न्याय का मजाक नहीं तो और क्या है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नरेंद्र मोदी को दोषमुक्त करने पर रोक तो नहीं लगी लेकिन न्याय के पक्ष में उठने वाली आवाज को दमित किया जा रहा है.

राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बदले की इस कार्रवाई के खिलाफ 28 जून को भाकपा-माले, इंसाफ मंच व एआइपीएफ द्वारा पूरे राज्य में विरोध दिवस मनाया जाएगा. हम आम लोगों से आह्वान करते हैं कि न्याय का मजाक बनाए जाने की इस प्रक्रिया के खिलाफ न्याय के पक्ष में खड़े हों.

आलोक कुमार  



अब तक चार नौजवानों ने आत्महत्या कर ली

 पटनाः केंद्र सरकार के द्वारा अग्निपथ सैन्य भर्ती योजना की घोषणा पिछले 14 जून को की गई थी जिसके बाद से देश के विभिन्न हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं.वहीं अग्निपथ योजना से क्षुब्ध होकर नौजवानों ने जिंदगी की लीला समाप्त करने पर उतारू हो गये हैं.प्राप्त सूचनानुसार अब तक चार नौजवानों ने आत्महत्या कर ली है.

  इसी बीच हरियाणा के रोहतक से एक दुखद खबर सामने आ रही है.मृतक की पहचान जींद जिले के लिजवाना गांव के रहने वाले सचिन (23 वर्ष ) के रूप में हुई.वह युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी.बिलौठी गांव निवासी कन्हैया गुर्जर (22) पुत्र महाराज सिंह गुर्जर 12वीं कक्षा पास करने के बाद से ही सेना भर्ती की तैयारी में जुट गया था.बालासोर जिले के सोरों के तेंतेई गांव के रहने वाले व्यक्ति की पहचान धनंजय मोहंती के रूप में हुई है. धनंजय भारतीय सेना में शामिल होने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा था.कल्याणपुर क्षेत्र के विसना मऊ गांव में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे छेदालाल  पटेल के 22 वर्षीय पुत्र विकास पटेल ने नौकरी न मिलने की आशंका से परेशान होकर पेड़ में रस्सी का फंदा बनाकर जान दे दी.

दो साल से सेना भर्ती की तैयारी कर रहा था

दो साल से सेना की भर्ती की तैयारी कर रहे सचिन (23 वर्ष ) नामक  युवक ने रोहतक के देव कॉलोनी में स्थित पीजी होस्टल के रूम में फंदा लगाकर आत्महत्या कर लिया. मृतक जिला जींद के लिजवाना कला गांव का रहने वाला था.शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया.आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया.इस संदर्भ में परिजनों ने इतना जरूर बताया कि वह सेना में भर्ती होना चाहता था जिसके लिए वह बहुत मेहनत भी कर रहा था.भर्ती के कैंसिल होने और चार साल की नौकरी वाली अग्निपथ योजना आने से परेशान था.पुलिस मामले की जांच में जुटी है. पीजी होस्टल में तलाशी की गयी.इसी पीजी होस्टल में रहने वाले एक छात्र गौरव ने मीडिया को बताया कि वह नौकरी को लेकर परेशान था. आर्मी की दो भर्ती के लिए उसने क्वालीफाई भी किया था. लेकिन भर्ती हुई ही नहीं.इन सबको लेकर वह परेशान था. 

वह खेत में पेड़ से फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला

भरतपुर जिले के चिकसाना थाना क्षेत्र के बिलौठी गांव निवासी कन्हैया गुर्जर (22) पुत्र महाराज सिंह गुर्जर ने खेत में पेड़ से फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली.परिजनों ने बताया कि अग्निपथ योजना लागू होने के बाद से युवक ने दौड़ भाग करना छोड़ दिया और मायूस रहने लगा.युवक कबड्डी का राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी था। वहीं 12वीं के बाद से ही वह सेना में जाने के लिए तैयारी कर रहा था.वह सच में सेना भर्ती की तैयारी में जुट गया था. पांच भाई और दो बहनों में सबसे छोटा कन्हैया सेना में भर्ती होना चाहता था. सभी भाई बहन और पिता का भी सपना था कि उनका भाई फौजी बने. परिजनों ने बताया कि जब से अग्निपथ योजना की घोषणा हुई, तभी से कन्हैया ने दौड़ भाग करना बंद कर दिया। परिजनों के बार-बार समझाने पर भी वह सेना की तैयारी के लिए सुबह दौड़ करने नहीं जा रहा था.परिजनों ने बताया कि कन्हैया का कहना था कि अब सैनिक बनने का सपना पूरा नहीं हो पाएगा.चार साल बाद आकर भी जब कुछ और काम करना है तो अभी से क्यों ना किया जाए.वह अलसुबह गांव से बाहर खेत में पेड़ से फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली.

भर्ती के लिए लिखित परीक्षा रद्द होने के बाद 

बालासोर जिले के सोरों के तेंतेई गांव के रहने वाले व्यक्ति की पहचान धनंजय मोहंती के रूप में हुई है.धनंजय भारतीय सेना में शामिल होने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा था.सेना भर्ती की तैयारी कर रहे ओडिशा के जिला बालासोर के रहने वाले एक युवक ने आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा कि भर्ती के लिए लिखित परीक्षा रद्द होने के बाद उसने ऐसा कदम उठाया, वहीं युवक के पिता ने आरोप लगाया है कि अग्निपथ योजना  की घोषणा के बाद सेना ने लिखित परीक्षा रद्द कर दी जिसके कारण मेरे बेटे ने यह कदम उठाया. उनके परिवार के सदस्यों ने कहा कि मोहंती को 30 अगस्त को होने वाली सीईई के लिए प्रवेश पत्र मिला था. उसने रात में फांसी लगाकर जान दे दी. केंद्र की अग्निपथ भर्ती योजना के खिलाफ कटक सहित ओडिशा में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.   

मीडिया से बात करते हुए धनंजय के दोस्त पिताबस  राज ने कहा, वह मेरे अंतरंग दोस्त थे. हम पिछले चार साल से सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहे हैं.मेरे दोस्त धनंजय ने डेढ़ साल पहले फिजिकल फिटनेस टेस्ट पूरा किया था.उन्हें सेना से लिखित परीक्षा का आश्वासन मिला था. हालांकि, लिखित परीक्षा को कोविड -19 को देखते हुए कई बार स्थगित किया गया था.अंत में, अग्निपथ योजना के कारण इसे रद्द कर दिया गया, क्योंकि हम पहले ही आयु सीमा पार कर चुके हैं.       

 'व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से पता चला कि यूपी, बिहार और कोलकाता के कई युवाओं ने आत्महत्या कर ली है.यह सब देखकर उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया और कल रात उसने यह कदम उठाकर आत्महत्या कर ली. खुद को मारने से पहले उसने हमें एक मैसेज भेजा था- इस सरकार पर भरोसा मत करो और उन्हें कभी वोट मत दो.' पिताबस ने आगे कहा.पीड़ित के बुजुर्ग पिता अपने आंसुओं को नियंत्रित नहीं कर पा रहे थे, जबकि मां बेसुध थी.

धनंजय की मृत्यु के बाद, उसके माता-पिता उसके अंग दान करना चाहते थे. लेकिन सोरो अस्पताल में अंगदान की सुविधा नहीं होने के कारण वे ऐसा नहीं कर पाए. बालासोर के पुलिस अधीक्षक सुधांशु मिश्रा ने बताया कि मुझे सोरों की घटना के बारे में पता नहीं था.मौत के सही कारणों की जांच करनी होगी.

खुदकुशी की खबर पर युवा साथी पहुंचे


सेना भर्ती की तैयारी कर रहे दिवंगत विकास पटेल के जान देने से परिवार आहत है.पिता छेदालाल  पटेल व बड़ा भाई विक्रम पटेल किसानी करते हैं.बड़े भाई की शादी हो चुकी है। मां सीता देवी समेत पूरा परिवार बेहाल है.खुदकुशी की खबर मिलते ही फौज की भर्ती की तैयारी करने वाले आसपास गांव के युवक साथी भी पहुंचे.स्वजन ने पुलिस को सूचना दी तब चौडगरा चौकी प्रभारी धीरज पांडेय मौके पर पहुंचे.चौकी प्रभारी पुलिस ने कहा कि प्रथम दृष्टया विकास ने आत्महत्या की है.

विसना मऊ गांव निवासी विकास पटेल सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे थे.एक बार सेना भर्ती की शारीरिक परीक्षा दे चुके थे, पर उसे कामयाबी नहीं मिली थी. पिता ने बताया कि सरकार ने जिस दिन अग्निपथ योजना की घोषणा की उसी दिन से युवक कहने लगा कि अब नौकरी नहीं मिलेगी.कोई तैयारी करना बेकार है. गत दिनों अपरान्ह दो ढाई बजे करीब चरवाहों ने युवक को घर के पीछे आम के पेड़ पर रस्सी से लटकते हुए देखा तो स्वजनों को सूचना दी.स्वजन पहुंचे और युवक को नीचे उतारा, हालांकि तब तक उसकी मौत हो चुकी थी.

युवाओं के सुसाइड केस सबसे ज्यादा

अगर कुछ माह के आंकड़ों पर नजर डालें तो सामने आया कि अब युवाओं के सुसाइड केस सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं. डॉक्टरों का मानना है कि कोरोना काल के बाद युवाओं में तनाव की अधिकता इसका प्रमुख कारण है.बढ़ती बेरोजगारी, आर्थिक मंदी आदि भी कारण हो सकते हैं, लेकिन जरूरी यह है कि अगर कोई परिजन तनाव के दौर से गुजर रहा है तो सबसे पहले उससे बात करें और संबंधित डॉक्टर के पास लेकर जाएं.सुसाइड ही समाधान नहीं है.अग्निपथ योजना के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से मुकाबला करना है.

इस बीच कांग्रेस के बिहार प्रभारी भक्त चरण दास ने अग्निपथ योजना को लेकर बड़ा बयान दिया है. कल सोमवार को बिहार के सभी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के कार्यकर्ता अग्निपथ योजना के खिलाफ सत्याग्रह करेगी. उन्होंने कहा है कि धीरे-धीरे केंद्र सरकार पब्लिक सेक्टर को प्राइवेट सेक्टर करने जा रही है. सेना में भर्ती की नई अग्निपथ योजना पूंजीपतियों को संरक्षण देने के लिए लाया गया है. कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि 4 साल बाद अग्निपथ योजना के तहत कार्य करने वाले सेना के जवान रिटायर हो जाएंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नजदीकी मित्र, बड़े-बड़े उद्योगपति और पूंजीपतियों के कंपनियों में गार्ड का काम करेंगे. निश्चित तौर पर योजना उन्हीं उद्योगपतियों के संरक्षण करने के लिए लाई गयी है.   

आलोक कुमार            

जिलाधिकारी ने बैंकरों को जिले के विकास योजनाओं के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए

 *जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंकिंग समन्वय समिति की बैठक आयोजित


सीतामढ़ी.इस जिले के जिला पदाधिकारी मणेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति सह जिला समन्वय समिति की समीक्षा बैठक समाहरणालय के परिचर्चा भवन में आयोजित की गई.जिलाधिकारी ने बैंकरों को जिले के विकास योजनाओं के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए.जिलाधिकारी ने सर्टिफिकेट केस में बैंकों के एन पी ए बकायेदारों की सूची जिला नीलाम पदाधिकारी को उपलब्ध कराने को कहा ताकि उन पर त्वरित करवाई की जा सके.

 अग्रणी जिला प्रबंधक लाल बहादुर पासवान के द्वारा बैंक के दिसंबर तिमाही यानी कि 31 मार्च 2022 तक की उपलब्धि पर चर्चा की गई.इस दौरान सभी बैंक के द्वारा मार्च 2022 महीने तक प्राप्त की गई उपलब्धियों की बारी-बारी से समीक्षा की गई.समीक्षा के क्रम में यह तथ्य सामने आया कि मार्च 2022 तिमाही तक लक्ष्य के विरुद्ध जिले की उपलब्धि 71.56% रही साथ ही साख-जमा अनुपात में जिले की उपलब्धि 50.76%रही है।. जिसपर जिलाधिकारी ने सभी बैंकों के जिला समन्वयकों को जिले में साख-जमा अनुपात को बढ़ाने के लिए निर्देशित किया है और अगले वर्ष में बेहतर उपलब्धि प्राप्त करने के निर्देश दिया.

जिलाधिकारी ने बैंकों को निर्देशित किया कि अगले विगत वर्ष में जिले में और सुधार करते हुए वार्षिक साख योजना, साख जमा अनुपात, सरकार प्रायोजित योजनाएं जैसे  प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, कृषि ऋण, मुद्रा योजना के साथ  प्रधानमंत्री के महत्वाकांक्षी योजनाओं जैसे सामाजिक सुरक्षा योजनाएं जिसके तहत पीएमएसबीवाई, पीएमजेजेबीवाई, जन धन योजना एवं अटल पेंशन योजना में जिले की उपलब्धि अच्छी हो.इसके लिए जिलाधिकारी ने प्रथम तिमाही से ही लक्ष्य के अनुरूप काम करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सभी बैंकर अच्छे तरीके से काम करें, जिससे जिले की उपलब्धि बढ़ सके.

जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया  कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा योजना के लाभुकों के मृत्यु के पश्चात बीमा का लाभ लेने के लिए उनके परिजनों को आवश्यक कागजात पासबुक की छायाप्रति, के0वा0ई0सी0, मृत्यु प्रमाण पत्र एवं आवेदन के साथ  संबंधित बैंक में जाकर मृत्यु के 90 दिनों के अंदर योजना का लाभ देने को लेकर प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों में जागरूकता  लाने का काम करे.एवं सभी बैंकों में संबंधित पोस्टर, बैनर लगाने का भी निर्देश दिया. साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रचार- प्रसार करना सुनिश्चित करें.

उन्होंने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई) द्वारा किए गए ट्रेनिंग प्रोग्राम की भी समीक्षा की गई.जिसमें पाया गया कि आरएसईटीआई  द्वारा लक्ष्य को हासिल कर लिया गया है.जिले में बेहतर तरीके से काम को करने के लिए सभी बैंक शाखाओं को एक-एक प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना एवं एक-एक पशुपालन संबंधी केसीसी लोन करने को निर्देशित किया गया.साथ ही सभी जिला समन्वयकों को अपने शाखा की उपलब्धि को तिमाही प्रगति रिपोर्ट के साथ समीक्षा करने और डाटा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया.

जिला पदाधिकारी ने ऋण आवेदनों की समीक्षा के लिए अलग से बैंकों की मासिक बैठक का भी निर्देश दिया.जिलाधिकारी ने बैंकरों को साख-जमा अनुपात एवं वार्षिक ऋण योजना में और तेजी लाने का निर्देश दिया ,साथ ही सभी बैंकों को वित्तीय वर्ष 2022-23 के वार्षिक ऋण योजना में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति करने एवं ऋण जमा अनुपात को राष्ट्रीय स्तर पर 72% तक लाने की कार्यनीति बनाने का निर्देश दिया.

डीडीएम नाबार्ड संजय कुमार चैधरी द्वारा भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे कृषि आधारभूत फंड (आरएसइटीआई) के तहत बैंकों को ऋण प्रदान करने की सलाह दी गई, ताकि जिले में कृषि क्षेत्र में पूंजी सृजन को बढ़ावा मिले. जिलाधिकारी ने मत्स्य विभाग, उद्योग विभाग एवं पशुपालन विभाग को उचित कार्रवाई करने का दिशा निर्देश दिया एवं लंबित ऋण संबंधी आवेदनों को को जल्द से जल्द निपटारा करने का भी आदेश दिया. बैठक के अंत मे जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि अस्वीकृत मामलों में कारण सहित प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें.साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि 30 जून तक सभी सी0एस0पी0 सेंटर अपने अपने गांव में सर्वे कर जिनका भी बचत खाता नहीं खुला  है उनका बचत खाता खोलना सुनिश्चित करें.उन्होंने  एलडीएम को निर्देश दिया कि अगली बैठक से पूर्व किसी भी बैंक का सी0एस0पी0 सेंटर जिले के सभी पंचायतों में खुलना सुनिश्चित करें.

उक्त बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक, लाल बहादुर पासवान,  वरीय उप समहर्ता शशि भूषण कुमार, इति चतुर्वेदी, डीडीएम नाबार्ड संजय कुमार चौधरी,एलबीओ आरबीआई गौरव सिंह, निदेशक,आरएसईटीआई  सुनील कुमार महतो, के साथ सभी बैंकों के जिला समन्वयक सहित सभी संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी यथा जिला कृषि पदाधिकारी अनिल कुमार, जिला नीलाम पत्र अधिकारी, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र आदि उपस्थित थे.                                

आलोक कुमार    


पुलिस अधीक्षक हर किशोर राय द्वारा प्रभातफेरी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

 

पटना.अंतरराष्ट्रीय नशा विमुक्ति दिवस पर सीतामढ़ी शहर के नाहर  चौक  से समाहरणालय के परिचर्चा भवन तक प्रभातफेरी निकालकर जागरूकता अभियान चलाया गया.पुलिस अधीक्षक हर किशोर राय द्वारा प्रभातफेरी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. जिसमें उनके नेतृत्व में कमला बालिका उच्च विद्यालय, सीतामढ़ी उच्च विद्यालय, भारती पब्लिक स्कूल, भारती उच्चागंल स्कूल, आर्या प्रेप्टट्री के छात्र छात्राओं एवं शिक्षकों के साथ जिला कबड्डी टीम के खिलाड़ी, तालिमी मरकज के साधन सेवी, जिला पुलिस बल सहित हजारों प्रतिभागियों ने भाग लिया.

वहीं विभिन्न चौक चौराहों  पर प्रभातफेरी का पुष्प एवं तिलक से स्वागत किया गया.समाहरणालय के परिचर्चा भवन में पुलिस अधीक्षक हर किशोर राय ने बताया कि 12 से 26 जून तक यह पखवाड़ा नशा विमुक्ति जन जागरूकता अभियान के कई कार्यक्रमों के साथ चलता रहा. जिसमें पौधरोपण, नशा मुक्ति से संबंधित निबंध, चित्रांकन प्रतियोगिता, आशुभाषण प्रतियोगिता का आयोजन जिला स्तर पर किया गया, जिसमें सैकड़ों प्रतिभागियों ने भाग लिया.उन्होंने बताया कि वर्तमान में नशा उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयास से काफी बदलाव आया है खासकर युवाओं की, छात्रों की विद्यालय की नशा विमुक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका है, जरूरत है उनके आगे बढ़कर इसे तब तक जारी रखने की जब तक नशा मुक्त समाज का निर्माण ना हो जाए.

इस कार्यक्रम की श्रृंखला में सीतामढ़ी उच्च विद्यालय में आयोजित निबंध चित्रांकन एवं आशुभाषण के विजेताओं को मेडल एवं प्रमाण पत्र तथा सभी प्रतिभागियों को प्रतिभागीता  प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया. चित्रांकन प्रतियोगिता परिणाम में प्रथम स्थान पर सलोनी कुमारी, द्वितीय स्थान पर मोनिका शर्मा, तृतीय स्थान पर आलोक राज वही सांत्वना पुरस्कार में निशा कुमारी एवं जीनत खातून को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. निबंध प्रतियोगिता परिणाम में प्रथम स्थान पर साबरी खानम, द्वितीय स्थान पर दिव्या भारती, तृतीय स्थान पर मेघा झा वही सांत्वना पुरस्कार में सुप्रिया कुमारी एवं साहिबा खातून को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. आशुभाषण प्रतियोगिता परिणाम में प्रथम स्थान पर मधु कुमारी, प्रशिक्षु डायट, द्वितीय स्थान पर प्रतीक कुमार मिश्रा, तृतीय स्थान पर निखिल कुमार को प्रशस्ति पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया.

कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए सहयोग देने के लिए डीएसपी सदर सुबोध कुमार, डीएसपी मुख्यालय रामकृष्णा, डीएसपी मुख्यालय राकेश कुमार रंजन, डीपीओ शिक्षा अमरेंद्र पाठक, डायट प्राचार्य श्रीमती अर्चना, आफताब आलम, एस एन झा एवं मनोरंजन कुमार को प्रतीक चिन्ह एवं डॉ मनीष कुमार, माया शंकर यादव,अंजुम रेजा, नेहाल अहमद,राजीव कुमार, सत्यम, अनित, एवं श्री अभय दीक्षित को प्रशस्ति पत्र देकर उत्साहित किया गया.कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों शिक्षकों, प्राचार्य, पुलिस पदाधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापन डीएसपी मुख्यालय रामकृष्ण द्वारा किया गया.

आलोक कुमार    


बिहार में 11 वर्षो से रक्तदान जागरूकता का अलख जगा रही है


जमुई.प्रबोध जन सेवा संस्थान जमुई ही नहीं बल्कि पूरे बिहार में 11 वर्षो से रक्तदान जागरूकता का अलख जगा रही है. वहीं संस्थान के रक्तदान शिविरों में हर बार लोग उत्साह के साथ रक्तदान करते हैं. इस बार भी जमुई के रक्तदाता रक्तदान के लिए बढ़ चढ़कर पहुंचे. संस्था के सतत प्रयास से ग्रामीण क्षेत्रों में भी रक्तदान के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है.

प्रबोध जन सेवा संस्थान (मानव रक्षक रक्तदाता परिवार/मेडिको मित्र/फ्री लीगल एड) के द्वारा शनिवार को रक्त अधिकोष,जमुई में स्वर्गीय रक्तवीर शिवजीत सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए रक्तदान शिविर सह सम्मान समारोह की शुरुआत की गई.

कैंप का उद्घाटन सेवा निर्वित सिविल सर्जन डॉ अरुण कुमार सिंह व सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ सैयद नौशाद अहमद ने संयुक्त रूप से किया. अतिथि के तौर पर मौजूद रहे जमुई के प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ एस एन झा, पुलिस उपाधीक्षक डॉ राकेश कुमार,डॉ सौरभ सुमन, डॉ विशाल आनंद, बरहट थानाध्यक्ष चितरंजन कुमार व जिला संघ प्रचारक रंजीत कुमार मौजूद रहे.

इस कैंप में कुल 27 यूनिट रक्तदान हुआ. जिसमें 22 लोगों ने पहली बार रक्तदान किया.कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्थान से जुड़े सहयोगी कुमार सुदर्शन सिंह,


हरे राम कुमार सिंह, विनोद कुमार, अमर कुमार, शिवजीत सिंह, पुरसोत्तम सिंह, सचिराज पद्माकर, सौरभ मिश्रा, सचिन कुमार का अहम् योगदान रहा.इस कैंप में अतिथियों ने रक्तवीरों का मनोबल बढ़ाने के लिए प्रमाण पत्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया.

गणमान्य लोगों ने संस्थान के समस्त कार्यों की  सराहना की  साथ ही आमजनों से स्वैच्छिक रक्तदान अभियान से जुड़ने को लेकर अपील भी किया. इस कैंप में संस्थान सचिव सुमन सौरभ व संस्थान के जिला समन्वयक ऋषभ भारती ने रक्तदान कर कैंप की शुरुआत की तथा समस्त रक्तवीरों का आभार व्यक्त किया. 


रक्तदान करने वालों में पत्रकार प्रवीण कुमार दुबे, पत्रकार ओम प्रकाश, रंजीत कुमार, गुलाब सिंह, जय शंकर सिंह, बंटू कुमार, संतोष राजतिलक, विकास कुमार दास, भारत भूषण, मोहम्मद इरशाद, अनिल रविदास, शुभम कुमार, अमरजीत कुमार, संतोष कुमार गुप्ता, रणधीर कुमार साह, प्रताप नारायण सिंह, सरोज कुमार, राजेश कुमार, अमित कुमार आदि रहे.

आलोक कुमार


शनिवार, 25 जून 2022

पंचायत स्तरीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई


मोतिहारी.जिला परिषद सभागार, मोतिहारी में प्रभारी जिलाधिकारी, श्री कमलेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं स्वच्छता सर्वेक्षण से संबंधित प्रखंड एवं पंचायत स्तरीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई.

 इस बैठक में मुख्य रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास प्लस के तहत आवास स्वीकृति के विरुद्ध प्रथम किस्त एवं द्वितीय किस्त का अविलंब भुगतान कराने का निर्देश दिया गया.प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2020-21 में आवंटित शत प्रतिशत आवास को पूर्ण करने का निर्देश दिया गया.इंदिरा आवास योजना अंतर्गत पूर्व में आवंटित आवास पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया.

 सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को नियमित रूप से आवास कर्मियों एवं लाभुकों के साथ बैठक कर कार्य में वृद्धि लाने का निर्देश दिया गया.उन्होंने कहा कि आवास योजना अंतर्गत राशि उठाव के पश्चात आवास निर्माण नहीं कराने वाले लाभुकों पर नोटिस करें.                                     

 इस अवसर पर सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक, ग्रामीण आवास सहायक एवं कार्यपालक सहायक आदि उपस्थित थे.

तुरकौलिया निवासी मोहन सहनी ने कहा कि इंदिरा आवास योजना में मुखिया ₹25000 कमीशन मांग रहा है. इस ओर आप लोगों के द्वारा जांच करवाना चाहिए. और तो और पंचायतों में जाकर डीएम साहब को देखना चाहिए.कमीशनखोरी हर पंचायत में में है.जांच करवाना चाहिए. रक्सौल के मुकेश शर्मा ने कहा कि इंदिरा आवास योजना के नाम पर सब गरीब लोग ऐसे ही रह जाते हैं.यानी उनको लाभ ही नहीं मिलता है. मुखिया के शह पर जो अमीर हैं उन्हीं को आवास मिल जाता है. जिनके पास रहने को घर नहीं  है ऐसे ही रह जाते हैं. ऐसे लोगो को जांच करके इंदिरा आवास योजना का लाभ दिलवाना चाहिए.ग्राम पंचायत राज गोढवा के मुखिया, सूचना का अधिकार के कार्यकर्ता व शांति समिति अनुमंडल सदर के सदस्य राजू बैठा ने कहा कि केवल एसी वाले कार्यालय में बैठक करने से कुछ नहीं होगा. सर जी आखिर आप धरातल पर आकर अमलीजामा कब पहनाया जाएगा?मेरे यहां एक भी घरों पर लाभान्वित का नाम नही लिखवाए गया है. पंचायत समिति,आम सभा में प्रस्ताव आने के बाद भी आपके कर्मों अनुपालन नहीं कर रहे है.

आलोक कुमार

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