सोमवार, 25 मार्च 2024

141 साल पूर्व 1883 में स्थापित

 न जाने किस जहां में खो गए


बगहा. पश्चिम चंपारण में चखनी, रजवटिया है.जो बगहा 1 में पड़ता है.यहां पर ईसाई समुदाय का उपासना स्थल होली फैमिली चर्च है.यह 141 साल पूर्व 1883 में स्थापित किया गया.

    इस क्षेत्र के गुरू हेनरी ठाकुर और माग्रेट हेनरी ठाकुर के पुत्र विक्टर हेनरी ठाकुर है. विक्टर हेनरी ठाकुर का जन्म 1 जुलाई 1954 को चखनी में हुआ था. रायपुर धर्मप्रांत में पुरोहित बनने गए.उनका पुरोहिताभिषेक 3 मई, 1984 को हुआ.रायपुर धर्मप्रांत के चांसलर और रायपुर बिशप के सचिव के रूप में कार्य किया था.मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के विभाजन के बाद फादर विक्टर हेनरी ठाकुर 27 जून, 1998 को बेतिया धर्मप्रांत के प्रथम बिशप नियुक्त होने का गर्व प्राप्त किया.उनका एपिस्कोपल समन्वय 11 नवंबर, 1998 को हुआ था.बिशप ठाकुर बिहार क्षेत्रीय बिशप परिषद के शिक्षा आयोग के अध्यक्ष थे. उन्हें 3 जून 2013 को रायपुर का आर्चबिशप नियुक्त किया गया और 19 सितंबर 2013 को पदस्थापित किया गया.

    रायपुर महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप विक्टर हेनरी ठाकुर चखनी पहुंचे.उनके दस साल बड़े भाई डॉक्टर आल्बर्ट हेनरी ठाकुर का निधन 24 मार्च को हो गया था.रायपुर महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप विक्टर हेनरी ठाकुर के अलावे पटना महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप सेबेस्टियन कल्लूपुरा भी पहुंचे.

    आज 25 मार्च को होली फैमिली चर्च में डॉक्टर आल्बर्ट हेनरी ठाकुर का पार्थिव शरीर रखकर मिस्सा किया गया.इस मिस्सा का मुख्य अनुष्ठानकर्ता रायपुर महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप विक्टर हेनरी ठाकुर थे.उनके साथ पटना महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप सेबेस्टियन कल्लूपुरा, बेतिया धर्मप्रांत के बिशप पीटर सेबेस्टियन गोबियस,बेतिया धर्मप्रांत के विकर जनरल फिंटन अलोसियुस साह ,बेतिया पल्ली के पल्ली फादर हेनरी फर्नाडो,चखनी पल्ली के पुरोहित पुरोहित फादर नॉरबर्ट, फादर चैंबर्लिन ,फादर आनंद पास्काल आदि शामिल थे.

     मिस्सा के बाद भारी मन से होली फैमिली चर्च के कब्रिस्तान में ईसाई धर्मरीति के अनुसार दफन कर दिया गया.इससे पूर्व रायपुर महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप विक्टर हेनरी ठाकुर ने अपने अग्रज के लिए प्रार्थना की.मालूम हो कि यही पर आर्चबिशप विक्टर हेनरी ठाकुर के पिताश्री हेनरी ठाकुर का अंतिम क्रियाकलाप किया गया था.

    मौके पर डॉक्टर साहब के रिश्तेदार और शुभचिंतक उपस्थित रहे.बेतिया,चुहड़ी,चनपटिया, रामनगर पल्ली के भी लोग अंतिम दर्शन और दफन में भाग लेने पहुंचे थे.सभी लोगों ने यह कामना किये कि ओ जानेवाले, हो सके तो लौट के आना ये घाट, तू ये बाट कहीं भूल न जाना बचपन के तेरे मीत, तेरे संग के सहारे ढूंढ़ेंगे तुझे गली गली, ...

आलोक कुमार 


बक्सर धर्मप्रांत का 18 वां स्थापना दिवस

 आज बक्सर धर्मप्रांत के लिए ऐतिहासिक दिवस है

इस धर्मप्रांत का तृतीय बिशप का बिशप बनने का प्रथम वर्ष

बक्सर. आज बक्सर धर्मप्रांत के लिए ऐतिहासिक दिवस है.आज बक्सर धर्मप्रांत का 18 वां स्थापना दिवस है.इस धर्मप्रांत का तृतीय बिशप का बिशप बनने का प्रथम वर्ष है.25 मार्च 2023 को बिशप डा.जेम्स शेखर का बिशप अभिषेक हुआ था.इस धर्मप्रांत के प्रथम बिशप से आर्चबिशप बनने वाले  विलियम डिसूजा, एसजे के नेतृत्व में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ था.उनके साथ इस धर्मप्रांत के द्वितीय बिशप से आर्चबिशप बनने वाले बिशप सेबेस्टियन कल्लूपुरा भी शामिल थे.

      मालूम हो कि बिशप जेम्स शेखर को पोप फ्रांसिस ने 4 फरवरी, 2023 को बक्सर धर्मप्रांत का बिशप नियुक्त किया था.बिशप जेम्स शेखर का जन्म 23 सितंबर, 1967 को तमिलनाडु के पलायमकोट्टई के सिंगमपराई में हुआ था. उन्होंने मुजफ्फरपुर के माइनर सेमिनरी और बाद में इलाहाबाद के सेंट जोसेफ मेजर सेमिनरी में पढ़ाई की.उन्हें 26 मई 1996 को पटना महाधर्मप्रांत के लिए पुरोहित नियुक्त किया गया था.

    उन्होंने 1996 से 1997 तक मोकामा में पैरिश प्रीस्ट के रूप में कार्य किया और आर्चडीओसीज़ के युवा मंत्रालय के निदेशक और सेंट मैरी सेमिनरी में प्रोफेसर (1998-2003) थे.उन्होंने रोम में सेंट थॉमस एक्विनास विश्वविद्यालय में बाइबिल धर्मशास्त्र में लाइसेंसधारी का अध्ययन किया है और ऑस्ट्रिया में इंसब्रुक विश्वविद्यालय में बाइबिल धर्मशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है.

उन्होंने 2015 तक छह वर्षों तक पटना आर्चबिशप के सचिव के रूप में कार्य किया.उन्होंने पटना आर्चडायसिस के सामाजिक कार्यों के लिए डायोसेसन निदेशक और बिहार सामाजिक मंच के निदेशक के रूप में भी काम किया है.

आलोक कुमार

शनिवार, 23 मार्च 2024

जिलाधिकारी ने पर्यवेक्षण गृह का किया औचक निरीक्षण



 बच्चों के स्वास्थ्य एवं सेहत के प्रति जागरूक रहें अधिकारी : जिलाधिकारी

समय पौष्टिक एवं संतुलित भोजन उपलब्ध कराएं

बेतिया। पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय ने आज पर्यवेक्षण गृह का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने गृह के बच्चों से उपलब्ध सुविधाओं आदि की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बच्चों से पूछा कि यहाँ कोई दिक्कत तो नहीं हो रही है। खाना आदि समय मिलता है कि नहीं। किताब, स्लीपर आदि मिला है अथवा नहीं। बच्चों ने जिलाधिकारी को बताया कि यहाँ सभी सुविधाएं समय पर मिल रही है।

     जिलाधिकारी द्वारा पर्यवेक्षण गृह के रसोई घर का जायजा लिया गया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा/निर्देश दिया गया। उन्होंने निर्देश दिया कि बच्चों को समय पौष्टिक एवं संतुलित खाना खिलाना चाहिए। साथ ही उन्हें अन्य सुविधाएं भी समय पर मिले, इसे सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई की अच्छी व्यवस्था है। इसे निरन्तर बनाए रखना है। बच्चों की सुरक्षा भी बेहद जरूरी है। इसके साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य एवं सेहत के प्रति अधिकारियों को जागरूक रहना है। नियमित तौर पर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराना सुनिश्चित किया जाय।

           निरीक्षण के क्रम में एसडीएम, बेतिया, श्री विनोद कुमार, प्रभारी अधिकारी, पर्यवेक्षण गृह, श्री ब्रज भूषण कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा, श्री सुजीत कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


आलोक कुमार

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शुक्रवार, 22 मार्च 2024

वह जनता के द्वारा दिया हुआ पैसा है

निष्पक्ष चुनाव को मोदी से खतरा : डॉ. अखिलेश

पटना। बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कांग्रेस पार्टी का खाता सीज करने के मामले में मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि संविधान में चुनाव आयोग की व्यवस्था इसलिए की गई थी ताकि चुनाव में सभी राजनीतिक दलों के लिए समान अवसर प्रदान किया जाए। लेकिन आज सब कुछ उल्टा हो रहा है। कांग्रेस पार्टी को आर्थिक रूप से पंगु बनाने की नापाक कोशिश चल रही है। दरअसल निष्पक्ष चुनाव को मोदी से खतरा है। लेकिन मोदी कांग्रेस को दबा नहीं सकते। हम अंग्रेजों के जबड़े से आजादी छिनने वाली पार्टी हैं।

      डा0 सिंह शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित प्रेसवार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस पूरे खेल में टाइमिंग पर ध्यान देना सबसे जरूरी है। चुनावी प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले हमारा 11 बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया, ताकि हम चुनाव की कोई तैयारी नहीं कर सकें। डा0 सिंह ने आगे कहा कि मामला 14 लाख रुपए का था और जुर्माना 210 करोड़ रुपए लगा दिया, जबकि  इसपर अधिक से अधिक 10-20 हजार का जुर्माना लगना चाहिये था। जिस पैसे को रोका जा रहा है वह जनता के द्वारा दिया हुआ पैसा है। यह घोर अन्याय है।

           उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जिस चुनावी बॉण्ड की योजना को अवैध व असंवैधानिक कहा उससे भाजपा ने हजारों करोड़ रूपये अपने बैंक खातों में भर लिए ,वहीँ दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी दल के बैंक खाते सीज कर रही है ताकि हम पैसों के अभाव में बराबरी के साथ चुनाव न लड़ पाएं। हम इसे कांग्रेस के खिलाफ आपराधिक साजिश मानते हैं। प्रेसवार्ता में विधान पार्षद समीर कुमार सिंह, विधायक बिजेन्द्र चैधरी, मुन्ना तिवारी, ब्रजेश पाण्डेय, मनोज कुमार सिंह, राजेश राठौड़, कपिलदेव यादव, अम्बुज किशोर झा, आनन्द माधव, डा0 संजय यादव उपस्थित थे।



आलोक कुमार

 

गुरुवार, 21 मार्च 2024

गुड फ्राइडे को आयोजित परीक्षा को किसी अन्य उपयुक्त दिन आयोजित किया जाए

 राज्यपाल महोदय द्वारा यह निर्देश देने की कृपा की गयी है कि दिनांक 29.03.2024 (गुड फ्राइडे) को आयोजित परीक्षा को किसी अन्य उपयुक्त दिन आयोजित किया जाए

पटना.आज बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह का जन्म दिन है.बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के द्वारा 29 मार्च 2024 (गुड फ्राइडे) को राज्य के सभी सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त प्रारंभिक विद्यालयों में अध्ययनरत वर्ग एक से चार और पांच से सात के छात्र-छात्राओं की परीक्षा लेने का ऐलान कर दिया था.इससे पटना से लेकर बेतिया तक के लोग परेशान हो गये थे.ईसाई नेता होने के कारण राजन क्लेमेंट साह के पास ईसाई समुदाय के लोग गुहार लगाने लगे. बेतिया क्रिश्चियन क्वाटर्स की रीता बेनेडिक्ट ने कहा कि बेशक आपने मेरी मन की बात पूरी कर दी,अगर इस दिन हमारी छुट्टी नहीं रहेगी तो यह परंपरा हमेशा के लिए हो जाएगी,और हमारा शोषण इसी तरह होता रहेगा.

  बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह ने एक पत्र लिखकर महामहिम राज्यपाल महोदय और माननीय मुख्यमंत्री को दिया.जिसका तत्क्षण कार्रवाई महामहिम राज्यपाल के द्वारा किया गया. राज्यपाल के प्रधान सचिव रॉबर्ट एल. चोंग्यू, भा.प्र.से. ने पत्र जारी कर दिया है. राज्यपाल के प्रधान सचिव ने मुख्य सचिव, बिहार, पटना को पत्र लिखा है कि दिनांक 29.03.2024 (गुड फ्राइडे) को राज्य के सभी सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त प्रारंभिक विद्यालयों में अध्ययनरत वर्ग एक से चार और पांच से सात के छात्र-छात्राओं की आयोजित परीक्षा की आयोजित किया जा रहा है.

   गुड फ्राइडे एक धर्म विशेष का महत्वपूर्ण पर्व है, जिसके कारण उस समुदाय के लोगों द्वारा इस विषय पर माननीय राज्यपाल महोदय का ध्यान आकृष्ट किया गया है.माननीय राज्यपाल महोदय द्वारा यह निर्देश देने की कृपा की गयी है कि दिनांक 29.03.2024 (गुड फ्राइडे) को आयोजित परीक्षा को किसी अन्य उपयुक्त दिन आयोजित किया जाए.कृपया इस सम्बन्ध में आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा की जाए.

   बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह ने बिहार के महामहिम गवर्नर साहब को बहुत-बहुत धन्यवाद दिये है.इसके साथ ही गोवा में रहने वाले बीजेपी के सीनियर लीडर साविओ रोड्रिग्स को भी प्रणाम कर धन्यवाद दिया है.जो ईसाई समुदाय का कार्य गोवा में करते है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में किताब भी लिख चुके है.

   इस संदर्भ में यह स्पष्ट है कि राजन क्लेमेंट साह के द्वारा ईसाई समाज की समस्या समाधान करने के लिए समय और दिन नहीं देखते है.समस्या आने के बाद तुरंत कार्रवाई करने पर उतर जाते है.उन्होंने बुधवार को क्रिश्चियन कम्युनिटी फोरम को लेटर दिया.उसके बाद दोपहर में जाकर महामहिम राज्यपाल और माननीय मुख्यमंत्री के कार्यालय में जाकर पत्र पेश किया.उसकी प्राप्ति प्रति मिला.उसके शाम होते खबर मिल गयी.महामहिम राज्यपाल महोदय ने तत्क्षण कार्रवाई कर दी है.

आलोक कुमार

बुधवार, 20 मार्च 2024

सीएम बिहार से आग्रह है कि 25 मार्च से 3 अप्रैल तक परीक्षा स्थगित हो

 रविवार 24 मार्च को खजूर रविवार

पटना. इस समय ईसाई समुदाय का दुखभोग चल रहा है.यह दुखभोग 14 फरवरी राख बुधवार से शुरू हुआ था.रविवार 24 मार्च को खजूर रविवार है.इसके बाद सोमवार 25 मार्च से पवित्र सप्ताह शुरू होगा.इस दौरान बहुत ही ऐतिहासिक दिवस को स्मरण किया जाता है.29 मार्च को गुड फ्राइडे है.इस दिन प्रभु येसु ख्रीस्त की शहादत दिवस है.ईसाई समुदाय गुड फ्राइडे के दिन सुबह से लेकर रात तक गमगीन होकर दुआ करने में लगे रहते है.इस दिन उपवास भी रखते है.

       इस बीच बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, शिक्षा भवन, राष्ट्रभाषा परिषद परिसर, सैदपुर, राजेन्द्र नगर, पटना के द्वारा आदेश जारी किया गया है.आदेश को जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (ईई व एसएसए ) बिहार शिक्षा परियोजना के सभी जिले पालन कर रहे हैं.

          जारी आदेशानुसार समग्र शिक्षा के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य के सभी सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त प्रारंभिक विद्यालयों में अध्ययनरत वर्ग एक से चार एवं पांच से सात के सभी छात्र-छात्राओं का वार्षिक मूल्यांकन 2024 परिषद के प्रसंगाधीन पत्र के आलोक में दिनांक 21 मार्च 2024 से 28 मार्च 2024 की अवधि में कराने के लिए निर्देशित किया गया है.

       आगे कहा गया है कि अपरिहार्य कारणों से प्रसंगाधीन पत्र के शेष आदेश एवं समय-सारणी को यथावत रखते हुए केवल दिनांक 25 मार्च 2024 को प्रथम पाली एवं द्वितीय पाली में क्रमशः गणित एवं पर्यावरण / सामाजिक विज्ञान के आयोजित होने वाली परीक्षा को दिनांक 30 मार्च 2024 को करने के लिए निर्देशित किया गया था.दिनांक 30 मार्च 2024 के उक्त परीक्षा को अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार के आदेशानुसार दिनांक 29 मार्च 2024 को आयोजित करने के लिए आदेशित किया गया है.इस पर राज्य परियोजना निदेशक का अनुमोदन प्राप्त है.

           इस समय बिहार में डबल इंजन की सरकार है.उक्त आदेश को लेकर ईसाई समुदाय में आक्रोश उत्पन्न हो गया है.इसको लेकर बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह का कहना है कि बिहार सरकार  के अधीन संचालित स्कूलों में छात्र-छात्राओं के वार्षिक मूल्यांकन के लिए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के द्वारा परीक्षा का आयोजन 21 से 28 मार्च, 2024 तक निर्धारित कर दिया गया है.इस दौरान बहुसंख्यक हिंदू समुदाय का पवित्र होली पर्व 25 मार्च को पड़ रहा है.इसके आलोक में 25 मार्च को आयोजित होने वाली परीक्षा परिषद के द्वारा 30 मार्च को निर्धारित करने का आदेश निर्गत कर दिया है.29 मार्च को अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय का

गुड फ्राइडे है.धार्मिक मान्यता है कि गुड फ्राइडे के दिन ही प्रभु ईसा मसीह को सूली पर लटका दिया गया था. ईसाई धर्म से जुड़ी मान्यता के अनुसार बेकसूर होने के बावजूद उन्हें मौत की सजा दी गई थी. जिस दिन ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया और उनकी मृत्यु हुई, उस दिन शुक्रवार था, तब से इस दिन को गुड फ्राइडे के नाम से मनाया जाने लगा.

          बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह ने कहा कि दिनांक 30 मार्च 2024 के उक्त परीक्षा को अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार के आदेशानुसार अब 29 मार्च (गुड फ्राइडे) को पुनर्निर्धारित किया गया है.गुड फ्राइडे ईसाइयों का दुख भरा प्रमुख प्रार्थना दिवस है. इस दिन परीक्षा आयोजित करने से ईसाई समुदाय के छात्र-छात्राओं समेत शिक्षकों एवं आम लोगों को गुड फ्राइडे के आयोजनों से वंचित रहना पड़ेगा, जिसको लेकर ईसाई समाज तथा उनके शुभचिंतकों में घोर निराशा और आक्रोश व्याप्त है. ईसाई समाज का प्रतिनिधित्व करने के कारण मेरे पास इस आदेश को लेकर निरंतर शिकायत आ रही है, तथा सरकार से इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया जा रहा है.

           ईसाई समुदाय के नेता राजन क्लेमेंट साह का कहना है कि मैंने माननीय मुख्यमंत्री श्री @NitishKumar जी से आग्रह किया है कि प्रदेश के ईसाई समुदाय के व्यापक हित को ध्यान में रखकर अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार के आदेश पर त्वरित संज्ञान लेते हुए गुड फ्राइडे के दिन आयोजित परीक्षा की तिथि को पुनर्निर्धारित करने का आदेश देने की कृपा करें.

              यहां बता दें कि पहले बैंक के द्वारा गुड फ्राइडे के अवसर पर सार्वजनिक छुट्टी को रद्द कर दी जाती थी.एसके लॉरेंस के द्वारा विरोध करने पर मामला पटरी पर आ गया.अब गुड फ्राइडे के अवसर पर सार्वजनिक छुट्टी मिलती है.इस बार राज्य सरकार के द्वारा परीक्षा ली जाती है.परीक्षा को स्थगित करने की मांग की जा रही है.


आलोक कुमार

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मंगलवार, 19 मार्च 2024

महाधर्मप्रांत के एमेरिटस आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो येसु समाजी ने पवित्र मिस्सा किया







रांची महाधर्मप्रांत के सातवें महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद 

रांची.रांची महाधर्मप्रांत के सातवें महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद हैं.जिनका प्रतिष्ठापन समारोह आज 19 मार्च 2024 को रांची स्थित लोयोला मैदान में संपन्न हो गया.इस अवसर पर  भारत एवं नेपाल के लिए पोप के प्रेरितिक राजदूत महाधर्माध्यक्ष लेओपोल्दो जिरेल्ली उपस्थिति थे.रांची महाधर्मप्रांत के एमेरिटस आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो येसु समाजी ने पवित्र मिस्सा किया.

            पदग्रहण समारोह पूर्वाह्न 10.30 बजे प्रवेश नृत्य के साथ शुरू हुआ.अतिथियों के स्वागत एवं नये महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद के पत्र परिचय प्रस्तुत किये जाने के बाद, रांची के एमेरिटस आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो ने प्रतिष्ठापन की धर्मविधि को आगे बढ़ाया. उनके आग्रह पर संत पापा फ्राँसिस के आदेश पत्र को पूरी कलीसिया के सामने प्रस्तुत किया गया एवं उसके हिन्दी अनुवाद को जनता के सामने पढ़कर सुनाया गया. पोप के आदेश की उद्घोषणा के उपरांत महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद को महाधर्माध्यक्षीय सिंहासन प्रदान की गई और उन्हें वहां विराजमान किया गया. उद्घोषक फादर तोबियस टोप्पो ने कहा, “प्रेरितों की परम्परा के अनुसार यह धर्म विधि धर्मप्रांत में उसके अधिकार और शिक्षक होने का प्रतीक है. क्योंकि येसु ने ही उन्हें यह अधिकार दिया है और सभी धर्माध्यक्ष प्रेरितों के उत्तराधिकारी हैं.”

    समारोह के प्रतिष्ठापक महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो ने नये महाधर्माध्यक्ष को सिंहासन प्रदान किया.इसके साथ ही उपस्थित विश्वासियों ने “ईश्वर को धन्यवाद” कहते हुए जोरदार तालियों से उनका स्वागत किया.इस तरह महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद औरचारिक रूप से रांची के महाधर्माध्यक्ष बन गये. प्रतिष्ठापक ने उन्हें मेषपालीय डंडा प्रदान किया जो महाधर्माध्यक्ष के लिए उस धर्मप्रांत के चरवाहे होने का प्रतीक है. अंततः प्रतिष्ठापन की धर्मविधि सम्पन्न होने पर उपस्थित सभी धर्माध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने उन्हें बधाइयां दीं.बधाई देने वालों में कोलकाता महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष थॉमस डिसूजा,दिल्ली महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष अनिल जे टी कूटो,पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष सेबेस्टियन कल्लूपुरा,डाल्टनगंज धर्मप्रांत के बिशप थियोडोर मास्करेहंस,बक्सर धर्मप्रांत के बिशप डॉ.जेम्स शेखर समेत समारोह में 35  आर्चबिशप और बिशप में शामिल हुए.साथ ही सोसायटी ऑफ जीसस के प्रोविंशियल फादर अजीत खेस, संत अन्ना धर्मसमाज की मदर सिस्टर लिली ग्रेस टोपनो, उर्सुलाइन कान्वेंट की प्रोविंशियल सिस्टर ईवा जस्टीना रोमोल्डा शामिल थे.


आर्चबिशप विसेंट आईंद पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी (कालचीनी) के रहनेवाले हैं. उनका जन्म 30 जनवरी 1955 को हुआ था. वे आठ भाषाओं के ज्ञाता हैं. उन्होंने अर्थशास्त्र में स्नातक किया है. अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर किया. उन्होंने थियोलॉजी और फिलॉसफी की शिक्षा ली. इसके अलावा रोम के पोंटिफिशियल ग्रेगोरियन यूनिवर्सिटी रोम से फिलॉसफी में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की. आर्चबिशप आठ भाषाओं के ज्ञाता हैं वे अंग्रेजी, हिंदी, नेपाली, बंगाली, सादरी, मुंडारी, इटालियन और फ्रेंच भाषाओं के ज्ञाता हैं.

   आर्चबिशप विंसेंट आईंद ने अपने धर्मोपदेश में कहा, “पिता ईश्वर की इच्छा पूरा करने से हम प्रभु के करीबी रिश्तेदार बन जाते हैं.साथ ही, उन्होंने संत जोसफ के समान नम्र, पवित्र आत्मा के प्रति वचनबद्ध, शुद्ध, निर्मल बनने का आह्वान किया. समारोह के अंत में पूर्व महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो एस. जे. ने अपने कार्यकाल के दौरान प्राप्त सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और संतुष्टि से विदा लेते हुए आर्चबिशप विंसेंट आईंद को बधाइयाँ एवं शुभकामनाएं दीं. आर्चबिशप विंसेंट आईंद ने अपने दिल के उद्गार प्रकट करते हुए सभी का धन्यवाद किया और अपने मिशन कार्य में सभी से सहयोग का आह्वान किया. माननीय महाधर्माध्यक्ष विन्सेंट आईंद का आदर्श वाक्य है, “तुम मुझ में रहो.” (यो.15.4)



माननीय महाधर्माध्यक्ष विन्सेंट आईंद रांची के सातवें महाधर्माध्यक्ष बने हैं जिनकी नियुक्ति की घोषणा पोप फ्रांसिस ने 30 दिसंबर 2023 की.


रांची महाधर्मप्रांत के पहले धर्माध्यक्ष थे लुइस वान हुक ये. स. (1928 -1933)


दूसरे धर्माध्यक्ष ऑस्कर सेवरिन, ये. स. (1934-1951)


तीसरे महाधर्माध्यक्ष निकोलस कुजूर, ये.स. (1951-1960)


चौथे महाधर्माध्यक्ष पीयूष केरकेट्टा, ये.स. (1961-1985)


पांचवें महाधर्माध्यक्ष तेलेस्फोर पी. टोप्पो (1985 - 2018)


छठवें महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो, ये.स. (2018-2023)

सातवें महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद (2024-    )


इस समारोह के अवसर पर भारत और नेपाल के लिए संत पिता के प्रतिनिधि प्रेरितिक राजदूत लियोपोल्दो जिरेल्ली, रांची महाधर्मप्रांत के पूर्व महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो एस. जे, झारखंड एवं भारत के विभिन्न धर्मप्रांतों के 35 आर्चबिशप और बिशप, 300 से अधिक पुरोहितगण, हजारों संख्या में धर्मसंघी एवं धर्मबहनें, साथ ही माननीय श्री सुबोध कांत सहाय जी, माननीय श्री बंधु तिर्की जी, माननीय श्रीमती नेहा शिल्पी तिर्की जी,एंग्लो इंडियन समुदाय के विधायक ग्लेन जोसेफ गोलेस्टीन एवं आठ हजार से अधिक विश्वासी शामिल हुए.



आलोक कुमार


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