मंगलवार, 10 मई 2022

शहर में जलजमाव, जल-जीवन-हरियाली, पथ निर्माण विभाग के कार्यों आदि की विस्तृत समीक्षा

बेतिया. बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग के मंत्री और पश्चिम चंपारण के प्रभारी श्री नितिन नवीन हैं.आज 10 मई मंगलवार को समाहरणालय सभाकक्ष में संभावित बाढ़ पूर्व तैयारी, शहर में जलजमाव, जल-जीवन-हरियाली, पथ निर्माण विभाग के कार्यों आदि की विस्तृत समीक्षा की गयी.इस अवसर पर माननीय सांसद, श्री संजय जायसवाल, श्री सुनील कुमार, श्री सतीश चन्द्र दूबे, माननीय उपमुख्यमंत्री, बिहार, श्रीमती रेणु देवी, माननीय पर्यटन मंत्री, बिहार, श्री नारायण प्रसाद, माननीय विधायक, श्री राम सिंह, श्री वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता, श्री उमाकान्त सिंह, श्रीमती भागीरथी देवी, माननीय विधान पार्षद, श्री भीष्म सहनी, श्री सौरभ कुमार सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, सभी संबंधित कार्यपालक अभियंता आदि उपस्थित रहे.


इस अवसर पर जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया, श्री कुंदन कुमार द्वारा पॉवर प्रेजेंटेशन के माध्यम से उपरोक्त विषयों पर जिला प्रशासन द्वारा किये गये कार्यों की विस्तृत जानकारी माननीय प्रभारी मंत्री सहित अन्य माननीय जनप्रतिनिधिगण को दी गयी. मौके पर माननीय मंत्री, पथ निर्माण विभाग, बिहार सरकार-सह-प्रभारी मंत्री, पश्चिम चम्पारण ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आसन्न बाढ़ एवं कटाव के मद्देनजर अबतक बेहतर कार्य किया गया है. आगे भी इसी तरह तत्परतापूर्वक कार्य होना चाहिए. बाढ़ एवं कटाव को लेकर लापरवाही नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि टीम वर्क के साथ कार्य करने पर हर कार्य आसान हो जाता है.सभी अधिकारियों को टीम वर्क की भावना के साथ कार्य करना होगा.


उन्होंने निर्देश दिया कि जिले में अधिष्ठापित वर्षा मापक यंत्र तथा ऑटोमेटिक वर्षा मापक यंत्रों की 24×7 मॉनिटरिंग करना अनिवार्य है ताकि पूर्व में ही मौसम का हाल जानकर जिलेवासियों को सजग एवं सतर्क किया जा सके. उन्होंने निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ एवं कटाव के मद्देनजर प्रभावित होने वाले संवेदनशील स्थलों पर डिसेन्ट्रलाइज तरीके से सुरक्षात्मक सामग्री का भंडारण सुनिश्चित किया जाय ताकि विषम परिस्थिति में त्वरित गति से कारगर कार्रवाई की जा सके.

उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह अलर्ट रहना है.जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों विशेषकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में डॉक्टरों, कर्मियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सहित दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय. मोबाइल मेडिकल टीम को अपडेट रखा जाय.पशु चारा सहित पशु दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय. इसके लिए टेंडर आदि की प्रक्रिया अविलंब पूर्ण करते हुए सामग्रियों का भंडारण सुनिश्चित किया जाय.


उन्होंने निर्देश दिया कि जिले के क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति त्वरित गति से कराई जाय ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं हो. इसके साथ ही पुल-पुलियों के वेंट की अच्छे तरीके से साफ-सफाई सुनिश्चित की जाय.उन्होंने निर्देश दिया कि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति एवं सभी वेंटों की सफाई 31 मई तक प्राथमिकता के साथ कर ली जाय.

पेयजल की उपलब्धता की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि जिलेवासियों को शुद्ध पेयजल हर हाल में उपलब्ध होना चाहिए।.अभी भी जहां-जहां के चापाकल खराब है, उसको त्वरित गति से ठीक कराया जाय.माननीय जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाये गये प्रश्न के आलोक में उन्होंने कहा कि पीएचईडी विभाग द्वारा जिन स्थलों पर खराब चापाकलों को ठीक कराया गया है, उसकी सूची माननीय विधायकों को उपलब्ध करायी जाय. साथ ही माननीय विधायक अपने क्षेत्रान्तर्गत खराब चापाकलों की सूची पीएचईडी विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे ताकि उनको तुरंत फंक्शनल कराया जा सके.उन्होंने कहा कि बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य कराने वाले कार्यकारी विभाग कार्य प्रगति का प्रतिवेदन माननीय विधायक को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे.

उन्होंने कहा कि बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य सहित सड़कों के निर्माण, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति आदि में गुणवता का पूरा पालन होना चाहिए.किसी भी स्तर पर गड़बड़ी करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई निश्चित है. उन्होंने निर्देश दिया कि नहर-नदी से जुड़े कार्यपालक अभियंता आपस में समन्वय स्थापित कर बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य को अविलंब कराना सुनिश्चित करेंगे.

जल-जीवन-हरियाली के क्रियान्वयन की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि यह बेहद महत्वपूर्ण कार्यक्रम है. इसका क्रियान्वयन तीव्र गति से पूर्ण पारदर्शी तरीके से होना चाहिए.जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत जिले के चौर, आहर, पईन आदि का जीर्णोद्धार त्वरित गति से करायी जाय. साथ ही जो जल स्रोत अब तक अतिक्रमण के शिकार के उसको तुरंत अतिक्रमण मुक्त कराते हुए उनका जीर्णोद्धार कराया जाय.

उन्होंने कहा कि बाढ़ आपदा के समय कंट्रोल रूम सहित अन्य महत्वपूर्ण अधिकारियों, नाविकों आदि के नाम, मोबाईल नंबर आदि का बुकलेट के रूप में संबंधित विभागों को वितरण कराया जाय. साथ ही उक्त बुकलेट को पब्लिक डोमेन में भी सर्कुलेट कराया जाय ताकि आमजन को त्वरित गति से राहत पहुंचाई जा सके.उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों, बैठकों, आयोजनों में सभी संबंधित माननीय जनप्रतिनिधिगण को आमंत्रित किया जाना सुनिश्चित किया जाय.

समीक्षा के क्रम में माननीय सांसद, श्री संजय जायसवाल ने कहा कि एसएसबी के वैसे जवान जो पूर्व में एनडीआरएफ में थे, उनकी सूची तैयार कर ली जाय ताकि आवश्कता पड़ने पर उनकी सहायता बाढ़ बचाव कार्य में ली जा सके. उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना के माध्यम से नहर, नदी से सिल्ट निकालने का कार्य किया जा सकता है. श्री सतीश चन्द्र दुबे द्वारा बताया गया कि करताहा नदी का गाईड बांध डैमेज हो गया है. काफी मात्रा में फसलों को नुकसान हुआ है. इससे दस गांवों के लोग प्रभावित हैं. सिंचाई विभाग द्वारा पूर्व में कार्य कराया गया है लेकिन इसका स्थायी समाधान किया जाना आवश्यक है. साथ ही पंडई नदी से तुमकड़िया गांव को भी बचाने की आवश्यकता है. माननीय सांसद, श्री सुनील कुमार ने कहा कि भवानीपुर मौजा में जल निकासी की व्यवस्था अत्यंत ही आवश्यक है. जलनिकासी की व्यवस्था समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हजारों एकड़ भूमि प्रभावित है। बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों में गुणवता का पूरा पालन सुनिश्चित किया जाय.

 माननीय उपमुख्यमंत्री, बिहार, श्रीमती रेणु देवी ने कहा कि संभावित बाढ़ से निपटने के लिए सभी तैयारी पूर्व में ही कर ली जाय. जो भी संवेदनशील तटबंध है वहां सुरक्षात्मक कार्य बरसात के पूर्व कर लिया जाय.उन्होंने कहा कि 62 आरडी पुल की साफ-सफाई अविलंब करायी जाय.माननीय पर्यटन मंत्री, श्री नारायण प्रसाद ने कहा कि जमुनिया पंचायत में जलजमाव होता है. कच्चा नाला बनाकर साइफन में मिलाने से समाधान हो जायेगा. माननीय विधायक श्री उमाकान्त सिंह ने कहा कि मनरेगा योजना का क्रियान्वयन पूर्ण पारदर्शी तरीके से कराया जाय. जल संचयन हेतु कारगर उपाय किया जाय. उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना के तहत ग्रामीण पुल-पुलियों का निर्माण भी कराया जाय.माननीय विधायक, श्री विरेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि पूर्व में जहां-जहां कटाव की स्थिति थी, वहां अच्छा कार्य कराया गया था.संभावित बाढ़ एवं कटाव के मद्देनजर वहां मिट्टी आदि से कार्य हो जाता तो मजबूती प्रदान होता. उन्होंने बताया कि महेशरा पुल पर एप्रोच बनाना जरूरी है, बरसात के दिन में आसपास के लोगों को काफी परेशानी होती है. उन्होंने कहा कि प्रभावित स्थलों पर नाव, नाविकों एवं गोताखोरों की व्यवस्था की जाय. इसके साथ ही माननीय विधान पार्षद, श्री भीष्म सहनी एवं श्री सौरभ कुमार द्वारा भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं एवं सुझावों से अवगत कराया गया.

समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिले के क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति सहित वेंटों की साफ-सफाई युद्धस्तर पर करायी जा ही है.साथ ही बेतिया नगर निगम सहित जिले के अन्य नगर निकायों में जल निकासी की सुदृढ़ व्यवस्था के लिए आधुनिक मशीनों के माध्यम से मिशन मोड में नालों की उड़ाही एवं नालों के अतिक्रमण को हटाया जा रहा है. नालों के अतिक्रमणकारियों को नोटिस भेजा गया है.

कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी द्वारा बताया गया कि जिलेवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कार्य किया जा रहा है. खराब चापाकलों की मरम्मति के लिए 12 गैंग क्रियाशील है. साथ ही भिखनाठोरी में दो टैंकर पानी प्रतिदिन पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि भिखनाठोरी में पेयजल के लिए 03 बोरिंग करने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गयी है.

एसडीएम, नरकटियागंज द्वारा बताया गया कि सिकटा के नरकटिया गांव, सिकटा रेलवे स्टेशन के समीप दक्षिण भाग में कटाव की संभावना है.पूर्व के बाढ़ में मनरेगा के तहत सुरक्षात्मक कार्य कराया गया था. उन्होंने बताया कि मैनाटांड़ के बिरंची गांव का दोहरम नदी द्वारा कटाव करने की संभावना है.यहां फ्लड फाइटिंग कार्य करना आवश्यक है. इसके साथ ही इनरवा आदि गांवों पर भी कटाव का खतरा है.

मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग द्वारा बताया गया कि उपरोक्त स्थलों सहित अन्य संवेदनशील प्वाइंटों पर 01 जून से सुरक्षात्मक कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि गौनाहा प्रखंड अंतर्गत पंडित राजकुमार शुक्ल के प्रतिमा के पास सुरक्षात्मक कार्य चल रहा है.सोफा मंदिर के समीप भी 15 जून तक कार्य पूर्ण हो जायेगा.

जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले के सभी प्रखंडों में वर्षा मापक यंत्र पूरी तरह फंक्शनल है. साथ ही स्वचालित वर्षा मापक यंत्र जिले के सभी पंचायतों में लगाया गया है. प्रखंडवार वर्षा मापक यंत्र के मरम्मति एवं अन्य कार्यों की देखभाल जिला सांख्यिकी पदाधिकारी द्वारा की जा रही है.उन्होंने बताया कि जिले के सभी अंचलों को कुल-49 नाव पूर्व में ही दिए गए हैं. 149 प्राइवेट नाव, 98 लाईफ जैकेट, 09 इनफ्लैटेबल मोटरबोट, 150 टेन्ट, 01 महाजाल उपलब्ध है. साथ ही 16400 पॉलीथिन शीट्स वेयर हाउस में सुरक्षित रखा गया है.उन्होंने बताया कि जिले में प्रशिक्षित गोताखोरों की संख्या 113, खोज बचाव एवं राहत दलों की संख्या 141 एवं चिन्हित शरण स्थलों की संख्या 190 है.साथ ही जिले के 10 स्थलों पर बाढ़ आश्रय स्थल का निर्माण पूर्ण करा लिया गया है.

माननीय मंत्री, पथ निर्माण विभाग, बिहार सरकार-सह-प्रभारी मंत्री, पश्चिम चम्पारण ने कहा कि संभावित बाढ़ एवं कटाव के मद्देनजर माननीय जनप्रतिनिधियों द्वारा बताये गये संवेदनशील स्थलों पर त्वरित गति से बाढ़ सुरक्षात्मक उपाय करना सुनिश्चित किया जाय।.इस कार्य में समस्या उत्पन्न होने पर तुरंत वरीय अधिकारियों को सूचित किया जाय ताकि इसका त्वरित निराकरण कराया जा सके.

जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा माननीय जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया गया कि उनके द्वारा दिये गये सुझाव पर जिला प्रशासन द्वारा समुचित कारगर कार्रवाई की जायेगी. धन्यवाद ज्ञापन उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार द्वारा किया गया.

आलोक कुमार



 

सोमवार, 9 मई 2022

एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रन सिंह परमार जी प्रशिक्षण स्थल पर

  धार.एकता परिषद के द्वारा गांव-गांव में ‘जन  चौपाल  ‘ चलाने का संकल्प लेने के साथ ही दो दिवसीय मुखिया प्रशिक्षण शिविर का समापन हो गया.शिविर के द्वितीय दिन एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रन सिंह परमार जी प्रशिक्षण स्थल पर आए.

इस अवसर पर एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रन सिंह परमार  जी ने कहा कि मध्य प्रदेश में जंगल में मंगल करने वाले शांतचित अनुसूचित जनजाति समुदाय को सुनियोजित ढंग से जंगल से बेदखल किये जा रहे हैं. अगर अनुसूचित जनजाति समुदाय में नहीं रहेंगे तो  जंगल भी असुरक्षित हो जाएगा. क्योंकि जंगल है तो आदिवासी है व उनकी संस्कृति है. उन्होंने कहा कि इन दिनों बहुत तेजी से आदिवासी संस्कृति व पहचान विलुप्त होती जा रही हैं! इसलिए आदिवासी अस्मिता को जिन्दा रखना होगा तो प्राकृतिक संसाधनों जल,जंगल व जमीन पर उनका अधिकार सुनिश्चित करना ही होगा ताकि सम्मानित तरीके से अपनी आजीविका चला सके.

आगे एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रनसिह परमार  जी ने यह घोषणा करते हुए कहा कि जिस प्रकार सरकार द्वारा राज्य स्तरीय वन अधिकार का सम्मेलन किया. वैसे ही ब्लाक व जिला स्तरीय वन अधिकार समितियों का तात्कालिक बैठक करना चाहिए.अगर सरकार वन अधिकार पर कोई कार्यवाही नहीं करती है, तो जन संगठन एकता परिषद गांव -गांव मे जन चौपाल चलाएंगे.जन चौपाल में ग्रामीण मुखियाओं के माध्यम से व्यक्तिगत व सामुदायिक दावे पर पेसा कानून के अंतर्गत पंचायती राज व्यवस्था के तहत ग्राम सभा को सक्रिय करना होगा.


इस बीच एकता परिषद द्वारा संचालित मुखिया प्रशिक्षण शिविर में जय जगत.. जय जगत..पुकारे जा... सारे अमन पे वारे जा.. सबके हित के वास्ते.... अपना सुख बिसारे जा.. इस सामूहिक गीत कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं द्वारा पेश करने से शिविरार्थी झूम कर गीत गाए.इस गीत को गाने के बाद काफी जोश में आकर  साथ...आमु आखा... एक ...छे का नारा बुलंदी के साथ लगाने लगे. 

इस प्रशिक्षण शिविर का संचालन

करते हुए श्रद्धा बहन ने बताया कि एकता परिषद जन संगठन पिछले 40 वर्षों से जल, जंगल  व जमीन पर लोगों के हक अधिकार के लिए शासन - प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से लगातार संवाद स्थापित कर यह प्रयासरत है कि जो गरीब भूमिहिनों के लिए वन अधिकार कानून बना है उसके अंतर्गत वंचितों को उसका हक प्राप्त हो सके, ताकि इस क्षेत्र से हो रहे आदिवासी जनजातियो का पलायन रोका जा सके और अपनी आजीविका के लिए दर -दर की ठोकरें नही खानी पड़े.

इस प्रशिक्षण शिविर में सहभागी मुखियाओं द्वारा भी अपनी बात रखी गई.जिसमें मुख्य रूप से बाग क्षेत्र के ग्राम पिपरानी के सक्रिय मुखिया श्री जुलाम सिंह ने बताया कि हमें हमारी हक के लिये खुद आगे होकर संघर्ष करना होगा.उन्होंने कहा कि सच्ची बात के लिए हमें किसी से डरकर नहीं रहना है.हम जितना डरते है उतने ही  हमें  दबाया जाता है.कानून सबके लिए बराबर है. हमे जागरुक व संगठित होना पड़ेगा.

मौके पर  ग्राम घोड़ा के मेहर सिंह ने बोले कि हम पीड़ित जंगल की जमीन पर खेती


कर फसल उगाते आ रहे हैं.  हमने दावे फार्म भरकर वनमित्र पोर्टल में नाम आने बाद भी अभी तक पट्टा नहीं मिल पाया है. ग्राम अखाड़ा से गंगा बाई ने बताया कि हम भूमिहीन परिवार है मेरे ससुर द्वारा वनभूमि पर खेती  व मजदूरी कर  अपने परिवार का पालन पोषन कर रहे है. 4/5 वर्षो से दावा दाखिल पंचायत व जनपद में जमा किया गया, परन्तु आज तक कोई कार्यवाही नहीं हो रही है.  सरदारपुर क्षेत्र के इन्सुर से आये सुमित सिंह ने वनाधिकार पट्टे देने मे आ रही परेशानी का सामना करना पड रहा है. हमने पंचायत से लेकर जनपद व जिला कलेक्टर पर जनसुनवाई में देने के बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही हैं.
इन तमाम परेशानियों को ग्राम केरिया  से आये बाबू भाई व जमुना बाई द्वारा शिविर के समापन मे एकता परिषद अध्यक्ष श्री रनसिह परमार जी, संगठन महासचिव श्री अनीश कुमार जी उपाध्यक्ष सुश्री श्रद्धा कश्यप जी  का फुलमाला व तिलक कर स्वागत किया और इस दो दिवसीय शिविर मे उपस्थित ग्रामीण मुखियाओं व अतिथियो का आभार व्यक्त करते हुए गांव में मजबूत संगठन बनाने की अपील करते हुए कार्यक्रम की घोषणा किया गया.इस कार्यक्रम संचालन व्यवस्था में लगे जिला समन्वयक वसिम खान कार्यकर्ता  संजू बघेल, कालू सिंह, कमल सिंह, विजय सिंह,बिलू सिंह व रामू सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही. 

आलोक कुमार 

बिहार शरीफ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत क्रियान्वित की जा रही योजनाओं की समीक्षा

नालंदा.जिलाधिकारी ने की स्मार्ट सिटी के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की.जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज बिहार शरीफ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत क्रियान्वित की जा रही योजनाओं की समीक्षा की.


बताया गया कि बिहारशरीफ स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत अब तक लगभग 103 करोड़ रुपए लागत की 16 परियोजनाओं का कार्य पूरा किया गया है. लगभग 717 करोड़ रुपए लागत की 14 योजनाओं का कार्य विभिन्न चरणों में प्रगति पर है तथा लगभग 113 करोड़ रुपए लागत की 4 योजनाओं में निविदा प्रक्रिया के उपरांत लेटर ऑफ इंटेंट निर्गत किया गया है.जिलाधिकारी ने वर्तमान में जारी योजनाओं के प्रगति की एक-एक कर जानकारी ली. इनमें मुख्य रूप से बिहार शरीफ बाजार समिति के विकास के फेज 1 तथा फेज 2 का कार्य, इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर, नालंदा महिला कॉलेज का विकास कार्य, नालंदा हेल्थ क्लब का विकास कार्य आदि शामिल हैं.बाजार समिति में एचटी लाइन को शिफ्ट करने के लिए प्राक्कलन तैयार करने का निर्देश कार्यपालक अभियंता विद्युत को दिया गया.

धनेश्वर घाट में आधुनिक लाइब्रेरी के निर्माण कार्य को भी अविलंब प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया.नाला रोड के निर्माण कार्य तथा सीवरेज नेटवर्क एवं ट्रीटमेंट सिस्टम के तहत कराए जा रहे कार्यों को बरसात से पहले व्यवस्थित करने का निर्देश दिया गया ताकि बरसात के समय में यातायात एवं जल निकासी को लेकर कोई व्यवधान नहीं हो.बिहारशरीफ स्थित बिहार क्लब भवन के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य तथा शहर में उपयुक्त स्थल पर मल्टी लेवल पार्किंग के निर्माण के लिए संभावना तलाशने को कहा गया.

बैठक में नगर आयुक्त श्री तरणजोत सिंह, बिहारशरीफ स्मार्ट सिटी कारपोरेशन के सीईओ श्री विनोद कुमार, सीएफओ शशि भूषण, सीनियर मैनेजर मृत्युंजय कुमार, अंचलाधिकारी बिहार शरीफ एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

आलोक कुमार


उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में नीरा उत्पादन बिक्री आदि को लेकर जीविका की बैठक

नालंदा.उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में आज हरदेव भवन सभागार में जीविका की बैठक आयोजित की गई.बैठक में नीरा संग्रहण/ बिक्री सहित जीविका द्वारा किए जा रहे अन्य कार्यों की समीक्षा की गई.नीरा के संग्रहण के लिए जिला में प्रतिदिन 20 हजार लीटर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.इस लक्ष्य को विभिन्न प्रखंडों के बीच पंचायतों की संख्या के आधार पर विभाजित किया गया है.

9 मई को जिला में कुल 17220 लीटर नीरा का संग्रहण किया गया जिसमें से 14206 लीटर नीरा की बिक्री की गई.लगभग 3 हजार लीटर संग्रहित नीरा विभिन्न कारणों से अनुपयोगी हो गई.उप विकास आयुक्त ने संग्रहित नीरा के अनुपयोगी होने के कारणों की पहचान करने में गुणात्मक सुधार लाने का निर्देश दिया ताकि कम से कम संग्रहित नीरा की बर्बादी हो.वर्तमान माह में जिला में 9 मई तक कुल 2 लाख 27 हजार 879 लीटर नीरा संग्रहित किया गया जिसमें से 1 लाख 84 हजार 854 लीटर नीरा की बिक्री की गई.

बिहारशरीफ प्रखंड में प्रतिदिन के लिए  निर्धारित नीरा संग्रहण के लक्ष्य के विरुद्ध संग्रहण में निरंतर कमी पाई गई, जबकि जिला के कुल नीरा संग्रहण में वृद्धि हुई है. उप विकास आयुक्त ने इस पर असंतोष व्यक्त करते हुए बीपीएम बिहार शरीफ से स्पष्टीकरण पूछा. इसी प्रकार कतरी सराय में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 65 प्रतिशत तथा हरनौत में 66 प्रतिशत ही नीरा संग्रहण किया गया.सभी प्रखंडों के बीपीएम को प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत प्रतिशत नीरा संग्रहण सुनिश्चित करने का स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया.

बिहार शरीफ बाजार समिति स्थित नीरा बॉटलिंग प्लांट में प्रतिदिन 1500 सौ से 2000 लीटर के बीच नीरा की आपूर्ति की जा रही है. उप विकास आयुक्त ने बॉटलिंग प्लांट की क्षमता के अनुरूप अधिक से अधिक नीरा की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.कॉम्फेड के रेफ्रिजरेटेड वाहनों के माध्यम से चिलिंग सेंटर के साथ-साथ सीधा नीरा प्रोड्यूसर ग्रुप के माध्यम से भी संग्रहण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया. इसके लिए रेफ्रिजरेटेड वाहन वार रूट चार्ट निर्धारित करने का निर्देश डीपीएम जीविका को दिया गया.

जिला में 222 नीरा सेलिंग प्वाइंट  जीविका के माध्यम से संचालित किया जा रहा है. उप विकास आयुक्त ने डीपीएम जीविका को सभी सेलिंग प्वाइंट का सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.सत्यापन के क्रम में यह देखा जाएगा की सेलिंग प्वाइंट के माध्यम से नीरा की बिक्री वास्तव में की जा रही है या नहीं.प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत किस्त की राशि प्राप्त करने वाले लाभुकों के आवास निर्माण की मॉनिटरिंग जीविका दीदियों के माध्यम से भी सुनिश्चित करने को कहा गया ताकि आवास निर्माण पूर्ण होने के कार्य में तेजी लाई जा सके.

जीविका समूह के माध्यम से पूर्व से निर्मित तालाबों में मत्स्य पालन के लिए उपयुक्त जलकरों को चिन्हित कर प्रस्ताव देने का निर्देश दिया गया.व्यक्तिगत मत्स्य पालन के लिए भी मनरेगा के कन्वर्जन से तालाब निर्माण के लिए सभी प्रखंडों में कम से कम दस-दस आवेदन सृजित करने का निर्देश दिया गया.जो आवेदन पहले से प्राप्त हो चुके हैं, उनके लिए तालाब निर्माण के लिए संबंधित प्रोग्राम पदाधिकारी के माध्यम से कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.बैठक में डीपीएम जीविका एवं सभी प्रखंडों के बीपीएम उपस्थित थे.

आलोक कुमार


 

पटना के धनरूआ में प्रो. अरविंद कुमार सिंह की मूर्ति का करेंगे अनावरण

*माले महासचिव काॅ. दीपंकर भट्टाचार्य 10 मई की सुबह पहुंचेंगे पटना

*अरवल में 1857 के नायक जीवधर सिंह-हेतम सिंह पार्क का करेंगे शिलान्यास

*12 मई को पार्टी की राज्य स्थायी समिति की बैठक में लेंगे हिस्सा


पटना.भाकपा-माले महासचिव काॅ. दीपंकर भट्टाचार्य 10 मई की सुबह पटना पहुंचेंगे और पूर्वनिर्धारित कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे. 10 मई को आजादी की पहली लड़ाई अर्थात 1857 के महासंग्राम की शुरूआत हुई थी. इस अवसर पर आजादी के 75 साल जन अभियान के बैनर तहत अरवल के खभैनी में एक विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है.

अरवल का खभैनी गांव मगध में 1857 का केंद्र था. मगध में 1857 के नायक जीवधर सिंह इसी गांव के रहने वाले थे. जीवधर सिंह व हेतम सिंह की याद में गांव में पार्क का निर्माण किया जा रहा है. जीवधर सिंह के परिजनों ने पार्क निर्माण के लिए जमीन दान दी है.10 मई को पार्क निर्माण का शिलान्यास किया जाएगा. साथ ही, 1942 के आंदोलनकारी बाबू लाल सिन्हा को भी याद किया जाएगा. आजादी के 75 साल पर आयोजित इस कार्यक्रम में खभैनी गांव में एक विशाल संकल्प सभा का भी आयोजन हो रहा है, जिसमें मुख्य वक्ता के बतौर माले महासचिव शामिल होंगे. पार्टी के विधायक साथी भी इसमें हिस्सा लेंगे. यह कार्यक्रम संध्या 3 बजे होगा.

इसके पूर्व पटना जिले के धनरूआ प्रखंड के बारा गांव का भी वे दौरा करेंगे. जहां कॉमरेड (प्रो) अरविंद कुमार सिंह की मूर्ति का लोकार्पण होगा. प्रो. सिंह की मृत्यु पिछले साल 10 मई को कोविड के कारण हो गई थी. वे पेशे से प्राध्यापक थे और लगातार पार्टी के पत्र-पत्रिकाओं के प्रकाशन से जुड़े रहे.12 मई को पटना स्थित राज्य कार्यालय में पार्टी की एक दिवसीय राज्य स्थायी समिति की बैठक होगी. इस बैठक में भी माले महासचिव शिरकत करेंगे.

आलोक कुमार 

विश्व थैलेसीमिया दिवस मनाया

 


 पटना.रविवार को विश्व थैलेसीमिया दिवस मनाया गया.इस अवसर पर ओसवाल भवन,चतुर्थ तल्ला (विंडसर होटल के बगल में नारायण प्लाजा एग्जीबिशन रोड पटना में प्रथमा ब्लड सेंटर के बैनर तले आयोजित रक्तदान शिविर में रक्तदान करने वाले नायकों को सम्मानित किया गया.



इसके पूर्व रविवार को प्रथमा ब्लड सेंटर,पटना द्वारा आयोजित कार्यक्रम उद्घाटन का उपमुख्यमंत्री तारकेश्वर प्रसाद, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी,पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा, एवं जदयू नेत्री श्रीमती डॉ सुहैली मेहता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित   करके विश्व थैलेसीमिया दिवस का उद्घाटन किया गया.इस अवसर पर युवा जदयू के प्रदेशाध्यक्ष दिव्यांशु भारद्वाज जी सहित कई गणमान्य व्यक्ति सम्मिलित हुए.  


मौके पर विश्व थैलेसीमिया दिवस के अवसर पर पटना में "प्रथमा ब्लड सेंटर" द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में रक्तदान करने वाले नायकों को सम्मानित भी किया गया.यह कहा गया कि रक्तदान महादान है. आपका किया एक छोटा दान किसी की जिंदगी बचा सकता है. रक्तदान अवश्य करें.इस विश्व थैलेसीमिया दिवस की थीम 2022 है "जागरूक रहें. साझा करें.देखभाल: थैलेसीमिया ज्ञान में सुधार के लिए वैश्विक समुदाय के साथ काम करना.''


बता दें कि प्रथमा ब्लड सेंटर के द्वारा थैलेसीमिया नामक रोगियों को ख्याल किया जाता है.यह थैलेसीमिया एक स्थायी रक्त विकार है, जो अनुवांशिक होता है. इस बीमारी में मरीज के खून में लाल रक्त कण नहीं बन पाता, जिस वजह से मरीज के शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है और वो एनीमिया से ग्रसित हो जाता है. उन्‍हें जीवित रहने के लिए हर दो से तीन सप्‍ताह बाद खून चढ़ाने की आवश्‍यकता होती है. इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 8 मई को ‘विश्व थैलेसीमिया दिवस‘ मनाया जाता है.


यह भी बताने लायक है कि कि साल 1994 में पहली बार ‘विश्व थैलेसीमिया दिवस’ मनाने पर विचार किया गया था. इसी साल थैलेसीमिया इंटरनेशनल फेडरेशन ने 8 मई के दिन को थैलेसीमिया के मरीजों के नाम डेडिकेट किया था और इस बीमारी से जूझ रहे रोगियों के संघर्ष के प्रति जन सामान्य में जागरूकता फैलाने के लिए इस दिन की स्थापना की गई थी. तब जॉर्ज एंगल जोश इस थैलेसीमिया अंतरराष्ट्रीय फेडरेशन के अध्यक्ष और संस्थापक के रूप में काम करते थे.

इस तरह के परोपकारी कार्य को आगे बढ़ाने में पंकज सिंह बेघेल लगे हुए हैं.इस समय प्रथमा ब्लड सेंटर पटना के राज्य समन्वयक पंकज सिंह बेघेल हैं.उनका कार्यालय सगुना मोड़, दानापुर में अवस्थित है. प्रथमा ब्लड सेंटर के बैनर तले रविवार को 'विश्व थैलेसीमिया दिवस‘ मनाया गया. इस अवसर पर टीम ब्लड फोर ऑल के सदस्य नीरज आर्यन ने कहा कि सेंटर पटना के द्वारा विश्व थैलेसीमिया के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में थैलेसीमिया के ऊपर जागरूकता कार्यक्रम, नियमित  स्वैच्छिक रक्तदाताओं एवं शिविर आयोजकों का सम्मान, स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजित किया गया था.यह कार्यक्रम ओसवाल भवन,चतुर्थ तल्ला (विंडसर होटल के बगल में नारायण प्लाजा एग्जीबिशन रोड पटना में किया गया.


इस अवसर पर संत माइकल हाई स्कूल के फिजिकल टीचर नीरज आर्यन ने कहा कि बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद ,भवन निर्माण विभाग के मंत्री श्री अशोक चौधरी, पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा के सामने रक्तदान करके आनंदित महसूस कर रहे थे.अब तक नीरज आर्यन ने 14 बार रक्तदान कर चुके हैं. और कहा कि इन महानुभावों को निकट से पहली बार देख पा रहा हूं.यह सुखद अनुभूति है.

आलोक कुमार 

रविवार, 8 मई 2022

विनाशकारी बागमती तटबंध निर्माण पर रोक लगाने के लिए कई वर्षों से जारी संघर्ष




मुजफ्फरपुर.विनाशकारी बागमती तटबंध निर्माण पर रोक लगाने के लिए कई वर्षों से जारी संघर्ष के दबाव में 4-5 साल पूर्व नीतीश सरकार ने नदी विशेषज्ञों को लेकर रिव्यू कमिटी का निर्माण किया था.लेकिन रिव्यू कमिटी को संसाधन मुहैया कराने व अधिकार संपन्न बनाने पर सरकार ने अभी तक ध्यान नहीं दिया है और तटबंध निर्माण के काम को आगे बढ़ाने के लिए फिर से करोड़ों की राशि आवंटित कर दिया है. इसके विरोध में चास-वास-जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा की ओर से आज 8 मई को मुजफ्फरपुर के बेनीबाद-गायघाट में जनसभा का आयोजन किया गया.सभा को माले विधायक का.सुदामा प्रसाद सहित अन्य नेताओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया.सभा में बड़ी संख्या में बागमती क्षेत्र के किसानों, मजदूरों व आमलोगों ने भाग लिया.सभा में  बड़ी संख्या में महिलाओं की भी भागीदारी हुई.संचालन मोर्चा के संयोजक व चर्चित किसान व माले नेता का.जितेंद्र यादव ने किया.

आलोक कुमार 

The Configure Featured Post option in Blogger allows you to highlight a selected post prominently on

चिंगारी प्राइम न्यूज़

 About Us | चिंगारी प्राइम न्यूज़ Chingari Prime News एक स्वतंत्र हिंदी डिजिटल न्यूज़ और विचार मंच है, जिसका उद्देश्य सच्ची, तथ्यपरक और ज़मी...

How to Configure Popular Posts in Blogger The Popular Posts widget highlights your most viewed post