गुरुवार, 30 जून 2022

बिहार मोटरगाड़ी संशोधन नियमावली 2021 अंतर्गत दुर्घटना दावा

 


*जिला पदाधिकारी-सह- अध्यक्ष, जिला सड़क सुरक्षा समिति,की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई आयोजित

* सड़क सुरक्षा, शहर में जाम की समस्या,सड़क मरम्मती,बिहार मोटरगाड़ी नियमावली,2021 के तहत दुर्घटना दावा,घायलों की मदद ,यातायात नियमो के संबंध में जागरूकता आदि को लेकर हुई व्यापक चर्चा                                            

सीतामढ़ी.इस जिले के जिलाधिकारी -सह- अध्यक्ष, जिला सड़क सुरक्षा समिति मनेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में सीतामढ़ी शहर में जाम की समस्या एवं निदान, यातायात नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराना, यातायात नियंत्रण के लिए सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था करना, सड़क दुर्घटना में मृत व्यक्ति से संबंधित आंकड़ों का संकलन एवं समेकित प्रतिवेदन तैयार करना, सड़क दुर्घटना में कमी लाने के लिए उपाय एवं रणनीति तैयार करना, गुड सेमेरिटन को प्रोत्साहित करना है एवं सूची उपलब्ध कराना एवं ब्लैक स्पॉट को चिन्हित कर  कार्रवाई करना से संबंधित अन्य एजेंडों पर विस्तृत समीक्षा की गई.

 जिला पदाधिकारी द्वारा परिवहन विभाग को निर्देश दिया गया कि बिहार मोटरगाड़ी संशोधन नियमावली 2021 अंतर्गत दुर्घटना दावा से संबंधित विषय, हेलमेट, सीटबेल्ट ओवरलोडिंग तथा सेफड्राइविंग को लेकर, वाहनों पर स्पीड गवर्नर प्रवर्तक टेप लगाने की कार्रवाई, प्रेशर हॉर्न के विरुद्ध अभियान चलाकर जागरूकता फैलाएं.नगर निकायों को निर्देश दिया गया कि सभी फुटपाथों, को अतिक्रमण से मुक्त कराएं, ठेला वेंडरों के लिए सड़क से दूरस्थान चयनित करें, पर्याप्त संख्या में स्ट्रीट लाइट ट्रैफिक लाइट लगाना सुनिश्चित करें, बस स्टैंड को अतिक्रमण मुक्त रखें एवं साफ सफाई शुद्ध पेयजल तथा रोशनी की व्यवस्था की जाए.

व्यस्त एवं संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे का अधिष्ठापन कराएं, शहर के मुख्य मार्गों में बने गड्ढों की मरम्मत कराना सुनिश्चित करें, शहरी क्षेत्र अंतर्गत ऑटो ई-रिक्शा पार्किंग की व्यवस्था की जाए. सड़क अतिक्रमण मुक्त के लिए विशेष अभियान चलाया जाय. साथ ही,बिना निबंधित वाहन परिचालन, ओवरलोडिंग, निर्धारित रूट से इतर वाहन चलाने वाले के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर जुर्माना व जब्ती की कार्रवाई प्रारंभ कराएं.

पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग एवं एनएचआई को निर्देश दिया गया कि यातायात संकेतक चिन्हों का प्रावधान सभी जगह सुनिश्चित करें, अधिकाधिक संख्या में जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण करें, सड़कों में तीव्र मोड़ पर रिफ्लेक्टर लगवाना सुनिश्चित करें, पुराने एनएच पर फुटपाथ का निर्माण करें, सड़क को मोटरेबल रखने के लिए नियमित रूप से साइट का विजिट करें. उन्होंने  जिले में दुर्घटना बाहुल्य वलनरेबल स्पॉट्स एवं संभावित ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित स्थानों पर आवश्यक सुधार एवं यातायात पुलिस कर्मियों की पर्याप्त व्यवस्था आदि के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया ताकि जिले में होने वाली दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके.

  उन्होंने कहा कि अवैध पार्किंग, ओवरस्पीड करने वाले वाहनों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही करते हुए उनके चालान काटे जाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए,ताकि शहर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सके और और किसी के भी द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन न किया जा सके. अवैध पार्किंग एवं सड़क अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्यवाही करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया.

 एनएचएआई द्वारा रुन्नीसैदपुर में फ्लाईओवर निर्माण संबंधी कार्रवाई पर भी चर्चा की गयी. ’शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया कि सड़क सुरक्षा पर विद्यालय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए, सड़क किनारे के विद्यालयों के शिक्षकों एवं बच्चों के लिए यातायात मार्गदर्शिका को प्रचारित कर यातायात नियमों के बारे में जागरूकता फैलाया जाए. उन्होंने विद्यालय के पठन-पाठन में बच्चों के बीच वाद-विवाद प्रतियोगिता, स्लोगन, पेंटिंग कंपटीशन, विचार गोष्ठी का आयोजन के माध्यम से सड़क सुरक्षा के प्रति बच्चों को जागरूक करने का निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी  को दिया.

विद्युत विभाग को जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिया कि सीतामढ़ी शहर में रोड से विद्युत पोल के  स्थान्तरण की कार्रवाई करना सुनिश्चित करें, जर्जर विद्युत तार को हटाने की भी कार्रवाई की जाए.एवं एफसीआई प्रबंधक राज्य खाद्य निगम को निर्देश दिया गया कि प्रखंड कार्यालय डूमरा अवस्थित निगम के गोदाम से संबंधित भारी वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें. प्रतिबंधित अवधि के भारी वाहनों का शहर में परिचालन पर रोक लगाने की व्यवस्था करें.

 साथ ही उन्होंने कहा कि आम लोगों को जागरूक कर सड़क दुर्घटना की संभावना को काफी कम किया जा सकता है. जिलाधिकारी द्वारा यातायात नियमों के प्रति लोगों को नियमित रूप से जागरूक करने के लिए अभियान चलाने का निर्देश जिला परिवहन पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया गया.  मोटर वाहन अधिनियम अंतर्गत जांच एवं कार्रवाई को सख्ती से लागू करने का भी  निर्देश दिया गया.

बैठक में जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटना में घायलों की तत्काल मदद करने वालों को लोगो को गुड सेमेरिटन के रूप में उनका चयन करने एवं उनके लिए प्रोत्साहन राशि 5000 देयता के लिए कार्रवाई का निर्देश  दिया. जिलाधिकारी ने निर्देश दिया  की  दुर्घटनाग्रस्त को ससमय अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करें एवं सम्मानित करने के लिए ऐसे लोगों  की सूची जिला परिवहन पदाधिकारी को उपलब्ध कराएं. साथ ही उन्होंने स्कूली वाहनों की जांच, स्वास्थ्य विभाग -शिक्षा विभाग -पंचायती राज विभाग पुलिस एवं यातायात विभाग, पथ निर्माण विभाग ,नगर निगम ,एनएचएआई इत्यादि की भूमिका पर विचार विमर्श किया गया एवं संबंधित विभागों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए.इसके पूर्व जिला परिवहन पदाधिकारी ने पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से सड़क सुरक्षा को लेकर चलाये जा रहे कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी.

 उक्त बैठक में पुलिस अधीक्षक हर किशोर राय, सिविल सर्जन, नगर आयुक्त, मुमुक्षु चौधरी, जिला परिवहन पदाधिकारी रवीन्द्र नाथ गुप्ता, जिला पंचायती राज पदाधिकारी अविनाश कुमार, ओएसडी प्रशांत कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी अवधेश कुमार, सदर अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सुबोध कुमार, डीएसपी मुख्यालय रामकृष्णा, वरीय उप समाहर्ता सोनी कुमारी, डीपीओ रोचना माद्री, के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अनुमंडल पदाधिकारी बेलसंड,अनुमंडल पदाधिकारी पुपरी, सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष उपस्थित थे.


आलोक कुमार                          

बैंक अधिकारियों द्वारा फील्ड वेरिफिकेशन के बाद 111 आवेदन को रिजेक्ट कर दिया

 

* थरुहट क्षेत्र में कैंप लगाकर त्रुटियों का निराकरण करते हुए शत-प्रतिशत लाभुकों को केसीसी उपलब्ध कराने का निर्देश

बेतिया. पश्चिमी चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा केसीसी पशुपालन कार्य प्रगति की समीक्षा की गयी. समीक्षा के क्रम में नोडल पदाधिकारी, केसीसी पशुपालन द्वारा बताया गया कि पशुपालन के लिए 5524 केसीसी आवेदन जनरेट हुआ है. जिसमें से विभिन्न बैंकों द्वारा 2104 एक्सेप्ट किया गया है तथा 516 का सेंक्शन किया गया है. बैंक अधिकारियों द्वारा फील्ड वेरिफिकेशन के बाद 111 आवेदन को रिजेक्ट कर दिया गया है तथा अन्य आवेदन सेंक्शन के लिए लंबित है.

जिलाधिकारी द्वारा इसे अत्यंत ही गंभीरता से लिया गया और एलडीएम को निर्देश दिया गया कि रिजेक्ट किये गये आवेदनों की पुनः समीक्षा करायी जाय साथ ही सेंक्शन के लिए लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन कराना सुनिश्चित किया जाए.

उन्होंने निर्देश दिया कि थारू बहुल यथा-रामनगर, बगहा, गौनाहा आदि क्षेत्रों में कैम्प लगाकर ऐसे मामलों का निष्पादन कराया जाय ताकि थरूहट क्षेत्र के पशुपालक लाभान्वित हो सके और उन्हें परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े.

जिलाधिकारी ने कहा कि केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) की शत-प्रतिशत उपलब्धि के लिए जिले में कार्यरत सभी बैंकों को कैंप लगाकर किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने की आवश्यकता है.

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, नोडल पदाधिकारी, केसीसी पशुपालन, डॉ0 उज्जवल कुमार आदि उपस्थित रहे.


आलोक कुमार

जून महीने में उत्पाद तथा पुलिस बल द्वारा कुल 4454 रेड किए गए


नालंदाः आज अपर मुख्य सचिव मघ निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग,बिहार पटना द्वारा नालंदा जिले में शराबबंदी की समीक्षा समाहरणालय परिसर स्थित हरदेव भवन में किया गया.उन्होंने सबसे पहले उत्पाद कार्यालय में कार्यरत बलों तथा उनके द्वारा की गई कार्यों की समीक्षा की.

समीक्षा के क्रम में जानकारी दी गई कि जून महीने में अब तक उत्पाद तथा पुलिस बल द्वारा कुल 4454 रेड किए गए तथा कुल 502 लोगों की गिरफ्तारी की गई.जून माह में अब तक कुल 1836 लीटर देशी शराब तथा 123 लीटर विदेशी शराब जब्त किए गए.उत्पाद विभाग द्वारा इस माह में कुल 178 शराब पीने वालों तथा 23 आपूर्तिकर्ता की गिरफ्तारी की गई तथा पुलिस द्वारा 87 शराब पीने वालों तथा 214 आपूर्तिकर्ता की गिरफ्तारी की गई.

विशेष न्यायालय द्वारा दिनांक 01/04/2022 से दिनांक 27/06/2022 तक उत्पाद तथा पुलिस द्वारा पकड़े गए कुल 703 लोगों को जेल भेजे गए.समीक्षा में जानकारी दी गई कि जून माह में अब तक उत्पाद तथा पुलिस द्वारा कुल 23 वाहनों की जब्ती की गई है.अपर मुख्य सचिव ने उत्पाद तथा पुलिस द्वारा दैनिक रेड तथा गिरफ्तारी की भी समीक्षा की.

बैठक में माहवार ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट रिपोर्ट की भी जानकारी ली गई.बताया गया कि उत्पाद कार्यालय द्वारा जून माह में अब तक कुल 1508 ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट किए गए जिसमें 189 पॉजिटिव पाए गए. इसी प्रकार पुलिस द्वारा जून माह में अब तक कुल 92 लोगों की ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट की गई जिसमें सभी लोग पॉजिटिव पाए गए.कॉल सेंटर की समीक्षा में पाया गया कि जून माह में अब तक 277 कॉल प्राप्त हुए जिस पर 31 लोगों की गिरफ्तारी की गई.पीने वालों की निशानदेही पर कुल 534 लोगों की गिरफ्तारी की गई तथा 134 व्यक्तियों को जेल भेजा गया.धारा 37 के तहत कुल 8 लोगों को जेल भेजा गया है.

शराब से संबंधित मामलों में जून माह में 75 राज्य सात के मामले लंबित बताए गए जिस पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए.135 वाहनों के वैल्यूएशन कर उन्हें एमएसटीसी पोर्टल पर डाले गए हैं.वाहनों के निष्पादन तथा ट्रायल पर ध्यान देने की बात बताई गई.बैठक में पीने वालों की गिरफ्तारी  तथा पीने वालों के निशानदेही पर पिलाने वालों की गिरफ्तारी पर भी ध्यान देने की बात कही गई.

उक्त समीक्षात्मक बैठक में जिला पदाधिकारी नालंदा श्री शशांक शुभंकर, पुलिस अधीक्षक नालंदा श्री अशोक मिश्रा सहित सभी अनुमंडल पदाधिकारी,अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी तथा उत्पाद कार्यालय के पदाधिकारी उपस्थित थे.

आलोक कुमार 

घायल युवकों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया है. जहां तीनों की स्थिति नाजुक बनी हुई है

 

पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना गंगा ड्राइव वे परियोजना के फर्स्ट फेज का उद्घाटन 24 जून को किया था.महज 5 दिनों के बाद ही तेज रफ्तार बाइक के अचानक संतुलन बिगड़ जाने से तीनों युवक सड़क की रेलिंग से टकराते हुए सीधे पुल के नीचे जा गिर पड़े.

जी हां, राजधानी पटना में हाल के दिनों में ही जेपी सेतु गंगा पथ का उद्घाटित हुआ  था. इस पुल पर तेज रफ्तार से सफर करना तीन दोस्तों को महंगा पड़ गया. एक बाइक पर सवार तीन युवकों के बाइक का अचानक से संतुलन बिगड़ गया और तीनों युवक सड़क की रेलिंग से टकराते हुए सीधे पुल के नीचे जा गिरे पड़े. इस घटना में तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. हादसे की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची दीघा थाने की पुलिस ने घायल युवकों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया है. जहां तीनों की स्थिति नाजुक बनी हुई है.


दीघा थाने की पुलिस संजय कुमार सिंह ने कहा कि लोगों के द्वारा सूचना देने पर तत्काल मौके पर पहुंच गये.जहां लोग घायलों का वीडियों बना रहे थे.किसी ने तीनों को उठाकर अस्पताल ले जाने की कोशिश नहीं की.तीनों को उठाकर गाड़ी में बैठाकर और सुलाकर मुख्य मार्ग पर पहुंचे तो उनके परिजन आ गये. परिजन के साथ पुनाईचक ले गये.वहीं पर उन लोगों का घर है. इस क्षेत्र के एक अस्पताल में भर्ती कर दिया गया.जहां पर तीनों की स्थिति गंभीर है.

पुनाईचक पटना की ओर से अटल पथ से होकर गंगा पथ पर दीघा की ओर से एक बाइक पर बैठकर तीन युवक तेज रफ्तार से जा रहे थे. इसी दौरान बाइक चला रहे एक युवक का संतुलन अचानक बिगड़ गया और देखते ही देखते गंगा पथ की रेलिंग से टकराकर बाइक सवार तीनों युवक सीधे पुल के नीचे गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद घायल तीनों युवकों की पहचान हो गई है. जिनका नाम विरेन्द्र कुमार जिसकी उम्र 18 साल बताई जा रही है, और इसके पिता पेशे से इलेक्ट्रीशियन हैं. वहीं दूसरे घायल युवक की पुष्टि अभिषेक कुमार के रूप में की गई है जो अभी नाबालिग है जो केवल 17 साल का है. तो तीसरे घायल युवक की पहचान अभिषेक के रूप में की गई है.


इस बीच उद्घाटन के बाद से ही गंगा पथ पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने वाले वाहन चालकों पर नियंत्रण करने के लिए हाई क्वालिटी का स्पीड इंडिकेटर मशीन लगाया गया है. इसके बावजूद इस पुल पर बाइक लेकर आने वाले युवा तेज रफ्तार से अपने हाई स्पीड बाइक से फर्राटे भरते हैं. जिस कारण यहां हादसों की आशंका बनी रहती है. और कहीं ना कहीं ट्रैफिक पुलिस को इन तेज रफ्तार बाइक चालकों पर नियंत्रण करने के लिए एक ठोस रणनीति बनाने की आवश्यकता है. इसके बावजूद ट्रैफिक विभाग इस पूरे मामले में कछुए की चाल चलने में लगी है.

मुंबई जुहू बीच के तर्ज पर पटना में बने जेपी गंगा पथ पर सुरक्षा के मद्देनजर 24 घंटे बिहार पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी तैनात रहेगी. हाल के दिनों में राजधानी में बने अटल पथ, राजा बाजार फ्लाईओवर और एम्स दीघा एलिवेटेड पुल पर एक्सीडेंट जैसी घटनाएं होती रहती है. जिसका मुख्य कारण हाई स्पीड होता है. जिसको रोकथाम के लिए बिहार पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है. पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर पटना पुलिस द्वारा गंगा पाथवे पर पुलिस की दो पेट्रोलिंग वाहन 24 घंटे पेट्रोलिंग करती नजर आएंगी.

 


बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा मिली जानकारी के अनुसार जेपी गंगा पथ पर 24  घंटे पुलिस की दो पेट्रोलिंग गश्ती वाहन तैनात रहेगी. हर गाड़ी पर 4 सिपाही और एक दरोगा रैंक के अधिकारी तैनात रहेंगे. इसके साथ-साथ गाड़ियों के स्पीड को कंट्रोल करने के लिए स्पीड राडार गन भी लगाया जाएगा. ताकि, वाहनों की स्पीड को कंट्रोल किया जा सके और तेजी से वाहन चलाने वालों को चिन्हित कर उन्हें दंड दिया जा सके. जिससे एक्सीडेंट जैसे अनहोनी को टाला जा सके. इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर स्थानीय थाना भी वहां मौजूद रहेगी.

गंगा पथ की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समय-समय पर पुलिस अधिकारी पुल का जायजा लेंगे. दरअसल, गंगा पथ बनने के बाद पटना वासियों के लिए ये आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. गंगा पथ पर जाने की वजह से उत्तर बिहार से राजधानी पटना आने वाले लोगों को काफी सहूलियत हो रही है. जिन्हें एम्स पीएमसीएच जाना होता है, उन्हें ट्रैफिक की समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है.


अब बिहार के लोग पटना में ही मुंबई मरीन ड्राइव का मजा ले रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी महत्वाकांक्षी पटना गंगा ड्राइव वे परियोजना के फर्स्ट फेज का उद्घाटन 24 जून को किया था. इसे क्वीन नेकलेस के नाम से भी जाना जाता है. खुद सीएम नीतीश कुमार इस परियोजना पर नजर बनाए हुए हैं.

अब तो यहां पर लोगों के हुजूम को देखते हुए लोग दुकान सजाने लगे हैं.जो गंगा पथ को देखने सुबह और शाम आते हैं.यहां के जलपान का लुफ्त उठाने लगे हैं.


आलोक कुमार

बुधवार, 29 जून 2022

ब्रदर उट्टाटिल्ल जोसेफ का निधन

पटना. वयोवृद्ध ब्रदर उट्टाटिल्ल जोसेफ का निधन हो गया है.वे 81 वर्ष के थे. वे 10 अप्रैल को अंतिम बार जेस्विट साथियों के साथ जन्मदिन का जश्न मनाया था.    

 मालूम हो ‘येसु समाज‘ से 75 साल का सक्रिय जीवन से सेवानिवृत होने के बाद 2016 में ब्रदर उट्टाटिल्ल जोसेफ एक्सटीटीआई परिसर में स्थित जेवियर भवन में विश्राम करने आए थे. 

यहां पर जेवियर भवन में रहने वाले जेस्विटों को हर तरह की सुविधा उपलब्ध करायी जाती है.बता दें कि प्रारंभ में जेस्विटों की सेवा में करने में ब्रदर फ्रांसिस जुड़े थे.मेल स्टाफ नर्स ब्रदर फ्रांसिस सेवा व अन्य चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने में महारत हासिल कर लिये थे.अब ब्रदर फ्रांसिस के बदले में एक फादर के द्वारा सेवा उपलब्ध करायी जाती हैं.  

बता दें कि ब्रदर न्जजंजपसस श्रवेमची का जन्म 10 अप्रैल 1941 को हुआ था.मात्र 23 साल की उम्र में 29 सितंबर 1964 को श्येसु समाज में प्रवेश किये .तब से येसु समाजी ब्रदर के रूप में कार्य किये.येसु समाजी का अंतिम व्रत 15 अगस्त 1977 में लिये.फार्म इंचार्ज और मिनिस्टर के पद पर रहकर येसु समाज के कार्यों में सहयोग दिये.

पास्कल लुइस का कहना है कि मुजफ्फरपुर में आशादीप बना है.वह ब्रदर की देखरेख में निर्माण हुआ.उसके बाद आशादीप में रहकर सभी लोगों को पढ़ाते थे.उन्होंने कहा कि मैं उनको 2012 से जानता हूं.उनका मैं शिष्य रहा और उनके साथ काम भी किया हूं.इस बीच ब्रदर ह्दय रोग के शिकार हो गये.जो मौत का कारण बन गया.

आलोक कुमार

टीएचआर/पोषाहार से संबंधित वाउचर महीने के अंतिम सप्ताह में निर्धारित

 


नालंदा। मंगलवार को देर शाम जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने हरदेव भवन सभागार में आईसीडीएस की समीक्षा बैठक की।

जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए 85250 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से प्रथम त्रैमास के लिए 6820 का लक्ष्य निर्धारित है। योजना के प्रारंभ से अब तक इस योजना से संबंधित एक लाख एक हजार 496 फॉर्म अपलोड किए गए हैं।

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत अब तक 39 हजार 110 लाभुकों का निबंधन  किया गया है।वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए 20 हजार 460 लाभुकों के निबंधन का लक्ष्य निर्धारित है।

विभिन्न विभागीय पदाधिकारियों द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के संदर्भ में बताया गया कि मई माह में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के स्तर से 432, महिला पर्यवेक्षिका द्वारा 2111 तथा परियोजना सहायक द्वारा 138 आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के क्रम में 359 सेविका को चेतावनी तथा 207 से स्पष्टीकरण पूछा गया है। विभिन्न केंद्रों में पाई गई कमियों को लेकर ₹57415 आर्थिक दंड के रूप में वसूली की गई है।

जिलाधिकारी ने शत प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण प्रतिमाह सुनिश्चित करने का निदेश दिया।

सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर सभी प्रकार की पंजियों एवं दस्तावेजों का विधिवत संधारण सुनिश्चित रखने का निर्देश दिया गया। इस संबंध में सभी सेविका, सहायिका, महिला पर्यवेक्षिका को आवश्यक प्रशिक्षण/दिशा निर्देश देने को कहा गया।


टीएचआर/पोषाहार से संबंधित वाउचर महीने के अंतिम सप्ताह में निर्धारित तिथि को ही संबंधित कार्यालय में प्राप्त करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी को इस आशय का आदेश निर्गत करने को कहा गया। सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अपने पर्यवेक्षण में वाउचर जमा करवाने की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

मनरेगा के कन्वर्जंस से जिला में 200 आंगनवाड़ी केंद्र भवन का तत्काल निर्माण कराए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 100 आंगनवाड़ी केंद्र भवन के निर्माण के लिए कार्रवाई की जा रही है जो निर्माण के विभिन्न चरणों में है। अन्य 100 आंगनवाड़ी केंद्र भवन के निर्माण के लिए जमीन चिन्हित करने की कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी एवं सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी उपस्थित थे।

आलोक कुमार

ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं के बारे में उप विकास आयुक्त श्री वैभव श्रीवास्तव द्वारा विस्तार से जानकारी दी

 


नालंदा। जमीनी स्तर की योजनाओं को लेकर पंचायती राज संस्थाओं के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ किया गया संवाद।सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को मिले, इस उद्देश्य के लिए सभी जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील।लघु जल संसाधन विभाग द्वारा क्रियान्वित राजकीय नलकूप योजना एवं अन्य योजनाओं के संदर्भ में विभाग के अपर मुख्य सचिव ने जनप्रतिनिधियों से किया संवाद तथा लिया फीडबैक.परिवहन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग,सामाजिक सुरक्षा,कृषि विभाग,स्वास्थ्य विभाग एवं पंचायती राज विभाग द्वारा पीपीटी के माध्यम से सभी जन प्रतिनिधियों को दी गई योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी।


त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्था के नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ जमीनी स्तर पर क्रियान्वित की जा रही योजनाओं के संदर्भ में आज आरआईसीसी सभागार में संवाद किया गया।

लघु जल संसाधन विभाग द्वारा क्रियान्वित राजकीय नलकूप योजना एवं अन्य योजनाओं के बारे में विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री रवि मनुभाई परमार द्वारा स्वयं जानकारी दी गई तथा उनके द्वारा जनप्रतिनिधियों से फीडबैक भी लिया गया।

राजकीय नलकूप योजना के बारे में बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा लिये गए निर्णय के अनुसार वर्ष 2019 से सभी राजकीय नलकूपों के संचालन की जिम्मेदारी पंचायतों को दी गई है। इसकी मोनिटरिंग के लिए जिलास्तर पर उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ इस संदर्भ में संवाद किया जा रहा है।                                  

उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से विभाग की योजनाओं के बारे में फ़ीडबैक तथा सुझाव प्राप्त किया।

इस उन्मुखीकरण कार्यक्रम में सभी जनप्रतिनिधियों को विभिन्न विभागों द्वारा जमीनी स्तर पर क्रियान्वित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।

मुख्य रूप से ग्रामीण विकास विभाग,परिवहन विभाग,सामाजिक सुरक्षा, कृषि विभाग,स्वास्थ्य विभाग एवं पंचायती राज विभाग के पदाधिकारियों द्वारा विभाग से संबंधित सीधे तौर पर जनसरोकार/जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के बारे में बताया गया।इन योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को मिले, इसके लिए सभी जनप्रतिनिधियों को उनके दायित्व के बारे में बताया गया तथा इनके लिए सहयोग की अपील की गई।

जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा बिहार मोटरयान (संशोधित) नियमावली के तहत वाहन दुर्घटना में मृत्यु की स्थिति में निकटतम आश्रितों को देय मुआवजे तथा दुर्घटना में घायलों को देय मुआवजे की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई।बताया गया कि मुआवजे की राशि के लिए मृतकों/ घायलों के निकटम  आश्रितों द्वारा परिवहन विभाग के वेबसाइट पर ष्रोड एक्सीडेंट कंपनसेशनष् पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जाना होगा। इसके साथ आवश्यक दस्तावेजों को संलग्न करना होगा। लोगों के बीच जानकारी के अभाव के कारण मुआवजे का आवेदन करने में अनावश्यक विलंब होता है।इसमें सभी जनप्रतिनिधियों से सक्रिय भूमिका निभाने का अनुरोध किया गया।


ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं के बारे में उप विकास आयुक्त श्री वैभव श्रीवास्तव द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई।

जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत किये जा रहे विभिन्न कार्यों/योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया एवं अद्यतन स्थिति के बारे में बताया गया। 

 मनरेगा,  प्रधानमंत्री आवास

 योजना(ग्रामीण) एवं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के द्वितीय चरण के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस/तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत किये जा रहे कार्यों के बारे में बताया गया। इन सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों से अपेक्षित सहयोग की अपील की गई।

जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। CFMS/PFMS/DBT  माध्यम से किसानों के बीच अनुदान वितरण के संबंध में जानकारी दी गई। बताया गया कि कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों का पंजीकरण अनिवार्य है। सभी प्रखण्डों में ई-किसान भवन में किसानों के निःशुल्क पंजीकरण की व्यवस्था की गई है।जिन किसानों ने अपना पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें पंजीकरण के लिए प्रेरित करने का अनुरोध सभी जनप्रतिनिधियों से किया गया।

सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग द्वारा समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न पेंशन एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया गया। कबीर अंत्येष्टि योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, मुख्यमंत्री पारिवारिक लाभ योजना,विभिन्न पेंशन योजना, मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना, मुख्यमंत्री निः शक्तजन विवाह योजना, अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना, मुख्यमंत्री सामर्थ्य योजना(संबल) आदि की पात्रता तथा आवेदन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। सभी जनप्रतिनिधियों से इन सभी योजनाओं का लाभ सभी पात्र व्यक्ति को मिले, इसके लिए सहयोग की अपील की गई।

सिविल सर्जन द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं- मिशन परिवार विकास के तहत योग्य दम्पत्ति को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के बारे में बताया गया। ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस कार्यक्रम के बारे में  भी विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, नियमित टीकाकरण, कोविड टीकाकरण आदि की व्यवस्था के बारे विशेष रूप से बताया गया तथा जनप्रतिनिधियों से अपेक्षित सक्रिय सहयोग की अपील की गई।



जिला पंचायत राज पदाधिकारी द्वारा विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे बताया गया।बताया गया कि विभाग द्वारा जिला में 73 पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया गया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 89 पंचायत सरकार भवन के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पंचायत सरकार भवन के निर्माण के लिए उपयुक्त स्थल का चयन कर प्रस्ताव भेजने में सक्रिय सहयोग की अपील की गई। सभी वार्डों में नए WIMC का गठन तथा नवगठित WIMC को प्रभार सौंपने के कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने का अनुरोध किया गया।नल जल योजना के उपभोक्ताओं से उपभोक्ता शुल्क संग्रहण के लिए भी लोगों को जागरूक करने को कहा गया।

आज के उन्मुखीकरण कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों को संबोधित किया तथा इस आयोजन के उद्देश्य एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर विशेष रूप से प्रकाश डाला।आज के कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अन्य पदाधिकारियों/कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। 

इससे पूर्व आज के उन्मुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ अपर मुख्य सचिव लघु जल संसाधन विभाग, जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त, जिला परिषद अध्यक्ष/उपाध्यक्ष द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, जिलापार्षदगण, प्रमुखगण, मुखियागण, प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।


आलोक कुमार

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