शनिवार, 10 सितंबर 2022

स्कीम वर्कर की सवाल पर मुकम्मल संघर्ष समय की मांग है- सरोज चौबे

  महंगाई, बेरोजगारी, स्कीम वर्कर की मांग को लेकर ऐपवा ने निकाला महंगाई विरोधी महिला मार्च. महंगाई, बेरोजगारी, स्कीम वर्कर की सवाल पर मुकम्मल संघर्ष समय की मांग है- सरोज चौबे.गरीबो की आवाज पप्पू खान को झूठे मुकदमे में फ़साने वाले डीएसपी और मनीगाछी सीओ पर करवाई करे सरकार - शशि यादव..


दरभंगा.मंहगाई पर रोक लगाओ,रसोई गैस, पेट्रोल,डीजल, खाद्य वस्तुओं के दाम घटाओं, खाद्य पदार्थों पर लगी जीएसटी वापस लेने, रजवाड़ा कांड की उच्चस्तरीय जांच करवाने, माले नेता पप्पू खान सहित अन्य लोगों पर से झूठा मुकदमा वापस लेने सहित अन्य मांग को लेकर ऐपवा के 8वां राज्य सम्मेलन के अवसर पर आज लहेरियासराय स्टेशन से मार्च निकाला गया.मार्च चट्टी चौक होते हुए, लहेरियासराय टावर होते हुए, हाजमा चौक होते हुए पुनः लहेरियासराय टावर पर आकर सभा मे तब्दील हो गया.

मार्च का नेतृत्व ऐपवा राज्य सचिव शशि यादव,ऐपवा राज्य अध्यक्ष सरोज चौबे, ऐपवा जिला सचिव शनिचरी देवी, जिला अध्यक्ष साधना शर्मा, रानी सिंह, सबिता देवी, जिला परिषद सदस्य सुमित्रा देवी ,आइसा नेत्री ओणम कुमारी, नीतू कुमारी रसोइया संघ के संतरा देवी,नीलम देवी, आरती देवी, ममता देवी सहित  कई लोग कर रहे थे.


लहेरियासराय टावर पर ऐपवा जिला अध्यक्ष साधना शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए संबोधित करते हुए ऐपवा के राज्य अध्यक्ष सह बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ के राज्य महासचिव सरोज चौबे ने कहा कि आसमान छूती महंगाई से हर परिवार परेशान है रसोई गैस, डीजल, पेट्रोल के दाम तो पहले से बढ़े हुए थे, खाद्य पदार्थों पर जीएसटी लगने से महंगाई और भी बढ़ गई है। महंगाई के इस आलम में रोजगार का हाल बेहाल है. पढ़े लिखे लड़के-लड़कियां हों या असंगठित क्षेत्र में रोजगार खोजने वाली महिलाएं हों किसी को भी ढंग का रोजगार नहीं मिल पा रहा है हाल ही में अग्निपथ योजना लाकर सेना का न सिर्फ निजीकरण किया जा रहा है अपितु देश की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है शिक्षा और स्वास्थ्य का हाल भी बदहाल है इसके खिलाफ मुकम्मल संघर्ष समय की मांग है. श्रीमती चौबे ने कहा कि गैस का दाम हाफ करना चाहिए और महंगाई पर  रोक लगानी चाहिए.


इस मौके पर सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा के राज्य सचिव सह बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ के राज्य अध्यक्ष शशि यादव ने कहा कि स्वयं सहायता समूह माइक्रो फाइनेंसिंग कंपनियों के कर जी की वजह से महिलाओं की हालत बहुत खराब हो जाती है खासकर लॉकडाउन में उनके अधिकारों के द्वारा किए गए अपमान की वजह से समस्तीपुर में एक परिवार के चार सदस्यों ने आत्महत्या तक कर लिया. स्कीम वर्करों की हालत तो और भी खराब है उनका शोषण सस्ते श्रम के रूप में किया जाता है कोरोना काल काल में उन्हें कोरोना वायरस तो कहा गया लेकिन उनका पारिश्रमिक नहीं दिया गया. मोदी राज्य में वे न तो कर्मचारी हैं न मजदूर. उनका आर्थिक दोहन जारी है आगे श्रीमती यादव ने आम-अवाम  से आह्वान किया कि इसके खिलाफ गांव गांव में महिलाओं को संगठित कर जनसंघर्ष को तेज कर जनविरोधी मोदी सरकार को हटा कर ही दम लिया जाएगा.

श्रीमती यादव ने कहा कि आज दरभंगा के डीएम एसएसपी मनमानी कर रहे है. गरीबो की आवाज उठाने वाले माले नेता पप्पू खान को झूठा मुकदमा में जेल में बंद कर गरीबो के आवाज को दबाना चाहती है. लेकिन पप्पू खान की गिरफ्तारी से गरीबो की आवाज दबने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि रजवाड़ा कांड की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए तथा इस कांड के जिम्मेवार बेनीपुर डीएसपी व मनीगाछी सीओ पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई  करनी चाहिए.

    इस अवसर पर रानी शर्मा, कौशर खातून, जैबुल निशा, प्रियंका देवी, उजाला देवी, बसंती देवी, शोभा देवी, सुनीता देवी, कविता देवी, तारा देवी, मुन्नी देवी, मधु सिन्हा, जिनन्त प्रवीण, गुड़िया देवी, फूलों देवी, कौशर खातून, सहित कई लोग शामिल थे.

आलोक कुमार


गरीबों को वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना उजाड़ने के विरोध

 पटना.राजधानी पटना के अदालत घाट, बाबू टोला में  दशकों से बसे ग़रीबों के झोपड़ियों को उजाड़ने का फरमान लेकर जब नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारी ग़रीबों को जगह ख़ाली करने के लिए धमकाने पहुंचे तो जनता ने प्रतिरोध किया.

वहां के गरीबों की अपील पर भाकपा माले की एक टीम पार्टी के विधायक दल के नेता व पार्टी के केंद्रीय कमेटी सदस्य कॉमरेड महबूब आलम के नेतृत्व में पहुंच कर गरीबों को हाल जाना. कॉमरेड महबूब आलम ने  उनके घरों को उजाड़ने की धमकी देने वाले नगर निगम कर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों के कार्रवाई पर ऐतराज जताया और कहा कि भाकपा माले लगातार गरीबों को वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना  उजाड़ने के विरोध में और गरीबों के पक्ष में डटकर खड़ी है, रहेगी.


झुग्गी वासियों ने पार्टी नेताओं के नेतृत्व में अशोक राजपथ को 20 मिनट तक  जाम रखा.कॉमरेड महबूब आलम ने आश्वासन दिया कि इस विषय पर जिलाधिकारी से वार्ता होगी. इस बाबत सोमवार को आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है.

इस टीम में पटना टाउन कमेटी सदस्य और छात्र संगठन आइसा के राज्य सचिव कॉमरेड दिव्यम, पूर्व आइसा नेता मृणाल सहित बांकीपुर एरिया लीडिंग टीम के साथी पुनीत भी शामिल रहे.

झुग्गी निवासियों में मुख्यरूप से ख़लील शाह, रज़िया देवी, हुसैन शाह , मंजू देवी , राधिका देवी, राम विनय दास, वैजनाथ शर्मा , रूदल पासवान , पूकार पासवान समुद्री देवी , सुमित्रा देवी सहित अन्य सैकड़ों नागरिकों ने अपनी तकलीफों से पार्टी के साथियों को अवगत कराया.


आलोक कुमार


शुक्रवार, 9 सितंबर 2022

बिहार में नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी

 बिहार में नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई.पत्रकारों से बात करते हुए निर्वाचन आयुक्त दीपक प्रसाद ने कहा कि यह चुनाव तीन चरण में होगी . दो चरणों की तारीख घोषित कर दी गई है.जबकि तीसरे चरण की तारीख की घोषणा अभी नहीं की गई है. पहले चरण का चुनाव 10 अक्टूबर को होगा जिसकी गिनती 12 अक्टूबर को होगी. वहीं दूसरे चरण का मतदान 20 अक्टूबर को होगा जिसकी गिनती 22 अक्टूबर को होगी.इसको लेकर शुक्रवार को बिहार राज्य नगर पालिका आम निर्वाचन चुनाव 2022 की अधिसूचना जारी कर दी गई.

आलोक कुमार

जिला स्तरीय पदाधिकारी जनता दरबार

  बेन प्रखंड में आयोजित किया गया जनता दरबार.जिला पदाधिकारी ने लिया घूम-घूम कर लिया लोगों से आवेदन.विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी रहे मौके पर मौजूद.आवेदनों को यहीं किया गया डिजिटाइज्ड....


नालंदा. आज बेन प्रखंड के सभागार में जनता दरबार का आयोजन किया गया. जिला पदाधिकारी नालंदा श्री शशांक शुभंकर सहित जिला स्तरीय पदाधिकारी जनता दरबार में रहे उपस्थित.

जिला पदाधिकारी ने जनता दरबार में आये लोगों के पास जा-जाकर लोगों की शिकायतें सुनीं तथा आवेदन पर संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया.

प्राप्त आवेदनों को यहीं डिजिटाइज्ड किया गया ताकि संबंधित विभागों को भेजकर इसका फॉलो अप किया जा सके.आज के आयोजित जनता दरबार में कुल 71 आवेदन प्राप्त हुए जो राजस्व,नल-जल,आंगनवाड़ी,पंचायत,लोक शिकायत निवारण,जमावंदी, सड़क निर्माण,आवास निर्माण,जमीन रसीद कटवाने इत्यादि से संबंधित थे.


आलोक कुमार

दहशत फैलाने के उद्देश्य से केंद्र के इशारे पर बिहार में एनआईए का पड़ रहा है छापा: माले

 दहशत फैलाने के उद्देश्य से केंद्र के इशारे पर बिहार में एनआईए का पड़ रहा है छापा: माले

महागठबंधन के दलों से अपील, केवल सीबीआई व आईडी पर ही नहीं एनआईए के छापे पर भी बोलें


पटना. भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने पीएफआई व एसडीपीआई के संगठन से जुड़े लोगों के ठिकानों पर राज्य के विभिन्न जिलों में एनआईए द्वारा किए जा रहे छापे की निंदा की है. कहा कि यह केंद्र सरकार के इशारे पर हो रहा है. इसके जरिए भाजपा के लोग मुसलमानों के खिलाफ समाज में नफरत फैलाना चाहते हैं और उन्हें आतंकवादी-देशद्रोही बताकर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश कर रहे हैं, ताकि एक बार फिर से लोकसभा का चुनाव जीत सकें. यह पूरी कार्रवाई भाजपा के मिशन 2024 के तहत की जा रही है.

उन्होंने कहा कि हमने फुलवारीशरीफ घटनाक्रम में स्पष्ट तौर पर देखा कि किस प्रकार निर्दोष लोगों को टारगेट किया गया, उन्हें जेल भेज दिया गया और पूरे फुलवारी व मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने की कोशिश की गई. एनआईए अब पूरे राज्य में दहशत फैला रहा है और आम लोगों के बीच मुस्लिम समुदाय की नकारात्मक छवि बना रहा है. इसे कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा.

उन्होंने बिहार सरकार और महागठबंधन के दलों से अपील की है कि वे केवल राज्य में सीबीआई अथवा ईडी के पड़ने वाले छापों पर ही नहीं बोलें, बल्कि एनआईए के छापे पर भी बोलें. एनआईए की कार्यशैली पूरी तरह मनमानेपन की शिकार है. उनकी कार्रवाइयों का पता न तो स्थानीय प्रशासन को होता है और न ही वे छापे के पहले किसी प्रकार की सूचना पहले से दी जाती है. अचानक उनके द्वारा होने वाली छापे की कार्रवाइयों से लोगों में तरह-तरह के भ्रम बनते हैं. इसलिए बिहार सरकार को पहल लेते हुए एनआईए की ऐसी कार्रवाइयों पर रोक लगानी चाहिए.

भाकपा-माले ने उन सभी जिलों में अपने पार्टी संगठन को दिशा-निर्देश दिया है कि वे अविलंब एनआईए के छापे की रिपोर्ट राज्य कार्यालय में भेजें ताकि इस सवाल पर एक प्रतिनिधिमंडल बिहार के मुख्यमंत्री से तत्काल मिलेंगे.


आलोक कुमार

बिहार ऐपवा का 8वां राज्य सम्मेलन 11 सितंबर को पंडासराय में

 बिहार ऐपवा का 8वां राज्य सम्मेलन 11 सितंबर को पंडासराय में आयोजित होगा.सम्मेलन के अवसर पर 10 को महंगाई विरोधी मार्च निकाला जाएगा.सम्मेलन में पूरे राज्य से 300 से ज्यादा प्रतिनिधि होंगे शामिल...


दरभंगा. अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) का 8वां बिहार राज्य सम्मेलन 11 सितंबर को कॉमरेड आरती देवी सभागार, उषा शर्मा मंच केशव विवाह भवन पंडासराय में आयोजित है.सम्मेलन की तैयारी को लेकर जगह-जगह बैठक व फंड कलेक्शन अभियान जारी है. उक्त बातें आज पंडासराय स्थित भाकपा(माले) जिला कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ऐपवा राज्य सचिव शशि यादव ने कहा.

उन्होंने आगे कहा कि इस सम्मेलन में पूरे बिहार से 300 से ज्यादा चुने हुए नेता कार्यकर्ता भाग लेंगे. साथ ही साथ पूरे बिहार की बदली हुई राजनीतिक परिदृश्य पर बात होगी। 10 सितंबर को महंगाई विरोधी मार्च का आयोजन भी किया जाएगा.जिसे ऐपवा के राज्य नेत्री सरोज चौबे व शशि यादव व  जिला अध्यक्ष साधना शर्मा,उपाध्यक्ष रानी सिंह ,भी संबोधित करेंगी.

श्रीमती यादव ने बताया कि सम्मेलन की उद्घाटनकर्ता ऐपवा महासचिव मीना तिवारी, मुख्य वक्ता ऐपवा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रतिमा इंग हिप वक्ता ऐपवा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो भारती एस कुमार, पूर्व अध्यक्ष राज्य महिला आयोग सह पूर्व विधायक मंजू प्रकाश, होंगे .सम्मेलन की केंद्रीय पर्यवेक्षक कुसुम होंगी.

इस अवसर पर उन्होंने ने बताया कि सम्मेलन का केंद्रीय नारा महंगाई पर रोक लगाओ, रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल, खाद्य वस्तुओं के दाम घटाओ, खाद्य पदार्थों पर लगी जीएसटी वापस लो, महिला - गरीबो की रोजी-रोटी पर बुलडोजर चलाना बंद करो, आजादी, प्रेम, बहनापा, बराबरी, और सम्मान की दावेदारी को मजबूत करो  होगा.

आगे  उन्होंने  ने कहा कि हमारा देश आजादी के 75 वर्षों के शासनकाल के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है. केन्द्र की साम्प्रदायिक फासीवादी सरकार द्वारा संवैधानिक संस्थाओं को लगातार कमजोर किया जा रहा है.सच बोलने वालों या अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करने वालों को जेल में डाला जा रहा है और झूठ बोलने, हिंसा करने वालों को सत्ता द्वारा पुरस्कृत किया जा रहा है.

आसमान छूती महंगाई से हर परिवार परेशान है. रसोई गैस , डीजल, पेट्रोल के दाम तो पहले से ही बढ़े हुए थे , खाद्य पदार्थों पर जीएसटी लगने से मंहगाई और भी बढ़ गई है। मंहगाई के इस आलम में रोजगार का हाल बेहाल है. पढ़ें लिखे लड़के- लड़कियां हो या असंगठित क्षेत्र में रोजगार खोजने वाली महिलाएं हों किसी को भी ढंग का रोजगार नहीं मिल पा रहा हैं.

उन्होंने कहा कि रजवाड़ा में दशकों से बसे दलितों को बर्बरता के साथ उजाड़ना, 6महिला सहित 19 लोगों की गिरफ्तारी और माले नेताओं पर मुकदमा के साथ साथ पप्पू खां की गिरफ्तारी निंदनीय है.

इस अवसर पर ऐपवा  जिला अध्यक्ष साधना शर्मा, जिला सचिव शनिचरी देवी, जिला उपाध्यक्ष  रानी सिंह , प्रो ज्योत्स्ना , नीतू कुमारी सहित कई लोग शामिल थी.

आलोक कुमार

माले नेता पप्पू खां सहित सभी गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग उठाई, मुकदमा वापस हो

  माले नेता पप्पू खां सहित सभी गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग उठाई, मुकदमा वापस हो


पटना. बिहार के दरभंगा सहित राज्य के कई जिलों में गरीबों को उजाड़ने की जारी प्रक्रिया के सिलसिले में आज भाकपा-माले के विधायक दल के नेता महबूब आलम व उपनेता सत्यदेव राम ने बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार से मुलाकात की और अपना एक ज्ञापन सौंपा.

माले विधायक दल के नेता महबूब आलम ने बाद में एक बयान जारी करके कहा कि महागठबंधन की सरकार को अपनी कार्यशैली में अब बदलाव लाना होगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सैद्धांतिक तौर पर पहले कहा था कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए किसी भी गरीब का घर नहीं उजाड़ा जाएगा, लेकिन जमीन पर पुरानी नीति ही जारी है. दरभंगा की घटना बहुत बर्बर किस्म की है. उसके बाद बेगूसराय, खगड़िया, पूर्वी चंपारण आदि जिलों में भी जमीन से बेदखली का मामला सामने आया है.

उन्होंने कहा कि हमने मुख्यमंत्री को दरभंगा जिले के मनीगाछी अंचल के नेहरा ओपी के रजवाड़ा दलित बस्ती में पुलिस व स्थानीय जमींदारों की बर्बरता से अवगत कराया. वहां तकरीबन 50 परिवारों के आशियाने को अचानक ध्वस्त कर दिया गया. जब लगभग 90 प्रतिशत घर ध्वस्त हो एग तो मुकदमे बाज रंजीत झा द्वारा एक बच्चे के दब कर मर जाने की अफवाह फैलाई गई और लोगों को रोड़ेबाजी के लिये उकसाया गया. उसमें कई लोग घायल हो गए.

अतिक्रमण खाली कराने गए प्रशासन की टीम ने पुलिस की भारी बंदोबस्ती तो की थी, लेकिन मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं की थी. फलतः होमगार्ड के एक जवान की मौत देर से इलाज होने के कारण हो गई. उसके बाद 6 महिलाओं समेत 18 लोगों को जेल भेज दिया गया. एफआईआर में नाम नहीं रहने और बिना किसी वैज्ञानिक साक्ष्य के माले नेता पप्पू खाँ को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि उनके घर दूसरे थाना क्षेत्र में पड़ता है. गरीबों को उजाड़े जाने के खिलाफ बयान देने के चलते माले नेताओं को फंसाया गया और सदर प्रखंड कार्यालय पर छापेमारी की गई है.

माले विधायकों ने मुख्यमंत्री से इस मामले में अपने स्तर से हस्तक्षेप की मांग की. उन्होंने कटिहार के माहेनूर बलात्कार व हत्याकांड का भी मामला मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया और कहा कि भाजपा के इशारे पर अब पीड़ितों को ही प्रताड़ित किया जा रहा है. इन सारी प्रक्रियाओं पर रोक लगनी चाहिए.

मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों को सुना, और इस पर कार्रवाई का आश्वासन दिया.


आलोक कुमार

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