शुक्रवार, 21 अक्टूबर 2022

बिहार केसरी श्रीकृष्ण सिंह की 135 वीं जयंती

  पटना. आधुनिक बिहार के निर्माता और बिहार के पहले मुख्यमंत्री बिहार केसरी स्व. श्रीकृष्ण सिंह की 135 वीं जयंती प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनाई गई। स्व. श्रीकृष्ण सिंह के तैल चित्र पर कांग्रेसजन ने पुष्पांजलि अर्पित की.

   

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा  ने कहा कि श्रीकृष्ण बाबू आधुनिक बिहार के निर्माता रहें हैं और देश की आजादी के लड़ाई में अग्रिम पंक्ति के नेता रहें हैं.उन्होंने बिहार के विकास को राह प्रदान किया. बरौनी और पतरातू थर्मल पावर स्टेशन से लेकर बरौनी तेल शोधक कारखाना, बोकारो स्टील कारखाना, बरौनी व सिंदरी सीमेंट कारखाना, हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन आदि प्रमुख कारखानों को उन्होंने अविभाजित बिहार लगने का मार्ग प्रशस्त किया. श्रीकृष्ण बाबू आजादी के लड़ाई में देश को दिशा देने वाले नेताओं में से एक रहें हैं.

   सांसद डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि आधुनिक बिहार के निर्माण में श्रीकृष्ण बाबू का योगदान अविस्मरणीय है.बिहार को प्रगति पथ पर अग्रसर करने में उनकी अहम भूमिका रही है.

    जयंती कार्यक्रम में सांसद डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह, प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी, डॉ. समीर कुमार सिंह, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़,  पूर्व मंत्री वीणा शाही, पूर्व विधायक नरेन्द्र कुमार, प्रमोद कुमार सिंह, लाल बाबु लाल, ज्ञान रंजन, संजीव कुमार कर्मवीर, नागेन्द्र कुमार विकल, अम्बुज किशोर झा,  मृणाल अनामय, अरविंद लाल रजक, शशिकांत तिवारी,धनञ्जय शर्मा, डॉ. आशुतोष शर्मा, उमेश राम, गुरुदयाल सिंह, अजय कुमार यादव, उदय शंकर पटेल,  राजेश मिश्रा, सुधा मिश्र, ललन यादव,निधि पाण्डेय, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, मिथिलेश शर्मा मधुकर, प्रदुमन यादव, मृगेंद्र कुमार सिंह, सुनील कुमार सिंह, तारिणी ऋषिदेव, रंजन कुमार यादव, रोहित कुमार पासवान, यशवंत कुमार चमन, आर्य अंचित, राकेश पटेल, निरंजन कुमार, विनय उपाध्याय, ताहिर अनीस खान समेत प्रमुख नेतागण मौजूद रहें.

बता दें कि बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती को लेकर राज्य में जमकर राजनीति हो रही है. कांग्रेस और बीजेपी दोनों श्रीकृष्ण सिंह के रास्ते पर चलने की बात कर रहे हैं और एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं. बताते चलें कि श्रीकृष्ण सिंह जब तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे तब तक बिहार देश के टॉप राज्यों में शामिल रहा है. लेकिन आज की स्थिति किसी से छिपी हुई नहीं हैं. इसके अलावे अगड़ी जाति से आने के बावजूद श्रीकृष्ण सिंह ने दलितों और वंचितों के लिए जो कुछ भी किया, शायद आज दलित नेता भी इस समाज के लिए उतना नहीं कर सके और यही वजह है कि श्री बाबू का नाम दलित नेता भी अदब के साथ लेते हैं.


आलोक कुमार


आपसी सद्भाव एवं श्रम शांति बनी रहे

  पटना.ऐसा दृष्टिगोचर हो रहा है कि कुर्जी होली फैमिली अस्पताल कर्मचारी यूनियन (इंटक) और कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल के बीच कर्मचारियों की समस्याओं एवं मांगों की सूची पत्र पर द्विपक्षीय समझौता संभव नहीं है.सात माह  के बाद भी मांगों पर एक कदम भी बढ़ा नहीं जा सका है.कल शनिवार को हॉस्पिटल के प्रबंधन और यूनियन के बीच द्विपक्षीय समझौता होगी.

   

बता दें कि मेडिकल मिशन सिस्टर्स सोसाइटी और सिस्टर ऑफ नाजरेथ सोसाइटी के सिस्टर मिलकर कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल को चलाते हैं.यहां पर कुर्जी होली फैमिली अस्पताल कर्मचारी यूनियन (इंटक) संचालित है.प्रत्येक तीन साल पर कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल के प्रबंधन और कुर्जी होली फैमिली अस्पताल कर्मचारी यूनियन (इंटक) के बीच त्रिवर्षीय समझौता कर कर्मचारियों की समस्या और मांग को पूर्ण की जाती है.अगर दोनों की बीच समझौता नहीं होने हो पाती है तो मामला उप श्रमायुक्त के पास अग्रसारित कर दिया है.यहां पर त्रिपक्षीय समझौता होती है.

   बता दें कि त्रिवार्षिक समझौता का समापन 31.03.2022 को होने वाला था.इसके आलोक में कुर्जी होली फैमिली अस्पताल कर्मचारी यूनियन (इंटक) की आमसभा 25 मार्च 2022 को आयोजित की गयी थी.आमसभा में पारित प्रस्ताव के संबंधित मांगों की सूची 26.03.2022 को प्रेषित कर दी गयी. कर्मचारियों की समस्याओं एवं मांगों की सूची पत्र के साथ प्रेषित किया गया.पत्र में यह भी कहा गया कि आवश्यकतानुसार यूनियन की ओर से पूरक मांगों को भी प्रेषित किया जा सकता है.यह अनुरोध किया कि मांगों की सूची पर पत्र प्राप्ति के 15 दिनों के अंदर द्विपक्षीय वार्ता कर कर्मचारियों की समस्याओं एवं उनकी मांगों के संबंध में निराकरण करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे ताकि आपसी सद्भाव एवं श्रम शांति बनी रहे.


आलोक कुमार


फिलहाल छठ घाटों की प्रारंभिक सूची में 14 घाटों को खतरनाक घोषित किया



 पटना.पटना जिले के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह आने वाले थे. पटना नगर निगम के कर्मी मार्ग की सफाई करने में जुट गये. इनके अलावे जिला प्रशासन द्वारा लगातार छठ घाटों की साफ-सफाई कराया जा रहा है. वहीं, गुरुवार को जिलाधिकारी ने छठ घाटों का निरीक्षण किया, जिसके बाद पटना के 14 घाटों को खतरनाक घोषित किया गया.

   


बिहार इस बार 28 अक्टूबर को नहाय-खाए अनुष्ठान के साथ छठ महापर्व आरंभ होगा. लेकिन राजधानी पटना में गंगा के घटते-बढ़ते जलस्तर ने टेंशन बढ़ा रखी है. जिले के गंगा घाट पर अब धीरे-धीरे गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे हो रहा है. लेकिन घाट पूरा कीचड़मय है. ऐसे में घाटों को समय रहते दुरुस्त करना जिला प्रशासन के लिए एक चुनौती से कम नहीं है.        

    पटना डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि फिलहाल छठ घाटों की प्रारंभिक सूची पटना जिला प्रशासन की ओर से बनाई गई है. इसी कड़ी में फिलहाल 2 दिनों में गंगा घाटों पर गंगा के जलस्तर में कमी आने के बाद इस सूची में काफी परिवर्तन किया जाएगा. वर्तमान की स्थिति को देखते हुए पटना जिले के 14 घाटों को खतरनाक घोषित किया गया है.पटना जिला अधिकारी ने खतरनाक घाटों की सूची को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि कुर्जी घाट, राजापुर पुल घाट, बांस घाट, पहलवान घाट के साथ-साथ अन्य 14 घाटों की हालिया स्थिति को देखते हुए उसे खतरनाक घोषित किया गया है. डीएम ने बताया कि 2 दिनों के अंदर पटना जिला के गंगा घाटों की स्थिति को देखते हुए खतरनाक घाटों की सूची में परिवर्तन किए जाएंगे.

पटना नगर निगम के निवर्तमान डिप्टी मेयर रजनी देवी और वार्ड नं. 22 बी के मुख्य जनसंपर्क अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय ने कहा कि पटना जिले के जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह ने कुर्जी घाट को खतरनाक घाटों की प्रारंभिक सूची में डाल दिये है.उन्होंने कहा कि हम लोग मिलकर कुर्जी घाट को अर्घ्य देने लायक कुर्जी घाट को बना देंगे.

मालूम हो कि सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय के द्वारा प्रत्येक साल घाट तैयार किया जाता है तथा लोगों के बीच में अर्घ्य देने वाले सामग्री वितरित किया जाता है.

आलोक कुमार

लोक आस्था का महापर्व छठ की तैयारी शुरू

 पटना.लोक आस्था का महापर्व छठ की तैयारी शुरू हो गई है.भगवान सूर्य और छठी माता को समर्पित महापर्व छठ पूजा हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है.लोक आस्था का पर्व चार दिन तक चलता है.देश भर में छठ पूजा की शुरुआत 28 अक्टूबर से होगी. छठ महापर्व के दूसरे दिन को खरना कहा जाता है. इस बार खरना 29 अक्टूबर को पड़ रहा है.छठ पूजा के तीसरे दिन 30 अक्टूबर को पहला अर्घ्य सूर्यास्त के समय डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा. चौथे दिन 31 अक्टूबर को व्रती पानी में खड़े होकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है.

   

लोक आस्था का छठ महापर्व चार दिन तक चलता है. इस साल ये 28 अक्टूबर 2022 से शुरू होगा और 31 अक्टूबर तक चलेगा. छठ पूजा में संतान के स्वास्थ्य, सफलता और दीर्घायु के लिए पूरे 36 घंटे का निर्जला उपवास किया जाता है जिसे महिलाओं के साथ ही पुरुष भी रखते हैं.                             

छठ महापर्व के दूसरे दिन को खरना कहा जाता है. इस बार खरना 29 अक्टूबर को पड़ रहा है. इस दिन व्रती महिलाएं गुड़ की खीर का प्रसाद बनाती हैं. उसे रात में ग्रहण करती हैं जिसके बाद इसे प्रसाद के रूप में बांटा जाता है. इसके बाद से 36 घंटे का व्रत शुरू हो जाता है.

  छठ पूजा के तीसरे दिन 30 अक्टूबर को सूर्यास्त के समय डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं. व्रती महिला और पुरुष नदी, तालाब या फिर घर में ही पानी में खड़े होकर अर्घ्य देते हैं. सूर्यास्त का समय - शाम 5 बजकर 37 मिनट.

    चौथे दिन 31 अक्टूबर को सुबह वाला अर्घ्य व्रती पानी में खड़े होकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. इसके बाद छठ पूजा का समापन होता है. फिर व्रत का पारण किया जाता है.

     इस बीच कुर्जी घाट का मुआयना करने पटना जिले के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह आने वाले थे.पटना नगर निगम के कर्मी मार्ग की सफाई करने में जुट गये.इनके अलावे जिला प्रशासन द्वारा लगातार छठ घाटों की साफ-सफाई कराया जा रहा है. वहीं, गुरुवार को जिलाधिकारी ने छठ घाटों का निरीक्षण किया, जिसके बाद पटना के 14 घाटों को खतरनाक घोषित किया गया. 

   बिहार इस बार 28 अक्टूबर को नहाय-खाए अनुष्ठान के साथ छठ महापर्व आरंभ होगा. लेकिन राजधानी पटना में गंगा के घटते-बढ़ते जलस्तर ने टेंशन बढ़ा रखी है. जिले के गंगा घाट पर अब धीरे-धीरे गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे हो रहा है. लेकिन घाट पूरा कीचड़मय है. ऐसे में घाटों को समय रहते दुरुस्त करना जिला प्रशासन के लिए एक चुनौती से कम नहीं है.        

    पटना डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि अभी फिलहाल छठ घाटों की प्रारंभिक सूची पटना जिला प्रशासन की ओर से बनाई गई है. इसी कड़ी में फिलहाल 2 दिनों में गंगा घाटों पर गंगा के जलस्तर में कमी आने के बाद इस सूची में काफी परिवर्तन किया जाएगा. वर्तमान की स्थिति को देखते हुए पटना जिले के 14 घाटों को खतरनाक घोषित किया गया है.                  

पटना जिला अधिकारी ने खतरनाक घाटों की सूची को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि कुर्जी घाट, राजापुर पुल घाट, बांस घाट, पहलवान घाट के साथ-साथ अन्य 14 घाटों की हालिया स्थिति को देखते हुए उसे खतरनाक घोषित किया गया है. डीएम ने बताया कि 2 दिनों के अंदर पटना जिला के गंगा घाटों की स्थिति को देखते हुए खतरनाक घाटों की सूची में परिवर्तन किए जाएंगे.

आलोक कुमार 


रोस्टर पर रिपोर्ट चुनाव आयोग को जल्द जमा करने को कहा

  * बिना जातिगत जनगणना के सही रोस्टर की कल्पना करना छलावा होगा : डा गौतम कुमार

पटना. महागठबंधन में कांग्रेस भी है.अब कांग्रेस के नेताओं के द्वारा विपक्ष की तरह वक्तव्य देना शुरू कर दिया गया हैं.अति पिछड़ा विभाग के मीडिया विभाग के प्रदेश अध्यक्ष डा गौतम कुमार ने कहा है कि हाल ही में पटना उच्च न्यायलय के न्यायमूर्ति संजय करोल  के आदेशानुसार नगर निकाय चुनाव में अति पिछड़ा के सीट को सामान्य कर चुनाव कराने का आदेश आया. उसके बाद बिहार भर में अति पिछड़ा समाज के विरोध के बाद चुनाव आयोग ने चुनाव रद्द कर दिया. बिहार सरकार के द्वारा उच्च न्यायालय में पुनः याचिका दायर की गई. और कल बुधवार को पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को याचिका वापस लेने का आदेश किया. और साथ ही अति पिछड़ा आयोग का गठन कर  रोस्टर पर रिपोर्ट चुनाव आयोग को जल्द जमा करने को कहा.

आज बिहार भर के तमाम अति पिछड़ा संगठनों द्वारा बिहार बंदी की घोषणा की गई थी. इस बंदी के समर्थन में आज रक्सौल में बिहार पिछड़ा एवं अति पिछड़ा विभाग के मीडिया विभाग के प्रदेश अध्यक्ष डा गौतम कुमार के नेतृत्व में समर्थन मार्च निकाला गया.

समर्थन मार्च में सर्वेश कुमार, इम्तियाज आलम, संतोष कुमार, अनिल यादव, रंभू साह, लालबाबू प्रसाद, महेश्वर प्रसाद, उदय प्रसाद, अतीश कुमार,विवेक यादव, गौरी कुमार, धर्मनाथ गुप्ता, सागर गुप्ता, जोखन साह, हेमंत गुप्ता, विक्रम प्रसाद, ध्रुव नारायण प्रसाद आदि सैकड़ों लोगों ने समर्थन मार्च में भाग लिया.


आलोक कुमार

राज्य सभा सांसद श्री शक्ति सिंह गोहिल आज एक दिवसीय दौरे पर

 


पटना . कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता, बिहार कांग्रेस के पूर्व प्रभारी, राज्य सभा सांसद श्री शक्ति सिंह गोहिल आज एक दिवसीय दौरे पर निजी कार्यों से पटना पहुंचे. आज सुबह पटना हवाई अड्डा पहुँचने पर श्री गोहिल का कांग्रेस जनों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया.

  अपराहन 3.30 बजे श्री शक्ति सिंह गोहिल प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम पहुंचे. जहाँ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा एवं सांसद डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह सहित सैंकड़ो की संख्या में कांग्रेसजन गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया. श्री गोहिल के सदाकत आश्रम पहुँचने पर कांग्रेसजनों में काफी उत्साह था.

श्री शक्ति सिंह गोहिल प्रेस से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि बिहार में एक सशक्त एवं सुशासन की सरकार जन आकांक्षाओं पर खरा उतर रही है. इस सरकार में रोजगार सृजन हो रहा है. उन्होंने आगे कहा कि गुजरात में इस बार कांग्रेस पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी. इसके पहले हिमाचल और गुजरात का चुनाव एक साथ होना था लेकिन इस बार किस परिस्थिति में हिमाचल का चुनाव का घोषणा किया गया लेकिन गुजरात का नहीं किया गया. इससे स्पष्ट है कि गुजरात के आने वाले चुनाव परिणाम से भाजपा एवं मोदी सरकार डरी हुई है.

इस अवसर पर स्वागत करने वालों में सांसद डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह, बिहार सरकार के मंत्री अफाक आलम, मुरारी प्रसाद गौतम, प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी, पूर्व मंत्री कृपा नाथ पाठक, विधान पार्षद प्रेम चन्द्र मिश्र, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़,  विधायक प्रतिमा  कुमारी दास, छत्रपति यादव सदस्यता प्रभारी ब्रजेश प्रसाद मुनन, अमिता भूषण, लाल बाबू लाल, भावना झा कुमार आशीष, ज्ञान रंजन, जमाल अहमद भल्लु, , आनंद माधव, गुंजन पटेल, चुन्नू सिंह,  सौरभ कुमार, सर्वत जहाँ फातेमा,  नागेन्द्र कुमार विकल,  सुनील कुमार सिंह, मिर्नाल अनामय,  राजेश मिश्रा, सुधा मिश्र, शशि रंजन, डॉ. आशुतोष शर्मा, कैलाश पाल, अजय चौधरी, अरबिंद लाल रजक, गुरदयाल सिंह,  दुर्गा प्रसाद, निधि पाण्डेय, रीता सिंह, प्रदुमन यादव, कुंदन गुप्ता,  उदय शंकर पटेल,  सत्येन्द्र कुमार यादव, राजेंद्र चौधरी, बिपिन बिहारी यादव प्रमुख थे.

आलोक कुमार

बुधवार, 19 अक्टूबर 2022

ओबीसी-ईबीसी आयोग बनाया

 


पटना.बिहार प्रदेश जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश उपाध्यक्ष सह मुख्यालय प्रभारी डॉ नवीन कुमार आर्य हैं.उनको बिहार में अति पिछड़ा जाति आयोग का अध्यक्ष डॉ नवीन कुमार आर्य बने.बनाया गया.बिहार सरकार सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए ओबीसी-ईबीसी आयोग बनाया है.वहीं नीतीश सरकार, हाईकोर्ट से पुनर्विचार याचिका वापस ले लिया.

 बिहार नगर निकाय चुनाव 2022 का रास्ता अति पिछड़ों के आरक्षण के साथ साफ कर दिया गया है. चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने राज्य सरकार और अन्य की पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई की. राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि अति पिछडे वर्ग के राजनीतिक पिछड़ेपन के लिए एक विशेष कमीशन का गठन किया गया है.                                       

    नगर निकाय चुनाव को चार अक्टूबर को पटना हाईकोर्ट ने स्थगित कर दिया था. उच्च न्यायालय ने उस वक्त भी आदेश दिया था कि बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ट्रिपल टेस्ट कराकर आयोग गठन करे. उसके बाद चुनाव कराएं. चुनाव स्थगित हो जाने के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा था. बिहार सरकार के इलेक्शन कमीशन की ओर से वकील संजीव निकेश ने बताया कि सरकार की ओर से उच्च न्यायालय को स्टेटमेंट दिया गया कि हम डेडिकेटेड कमीशन बना रहे हैं. उस स्टेटमेंट को हाईकोर्ट ने एक्सेप्ट किया है. इसे एक्सेप्ट करके कमीशन की ओर से जो रिपोर्ट आएगी उसका ऑब्जरवेशन किया जाएगा. डेडिकेटेड कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर ही चुनाव होगा.         

   सरकार ने कोर्ट को बताया कि अति पिछडे़ वर्ग के राजनीतिक पिछड़ेपन के लिए एक विशेष कमीशन का गठन किया गया है. बिहार में नगर निकाय का चुनाव कराया जा सकेगा.सरकार का पक्ष सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता विकास सिंह एवं वरीय अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने रखा. बिहार के नगर निकाय चुनावों में पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग को आरक्षण का लाभ दिए जाने के मसले पर पटना हाईकोर्ट में आज बुधवार को सुनवाई हुई. मुख्य न्यायाधीश संजय करोल की खंडपीठ ने राज्य सरकार व अन्य की पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई की.

    राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि अति पिछडे़ वर्ग के राजनीतिक पिछड़ेपन के लिए एक विशेष कमीशन का गठन किया गया है. हाईकोर्ट ने नगर निकाय आरक्षण मामले में दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए इस मामले को ईबीसी कमीशन के समक्ष भेजने के लिए कहा है और ईबीसी कमीशन को सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित दिशा निर्देशों के आलोक में रिपोर्ट देना है.

    हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि ईबीसी आयोग का रिपोर्ट आने के बाद ही, बिहार में नगर निकाय का चुनाव कराया जा सकेगा. हाईकोर्ट ने इस मामले को राज्य सरकार के अंडरटेकिंग के आलोक में निष्पादित कर दिया. सुनवाई में राज्य सरकार का पक्ष सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता विकास सिंह एवं वरीय अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने रखा.

  वरीय अधिवक्ता विकास सिंह ने मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ द्वारा पूर्व में पारित आदेश में त्रुटि बताते हुए  कोर्ट को बताया कि आरक्षण का प्रावधान केवल ईबीसी के लिए है न कि ओबीसी के लिए. सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने चुनाव आयोग से जानना चाहा कि ओबीसी और ईबीसी के अलावा सामान्य वर्ग का चुनाव क्यों नहीं कराया जा सका?

   इस पर आयोग की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता दिनेश द्विवेदी ने बताया कि  बार बार चुनाव कराना अपने आप में एक बेहद कठिन कार्य है. उन्होंने चुनाव आयोग के खिलाफ की गई कोर्ट की टिप्पणियों को पारित फैसले से हटाने की गुहार की. 

   बता दें कि नगर निकाय चुनाव में ईबीसी आरक्षण पर 4 अक्टूबर को पटना हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया था. इसमें कोर्ट ने निकाय चुनाव में ईबीसी आरक्षण पर रोक लगा दी थी. इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निकाय चुनाव चुनाव को स्थगित कर दिया था. इसके बाद राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी.

   उल्लेखनीय है कि बिहार में नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना पहले ही जारी हो गई थी. उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल कर चुके थे. 10 अक्टूबर को होने वाले पहले चरण के चुनाव के लिए चुनाव चिह्न भी आवंटित कर दिए गए थे. उम्मीदवार चुनाव प्रचार में जोर-शोर से लगे थे। इसी बीच पटना हाई कोर्ट के फैसले से सब कुछ फंस गया. 

माननीय हाईकोर्ट के द्वारा अपने आदेश में स्पष्ट किया कि ईबीसी आयोग का रिपोर्ट आने के बाद ही, बिहार में नगर निकाय का चुनाव कराया जा सकेगा. हाईकोर्ट ने इस मामले को राज्य सरकार के अंडरटेकिंग के आलोक में निष्पादित कर दिया.अब नगर निकाय के प्रत्याशियों को उम्मीद हो गयी है कि जल्द ही निकाय का चुनाव हो सकेगा.सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय,राजकुमार राय, उमेश कुमार,मुक्ति प्रकाश,पैक्स अध्यक्ष बिंदेश्वरी प्रसाद आदि प्रत्याशियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के प्रति आभार व्यक्त किया कि जल्द ही बिहार में अति पिछड़ा जाति आयोग गठित कर उसका अध्यक्ष डॉ नवीन कुमार आर्य को बना दिया.

आलोक कुमार


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