बुधवार, 11 अक्टूबर 2023

कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो को लोयला मैदान में राजकीय सम्मान दिया

रांची.कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो को लोयला मैदान में राजकीय सम्मान दिया गया.इस मैदान में पवित्र मिस्सा आयोजित किया गया.रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो के नेतृत्व में मिस्सा किया गया.इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से करीब 30 बिशप, 500 फादर, रोम से नियुक्त किये गए वाटिकन  एंबेसी के सदस्य भारत में पोप के राजदूत के प्रतिनिधि मोनसिन्योर अलबेरतो नपोलितानो, शामिल हुए.उनके अंतिम दर्शन के लिए भारी भीड़ जुटी.सीएम हेमंत सोरेन ने भी यहां आकर कार्डिनल को श्रद्धा सुमन अर्पित किया.

  ख्रीस्तयाग के शुरू में पोप के प्रतिनिधि मोनसिन्योर अलबेरतो नपोलितानो ने कार्डिनल टोप्पो के निधन पर रांची की कलीसिया को पोप फ्रांसिस एवं वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पीयेत्रो परोलिन के संवेदना संदेश को पढ़कर सुनाया.उसके बाद कार्डिनल टोप्पो की जीवनी पढ़ी गई.

       कैथोलिक ईसाइयों के बड़े धर्मगुरु कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो का लंबी बीमारी के बाद 4 अक्टूबर को लीवंस हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में निधन हो गया था.सेंटर में ही 10 अक्टूबर तक रखा गया.वहां पर प्रार्थना करने के बाद कार्डिनल टीपी टोप्पो का पार्थिव शरीर 10 अक्टूबर को विदा किया गया.इसके बाद उन्हें रांची के पुरुलिया रोड स्थित संत मेरीज महागिरिजाघर में लाया गया.जहां लोग अपने प्रिय कार्डिनल का दर्शन किये और पुष्पांजलि अर्पित किये.08 बजे रात में महागिरजाघर का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया.फिर 11 अक्टूबर को सुबह 06 बजे से लेकर 12 बजे तक लोग दर्शन कर किये और श्रद्धा सुमन अर्पित किये.राज्य के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन भी दर्शन किये और श्रद्धा सुमन निवेदित किये.

 इसके बाद कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो का पार्थिव शरीर को लोयला मैदान में लाया गया.यहां पर आज यानी 11 अक्टूबर को राजकीय सम्मान दिया गया.इस मैदान में पवित्र मिस्सा आयोजित किया गया.रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो के नेतृत्व में मिस्सा किया गया.सीएम हेमंत सोरेन सहित कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. उनके अंतिम दर्शन को सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी.मिस्सा के अंत में रांची महाधर्मप्रांत के सहायक  धर्माध्यक्ष थियोडोर मैस्करेनहास, (एसएफएक्स) ने धन्यवाद दिया.जिन्होंने महामहिम कार्डिनर को आजीवन मदद पहुंचाते रहे हैं.

   लोयला मैदान में आयोजित कार्यक्रम का संचालन करने वाले ने कहा कि यहां के कार्यक्रम खत्म होने के बाद लाइन बनाकर सबसे पहले कूसधारी लोग चलेंगे.इसके बाद मोमबत्तीधारी चलेंगे.इसके बाद कार्डिनल का पार्थिव शरीर वाला रथ.इसके पीछे बिशप, पुरोहित, गायक मंडली, धर्मबंधु, सिस्टर,विशिष्ट प्रतिनिधि और भाई-बहन चलेंगे.संत मेरीज महागिरजाघर में जगहाभाव होने के कारण बाहर में रहकर प्रार्थना करते रहे.

   एमेरिटस कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो का अंतिम संस्कार करने के लिए पार्थिव शरीर संत मेरीज महागिरजाघर में रखा गया.यहां पर आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो ने प्रार्थना किये और पवित्र जल का छिड़काव पार्थिव शरीर पर और नवनिर्मित कब्र पर किया.इसके बाद पार्थिव शरीर को नवनिर्मित कब्र में दफन के लिए उतारा गया.पार्थिव शरीर को कब्र में रखने के बाद मिट्टी के बदले फूल डाले गए.संत टेरेसा की प्रतिमा के समक्ष ही कब्र निर्माण किया गया है. इसी जगह कब्र में दफन करने को कार्डिनल ने कह चुके थे. 

  एमेरिटस कार्डिनल तेलेस्फोर प्लासीडस टोप्पो का जन्म 15 अक्टूबर 1939 को हुआ.उनका पुरोहित अभिषेक 3 मई 1969 को हुआ.दुमका धर्मप्रांत के बिशप 8 जून 1978 को नियुक्त हुए. गुमला के चैनपुर में एक आदिवासी परिवार में जन्मे कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो बचपन से ही धार्मिक प्रवृत्ति थे. एशिया के वह पहले महापुरुष थे जिन्हें कार्डिनल की उपाधि मिली थी.अब यह सवाल उठ रहा है कि दिवंगत कार्डिनल के बाद रांची महाधर्मप्रांत अथव पटना महाधर्मप्रांत के कौन बिशप कार्डिनल बनेंगे.इसी तरह कार्डिनल को ‘संत‘घोषित करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी! 

  रांची के लोयला मैदान में   आयोजित श्रद्धांजलि सभा में करीब 30 हजार लोग जुटे. पिछले पांच दिनों में करीब एक लाख लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किए. पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, सांसद महुआ माजी, राज्य के पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, विधायक नेहा तिर्की, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर समेत कई लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किए.पटना महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप सेबेस्टियन कल्लूपुरा,फादर एलेक्स वी,फादर अमल राज, फादर कुलदीप, बक्सर धर्मप्रांत के शाहपुर पल्ली के फादर बोज्जा बस्कर भी शामिल थे.

आलोक कुमार

यूक्रेन की एक महिला के बाद जर्मनी से आये 11 महिलाओं सहित 12 विदेशी श्रद्धालुओं ने एक पखवाड़े तक चलने वाले पितृपक्ष

 


गया। आजकल विदेशी महिलाओं के द्वारा पिंडदान और तर्पण कर्मकांड को लेकर चर्चाओं की दौर जारी है। इसमें यूक्रेन की एक महिला के बाद जर्मनी से आये 11 महिलाओं सहित 12 विदेशी श्रद्धालुओं ने एक पखवाड़े तक चलने वाले पितृपक्ष के 13वें दिन बुधवार की सुबह विष्णुपद मंदिर के पास देव घाट पर पिंडदान और तर्पण कर्मकांड किया।

        जर्मन भक्तों ने मुख्य रूप से अपने पति और यहां तक कि बेटे सहित परिवार के सदस्यों की दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए तर्पण अनुष्ठान किया है। यूक्रेन की महिला ने शनिवार (7 अक्टूबर) को रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में मारे गए सैनिकों और आम लोगों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया था।

            बुधवार को रूस और यूरोपीय देशों के भारतीय संस्कृति की पारंपरिक पोशाक साड़ी पहने जर्मन महिलाएं नतालिया, स्वेतलाना, ऑक्साना, शासा, इरिना, मार्गेरिटा और ग्रिचकेविच  धोती पहने एकमात्र पुरुष केविन ने सक्रिय हिंदू जागरण समिति के प्रचारक लोकनाथ गौड़ दास के नेतृत्व में अनुष्ठान किया।

      गौड ने कहा, “महिलाओं में पुरुषों की तुलना में आध्यात्मिकता में अधिक आस्था और विश्वास होता है। जर्मन महिलाओं में से एक वैलेंटाइन इसका उदाहरण है। जब उनके पति ने रुचि नहीं दिखाई, तो उन्होंने अपने बेटे के लिए अनुष्ठान करने के लिए गया आने का फैसला किया, जो किशोरावस्था में ही चला गया था।

ज़िला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने कहा, “विदेशी श्रद्धालुओं के लिए देव घाट पर पर्याप्त महिला दंडाधिकारी एव महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। उन्होंने चल रहे पितृपक्ष के दौरान ज़िला प्रशासन द्वारा किये विभिन्न व्यवस्थाओ यथा साफ सफाई, मेडिकल फेसिलिटी, गर्व गृह में बिना रोक टोक दर्शन, अलग अलग स्थान पर पेयजल व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की प्रशंसा की।

   जर्मन श्रद्धालुओं ने भी फल्गु नदी में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य और जिला प्रशासन की पहल की सराहना करते हुए कहा, ‘हमने पढ़ा था कि फल्गु एक भूमिगत नदी है, जो बरसात के मौसम को छोड़कर सूखी रहती है। उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह एक अच्छी पहल है। गया जी डैम बनाकर श्रद्धालुओं की इतनी बड़ी भीड़ के लिए पानी की व्यवस्था की गई। डैम में साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन आभारी है।‘सभी विदेशी श्रद्धालुओं ने आज देवघाट पर तर्पण कर काफी खुशी प्रकट किया है। 

   विदित हो कि इस पितृपक्ष मेला में अब तक 35 से ऊपर विदेशी श्रद्धालुओं ने तर्पण कर्मकांड किया है

आलोक कुमार

मंगलवार, 10 अक्टूबर 2023

आज सम्पन्न मंत्रिपरिषद् की बैठक में कुल 14 एजेंडों पर निर्णय

मंत्रिपरिषद के निर्णय 

पटना । आज सम्पन्न मंत्रिपरिषद् की बैठक में कुल 14 ( चौदह ) एजेंडों पर निर्णय लिए गए। इस सन्दर्भ में मंत्रिपरिषद् की बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव, डॉ० एस० सिद्धार्थ ने सूचना भवन के प्रथम तल स्थित सभा कक्ष में प्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अन्तर्गत बिहार राजस्व कर्मचारी संवर्ग (संशोधन) नियमावली- 2023 के गठन की स्वीकृति दी गई। 

    ज्ञातव्य है कि नियमावली में चार घटक जोड़े गए हैं। तदनुसार कर्मियों की कम्प्यूटर दक्षता, हिन्दी टिप्पण/प्रारूपण, विभागीय परीक्षा तथा अनुकम्पा नियुक्ति के प्रावधान जोड़े गए हैं। वित्त विभाग के अन्तर्गत चुनाव कर्मी / सुरक्षा कर्मी के निर्वाचन कार्य के दौरान मृत्यु या स्थायी अपंगता की स्थिति में देय अनुग्रह अनुदान की स्वीकृति दी गई। प्राप्त सूचनानुसार पूर्व से निर्गत इस आदेश में राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति के निर्वाचन के दौरान भी आदेश प्रभावी होगा, इसे जोड़ा गया है। 

    स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम, 2021 की धारा - 29 (1) में निहित प्रावधान के आलोक में बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के प्रथम परिनियम की स्वीकृति दी गई। सहकारिता विभाग के अन्तर्गत राज्य में अधिप्राप्ति कार्य में संलग्न सहकारी संस्थाओं पैक्स/व्यापार मंडलों को CMR (चावल) की आपूर्ति के आधार पर पूर्व से देय प्रबंधकीय अनुदान की राशि को खरीफ विपणन मौसम, 2022-23 से रू० 10 / - प्रति क्विंटल से बढ़ाकर प्रोत्साहन स्वरूप 30 जून तक शत प्रतिशत आपूर्ति करने पर रु० 30 / - प्रति क्विंटल, 31 जुलाई तक शत प्रतिशत आपूर्ति करने पर रू० 25 / - प्रति क्विंटल एवं उसके बाद शत प्रतिशत CMR (चावल) आपूर्ति करने पर रु० 20 / - प्रति क्विंटल की दर से प्रबंधकीय अनुदान की राशि की भुगतान की स्वीकृति दी गई। गृह विभाग (कारा) के अन्तर्गत कारा चिकित्सा सेवा को सुदृढ़ बनाने एवं मानसिक रोग से ग्रसित बंदियों के विशेष चिकित्सा सुविधा राज्य के सभी 08 केन्द्रीय काराओं में एक-एक नैदानिक मनोचिकित्सक (Clinical Psychologist ) (संविदा आधारित) का पद सृजित करने की स्वीकृति दी गई। 

           विदित हो कि उन 08 (आठ) केंद्रीय काराओं की सूची निम्नवत् है:- 1. आदर्श केंद्रीय कारा बेऊर, पटना, 2. केंद्रीय कारा गया, 3. केंद्रीय कारा बक्सर, 4. केंद्रीय कारा पूर्णिया, 5. केंद्रीय कारा मोतिहारी, 6. केंद्रीय कारा भागलपुर, 7. विशेष केंद्रीय कारा भागलपुर, 8. खुदीराम बोस केंद्रीय कारा मुजफ्फरपुर । राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अन्तर्गत जल संसाधन विभाग के कुल 07 सिंचाई अंचल पदाधिकारियों का बिहार राजस्व सेवा के मूल कोटि के पद - राजस्व अधिकारी एवं समकक्ष ग्रेड में सेवा समायोजन की स्वीकृति दी गई।

    सामान्य प्रशासन विभाग के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में बिहार प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान (बिपार्ड) गया के निर्माण के लिए मौजा- कोसडिहरा थाना नं० - 330, अंचल - नगर (चन्दौती), रकवा - 10.36 एकड़ रैयतों की भूमि के मुआवजा भुगतान हेतु पूर्व में स्वीकृत राशि ₹10,27,00,000/- ( दस करोड़ सताईस लाख रुपये) मात्र के विरूद्ध पुनरीक्षित राशि कुल ₹54,11,46,571/– (चौवन करोड़ ग्यारह लाख छियालीस हजार पाँच सौ इकहत्तर रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। 

          स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत CWJC No.- 15060/2008 तथा CWJC No.- 11248/2008 में दिनांक - 21.09.2017 को पारित समेकित आदेश के अनुपालन में वादी स्व० डा० निकहत रिजवी एवं डा० अब्दुल हनान, जो 60 वर्ष की आयु में वार्धक्य सेवानिवृत्त हो चुके है, को 62 वर्ष की आयु तक सेवा में मानते हुए तदनुसार वेतनादि एवं सेवांत लाभ का भुगतान LPA No.-24/2019 में पारित होने वाले आदेश से प्रभावित होने एवं यथावश्यक भुगतान की गई राशि संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी से वसूलनीय होने की शर्त पर करने हेतु निर्गत स्वीकृत्यादेश संख्या - 846 (आ० चि०) दिनांक-29.08.2023 पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

          राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अन्तर्गत बिहार वित्त सेवा गृह निर्माण सहयोग समिति लिमिटेड, पटना को पटना जिलान्तर्गत पटना सदर अंचल के मौजा-धीराचक, थाना सं०-16 के विभिन्न खाता एवं खेसरा की कुल रकबा - 11.86 एकड़ भवन निर्माण विभाग के स्वामित्व की भूमि अवमाननावाद (सिविल) संख्या - 123/2011 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा पारित आदेश दिनांक- 10.04.2013 के अनुपालन में अनियतकालीन लीज (Perpetual Lease) पर बन्दोबस्त भू–खण्ड के कतिपय खेसरा का सर्वे नक्शा से रकबा एवं खतियानी रकबा में भिन्नता होने के फलस्वरूप वास्तविक रूप में 11.86 एकड़ के बजाय 12.02 एकड़ आवंटित हो जाने एवं अंश भाग पर भवन निर्माण विभाग के कनीय अभियंता का कार्यालय स्थित होने के कारण उक्त बन्दोबस्ती सम्बन्धी राजस्व एवं भूमि सुधार विभागीय स्वीकृत्यादेश पत्रांक- 621 ( 6 ) / रा०, दिनांक - 23.07.2014 (परिशिष्ट-I) की भूमि विवरण को संशोधित (परिशिष्ट-II) करने की स्वीकृति दी गई । 

      राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के ही तहत श्री राकेश कुमार, तत्कालीन अंचल अधिकारी, राजपुर, बक्सर सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली - 2005 के नियम - 14 (XI ) के तहत सरकारी सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतः सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी, का दंड अधिरोपित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत श्री गजेन्द्र कुमार मिश्रा, भा० प्र० से० ( बी०एच० 2010), संयुक्त सचिव, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार, पटना के उनकी सेवानिवृति की तिथि 31.10.2023 के उपरान्त उसी पद के विरूद्ध संविदा पर अगले दो ( 02 ) वर्षों या नियमित पदस्थापन होने तक के लिए, जो पहले हो, नियोजन की स्वीकृति दी गई। 

             मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग (सिविल विमानन निदेशालय) के अन्तर्गत कै० शिव प्रकाश, मुख्य उड्डयन प्रशिक्षक, सिविल विमानन निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार, पटना को उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि 31.10.2023 के पश्चात् उसी पद के विरूद्ध संविदा के आधार पर अगले 01 (एक) वर्ष या नियमित पदस्थापन / नियोजन होने ( जो पहले हो) तक के लिए नियोजन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। 

       मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के ही तहत श्री कृष्ण कुमार यादव, तत्कालीन अधीक्षक, राजकीय अतिथिशाला, पटना सम्प्रति सेवानिवृत्त (से० नि० तिथि – 28.02.2015) को केन्द्रीय श्रम सेवा के अनुरूप केन्द्रीय वेतनमान का लाभ दिये जाने की स्वीकृति दी गई। निर्वाचन विभाग के अन्तर्गत लोक सभा आम निर्वाचन 2024 की तैयारी के क्रम में भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली से प्राप्त निर्वाचन संचालन से संबंधित पुस्तकों के मुद्रण के लिए पश्चिम बंगाल, राज्य सरकार के उपक्रम मेसर्स सरस्वती प्रेस लिमिटेड, 11 बी०टी० रोड, कोलकाता - 700056 को बिहार वित्त (संशोधन) नियमावली के नियम - 131 ज्ञ (ड़) के तहत नामांकन के आधार पर प्राधिकृत करने की स्वीकृति दी गई ।


आलोक कुमार

दलितों को राजनीति के केन्द्र में लाने का काम कांग्रेस का: डा0 अखिलेश


 दलितों को राजनीति के केन्द्र में लाने का काम कांग्रेस का: डा0 अखिलेश

 पटना । वोट बैंक पाॅलिटिक्स की मजबूरी में आज भले ही सारे राजनीतिक दल दलित प्रेम का राग अलाप रहा हो लेकिन दलितों को देश की राजनीति के केन्द्र में लाने का काम कांग्रेस पार्टी ने किया। यही कारण है कि देश के जो भी महान दलित नेता हुए वे कांग्रेस से हुए। चाहे वे बी0आर0 अम्बेडकर हों, बाबू जगजीवन राम हों या अभी के दौर में मल्लिकार्जुन खड़गे और मीरा कुमार। ये बातें बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कही। वे प्रदेश कांग्रेस की अनुसूचित जाति विभाग की नवगठित कार्यकारिणी की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपा और नसीहत भी दी कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है उसे पूरी शिद्दत से निभाइए और हर जिले से पांच सौ दलित परिवारों की सूची बनाकर उनकी समस्याओं के बारे में प्रदेश नेतृत्व को बताएं ताकि हम उसके निराकरण के लिए गठबंधन की अपनी राज्य सरकार से सिफारिश करें।

कांग्रेस लगातार अपनी खोई जमीन को प्राप्त करने की कामयाब कोशिश कर रही है। इसी सिलसिले में बिहार कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग ने प्रदेश में नई कमिटी गठित की है जिसके अन्तर्गत 10 उपाध्यक्ष और 16 राज्य समन्वयक के अलावा 34 जिलों में नये अध्यक्षों की तैनाती की गयी है। प्रदेश अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष व विधायक राजेश कुमार ने बताया कि एक महीने की सलाह मशविरा के बाद राज्य स्तर पर संगठन का पुनर्गठन कर इस नई ताकत देने की कोशिश की गई है जिसमें उनका ध्यान रखा गया है कि दलित समुदाय के सभी वर्गों का समुचित प्रतिनिधित्व प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि 534 प्रखंडों के अध्यक्ष एवं प्रभारी की नियुक्ति भी इस माह के अंत तक कर दी जाएगी।  

इस अवसर पर संविधान रक्षक बार कोड भी जारी करने की बात कही गयी जिसके तहत सेव संविधान अभियान चलाया जाएगा।

आज की बैठक में प्रदेश कांग्रेस की ओर से जिन नेताओं ने भाग लिया उनमें विजय शंकर दूबे, लाल बाबू लाल, कपिलदेव प्रसाद यादव, उमेश कुमार राम, विश्वनाथ बैठा, रंजीत कुमार, राहुल पासवान, दयानंद, अर्जुन पासवान, राजू राम, मोती लाल राम, सत्यनारायण चैपाल, साधना रजक, ममता देवी।  


 आलोक कुमार

एक नहीं दो पोप को चुनने में भाग लिया था कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो ने प्रधानमंत्री से कहा

 रांची.एमेरिटस आर्चबिशप तेलेस्फोर पी टोप्पो के बारे में कहा जाता है कि वे आम आदमी की तरह थे.उच्च पद जाने के बाद भी साधारण व्यक्ति ही रहे.मटना महाधर्मप्रांत के कुर्जी पल्ली में किसी धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने आए थे.खुद से जैकेट पहन रहे थे.उस वक्त किसी ने जैकेट पहनने में सहायता करने लगे तो तपाक से आर्चबिशप ने कहा कि ऐसा न करो कारण कि कोई पत्रकार फोटो खींचकर लिख देंगे कि आर्चबिशप खुद से जैकेट नहीं पहन पाते हैं.उनको सहायक की जरूरत पड़ गयी.

कार्डिनल तेलेस्फोर टोप्पो के द्वारा थियोडोर मैस्करेनहास, एसएफएक्स 30 अगस्त 2014 को बिशप बने थे.उन्होंने कहा कि एक पोप से कहा कि रांची महाधर्मप्रांत में एक बिशप को नियुक्त करना है.तो बिशप को मजाक में कहा कि पोप साहब आपको मैंने वोट देकर पोप बनाया है.इतना कहने पर पोप हंसने लगे.
रांची महाधर्मप्रांत के सहायक बिशप थियोडोर मैस्करेनहास, एसएफएक्स ने कहा कि कार्डिनल टोप्पो 2005 के पोप कॉन्क्लेव में निर्वाचक थे , जिसमें जोसेफ रत्ज़िंगर को पोप बेनेडिक्ट XVI के रूप में चुना गया था.इसी तरह टोप्पो उन कार्डिनल निर्वाचकों में से एक थे , जिन्होंने 2013 के पोप सम्मेलन में भाग लिया था जिसमें पोप फ्रांसिस का चयन किया गया था.

आलोक कुमार

एमेरिटस आर्चबिशप तेलेस्फोर पी टोप्पो का पार्थिव शरीर संत मेरीज महागिरजाघर में दर्शनार्थ रखा गया

रांची. एमेरिटस आर्चबिशप तेलेस्फोर पी टोप्पो का पार्थिव शरीर संत मेरीज महागिरजाघर में दर्शनार्थ रखा गया है.यहां प्रार्थना की जा रही है. भक्तगण श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे है.आज रात आठ बजे तक एशिया के प्रथम आदिवासी कार्डिनल का दर्शन किये.चर्च के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया.चर्च के पश्चिम द्वार को खोलकर रखा जाएगा.

           इसके पहले यह बताया गया कि कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो के पार्थिव शरीर को आज मांडर से रांची लाया जाएगा. मांडर के फादर कांस्टेंट लीवंस हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर से रांची के पुरुलिया रोड स्थित संत मरिया महागिरजा घर लाया गया.उनके अंतिम यात्रा में कई आर्चबिशप और बिशप शामिल रहे. साथ ही करीब 20 हजार लोग भी इस दौरान मौजूद रहे.

         बता दें कि सुबह 10 बजे से यात्रा शुरू हुई. इस 30.03 किमी की दूरी में उस दौरान मसीही समुदाय द्वारा मानव श्रृंखला बनाई गई.मानव श्रृंखला में मौजूद लोगों ने कार्डिनल का फोटोनुमा झंडा को लहरा रहे थे.

            वहीं जिला प्रशासन ने इस यात्रा को लेकर अपनी तैयारी पूरी कर ली थी.कुल 10 स्थानों पर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई. मालूम हो कि कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो का 4 अक्टूबर को निधन हो गया था.

   कान्टेंट लिवेंस हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के निदेशक फादर जार्ज ने बताया कि 10 अक्टूबर सुबह साढ़े 10 बजे अस्पताल परिसर से शव यात्रा शुरू हुई. यात्रा वहां से 11 बजे ब्रांबे पहुंची.11.30 बजे मखमनदरी और 12 बजे काठीटांड़ पहुंची. इसके बाद 12.30 दलादली चौक से होते हुए 1 बजे कटहल मोड़ पहुंची. फिर 1.30 बजे अरगोड़ा चौक और 2 बजे सुजाता चौक होते हुए दोपहर 3 बजे संत मारिया गिरजाघर लाया गया.

  यह भी बताया कि इस दौरान मांडर से पुरुलिया रोड तक 500 से अधिक दोपहिया और चार पहिया वाहन शामिल हुए. मंगलवार को दोपहर 3 बजे से 8 बजे तक उनके पार्थिव शरीर को आम लोगों के दर्शन के लिए गिरजाघर में रखा गया.वहीं 11 अक्टूबर को सुबह 6ः00 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक अंतिम दर्शन कर सकेंगे. दोपहर 1 बजे से लोयला मैदान में प्रार्थना होगी.इसके बाद संत मारिया गिरजाघर में अंतिम संस्कार की धर्मविधि संपन्न की जाएगी.

  पुरुलिया रोड स्थित लोयला मैदान में कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो के अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए आर्चबिशप,बिशप,फादर,ब्रदर,सिस्टर और आम से खास लोग आ रहे है.

   अंतिम संस्कार होने के साथ कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो अमर हो जाएंगे.उन्होंने दो बार पोप का चुनाव में भाग लिए थे.प्रथम बार 2005 के पोप कॉन्क्लेव में निर्वाचक थे, जिसमें जोसेफ रत्ज़िंगर को पोप बेनेडिक्ट XVI के रूप में चुना गया था. दूसरी बार  उन कार्डिनल निर्वाचकों में से एक थे जिन्होंने 2013 के पोप सम्मेलन में भाग लिया था जिसमें पोप फ्रांसिस का चयन किया गया था.


आलोक कुमार 

बीजेपी नेता हेमा मालिनी ने बुर्जुगों की हमदर्दी

* 2014 में यूपीए सरकार ने न्यूनतम पेंशन 1000 करने का विचार कर रही थी
* विपक्षी बीजेपी ने जमकर आलोचना करके न्यूनतम पेंशन 3000  देने की  मांग की 
* इस बीच लोकसभा के आम चुनाव में यूपीए सरकार परास्त हो गयी
* केंद्र में सत्ता पर काबिज होने के बाद एनडीए सरकार ने 2014 में यूपीए सरकार की सिफारिश को लागू कर दिया
* 2014 से ही 1000 न्यूनतम पेंशन मिल रहा है.इसमें बढ़ोतरी करने का मन एनडीए सरकार को नहीं है

पटना. DA और ₹7500 पेंशन की डिमांड, करोड़ों कर्मचारियों को मिलेगी गुड न्यूज?यह फिलवक्त सपना ही दिख रहा है.बीजेपी नेता हेमा मालिनी ने बुर्जुगों की हमदर्दी बन 2020 और 2021 में प्रधानमंत्री से मिलकर ₹7500 न्यूनतम पेंशन के साथ तीन मांगों को पूरा करने का आग्रह किया. प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि इस ओर उदास होने की जरूरत नहीं है.इस ओर ठोस कदम उठाएंगे.फिलवक्त ठोस कदम हवा में लटका हुआ है,धरती पर उतर ही नहीं रहा है.
      मालूम हो कि कर्मचारी पेंशन योजना, 95 के तहत आने वाले कर्मचारियों के मूल वेतन का 12 प्रतिशत हिस्सा भविष्य निधि में जाता है.वहीं नियोक्ता के 12 प्रतिशत हिस्से में से 8.33 प्रतिशत कर्मचारी पेंशन योजना में जाता है.इस तरह 30- 35-40 साल के बाद कर्मचारी रिटायर होता है.तो सरकार के पास 20 लाख से अधिक कर्मचारी का जमा हो जाता है.
     ईपीएस 95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति की ओर से बताया गया है कि जीवन भर पेंशन फंड में पैसे जमा करने के बाद पेंशन भोगियों को आज औसत मात्रा 1,171 रुपये पेंशन मिलती है. यह पर्याप्त नहीं है.लेकिन अगर उन्हें 7,500 रुपये और महंगाई भत्ता मिले तो वह सम्मान के साथ रह सकते हैं.
    कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ईपीएस-95 योजना के दायरे में आने वाले पेंशनभोगियों की न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये मासिक किये जाने के अलावा महंगाई भत्ता यानी DA दिए जाने की मांग हो रही है.इस मांग को लेकर ईपीएस 95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति (एनएसी) विरोध-प्रदर्शन करने की तैयारी में है.
     क्या है डिमांड:
ईपीएस-95 योजना के दायरे में आने वाले लोगों की पेंशन बढ़ाकर 7,500 रुपये मासिक करने की डिमांड है. इसके साथ-साथ महंगाई भत्ता देने, ईपीएस-95 पेंशन भोगियों को बिना किसी भेदभाव के उच्च पेंशन का विकल्प देने के अलावा उनके जीवनसाथी को मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं देने की भी मांग हो रही है.
         बता दें कि कर्मचारी पेंशन योजना, 95 के तहत आने वाले कर्मचारियों के मूल वेतन का 12 प्रतिशत हिस्सा भविष्य निधि में जाता है.वहीं नियोक्ता के 12 प्रतिशत हिस्से में से 8.33 प्रतिशत कर्मचारी पेंशन योजना में जाता है.इसके अलावा पेंशन कोष में सरकार भी 1.16 प्रतिशत का योगदान करती है.
         न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी होने पर पेंशन फंड में उपलब्ध राशि और देय राशि में बड़ा अंतर हो जाएगा. उस अंतर को पूरा करने के उपाय होते ही न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी की जा सकती है.न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी को लेकर महाराष्ट्र में इन दिनों काफी प्रदर्शन हो रहे हैं. ये कर्मचारी प्रतिमाह कम से कम 7500 रुपए पेंशन की मांग कर रहे हैं.
आलोक कुमार

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