कड़ाके की ठंड का कहर जारी: उत्तर भारत में तापमान गिरा, शीतलहर से जनजीवन प्रभावित
नई दिल्ली, 23 दिसंबर 2025.उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का सिलसिला लगातार जारी है. दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है. ठंडी हवाओं और शीतलहर के कारण सुबह और रात के समय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की चेतावनी जारी की है. दिल्ली में मंगलवार सुबह ठंडी हवाओं के साथ दिन की शुरुआत हुई. न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को अलाव और हीटर का सहारा लेना पड़ा. सड़कों पर सुबह-सुबह कम चहल-पहल देखने को मिली. ठंड का असर खासतौर पर दिहाड़ी मजदूरों, बुजुर्गों और बच्चों पर अधिक दिखाई दे रहा है.
शीतलहर से बढ़ी मुश्किलें
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के कारण शीतलहर की स्थिति बनी हुई है.कई इलाकों में हवा की रफ्तार तेज़ होने से ठंड और ज्यादा महसूस की जा रही है। रात के समय तापमान और गिरने की आशंका है, जिससे खुले में रहने वाले लोगों के लिए स्थिति और कठिन हो सकती है. राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने रैन बसेरों की संख्या बढ़ाने और जरूरतमंदों को कंबल वितरित करने के निर्देश दिए हैं। कई सामाजिक संगठन भी सड़कों पर जरूरतमंदों को गर्म कपड़े और भोजन उपलब्ध करा रहे हैं।
यातायात और दैनिक जीवन पर असर
ठंड और कोहरे के संयुक्त असर से यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है.सुबह के समय सड़कों पर दृश्यता कम रहने के कारण वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ रहा है.कुछ जगहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति भी देखने को मिली. रेलवे और हवाई सेवाओं पर भी हल्का असर पड़ा है। कुछ ट्रेनों और उड़ानों में देरी दर्ज की गई, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अत्यधिक आवश्यक न हो तो सुबह जल्दी यात्रा से बचें।
स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा
ठंड के साथ-साथ बढ़ते प्रदूषण ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को भी बढ़ा दिया है. डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं. खासकर अस्थमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने, ठंडे पेय पदार्थों से बचने और पर्याप्त मात्रा में गर्म तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है. सुबह-शाम खुले में व्यायाम करने से भी बचने को कहा गया है.
खेती और बाजार पर असर
कड़ाके की ठंड का असर खेती पर भी पड़ रहा है.कुछ इलाकों में फसलों पर पाले का खतरा बढ़ गया है.किसान फसलों को बचाने के लिए सिंचाई और अन्य उपाय कर रहे हैं.सब्जियों की आपूर्ति पर भी ठंड का असर देखा जा रहा है, जिससे कुछ जगहों पर दामों में बढ़ोतरी हुई है. वहीं, बाजारों में भी ठंड के कारण ग्राहकों की संख्या में कमी आई है.खासकर सुबह और देर शाम के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है. छोटे दुकानदारों का कहना है कि ठंड की वजह से बिक्री प्रभावित हो रही है.
मौसम विभाग का अनुमान
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप बना रहेगा. न्यूनतम तापमान में और गिरावट आ सकती है. कुछ राज्यों में शीतलहर की स्थिति जारी रहने की संभावना है. जनवरी की शुरुआत में ही मौसम में कुछ बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है.
लोगों के लिए सावधानी
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से ठंड से बचाव के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की अपील की है। गर्म कपड़े पहनें, अलाव या हीटर का सुरक्षित तरीके से उपयोग करें और जरूरतमंदों की मदद करें। वाहन चलाते समय सतर्क रहें और मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान दें.
निष्कर्ष:
उत्तर भारत में जारी कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है.ऐसे में सावधानी, सतर्कता और आपसी सहयोग से ही इस मौसम की चुनौती का सामना किया जा सकता है.
आलोक कुमार

