मंगलवार, 31 मई 2022

राजद की ओर से एकतरफा प्रत्याशियों के नाम की घोषणा को दुर्भाग्यपूर्ण

पटना.भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने बिहार विधान परिषद की 3 सीटों के लिए राजद की ओर से एकतरफा प्रत्याशियों के नाम की घोषणा को दुर्भाग्यपूर्ण तथा गठबंधन की मर्यादा के प्रतिकूल बताया है.कहा कि बातचीत की प्रक्रिया जारी ही थी, लेकिन इसी बीच राजद की ओर से एकतरफा प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी गई, जबकि 1 सीट पर हमारा लंबे समय से दावा रहा है और राजद भी इसे स्वीकार करता रहा है.

राजद के नेतृत्व से हमारा पुनः आग्रह है कि इस फैसले पर पुनर्विचार करे और विधान परिषद सीट पर माले की चिरलंबित दावेदारी के प्रति सकारात्मक फैसला ले. राजद अपने वादे को याद करे और विधानपरिषद की एक सीट हमारी पार्टी के लिए छोड़ें.इस सिलसिले में पार्टी कल फिर एक बार राजद नेतृत्व को पत्र लिखा है.

राजद की ओर से तीन उम्मीदवारों की घोषणा के बाद सीपीआई एमएल ने राजद को पत्र लिखा है. जिसमें कहा गया है कि तीन सीटों के लिए राजद की तरफ से जिन प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की गई है, वह गठबंधन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है. बातचीत की प्रक्रिया के बीच में ही राजद के द्वारा अपनी तरफ से एक प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी गई. जबकि एक सीट पर उनका लंबे समय से दावा रहा है और राजद भी इस बात को स्वीकार करता रहा है.वामदलों ने राजद के नेतृत्व से आग्रह किया है कि वह इस फैसले पर पुनर्विचार करें और विधान परिषद सीट पर माले की दावेदारी के प्रति सकारात्मक रुख अपनाएं. मिली जानकारी के बाद वाम दलों के इस पत्र के बाद राजद में सोच विचार का दौर शुरू हो गया है. क्योंकि अगर मार्ले अपनी जिद पर अड़ गया तो राजद के लिए विधान परिषद की तीसरी सीट पर उम्मीदवार का जीतना मुश्किल हो जाएगा.

आरजेडी द्वारा प्रत्याशी घोषित किये जाने के बाद कांग्रेस ने तो खुलेआम चेतावनी दी है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनकी पार्टी के समर्थन के बगैर आरजेडी के तीनों प्रत्याशी नहीं जीत सकते हैं. साथ ही आरोप लगाया कि बिना बातचीत के ही मनमाने तरीके से उम्मीदवार उतार दिये गये. इसका खामियाजा आरजेडी को भुगतना पड़ेगा. बता दें कि 21 जुलाई को बिहार विधान परिषद की 7 सीटें खाली हो रही हैं. इसके लिए अगले महीने चुनाव है.

लालू यादव की पार्टी की ओर से प्रत्याशी उतारने के बाद कांग्रेस विधायक शकील अहमद ने कहा कि आरजेडी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. प्रत्याशियों को लेकर राजद ने कांग्रेस और भाकपा माले से कोई बातचीत नहीं की. शकील अहमद ने स्‍पष्‍ट शब्‍दों में कहा कि बिना उनकी पार्टी के समर्थन के आरजेडी के उम्मीदवार विधान परिषद का चुनाव नहीं जीत सकते हैं. उन्होंने बताया कि एमएलसी उम्मीदवार को लेकर कांग्रेस और माले एक साथ हैं. दोनों पार्टियां साथ में मिलकर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में हैं.

कांग्रेस विधायक दल के नेता अजित शर्मा ने कहा है कि राजद ने तीन उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है जबकि वोट के हिसाब से उसके 2 उम्मीदवार ही जीत सकते हैं. बाकी सहयोगी दलों पर सब कुछ निर्भर है. विडंबना यह है कि उम्मीदवारों की सूची जारी करने से पहले राजद ने किसी के साथ बैठक नहीं की. अजीत शर्मा ने कहा कि हम लालू प्रसाद यादव से मिलकर एमएलसी चुनाव को लेकर बातचीत की थी. अब सब कुछ उलट गया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी और जदयू में इस मामले में सब कुछ साफ है लेकिन महागठबंधन में ऐसा नहीं दिख रहा है.

अजीत शर्मा ने कहा कि हम लोग सोचते थे कि लोकसभा चुनाव से पहले बिहार में विपक्षी एकता और मजबूत हो. सोनिया गांधी और लालू प्रसाद बीच भी इन सब मुद्दे पर बातचीत हुई है. इस बार लोकसभा चुनाव से पहले बिहार में भी ऐसा दिखना चाहिए था कि विपक्ष एकजुट है, लेकिन जिस तरह एमएलसी चुनाव में राजद ने 3 उम्मीदवार खड़े किये हैं, उससे महागठबंधन में किचकिच हो रहा है.

बता दें कि विधान परिषद में राजद के कोटे से जाने वाले दो उम्मीदवारों के नाम की घोषणा के वक्त यह तय किया गया था कि उन उम्मीदवारों के समर्थन में जरूरी संख्या को वामदलों के विधायकों से पूरा किया जाएगा. लेकिन राजद ने 3 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी. इसमें वामदलों को कोई स्थान नहीं दिया गया है. इस बात को लेकर वामदलों ने अपनी नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि राजद ने गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया है, जबकि उन्हें एक सीट मिलनी चाहिए थी.

वामदलों का कहना है कि विधानसभा में वाम दलों के 16 विधायक होने के बावजूद राजद ने उम्मीदवार उतारने से पहले उनसे सलाह-मशविरा नहीं किया. गौरतलब है कि विधानसभा में सीपीआई माले के पास 12 और सीपीआईएम के दो और सीपीएम के दो विधायक हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि राजद को विधान परिषद चुनाव में तीसरे उम्मीदवार के लिए वामदलों के वोट पर ही रहना होगा.

विधान परिषद की तीन सीटों पर राजद की ओर से एकतरफा उम्मीदवार की घोषणा से नाराज भाकपा माले (CPI ML) को मनाने की कोशिश शुरू हो गई है.राजद (RJD) ने कहा कि दो साल बाद 2024 के चुनाव में परिषद की पहली सीट माले को दी जाएगी. हालांकि माले इस पेशकश से सहमत नहीं है. वह इसी चुनाव में अपना हिस्सा चाह रही है.दोनों दलों के बीच बातचीत जारी है. माले इस चुनाव में उम्मीदवार देने और अपनी जीत की संभावना तलाश रही है. माले की बातचीत राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद से हुई है.


आलोक कुमार

निशाने पर हैं बीजेपी के पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के रिश्तेदार

 

पटना. अपराधियों के निशाने पर हैं बीजेपी के पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के रिश्तेदार. वर्तमान कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाकर एक साथ दो लोगों को गोली मार दे रहे हैं. अपराधियों ने अपने बुलंद हौसले के बल पर 26 अप्रैल को बिहार के जहानाबाद शहर के होटल कारोबारी अभिराम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी.उसी दिन जहानाबाद से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर दूसरे अपराधियों ने पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के चचेरे भाई दिनेश शर्मा की दुकान पर भी हमला बोला था. जिस वक्त हत्यारों ने घात लगाकर हमला किया वो दुकान खोलकर बैठे ही थे. तभी बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोली मारकर निढाल कर दिया. वो काउंटर की कुर्सी पर बैठे बैठे ही उनकी मौत हो गयी थी.आज मंगलवार को अपराधियों ने राजधानी के पत्रकार नगर में भीड़भाड़ वाले इलाके में दिनदहाड़े पूर्व विधायक के दो भाइयों को गोलियों से भून दिया. एक भाई की मौत गयी है जबकि दूसरे की हालत नाजुक बताई जा रही है.

पत्रकार नगर थाने के पास ही बदमाशों ने बीजेपी के पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के दोनों भाइयों पर ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार शुरू कर दी. इस दौरान अपराधियों द्वारा चलायी जा रही गोली के शिकार हुए चितरंजन के भाई बीच सड़क पर गिरकर काफी देर तक छटपटाते रहे. हालांकि घटना की सूचना मिलते ही आनन-फानन में घटनास्थल पर पहुंचे पत्रकार नगर थाना प्रभारी ने दोनों युवकों को नजदीकी अस्पताल भेजा जहां शंभू नाम के युवक की मौत हो गई. गंभीर रूप से जख्मी गौतम कुमार इलाज निजी अस्पताल में जारी है.बताया जाता है कि आरोपी जिस बाइक से आए थे, उस पर प्रेस लिखा हुआ था.

इससे पहले 26 अप्रैल को बिहार के जहानाबाद शहर के होटल कारोबारी अभिराम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. कुछ अज्ञात लोगों ने पटना-गया मुख्य सड़क मार्ग-83 पर डीएम आवास के समीप स्थित कारोबारी को घर में घुसकर गोली मारी गयी थी. व्यवसाय की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी थी. मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया था. 26 अप्रैल को ही करीब-करीब इसी वक्त पर जहानाबाद से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर दूसरे अपराधियों ने पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के चचेरे भाई दिनेश शर्मा की दुकान पर भी हमला बोला था. जिस वक्त हत्यारों ने घात लगाकर हमला किया वो दुकान खोलकर बैठे ही थे. तभी बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोली मारकर निढाल कर दिया. वो काउंटर की कुर्सी पर बैठे बैठे ही उनकी मौत हो गयी थी.

घटनास्थल पर पहुंचे पटना के एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया है कि 7 एमएम और 9 एमएम के हथियार से अपराधियों ने फायरिंग की है. घटनास्थल से चार खोखे बरामद किए गए हैं. फिलहाल प्रारंभिक रूप में छानबीन करने के दौरान पांडव गिरोह का नाम सामने आ रहा है. फिलहाल इस बिंदु पर भी जांच शुरू कर दी गई है. घायल और मृतक सहोदर भाई थे. मोटरसाइकिल से आ रहे थे. हत्यारे दूसरी मोटरसाइकिल से उनका पीछा कर रहे थे. घटनास्थल पर पहुंचते ही इंटरसेप्ट कर दोनों पर गोलियों की बौछार कर दी.

पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के हनुमान नगर मे आज शाम सात बजे के करीब बाइक सवार दो अपराधियों ने गौतम और शंभू नाम के दो युवकों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी. अचानक हुए हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. जिन दो युवकों को गोली लगी थी उनमें से एक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि दूसरे की हालत गंभीर है. मरने वाले बीजेपी के पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के भाई हैं. शम्भू शर्मा दिल्ली मे चार्टेड अकाउंटेंट था जबकि दूसरा पटना मे रहकर पढ़ाई करता था.घटनास्थल पर पहुंचे पटना एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि देर शाम इस घटना की जानकारी मिली. धनरूआ थाना क्षेत्र के नीमा गांव के रहने वाले दो सहोदर भाइयों का अपराधियों ने काफी देर तक पीछा करने के बाद गोली मार दी. वहीं, एसएसपी ने बताया कि एक ही गांव दो परिवारों की पुरानी अदावत चलती आई है. फिलहाल प्रारंभिक जांच के दौरान पांडव गिरोह के सरगना की भूमिका मामले पर भी जांच शुरू कर दी गई है. गौरतलब हो कि एक महीने पहले ही पूर्व विधायक के चाचा और भतीजे की भी हत्या कर दी गई थी.

राज्यसभा की सदस्यता समाप्त होने के बाद बंगला खाली करने को कहा था:शरद यादव

 


  *22 साल के बाद 7 तुगलक आवास से बेदखल


दिल्ली.पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने मंगलवार को 7 तुगलक रोड बंगला खाली कर दिया. अब वह छतरपुर शिफ्ट हो रहे हैं. लुटियंस जोन में करीब 50 साल बिताने वाले शरद यादव को राज्यसभा की सदस्यता समाप्त होने के बाद बंगला खाली करने को कहा गया था. हालांकि, वह इसके लिए सुप्रीम कोर्ट भी गए लेकिन वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली. अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में मंत्री रहे शरद यादव कभी जेडीयू के साथ भी रहे. उनके नीतीश के साथ एक वक्त तक रिश्ते काफी अच्छे थे. वह बिहार जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष भी रहे.


भारी मन से पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने कहा कि मैं अपनी राजनीति का एक लंबा वक्त लोकसभा और राज्यसभा दोनों का प्रतिनिधित्व करते हैं.50 साल से लुटियंस जोन में हूं. 22 साल से 7 तुगलक रोड पर स्थित बंगला में रहते रहे.लेकिन राज्यसभा की सदस्यता समाप्त होने के बाद उन्हें कई बार बंगले को खाली करने के लिए कहा गया. लेकिन बंगले की खाली करने से बचने के लिए वह कोशिश में लगे रहे. इस बीच बंगले को खाली कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया. जहां से कोर्ट ने शरद यादव के खिलाफ में फैसला सुनाया और उन्हें 31 मई तक बंगले को खाली करने के आदेश दिए थे.मंगलवार को 7 तुगलक रोड बंगला 22 साल बाद केंद्रीय मंत्री और संसद सदस्य के रूप में खाली कर दिया, जो श्री यादव ने कहा कि वह अब छतरपुर जा रहे हैं.


उन्होंने कहा “मैंने जीवन भर संघर्ष किया है. मैंने नैतिक कारणों से तीन बार संसद से इस्तीफा दिया है.कितने नेताओं ने अपने राजनीतिक जीवन में ऐसा किया है?” उसने पूछा.पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि वह 1974 में दिल्ली आए थे और आपातकाल के दौरान दो साल तक जेल में रहे थे.“मैंने आंतरिक सुरक्षा अधिनियम (मीसा) के तहत दो बार जेल में समय दिया है.राजनीतिक लड़ाई के लिए कितने जेल गए?“मैंने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. मैंने एक नहीं, बल्कि कई चुनाव देखे हैं.मैं इस लुटियंस में 50 साल से हूं, लुटियंस दिल्ली में आज मेरा आखिरी दिन है.समय बदलने पर मैं यहां वापस आऊंगा “श्री यादव ने कहा.केंद्र की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री रहने के दौरान शरद यादव वर्ष 2000 से 7 तुगलक रोड स्थित एक बंगले में रह रहे हैं.



पूर्व केन्द्रीय मंत्री शरद यादव को लालू-तेजस्वी यादव की पार्टी राज्यसभा भेज सकती है। शरद यादव इन दिनों गंभीर रूप से बीमार चल रहे हैं। इस साल जुलाई में बिहार में राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं, जिसमें दो सीटें भाजपा, एक सीट जेडीयू और दो सीटें राजद के पास जाएगी। इसको लेकर कुछ दिनों पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की मुलाकात भी शरद यादव से दिल्ली में हुई है।


बताया जाता है कि तेजस्वी ने शरद यादव को राज्यसभा भेजने का आश्वासन भी दिया है। दूसरी तरफ शरद यादव अपनी पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल (LJD) का विलय 20 मार्च को औपचारिक रूप से राष्ट्रीय जनता दल के साथ करेंगे. जदयू से अलग होकर शरद यादव ने 2018 में अपनी पार्टी का गठन किया था। इस खबर को और आगे पढ़ने से पहले इस पोल में भाग लेकर अपने विचार बता दीजिए.


पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने अपने लोकतांत्रिक जनता दल (एलजेडी) का लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में विलय कर दिया.पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने कहा कि एलजेडी को राजद में विलय कर दिया.यह सोचा था कि राजद जून में होने वाले उच्च सदन के द्विवार्षिक चुनावों के दौरान राज्यसभा के लिए नामित कर सकती है.राजद द्वारा वादे के बावजूद उन्हें राज्यसभा का टिकट नहीं देने के लिए कहने पर, श्री यादव ने कहा कि कहानी को पीछे छोड़ना बेहतर है, अब हर जगह राज्यसभा के टिकटों को अंतिम रूप दिया गया है. दोनों दलों के विलय की घोषणा के बाद शरद यादव ने कहा कि यह कदम “विपक्षी दल के गठन की दिशा में पहला कदम” था.“राजद का हमारी पार्टी के साथ एकीकरण विपक्षी एकता के निर्माण की दिशा में पहला कदम है. भाजपा को हराने के लिए पूरे विपक्ष को एकजुट होना जरूरी है.अब तक, एकीकरण हमारी प्राथमिकता है. उसके बाद हम होंगे. हम इस बारे में सोचेंगे संयुक्त विपक्ष का नेतृत्व कौन करेगा.” उसने किया.शरद यादव ने भारतीय जनता पार्टी के साथ पार्टी के गठबंधन को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) से अलग होने के बाद 2018 में एलजेडी का गठन किया.


एलजेडी ने अपनी स्थापना के बाद से कभी भी चुनाव नहीं लड़ा है जब इसके प्रमुख शरद यादव 2019 के लोकसभा चुनाव में मधेपुरा से राजद के टिकट पर हार गए थे.शरद यादव केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में कैबिनेट मंत्री थे.संयोग से, दोनों नेता लगभग 25 वर्षों के बाद फिर से मिले हैं. 1997 में वे अलग हो गए जब लालू प्रसाद यादव ने राजद की स्थापना की और शरद यादव ने नीतीश कुमार के साथ जदयू) की स्थापना की.लालू प्रसाद यादव को बाद में पशु चारा घोटाले में दोषी ठहराया गया था.राष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के अलावा, उन्होंने बिहार की राजनीति पर हावी होने के लिए 1990 के दशक में “मंडल” राजनीति के बैंड-बाजे को अपनाया.


आलोक कुमार

विपक्ष की ताकतों को ज्यादा गंभीर होना होगा:धीरेंद्र झा

 


पटना. भाजपा का उन्मादी साम्प्रदायिक अभियान जारी है. इसने जमीनी स्तर पर विमर्श को बुरी तरह प्रभावित किया है. इस विमर्श को बदलकर ही भाजपा के उन्मादी अभियान को रोका जा सकता है. नीतीशजी के आधार में जो गिरावट आ रही है,उसे भाजपा जोड़ने में जी जान से लगी है. उत्तर बिहार-पूर्वी बिहार की स्थिति तो और चिंताजनक है. समस्तीपुर की हालिया घटनाओं और रामनवमी के दिन घटी घटनाओं ने तो लोकतांत्रिक प्रगतिशील समूहों के समक्ष अभूतपूर्व चुनौतियां पेश की हैं.यह सोच कामरेड धीरेंद्र झा का है.


राजनीतिक परिस्थिति की दरपेश चुनौतियों का मुकाबला करने के लिये विपक्ष की ताकतों को ज्यादा गंभीर होना होगा.समावेशी,लोकतांत्रिक और पारदर्शी मूल्यबोधों के आधार पर गठबंधन राजनीति को मजबूती देनी होगी. प्रतीकात्मकता के साथ साथ सामाजिक न्याय के मौलिक मुद्दों पर आंदोलनात्मक धार देनी होगी.आमजन की कठिन होती जिन्दगी के बरक्स महंगाई-बेरोजगारी को आंदोलन का मुद्दा बनाना होगा. शिक्षा और जमीन से बेदखली आज के समय में अहम मुद्दा है जो सामाजिक न्याय और समतामूलक समाज बनाने के सपने के बुनियाद पर चोट करता है.


ऐसी स्थिति में महागठबंधन को दरकिनार कर राजद की ओर से एकतरफा प्रत्याशियों की घोषणा करना दुर्भाग्यपूर्ण है.परिषद की तीसरी सीट पर उनके द्वारा लिया गया निर्णय तो गठबंधन धर्म की बुनियाद को नकारना है. राजद यह कह सकती थी कि माले और कांग्रेस मिलकर तीसरी सीट का फैसला कर ले. बिहार में भाजपा अब नीतीश कुमार को किनारे कर स्वतंत्र कब्जा करने की रणनीति के तहत काम कर रही है.ऐसी स्थिति में सबों को जवाबदेही के साथ काम करना होगा और इसमें सबसे बड़े दल की भूमिका सबसे अहम है. राजद के अनुभवी नेतृत्व को तात्कालिकता की जगह दीर्घकालिकता को तब्बजो देनी चाहिए.वादाखिलाफी के खिलाफ न्यायपूर्ण दावेदारी की न्यायपूर्ण आवाज को भाकपा माले बुलंद करती रहेगी!


आलोक कुमार


संत मरिया मेजर महागिरजाघर में शांति की रानी मरियम के सामने रोजरी प्रार्थना की

                             *रोजरी प्रार्थना द्वारा शांति के लिए संत पापा ने की प्रार्थना


बेतिया.आज ईसाई समुदाय ने रोम से लेकर बिहार तक माता मरियम का अपनी कुटुम्बिनी एलिजाबेथ से मुलाकात करने का पर्व मनाया. इस अवसर पर रोम के संत मरिया मेजर महागिरजाघर में शांति की रानी मरियम के सामने रोजरी प्रार्थना की गयी.बेतिया धर्मप्रांत के दुसैया में माता मरियम के आदर में धार्मिक यात्रा निकाली गयी.ऐतिहासिक बेतिया चर्च के परिसर में आज माता मरियम के आदर में शोभायात्रा निकाली गयी.चुहड़ी पल्ली में भी शोभायात्रा निकाली गयी.

संत पापा ने 31 मई के ट्वीट संदेश में लिखा, ‘मरियम का विश्वास नबी के समान है.खुद अपने जीवन से मरियम, मानव इतिहास में ईश्वर की उपस्थिति की ओर एक भविष्य सूचक चिन्ह हैं, उनके करुणामय हस्तक्षेप की ओर जो दुनिया के तर्क को हराता, दीनों को उठाता एवं शक्तिशालियों को नीचे गिरा देता है.(लूक. 1ः52). संत पापा फ्राँसिस उन लोगों के लिए आशा के चिन्ह स्वरूप मई माह के अंतिम दिन रोजरी माला विनती कर रहे हैं, जो यूक्रेन एवं विश्व के विभिन्न हिस्सों में जारी युद्ध से पीड़ित हैं. 31 मई को संत पापा फ्राँसिस ने रोम के संत मरिया मेजर महागिरजाघर में शांति की रानी मरियम के सामने रोजरी प्रार्थना की. संत पापा ने दुनिया के हर क्षेत्र के विश्वासियों को आमंत्रित किया था कि रोजरी प्रार्थना द्वारा शांति के लिए संत पापा की प्रार्थना में सहभागी हों.रोजरी माला विनती को वाटिकन के आधिकारिक चैनलों द्वारा लाईव प्रसारित किया गया.                              

इस अवसर पर बेतिया धर्मप्रांत के दुसैया में माता मरियम के आदर में धार्मिक यात्रा निकाली गयी. इस धार्मिक यात्रा के दौरान माला विनती की गई.उसके बाद छोटे चर्च में रोजरी खत्म होने पर पवित्र मिस्सा मिलकर  फादर क्लाउड, फादर पंकज और फादर अरुण अर्पित किये.इस अवसर पर लगभग 100 लोग उपस्थित हुए.मिस्सा उपरांत सबको खीर खाने को मिला.इसके बाद फादर पीपी ने सभी भक्तों को एक-एक रोजरी भेंट की.


बेतिया धर्मप्रांत के ऐतिहासिक बेतिया चर्च.आज माता मरियम के आदर में शोभायात्रा निकाली गई.शोभायात्रा चर्च परिसर से शुरू हुआ.चर्च परिसर में ही भक्तगण पवित्र माला के पांच भेद खत्म किये.इसके बाद बेतिया धर्मप्रांत के बिशप पीटर सेबेस्टियन गोबियस के नेतृत्व में पवित्र मिस्सा किया गया. बिशप के साथ पल्ली पुरोहित फादर हेनरी फर्नांडो, फादर अमित तिर्की, फादर विपिन के अलावे बेतिया धर्मप्रांत के भाई और बहन शामिल थे.इनमें प्रकाश अगस्टीन, अनिल डिक्रूज, गोडेन अन्थोनी ठाकुर, नॉर्बेन जूलियस, अमित, अमन गुप्ता के अलावे बहुत सारे भक्तगण  उपस्थित थे.हे! मरिया के लड़कों आया मां का महीना.जी ईसाई भक्तों ने मां का महीना में सामूहिक व व्यक्तिगत माला विनती करते रहे.आज परंपरागत ढंग से मां का महीना का समापन कर दिया गया.

आज हर साल की भातिं गिरजाघर से लेकर गाँव के ग्रोटों तक गाँव के बच्चों ने ग्रोटो की सजावट करने में सुबह से ही लग गये थे.उसके बाद माँ मरियम की शोभायात्रा निकाली गई.इस अवसर पर चुहड़ी पल्ली के पल्ली पुरोहित  फादर तोबियास द्वारा मिस्सा किया गया.फादर ने अपने उपदेश में कहा कि आज ही के दिन माँ मरियम  एलिजाबेथ से  भेट की थी.


आलोक कुमार

सोमवार, 30 मई 2022

कोरोना महामारी से अनाथ हुए बच्चों के बीच स्कॉलरशीप

 * माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार द्वारा कोरोना महामारी से अनाथ हुई बेबी कुमारी के बीच डिजिटली रूप से स्कॉलरशीप, हेल्थ कार्ड, स्नेह पत्र आदि का किया गया वितरण 


बेतिया.माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार, श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा आज पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत कोरोना महामारी से अनाथ हुए बच्चों के बीच स्कॉलरशीप, हेल्थ कार्ड, स्नेह पत्र, पोस्ट ऑफिस पासबुक आदि का वितरण डिजिटल रूप से किया गया.
 
जिला स्तर पर उक्त कार्यक्रम का आयोजन समाहरणालय स्थित एनआइसी सभाकक्ष में किया गया.जहां कोरोना महामारी में अपने माता-पिता को खो चुकी नरकटियागंज प्रखंड अंतर्गत शिकारपुर थाना क्षेत्र के भसुरारी ग्राम निवासी सुश्री बेबी कुमारी अपने अभिभावक श्री दीपू प्रसाद के साथ उपस्थित रही. सुश्री बेबी कुमारी अभी कक्षा 10 की छात्रा है. इस अवसर पर जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, श्री कुंदन कुमार, सहायक निदेशक, बाल संरक्षण इकाई, श्री अभय कुमार उपस्थित रहे.
कोरोना महामारी से अनाथ बच्चों को हर महीने आर्थिक सहायता मिले, उन्हें शिक्षा मिले और वे स्वस्थ रहें, इस के लिए पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय कार्य कर रहा है ताकि असीम संभावनाओं से भरे बच्चों का भविष्य उज्जवल हो और अनंत सफलताओं से भरा हुआ हो.



अनाथ हुए बच्चों को पीएम केयर योजना के तहत आयुष्मान भारत योजना से 05 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा, छात्रवृति के अलावा रहने, खाने और किताबों के लिए धनराशि, उच्च शिक्षा के लिए एजुकेशन लोन, जिसमें ब्याज का भुगतान पीएम केयर फंड से होगा. बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए प्रधानमंत्री कोष से मिलने वाली धन राशि को आयु अनुसार इन्वेस्ट किया जायेगा जो कि बच्चों के 18 साल होने पर 10 लाख रुपया होगा. इस राशि पर मिलने वाले ब्याज से बच्चों को 18-23 साल की आयु तक हर महीने खर्च के लिए धन राशि दी जाएगी. साथ ही स्कूली शिक्षा के बाद तकनीकी शिक्षा के लिए स्वनाथ छात्रवृति योजना से 50 हजार रूपये प्रतिवर्ष दी जानी है. 10 वीं के बाद स्कूल छोड़ने वाले बच्चों के कौशल प्रशिक्षण का भी प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही 50 हजार रुपये अनुग्रह की राशि भी उपलब्ध करायी जायेगी.

कार्यक्रम में जिलाधिकारी द्वारा लाभार्थी बेबी कुमारी को पीएम केयर योजना से संबंधित दस्तावेजों को प्रदान किया गया. जिलाधिकारी द्वारा बेबी कुमारी से बातचीत की गयी और उसके उज्जवल भविष्य की कामना की गयी. बेबी कुमारी ने बताया गया कि उन्हें शिक्षक बनकर समाज और देश की सेवा करनी है.जिलाधिकारी ने बेबी कुमारी से कहा कि अच्छे तरीके से अपनी पढ़ाई-लिखाई करो और स्कॉलरशीप, पढ़ाई-लिखाई में कोई परेशानी हो तो तुरंत संपर्क करो.


आलोक कुमार

21 नये कार्डिनलों की घोषणा

 

रोम. संत पापा फ्राँसिस ने रविवार 29 मई,2022 को स्वर्ग की रानी प्रार्थना के उपरांत 21 नये कार्डिनलों की घोषणा कर दी .जिसकी विधिवत रचना 27 अगस्त,2022 की कन्सिस्टरी में की जाएगी. वे सभी विश्वव्यापी कलीसिया का प्रतिनिधित्व करते हैं तथा विभिन्न संस्कृति, पृष्टभूमि और प्रेरितिक क्षेत्र से आते हैं.

रविवार को स्वर्ग की रानी प्रार्थना के उपरांत संत पापा ने कहा कि शनिवार 27 अगस्त को सामान्य लोकसभा परिषद में नये कार्डिनलों की रचना विधिवत की जायेगी.उन्होंने यह भी कहा कि उसके बाद वे दो दिन सोमवार, 29 और मंगलवार, 30 अगस्त को सभी कार्डिनलों से मुलाकात करेंगे तथा नये प्रेरितिक संविधान प्रेदिकाते एवं जेलियुम पर चिंतन करेंगे.

आगे संत पापा ने कहा, 27 अगस्त को मैं नये कार्डिनलों की रचना के लिए सामान्य लोकसभा परिषद की सभा का आयोजन करूँगा. बता दें कि वर्तमान में कार्डिनलों की कुल संख्या 208 है जिनमें से 117 कार्डिनल वोट कर सकते हैं और 91 कार्डिनल वोट नहीं कर सकते. इसका मतलब है कि 91 कार्डिनल पॉल VI के द्वारा आयोजित 1970 के सम्मेलन में पारित प्रस्ताव की चपेट में आ गये हैं.ऐसे  80 वर्ष वाले कार्डिनल्स संत पापा के चुनने वाले मतदाता सूची में शामिल नहीं किये जाएंगे.80 वर्ष से कम उम्र के कार्डिनल्स के लिए मतदान सीमित कर दिया गया था, कथित तौर पर उक्त अवधि में संत पापा का चुनाव करना और बुजुर्ग कार्डिनल को रोम की यात्रा करने से रोकने के तरीके के रूप में नियम तैयार किया गया है.

वर्तमान में कार्डिनलों की कुल संख्या 208 है और 27 अगस्त को 21 कार्डिनलों को जोड़ने से उनकी कुल संख्या 229 होगी. जिनमें वर्तमान के 117 और उम्र की हिसाब से 15 और कार्डिनल जोड़ देने से 132 कार्डिनल संत पापा के चुनाव में वोट डाल पाएंगे. 

नये कार्डिनलों में से 8 यूरोप से, 6 एशिया से, 2 अफ्रीका से, 1 उत्तरी अमेरिका से और 4 मध्य एवं लातीनी अमेरिका से हैं.उन

21 नये कार्डिनलों के नाम इस प्रकार हैं-

1.     महाधर्माध्यक्ष अर्तुर रोक, 72 साल, दिव्य उपासना एवं संस्कारों के अनुष्ठान के लिए गठित परमधर्मपीठीय धर्मसंघ के अध्यक्ष.

2.     महाधर्माध्यक्ष लाजारो यू ह्यूंग सिक, 70 साल, याजकों के लिए गठित परमधर्मपीठीय धर्मसंघ के अध्यक्ष।

3.     महाधर्माध्यक्ष फेरनांदो वेरगेज अलजागा आई.सी, 77 साल,वाटिकन सिटी एवं वाटिकन सिटी के प्रशासन के लिए गठित परमधर्मपीठीय आयोग के अध्यक्ष।  

4.     महाधर्माध्यक्ष जाँ-मार्क अभेलिन, 63 साल, फ्राँस के महाधर्माध्यक्ष।

5.     धर्माध्यक्ष पीटर ओकपालेक,59 साल, नाईजीरिया के धर्माध्यक्ष

6.     महाधर्माध्यक्ष लेओनार्दो उलरिक स्तेइनर ओएफएम, 71 साल,ब्राजील के महाधर्माध्यक्ष

7.     महाधर्माध्यक्ष फिलिप नेरी अंतोनियो सेबास्तियानो दी रोसारियोफेर्राओ,69 साल, गोवा और दमाओ (भारत) के महाधर्माध्यक्ष।

8.     धर्माध्यक्ष रोबर्ट वार्टर मैक एलरोय,68 साल, संत डियेगो के धर्माध्यक्ष।  

9.     महाधर्माध्यक्ष विरजिलियो दो कार्मो दा सिल्वा एस.डी.बी, 54 साल, पूर्वी तिमोर के महाधर्माध्यक्ष।

10. धर्माध्यक्ष ओस्कर कंतोनी,71 साल, कोमो (इटली) के धर्माध्यक्ष।

11. महाधर्माध्यक्ष अंतोनी पूला,60 साल, हैदराबाद (भारत) के महाधर्माध्यक्ष।

12. महाधर्माध्यक्ष पाओलो चेसार कोस्ता,54 साल ब्राजील के महाधर्माध्यक्ष।

13. धर्माध्यक्ष रिचार्ड कुया बाउबर,62 साल घाना के धर्माध्यक्ष।

14. महाधर्माध्यक्ष विलियम गोह सेंग,64 साल, सिंगापुर के महाधर्माध्यक्ष।

15. महाधर्माध्यक्ष अदलबेर्तो मार्टिनेज फ्लोरेंस, पराग्वे के महाधर्माध्यक्ष।

16. महाधर्माध्यक्ष जॉर्ज मारेंगो आई. एम. सी.,48 साल मंगोलिया के प्रेरितिक प्रशासक।  

17.महाधर्माध्यक्ष जॉर्ज एनरिक जिमेनेज करवा जाल,80 साल कोलंबिया के महाधर्माध्यक्ष।

18. महाधर्माध्यक्ष लूकस वान जूसी एस. डी.बी,80 साल, बेल्जियम के ससम्मान सेवानिवृत महाधर्माध्यक्ष।

19.महाधर्माध्यक्ष अरिगो मिलियो,80 साल, इटली के ससम्मान सेवानिवृत महाधर्माध्यक्ष।

20.फादर जान फ्रांको गिरलांदा येसु समाजी,80 साल, थियोलोजी के प्रोफेसर।

21.मोनसेन्योर फोरतुनातो,80 साल, संत पेत्रुस महागिरजाघर के कैनन।

आलोक कुमार


डॉ. युगल किशोर प्रसाद के निधन पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की

 


पटना. कांग्रेस पार्टी के मूर्धन्य नेता एवं गया शहर के पूर्व विधायक डॉ. युगल किशोर प्रसाद के निधन पर प्रदेश कांग्रेस व गया शहरवासी मर्माहत व शोकाकुल है. डॉ. युगल किशोर प्रसाद के निधन पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है.

 शोक संवेदना में डॉ. मदन मोहन झा ने कहा है कि डॉ.. युगल किशोर प्रसाद गया शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक के रूप में जन जन के बीच बेहद लोकप्रिय थे.स्व. युगल किशोर प्रसाद कांग्रेस पार्टी की राजनीति पूर्व उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम जी के सान्निध्य में शुरू किए तथा सन् 1972 में गया शहर विधानसभा से कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित होकर 1977 तक गया शहर के विधायक रहे.

 डॉ. युगल किशोर प्रसाद का कोलकाता के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया वे 81 वर्ष के थे. वे अपने पीछे लड़का लड़की सहित भरापूरा परिवार छोड़ गये है.

कांग्रेस विधायक दल के नेता अजित शर्मा, प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी, डा0 समीर कुमार सिंह, श्याम सुन्दर सिंह धीरज, अशोक कुमार, पूर्व मंत्री अवधेश कुमार सिंह ,कृपानाथ पाठक, प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, सदस्यता अभियान के प्रभारी ब्रजेश प्रसाद मुनन, कुमार आशीष, स्नेहाशीष वर्द्धन ने भी पूर्व विधायक डॉ. युगल प्रसाद के निधन पर शोक व्यक्त किया है.

आलोक कुमार


रविवार, 29 मई 2022

गांव में भिक्षुक से बातचीत


मोतिहारी. स्माइल SMILE  परियोजना अंतर्गत मिशन गरिमा के अंतर्गत सर्वेक्षित भिक्षुओं का परामर्श करने एवं उनकी दक्षता/ आवश्यकता का पता लगाने के लिए आज SMILE team द्वारा कल्याणपुर प्रखंड के मठ कल्याणपुर गांव में भिक्षुक से बातचीत की गयी. भिक्षुको के द्वारा बताया गया कि जीविकापार्णन के लिए भिक्षाटन करते हैं.उनका यह मानना है कि इस कार्य में गरिमा एवं प्रतिष्ठा नहीं है. यदि उनको रोजगार अथवा व्यवसाय के अन्य साधन उपलब्ध कराये जाये तो रोजगार करना चाहेंगे एवं भिक्षावृत्ति से मुक्त होना चाहेंगे.इस गांव में लगभग 35 परिवार ऐसे हैं जिनकी आजीविका का मुख्य साधन भिक्षावृत्ति ही है.उन्होंने मांग की कि यदि सरकार द्वारा उन्हें कुछ ऋण उपलब्ध करायी जाये, तो वह गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए रोजगार करेंगे. उक्त परामर्श टीम का नेतृत्व ममता झा, सहायक निदेशक बाल संरक्षण कर रही है. इनके साथ श्री शिवेंद्र कुमार, सहायक निदेशक दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग, श्री राजीव कुमार बिहार विकास मिशन एवं प्रखंड समन्वयक विकास कुमार मौजूद थे.


आलोक कुमार

जिला में वंडर ऐप की मदद से मातृ एवं शिशु मृत्यु की रोकथाम की जाएगी


गया. जिले के  ’जिला पदाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एसएम द्वारा वंडर प्रोजेक्ट ट्रेनिंग तथा श्रवण श्रुति प्रोजेक्ट के संबंध में समीक्षा बैठक समाहरणालय सभाकक्ष में की गई.’ जिला में वंडर  ऐप   की मदद से मातृ एवं शिशु मृत्यु की रोकथाम की जाएगी. बोधगया प्रखंड से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरुआत की गयी है. प्रखंड में गर्भवती के स्वास्थ्य की पूरी सूचना इस  ऐप   के माध्यम से अपडेट किया जाएगा ताकि प्रसव या​ किसी जरूरत के समय उसे पूरा इलाज किया जा सके.  वंडर एप को बड़े पैमाने पर क्रियान्वित किया जाना है और सभी स्वास्थ्यकर्मियों तथा सहयोगी संस्थाओं के सभी कर्मी से सहयोग अपेक्षित है. विशेष रूप से वंडर ऐप की मदद से शत प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का कवरेज किया जा सके और जटिलता को रोकने या जटिलता को समय रेफर कर आवश्यक उपचार मुहैया कराने में मदद मिलेगी.

जिलाधिकारी ने कहा कि इस ऐप के तीन कंपोनेंट हैं जिसमें एंटी नेटल पीरियड यानी गर्भवती के पूरे नौ माह के दौरान जो जटिलता उत्पन्न होती है उसका निदान किया जा सके.इसे लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों को कहा कि एप पर गर्भवती की सभी प्रकार की जानकारी दिया जा सकता है और सिविल सर्जन तथा जिला स्तर के स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा इसका अनुश्रवण किया जा सकता है.उन्होंने कहा कि एप के लिए पंचायत स्तर पर कैंप  लगा कर गर्भवतियों की सभी प्रकार की जांच करनी है.जांच स्थल पर ही पैथोलॉजिकल टेस्ट पूरा करना है. इसके लिए यूनिक आईडी भी दिया जायेगा.यूनिक आईडी की मदद से महिला की सभी प्रकार की जांच की जानकारी चिकित्सक को मिल सकेगी.

वंडर प्रोजेक्ट को सफल क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों को ट्रेनिंग के समीक्षा के दौरान बताया गया कि विभिन्न विभागों में लगभग 4200 लोगों को ट्रेनिंग दिया गया है, जिनमें 55 चिकित्सक, 638 एएनएम एवं 3056 आशा शामिल हैं.इसके साथ ही बोधगया प्रखण्ड के जीविका के 39 कर्मियों को पूरी तरह ट्रेनिंग दिया जा चुका है. जिला पदाधिकारी ने जीविका के समूह, मगध मेडिकल तथा अन्य स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यालयों के कर्मियों एवं चिकित्सकों को पर्याप्त ट्रेनिंग करवाने का निर्देश दिए ताकि वंडर प्रोजेक्ट को पूरी तरह सफल क्रियान्वयन कराया जा सके.

उन्होंने कहा कि मगध मेडिकल, जयप्रकाश नारायण अस्पताल तथा प्रभावती अस्पताल के डायग्नोलॉजिस्ट चिकित्सकों को प्राथमिकता देकर भौतिक रूप से वर्कशॉप आयोजित करते हुए ट्रेनिंग करवाएं ताकि भविष्य में किसी भी गंभीर अवस्था वाले मरीजों को प्रॉपर तरीके से कंट्रोल किया जा सके.उन्होंने बताया कि वंडर ऐप रेफरल मामलों में काफी मददगार साबित होगा.उन्होंने कहा कि यदि अगर कोई गर्भवती महिला अस्पताल में है लेकिन उसकी स्थिति काफी दयनीय है, तत्पश्चात उसे किसी बड़े अस्पताल में रेफर करने की आवश्यकता है तो वंडर मोबाइल ऐप में महिला की बीमारी का जिक्र करते हुए रेफर का विकल्प डालें.यह अलर्ट संबंधित बड़े अस्पताल के चिकित्सकों तथा अन्य पदाधिकारियों के मोबाइल पर तुरंत पहुंच जाएगा, जिससे उनके इलाज बिना समय गवाएं और अधिक प्रभावी रूप से किया जा सकेगा.

उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि हर स्तर पर बेहतर तरीके से ट्रेनिंग कर ले ताकि आने वाले दिनों में ऐसे मामलों पर अपना बेहतरीन परफॉर्मेंस दे सके.बैठक में बताया गया कि वंडर ऐप के तहत अब तक कुल 934 महिलाओं को स्क्रीनिंग किया गया है, जिनमें सबसे अधिक बोधगया के 689 महिला, प्रभावती 216, बांके बाजार 14, गुरुआ 14, नीमचक बथानी में 6, मोहनपुर 2, मगध मेडिकल अस्पताल एक तथा खिजरसराय में एक महिला का स्क्रीनिंग किया गया है.

जिला पदाधिकारी ने सिविल सर्जन तथा डीपीएम स्वास्थ्य को निर्देश दिया कि हर सप्ताह सेविका एएनएम आशा को एक जगह बैठा करके लाइन लिस्टिंग तयार करावे साथ ही संबंधित पंचायत के मुखिया को भी उक्त बैठक में सम्मिलित करें ताकि संबंधित पंचायत के लोगों को जागरूक आसानी से किया जा सके.उन्होंने कहा कि बोधगया प्रखंड को मॉडल के रूप में रखते हुए कार्य करे. जिससे और भी अन्य सभी प्रखंड प्रेरित हो सके। वहां की एक एक महिलाओं का अच्छे से सर्वे करते हुए वंडर ऐप में बेसिक डिटेल एंट्री करावे. एक भी महिला ना छूटे या ध्यान रखें. अभियान स्तर पर कैंप लगाएं तथा कैंप में बेसिक व्यवस्थाएं हैं, उसे सुसज्जित तरीके से रखें.

’श्रवण श्रुति प्रोजेक्ट’ के संबंध में बताया गया कि जिला स्तरीय विभिन्न पदाधिकारियों के साथ कोआर्डिनेशन बैठक का काफी अच्छा परिणाम सामने आया है.खास करके विभिन्न स्टेकहोल्डर, स्वास्थ्य, शिक्षा, आईसीडीएस तथा सामाजिक सुरक्षा कार्यालय द्वारा काफी सहयोग किया जा रहा हैं.उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों को स्क्रीनिंग के लिए विभिन्न स्तरों पर उन्हें मोबिलाइज किया जा रहा है। हर स्तर पर माइक्रो प्लान तैयार करते हुए उन्हें लगातार मॉनिटरिंग भी किया जा रहा है.श्रवण श्रुति प्रोजेक्ट के तहत स्क्रीनिंग किए हुए बच्चों को बेहतर इलाज के लिए बेरा टेस्ट BERA TEST की व्यवस्था कराया जा रहा है.

बैठक में बताया गया कि 2 मार्च से अब तक 326 आंगनबाड़ी सेंटरों में 9066 बच्चों को स्क्रीनिंग किया जा चुका है, जिनमें 40 बच्चों को बेरा टेस्ट BERA TEST के लिए रेफर किया गया है तथा उनमें 29 बच्चों का बेरा टेस्ट BERA TEST पूर्ण करते हुए 2 बच्चे बेरा टेस्ट BERA TEST पॉजिटिव पाए गए हैं.

जिला पदाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों को बताया कि नवजात बच्चों को भी श्रवण श्रुति प्रोजेक्ट के तहत शत प्रतिशत स्क्रीनिंग कराने के लिए कार्य योजना तैयार करें.उन्होंने कहा कि नवजात बच्चों को कौन से उपकरण से जांच किया जाएगा इसके लिए भी विस्तार से गाइडलाइन को पढ़ते हुए उसी अनुरूप तैयारी करें.उन्होंने कहा कि वर्तमान में बच्चों को किए जा रहे स्क्रीनिंग के उपरांत उन बच्चों को और बेहतर इलाज के लिए संबंधित चिकित्सक सप्ताह में एक दिन द्वारा उन बच्चों को जांच कर वेरीफाई करते हुए उन्हें बेरा टेस्ट BERA TEST कराएं. बच्चों को और बेहतर इलाज के लिए पटना एम्स से समन्वय स्थापित करते हुए उन्हें एंबुलेंस के माध्यम से रेफर करें तथा उनके परिजनों को लगातार फीडबैक दिया करें. इसके उपरांत उन्होंने श्रवण श्रुति प्रोजेक्ट को और अच्छी तरह धरातल पर लाने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर विचार विमर्श किया.

बैठक में सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि श्रवण श्रुति के तहत काफी अच्छे परिणाम मिल रहे हैं. बच्चों के स्क्रीनिंग के दौरान उन्हें इलाज किया गया.इलाज के दौरान लगभग 20 से 30 बच्चे हियरिंग लॉस की समस्या से निजात मिला है. जो काफी अच्छे संकेत हैं. जिला पदाधिकारी ने सिविल सर्जन तथा तमाम पदाधिकारी जो श्रवण श्रुति में लगे हुए हैं उन सभी को पूरे लगन और जोश के साथ बच्चों का स्क्रीनिंग एवं उनका समुचित इलाज करवाने का निर्देश दिए.

आलोक कुमार

मरीज रीता कुमारी ने बताया गया कि उन्हें दूध नहीं दिया गया

 


गया. इस जिले के ’जिला पदाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एसएम द्वारा  जयप्रकाश नारायण अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया. सर्वप्रथम उन्होंने इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया. जहां इलाज के लिए आए हुए कई मरीजों से अस्पताल में दी जाने वाली व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी लिया. जिला पदाधिकारी ने अतरी प्रखंड के पथरी ग्राम के मरीज रीता कुमारी से जानकारी लेने के दौरान बताया गया कि आज उन्हें दूध नहीं दिया गया है.उन्होंने उपस्थित मरीजों से खानपान, दवा, साफ सफाई, समय पर चिकित्सक मरीजों को देखने आते हैं या नहीं इत्यादि के बारे में जानकारी लिया.जिला पदाधिकारी ने दूध ना देने की शिकायत पर सिविल सर्जन को संबंधित संवेदक से स्पष्टीकरण पूछते हुए 1 दिन की राशि कटौती करने का निर्देश दिए. इसके अलावा विभिन्न मरीजों से अस्पताल के बारे में फीडबैक लेने पर संतोषजनक जवाब दिया गया.

इसके उपरांत लेबर रूम का निरीक्षण किया. लेबर रूम को और सुसज्जित व्यवस्था में रखने का निर्देश दिए. निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों के किये जाने वाले एक्सरे के बारे में जानकारी लेने पर सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि इस अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे की व्यवस्था है. हर दिन काफी मरीजों को डिजिटल एक्स-रे के माध्यम से इलाज किया जा रहा है. इसके उपरांत उन्होंने सीटी स्कैन किये जाने वाले कक्ष का निरीक्षण किया. उन्होंने उपस्थित कर्मी से रजिस्टर के माध्यम से जानकारी लिया कि आज की तिथि में कितने मरीजों का सिटी स्कैन किया गया है.उपस्थित कर्मी द्वारा बताया गया कि आज कुल 4 मरीजों का सीटी स्कैन हुआ है. जिला पदाधिकारी ने उपस्थित चिकित्सक से सीटी स्कैन किए जाने के संबंध में विस्तार से जानकारी भी लिया कि किस स्थिति में और किस स्तर से सिटी स्कैन मरीजों का किया जाता है. 

अल्ट्रासाउंड के समीक्षा के दौरान सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि इस अस्पताल में एक अल्ट्रासाउंड की मशीन है तथा एक डायग्नोसिस डॉक्टर हैं.आईसीयू के निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने आईसीयू कक्ष को पूरी तरह फंक्शन रखने का निर्देश दिया.जेई वैक्सीनेशन के समीक्षा के दौरान सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि गया जिले में लगभग 99 प्रतिशत जेई का वैक्सीनेशन पूर्ण कर लिया गया है. इसके उपरांत जयप्रकाश नारायण अस्पताल के पूरे परिसर का घूम घूम कर निरीक्षण किया तथा पर्याप्त साफ सफाई व्यवस्था रखने का निर्देश दिया.

आलोक कुमार

शनिवार, 28 मई 2022

राशन व राशन कार्ड निरस्तीकरण अभियान को वापस ले सरकार’

 * 31 मई को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन/धरना आदि कार्यक्रम होंगे’

पटना.देश में लगातार बढ़ती बेरोजगारी और पेट्रो पदार्थों की आसमान छूती कीमतों के खिलाफ वाम दलों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बिहार में 25 से 31 मई तक सघन आंदोलनात्मक अभियान चल रहा है और 31 मई को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन/धरना आदि कार्यक्रम होंगे. वाम दलों के नेताओं ने आज पटना में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के जरिए यह जानकारी दी.

वाम नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार जनता की आंखों में धूल झोंकना बंद करे. पेट्रोल व डीजल की बेतहाशा बढ़ी कीमतों में मामूली सी गिरावट करके वह अपना पीठ थपथपाना चाहती है. मोदी सरकार रूस व उक्रेन युद्ध का बहाना बनाकर पेट्रो पदार्थो की कीमत लगातार बढ़ाती गई. अब उसमें मामूली कमी कर रही है, लेकिन आंकड़े कुछ और ही गवाही देते हैं. मई 2014 में पेट्रोल पर केंद्रीय कर 9.48 रु. और डीजल पर 3.56 रुपये था. 21 मई 2022 को यह कर बढ़कर क्रमशः 27.90 व 21.80 रुपया हो गया. इसके खिलाफ तीखे आंदोलन के बाद फिलहाल यह टैक्स क्रमशः 19.90 व 15.80 रु. है. यह टैक्स अब भी 2014 की तुलना में काफी अधिक है. 

इसलिए हमारी मांग है कि सरकार सभी प्रकार के अधिभार/ उपकर को वापस लेकर पेट्रो पदार्थों की कीमत को पुराने स्तर पर लगाए. इन पदार्थों पर तो कोई टैक्स  लगाना  ही नहीं चाहिए, इसकी भरपाई के लिए सरकार को कॉरपोरेट पर टैक्स लगाना चाहिए.

वाम नेताओं ने कहा कि पहले से कोविड व लाॅकडाउन की मार झेल रही आम जनता आज कमरतोड़ महंगाई की जबरदस्त मार झेलने को विवश है. आमदनी तो बढ़ नहीं रही लेकिन महंगाई लगातार बढ़ रही है. गरीब, मध्यम वर्ग, प्राइवेट कंपनियों में नौकरी करने वाले, छोटे व्यवसायी आदि सभी तबके पेट्रोल-डीजल-गैस के दाम में अभूतपूर्व बढ़ोतरी से त्रस्त है. पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से परिवहन व माल ढुलाई अत्यंत महंगा हो गया है. विगत एक साल में पेट्रोलियम पदार्थों में 70 प्रतिशत, सब्जियों के दाम में 20 प्रतिशत, खाने के तेल में 23 प्रतिशत और अनाज के दाम में 8 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है.

 करोड़ों भारतीय का भोजन गेहूं की कीमत में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. गेहूं विदेश भेजा जा रहा है और उसकी कम सरकारी खरीद का बहाना बनाकर जनवितरण प्रणाली से इसे गायब कर इसके बदले चावल देना तय किया गया है. केंद्र सरकार उल्टे आज राशन व राशन कार्ड निरस्तीकरण अभियान में लगी हुई है. यह भोजन के अधिकार पर हमला है, बिहार में 28 लाख 79 हजार राशन कार्ड रद्द कर दिए गए. इसे अविलम्ब वापस लिया जाना चाहिए. खाद्य व अन्य उपयोगी सामानों पर सरकार जनता के लिए विशेष पैकेज की गारंटी करे.

राज्य में बिजली बिल पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गया है. बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में भी हो रहे खर्च में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है. फीस से लेकर किताबें, यूनीफाॅर्म, स्टेशनरी, स्कूल बस भाड़ा में 50 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है. मजबूरन लोगों को कर्ज लेना पड़ रहा है और वे लगातार कर्ज के भंवरजाल में फंसते जा रहे हैं. एक तरफ आम लोग भीषण महंगाई की मार झेल रहे हैं, ठीक इसी समय कॉरपोरेट की संपत्ति में अकूत वृद्धि हो रही है.

महंगाई से जनता को राहत प्रदान करने की बजाए दिल्ली व पटना की सरकर अपने खिलाफ बढ़ते जनअसंतोष को काले कानूनों से दबाने का प्रयास कर रही है. वह अपने एकाधिकारवादी-सांप्रदायिक एजेंडे को लागू करने का भरसक प्रयास कर रही है और देश में अमन-चैन के माहौल को खराब करने में लगी हुई है. सरकार के लोकतंत्र व संविधान विरोधी रवैये का वाम दल पुरजोर विरोध करते हैं.

 5 जून को संपूर्ण क्रांति दिवस पर महागठबंधन के द्वारा आयोजित भाजपा-जदयू सरकार की असफलता के खिलाफ आयोजित कार्यक्रम में वाम दल के कार्यकर्ता पूरे जोर-शोर से भाग लेंगे. गांव स्तर पर उसकी तैयारी चल रही है.

 जाति जनगणना पर भाजपा के रुख से स्पष्ट है कि यह पार्टी दलितों-पिछड़ों के अधिकारों व उनके आरक्षण की घोर विरोधी है.वाम दल पेट्रो पदार्थों पर सभी अधिभारध्उपकर वापस लेने, पीडीएस में गेहूं आपूर्ति बहाल करने, पीडीएस सिस्टम को मजबूत करने, गैर आयकर भुगतान परिवारों को प्रत्यक्ष 7500 रु. प्रति माह प्रदान करने, शहरी क्षेत्रों में रोजगार गारंटी योजना लागू करने, मनरेगा आवंटन में वृद्धि करने, बेरोजगारी भत्ता कानून बनाने, सभी रिक्त पदों पर भर्ती, बिना वैकल्पिक व्यवस्था के गरीबों को उजाड़ने पर रोक लगाने तथा तमाम उपभोक्ताओं को 200 यूनिट फ्री बिजली देने की भी मांग करते है.

संवाददाता सम्मेलन को माले के पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेंद्र झा, वरिष्ठ नेता केडी यादव, सीपीएम के सर्वोदय शर्मा व मनोज चंद्रवंशी, सीपीआई के विजय नारायण मिश्र व रामलला सिंह, फॉरवर्ड ब्लॉक के अमेरिका महतो व आरएसपी के वीरेंद्र ठाकुर ने संबोधित किया.

आलोक कुमार

होली फैमिली कैथोलिक चर्च में पहली बार मिस्सा पूजा अर्पित करेंगे

 

 

चखनी.पश्चिम चंपारण जिले के बगहा एक प्रखंड में है चखनी रजवटिया ग्राम पंचायत.इसी पंचायत में रोमन कैथोलिकों का चर्च है.इसका नाम होली फैमिली कैथोलिक चर्च है.इस चर्च के रक्षक और चखनी पल्ली के चरवाहा फादर चैंबर्लिन हैं पल्ली पुरोहित.पल्ली पुरोहित फादर चैंबर्लिन के कुशल नेतृत्व में 25 मई को फादर गुंजन रफायल  का शानदार ढंग से पुरोहिताभिषेक समारोह संपन्न हुआ.अब फादर गुंजन रफायल 29 मई को होली फैमिली कैथोलिक चर्च में पहली बार मिस्सा पूजा अर्पित करेंगे.यहां पर बाल्यावस्था में मिस्सा सुनते थे.वहां पर उनको मिस्सा करने के लिए तैयारी शुरू कर दी गयी है. 

 मालूम हो कि चखनी पल्ली 1874 में अस्तित्व में आया. चालू वर्ष 2022 में चखनी पल्ली 148 वर्ष पूरा कर रहा है. यह पल्ली 2024 में 150 साल का हो जाएगा.इस बीच चखनी पल्ली के रहने वाले मुकेश रफायल और पूनम क्लारेंस ने पल्लीवासी और बेतिया धर्मप्रांत के लोगों को खुशी प्रदान किये हैं.धार्मिक दम्पति के तीन सुपुत्र विंसेंट रफायल,गुंजन रफायल और गुंजेश रफायल हैं.इनमें से एक बीच वाले सुपुत्र गुंजन रफायल को प्रभु की सेवा करने के लिए समर्पित कर दिये हैं. इस समर्पित दिवस के अवसर पर चखनी पल्ली की धरती पर जन्म लेने वाले धरती पुत्र रायगढ़ महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विक्टर हेनरी ठाकुर और फादर बर्टी पौल उपस्थित रहे. 

 बताते चले कि फादर गुंजन रफायल का जन्म 03 मार्च, 1994 को हुआ था. जब वे 27 साल के थे तब 28 दिसंबर,2021 को चुहड़ी पल्ली में उप याजक बने.147 दिनों के बाद 28 साल में 25 मई 2022 को पुरोहिताभिषेक समारोह में उप याजक से याजक बने.पुरोहित बनने के बाद फादर गुंजन रफायल के द्वारा रविवार 29 मई को होली फैमिली कैथोलिक चर्च,चखनी में सुबह साढ़े छह बजे से पहली बार मिस्सा अर्पित करेंगे.


आलोक कुमार


आलोक कुमार



कोविड टीकाकरण के तहत जिला में 86 प्रतिशत लोगों को प्रथम डोज तथा लगभग 92 प्रतिशत लोगों को द्वितीय डोज का टीका दिया

इस तरह की प्रस्तुत रिपोर्ट पर विश्वास करें अथवा अविश्वास करें.माननीय सांसद नालंदा श्री कौशलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आज शनिवार हरदेव भवन सभागार में जिला स्तरीय समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक आहूत की गई.उक्त बैठक में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि कोविड टीकाकरण के तहत जिला में 86 प्रतिशत लोगों को प्रथम डोज तथा लगभग 92 प्रतिशत लोगों को द्वितीय डोज का टीका दिया गया है. प्रथम डोज 6 प्रतिशत कम है और द्वितीय डोज पाने वालों को 6 प्रतिशत वृद्धि कर प्रस्तुत किया गया....


नालंदा.माननीय सांसद नालंदा श्री कौशलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आज शनिवार हरदेव भवन सभागार में जिला स्तरीय समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक आहूत की गई.मनरेगा के क्रियान्वयन के संबंध में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिला में एक्टिव जॉब कार्ड धारकों की संख्या 1 लाख 92 हजार 444 थी. जिनमें से 152641 लोगों को मनरेगा के तहत रोजगार प्रदान किया गया. इस अवधि में 47 लाख 86 हजार 534 मानव दिवस का सृजन किया गया.

वर्तमान वित्तीय वर्ष में 27 मई तक 18 लाख 57 हजार 238 मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है, जो मई माह तक के लिए निर्धारित लक्ष्य का लगभग 57 प्रतिशत है. पूर्व में मनरेगा के तहत क्रियान्वित की गई योजनाओं से संबंधित मटेरियल कंपोनेंट से संबंधित राशि का भुगतान तकनीकी कारणों से लंबित है. सभी लंबित मामलों में त्वरित भुगतान की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया.

आजादी के अमृत महोत्सव काल में जिला में कम से कम 75 अमृत सरोवरों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इनमें से 44 अमृत सरोवरों के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया जा चुका है, जिसमें कार्य प्रगति पर है.अन्य स्थलों पर भी इस योजना के तहत क्रियान्वयन के लिए सरोवरों को चिन्हित किया जा रहा है.बैठक में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधिगण से भी अपने क्षेत्र अंतर्गत उपयुक्त तालाबों की सूची उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया.मनरेगा के कन्वर्जंस के माध्यम से जिला में 100 आंगनवाड़ी केंद्र भवन के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जिनमें से 83 भवनों का निर्माण प्रारंभ किया गया है  तथा 6 आंगनवाड़ी केंद्र भवन का निर्माण कार्य पूर्ण भी हो चुका है.

पंचायतों में जलजमाव की समस्या के निदान के लिए उपयुक्त योजना के क्रियान्वयन के लिए वर्तमान में 48 स्थलों को चिन्हित किया गया है.इनमें से 26 योजनाओं की स्वीकृति मिल चुकी है तथा 20 पर कार्य प्रारंभ किया जा चुका है. सभी जनप्रतिनिधिगण से भी जलजमाव से संबंधित समस्या से ग्रसित स्थलों की सूची उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया ताकि प्राथमिकता के आधार पर इसके निवारण के लिए योजना का क्रियान्वयन किया जा सके.

मनरेगा के माध्यम से वर्तमान में 11 चेक डैम निर्माण की योजना का कार्य जारी है, पूर्व में भी 15 चेक डैम का निर्माण कराया गया है. मनरेगा के माध्यम से 16 खेल मैदान, 9 तालाब सौंदर्यीकरण, 6 मनरेगा पार्क का निर्माण भी कराया जा रहा है.इस योजना के तहत व्यक्तिगत परिसंपत्ति सृजन के क्रम में वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में 1483 पशु शेड, 62 बकरी शेड एवं 43 पोल्ट्री शेल्टर का निर्माण कराया गया जा रहा है.

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए निर्धारित लक्ष्य 32566 के विरुद्ध 31432 आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई है.जिनमें से 29270 लाभुकों को प्रथम किस्त, 14759 लाभुकों को द्वितीय किस्त तथा 1730 लाभुकों को तृतीय किस्त सी राशि का भुगतान किया गया है. 2016-17 से वर्ष 2019-20 तक की अवधि में 30744 आवास निर्माण के लक्ष्य के विरुद्ध 30170 आवास निर्माण पूर्ण किया गया है. शेष आवास लाभुकों के पलायन, मृत्यु एवं अन्य कारणों से अपूर्ण रह गया है  आवास निर्माण कार्य पूरा नहीं करने वाले 213 लाभुकों के विरुद्ध नीलाम पत्र वाद की कार्रवाई की जा रही है.

मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना (क्लस्टर हाउस) के लिए निर्धारित लक्ष्य 111 के विरुद्ध 102 आवास का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के सभी लाभार्थियों को गृह निर्माण पूरा करने के लिए लगातार प्रेरित प्रोत्साहित किया जा रहा है. इसके लिए जिला एवं प्रखंड स्तर पर हेल्पडेस्क भी बनाया गया है.

लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के अंतर्गत जिला में 368 सामुदायिक स्वच्छता परिसर के निर्माण की स्वीकृति दी गई है.इसमें से 339 का कार्य प्रारंभ किया गया जिसमें से 290 का निर्माण कार्य पूर्ण भी किया जा चुका है.

पंचायत स्तर पर गीला/सूखा कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को लेकर 50 पंचायतों का चयन किया गया है. इनमें से 37 पंचायतों में स्वच्छता पर्यवेक्षक को चयनित किया जा चुका है. प्रत्येक वार्ड में एक स्वच्छता मित्र का चयन किया जाना है. अब तक 445 वार्डों में स्वच्छता मित्र का चयन किया जा चुका है. इन सभी पंचायतों में वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की जानी है. जिसके लिए 25 पंचायतों में स्थल का चयन किया जा चुका है तथा 3 पंचायतों में वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट के निर्माण का कार्य प्रारंभ भी किया जा चुका है.

जीविका की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिला में वर्तमान में 28979 स्वयं सहायता समूह गठित हैं जिनसे 345456 परिवार सम्बद्ध हैं. वर्तमान में जिला में जीविका के 2221 ग्राम संगठन तथा 54 संकुल संघ गठित हैं. गठित समूह में से 27860 समूह को जीविका के माध्यम से चक्रीय निधि उपलब्ध है. 27340 समूह को विभिन्न बैंक के माध्यम से ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है.वित्तीय समावेशन को लेकर जीविका के माध्यम से वर्तमान में 72 बैंक ग्राहक सेवा केंद्र संचालित हैं.वर्तमान वर्ष में 44 अन्य बैंक ग्राहक सेवा केंद्र की स्थापना के लिए समूह को चयनित किया गया है.वर्तमान वित्तीय वर्ष में जीविका के माध्यम से 6 लाख 1 हजार 740 लीटर नीरा का उत्पादन/बिक्री किया गया है.

जीविका समूह द्वारा कृषि विभाग के सहयोग से पांच कस्टम हायरिंग केंद्र (कृषि यंत्र बैंक) की स्थापना की गई है.सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत  3628 परिवारों को सहयोग राशि उपलब्ध कराया गया है.

ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत कार्य प्रमंडल राजगीर द्वारा 63 में से 55 योजनाओं का कार्य, कार्य प्रमंडल बिहार शरीफ द्वारा 116 में से 93 योजनाओं का कार्य तथा कार्य प्रमंडल हरनौत द्वारा 108 में से 91 योजनाओं का कार्य पूरा किया गया है.कार्य प्रमंडल हिलसा अंतर्गत भी वर्तमान की 4 योजनाओं का कार्य पूरा किया गया है,दो सड़क योजना एवं एक पुल की योजना का कार्य प्रगति पर है. कुछ योजनाओं में कार्य प्रगति पर है, जिसे निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत पूर्ण कराने का निर्देश संबंधित कार्यपालक अभियंता को दिया गया.

सामाजिक सुरक्षा से संबंधित योजनाओं की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना के तहत 1094, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत 195 तथा मुख्यमंत्री पारिवारिक लाभ योजना के तहत 124 पात्र लोगों को लाभान्वित किया गया है.मुख्यमंत्री अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना (वधु के नाम का एक लाख रुपये का बांड प्रदान किया जाता है) के तहत 14 तथा मुख्यमंत्री निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना( वर अथवा वधु के दिव्यांगों की स्थिति में एक लाख तथा दोनों की दिव्यांगता की स्थिति में दो लाख रुपये का बांड प्रदान किया जाता है) के तहत 12 लोगों को लाभान्वित किया गया है.

जिला में मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत 133429, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 136007, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के तहत 15924, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तजन पेंशन योजना के तहत 6407, बिहार राज्य निःशक्त पेंशन योजना के तहत 28446, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 35169 तथा बिहार शताब्दी कुष्ठ कल्याण योजना के तहत 912 लोगों को लाभ दिया जा रहा है. इन सभी पेंशनधारियों को मार्च 2022 तक के पेंशन का भुगतान किया जा चुका है.

सबके लिए आवास योजना (शहरी) के तहत नगर निगम बिहारशरीफ में 1232, नगर पंचायत इस्लामपुर में 155, नगर पंचायत सिलाव में 274, नगर परिषद हिलसा में 340 तथा नगर परिषद राजगीर में 117 लाभुकों को आवास निर्माण के लिए कार्य आदेश दिया गया है. बिहार शरीफ नगर निगम में 630, इस्लामपुर में 17, सिलाव में 76 तथा राजगीर में 68 लाभुकों का आवास निर्माण कार्य पूर्ण हुआ है.इस योजना के तहत जमीन के अभाव में किसी भी लक्ष्य को सरेंडर नहीं करने का सुझाव दिया गया. स्पष्ट रूप से कहा गया कि आवास निर्माण हेतु उच्च प्राथमिकता के साथ जमीन चिन्हित करने की कार्रवाई सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी सुनिश्चित करें.

बिहारशरीफ स्मार्ट सिटी परियोजना के संदर्भ में बताया गया कि लगभग 103 करोड़ रुपए लागत की 16 योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है. लगभग 718  करोड़ रुपये लागत की 14 योजनाओं का कार्य प्रगति पर है तथा लगभग 118 करोड़ लागत की 5 योजनाओं में लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया है.नल जल योजना की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि पीएचईडी के कार्य प्रमंडल बिहार शरीफ द्वारा 875 तथा कार्य प्रमंडल हिलसा द्वारा 370 वार्डों में योजना का क्रियान्वयन पूरा किया गया है. पीएचइडी एवं पंचायती राज विभाग द्वारा क्रियान्वित वार्डों में विभिन्न वार्डों में कुछ-कुछ घर कनेक्शन से वंचित रह गए हैं.ऐसे लगभग 18000 घरों को चिन्हित किया गया है. इनमें से कुछ घरों को निकटतम क्रियान्वित योजना के माध्यम से हाउस कनेक्शन दिया जा रहा है. अन्य कनेक्शन से वंचित घरों को आच्छादित करने के लिए पीएचइडी द्वारा 70 नई योजना की स्वीकृति प्राप्त कर कार्य प्रारंभ किया गया है. पंचायती राज विभाग द्वारा भी 142 नई योजनाओं के क्रियान्वयन के माध्यम से सभी वंचित घरों में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए कार्रवाई की जा रही है.

आईसीडीएस की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिला में कुल 3410 आंगनबाड़ी केंद्र कार्यरत हैं. वर्तमान में सेविका के 24 तथा सहायिका के 47 पद रिक्त हैं. सभी आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित रूप से निरीक्षण किया जा रहा है. अप्रैल माह में 2062 आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण विभिन्न पदाधिकारियों द्वारा किया गया.निरीक्षण के आधार पर 346 सेविकाओं को चेतावनी, 136 से कारण पृच्छा तथा 140 के विरुद्ध आर्थिक दंड अधिरोपित किया गया है.

कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ हर पात्र किसानों को मिले, इसके लिए पंचायत स्तर पर योजनाओं के बारे में व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया.

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि कोविड टीकाकरण के तहत जिला में 86 प्रतिशत लोगों को प्रथम डोज तथा लगभग 92 प्रतिशत लोगों को द्वितीय डोज का टीका दिया गया है. जिला के सभी अस्पतालों में विधिवत रोगी कल्याण समिति का गठन एवं इसके नियमित रूप से बैठक सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.

 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिंद में चहारदीवारी निर्माण तथा रेफरल अस्पताल अस्थावां में एक्सरे की सुविधा चालू कराने का निर्देश दिया गया.आपूर्ति की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि राशन कार्ड धारियों के आधार सीडिंग नहीं होने के कारण वर्तमान में 46901 लाभुक खाद्यान्न के लाभ से तत्काल वंचित हो रहे हैं.संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से आधार का सत्यापन एवं प्रविष्टि कराने के उपरांत उनके राशन कार्ड को एक्टिवेट किया जा रहा है.

बैठक प्रारंभ होने से पूर्व माननीय सांसद द्वारा कृषि विभाग के माध्यम से संचालित टपकन सिंचाई योजनाओं के लाभार्थियों को कार्यादेश की प्रति हस्तगत कराई गई. कुछ लाभार्थियों को अनुदानित बीज का वितरण किया गया। कस्टम हायरिंग सेंटर के लाभार्थी को भी हार्वेस्टर की सांकेतिक चाबी सौंपी गई. आईसीडीएस के माध्यम से राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत प्रखंड परियोजना सहायक के पद पर प्रतीक्षा सूची से चयनित 3 उम्मीदवारों को नियोजन पत्र वितरित किया गया.

माननीय सांसद ने सभी पदाधिकारियों को आम लोगों के प्रति व्यवहार कुशलता के साथ बर्ताव करने तथा उनकी समस्याओं को धैर्य से सुनने एवं निदान के लिए प्रयास करने का निर्देश दिया.

बैठक में माननीय विधायक अस्थावां, माननीय विधायक इस्लामपुर, माननीय अध्यक्ष जिला परिषद, जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं विभिन्न प्रखंडों के प्रमुख गण उपस्थित थे.


आलोक कुमार

फाउंटेन लाइट्स से मोतीझील की सुंदरता बढ़ गई

 

मोतिहारी.इस जिले के जिलाधिकारी, श्री शीर्षत कपिल अशोक ने मोतीझील के सौन्द्रीयकरण एवं साफ सफाई के लिए रोविंग क्लब, मोतिहारी का लिया जायजा.संबंधित पदाधिकारी एवं कार्य एजेंसी को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि  पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मोतीझील को सुंदर बनाने के लिए ड्रेजर मशीन से गाद की सफाई सुनिश्चित की जाए, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट्स का गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित किया जाए.फाउंटेन लाइट्स से मोतीझील की सुंदरता बढ़ गई है.


उन्होंने कहा कि रोविंग क्लब में बच्चों मे आकर्षण पैदा करने के लिए गार्डन, पार्क, पैसेंजर वोट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी मोतिहारी सदर, जिला परिवहन पदाधिकारी, नगर आयुक्त, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपनीय शाखा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उपस्थित थे.


आलोक कुमार

गार्जियंस ऑफ चंपारण पुराने वृक्ष के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया

 

मोतिहारी. इस जिले के जिलाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला जल एवं स्वच्छता समिति, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी, श्री शीर्षत कपिल अशोक की अध्यक्षता में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित, जिला जल एवं स्वच्छता समिति की जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई.समीक्षा के क्रम में बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नवाचार तकनीक अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए  सुखेत मॉडल के अनुरूप डंपिंग यार्ड  का निर्माण सुनिश्चित किया जाए एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए सोख्ता, लीज फीट का निर्माण सुनिश्चित किया जाए.

गार्जियंस ऑफ चंपारण पुराने वृक्ष के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि मुखिया के साथ समन्वय स्थापित कर पुराने वृक्षों की सुरक्षा के लिए मिट्टीकरण, गोद भराई, रक्षाबंधन, पानी की व्यवस्था जैसे कार्य सुनिश्चित किया जाए.उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि जल जीवन हरियाली अंतर्गत कार्य को गंभीरता से लें तथा अपने कर्तव्य एवं दायित्व का ससमय निर्वहन करना सुनिश्चित करें.

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, निदेशक डीआरडीए, जिला परियोजना प्रबंधक जीविका ,जिला पंचायती राज पदाधिकारी, डीपीओ मनरेगा, जिला समन्वयक एलएसबीए ,जिला कृषि पदाधिकारी ,डीपीओ आईसीडीएस, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, सभी  प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी मनरेगा पीओ उपस्थित थे.

आलोक कुमार

शुक्रवार, 27 मई 2022

तीन आरोपियों के यहां बुलडोजर चलाने की तैयारी में


बेगूसराय.बिहार के बेगूसराय में पुलिस पत्रकार सुभाष कुमार हत्याकांड में तीन आरोपियों के यहां बुलडोजर चलाने की तैयारी में है. 24 घंटे का वक्त दिया है कि वे तीनों सरेंडर नहीं करते हैं तो घर पर बुलडोजर चला दिया जाएगा. बीते गुरुवार की शाम पुलिस ने गांव में डुगडुगी बजाकर एवं उनके आवास पर नोटिस चस्पा कर कुर्की से पूर्व मुनादी की कार्यवाही पूरी की है. अभी तक सभी आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी.      .                          

बेगूसराय जिले में वेब पोर्टल पत्रकार सुभाष कुमार (26 वर्ष) की गोली मारकर बदमाशों ने हत्या कर दी. घटना परिहारा ओपी क्षेत्र के सांखू गांव की है. बदमाशों की संख्या चार बताई जा रही है.गोली लगने के बाद इलाज के लिए सुभाष कुमार को पीएचसी में भर्ती कराया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी.

घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि बहुआरा पंचायत के वार्ड संख्या एक के सांखू गांव निवासी सुभाष कुमार शुक्रवार की देर शाम अपने घर से कुछ ही दूरी पर एक शादी समारोह में पिता और चाचा के साथ भोज खाकर वापस लौट रहा था.इस बीच सांखू चौक के समीप सुभाष के पिता और चाचा के साथ अन्य लोग आगे बढ़ गए. इस बीच पूर्व से घात लगाए बदमाशों ने सिर में गोली मार दी. घटना की जानकारी पुलिस को दी गई. वहीं घायल सुभाष को अस्पताल लाया गया, जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.घटना को लेकर तरह तरह की बात कही जा रही है.हत्या के कारणों का अब तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है.                                    

बेगूसराय के एसपी योगेंद्र कुमार ने कहा कि पत्रकार हत्याकांड में चार लोगों को हत्या में शामिल होने की पहचान की गई है. 3-4 कारण मुख्य रूप से सामने आए हैं. सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है. बखरी डीएसपी के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम बनाई गई है. जल्द ही सभी बदमाशों को गिरफ्तार कर स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा दिलाने का काम पुलिस करेगी. वैसे इस घटना में जो भी लोग शामिल हैं उनका गांव दूर नहीं है, आसपास के ही लोग हैं. सभी की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी. एक को गिरफ्तार कर लिया गया है.तीन पर दबिश बढ़ा दिया गया.यूपी के तर्ज पर बदमाशों के घरों के सामने बुलडोजर तैनात कर दिया है.24 घंटे के अल्टीमेटम दिया गया है.    

बताते चलें कि पत्रकार सुभाष कुमार हत्याकांड के बाद बेगूसराय में आक्रोश उबल रहा है. पुलिस के नन बेलेबल वारंट लेने के साथ ही इस घटना के एक आरोपी बाबुल राठौर उर्फ बबलू कुमार ने बुधवार को बेगूसराय कोर्ट के न्यायाधीश मीना कुमारी की कोर्ट में बेगूसराय एसपी ऑफिस के सामने से गुजरते हुए सरेंडर किया था.जिसके बाद बेगूसराय पुलिस ने बाकी बचे तीन अभियुक्तों की गुप्त सूचना देने वाले लोगों को नगद इनाम देने की घोषणा की थी.साथ ही साथ बेगूसराय पुलिस फोन नंबर भी जारी किया था.

परिहरा के साखू गांव निवासी वेब रिपोर्टर सुभाष कुमार की हत्या के मामले में नामजद आरोपियों में से एक बबलू राठौड़ उर्फ बाबुल ने बुधवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है. शेष तीन आरोपी अभी भी फरार हैं.हत्या की प्राथमिकी मृतक के पिता अर्जुन महतो के बयान पर अपने ग्रामीण बाबुल, नीतेश समेत छोटी रानी, खगड़िया के रौशन और प्रियांशु के विरुद्ध दर्ज की गई है. न्यायालय ने आत्मसमर्पण के बाद एसीजेएम मीना कुमारी ने आरोपित बबलू राठौड़ उर्फ बाबुल को चौदह दिन के लिए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है.

 इस घटना को लेकर स्थानीय पत्रकारों में काफी गुस्सा देखा जा रहा है. उनका कहना है कि अगर पत्रकार पर इस तरह से हमले होंगे फिर कैसे काम चलेगा. बता दें कि इससे पहले भी राज्य में कई जगहों पर पत्रकारों की हत्या हो चुकी है. हाल की बात करें तो कुछ महीने पहले मधुबनी में हुए अविनाश झा उर्फ बुद्धिनाथ झा हत्याकांड ने काफी तूल पकड़ा था.

 आलोक कुमार



धनरूआ थाने क्षेत्र में घात-प्रतिघात शुरू

 

पटना.अरवल के पूर्व भाजपा विधायक चितरंजन कुमार के चाचा व शहर के चर्चित होटल व्यवसायी अभिराम शर्मा और चचेरे भाई दिनेश शर्मा की अपराधियों ने गोली मार हत्या कर दी. दोनों हत्या मंगलवार को अलग-अलग जगहों पर सिर्फ 22 मिनट के अंतराल हुईं. 26 अप्रैल की सुबह कड़ौनी ओपी क्षेत्र में एनएच 31 किनारे श्रीराम आश्रम में बाइक सवार दो हमलावरों ने जहानाबाद में घर में घुसकर अभिराम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसके 22 मिनट के अंतराल में अभिराम शर्मा के भतीजे नीमा निवासी दिनेश शर्मा की मसौढ़ी थाना के समीप गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.दोनों हत्याकांड में एक ही गिरोह की संलिप्तता है. पटना और जहानाबाद पुलिस ने संजय सिंह के घर पर दबिश भी दी थी. एक महिला को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था, लेकिन कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा.

अभिराम-दिनेश दोहरी हत्याकांड में दिनेश शर्मा के बेटे अभिषेक उर्फ सोनू ने कुख्यात संजय सिंह, उसके भाई धनंजय कुमार उर्फ रंजय कुमार, संजय के बहनोई तारेगना निवासी शिवरमन उर्फ छोटू, नीमा के राकेश कुमार उर्फ सुग्गा, सुधीर कुमार और बिहटा थाना के सिकंदरपुर निवासी छोटू कुमार उर्फ छोटे सरकार को नामजद किया था.नामजद सुधीर कुमार का शव हत्याकांड के 32 वें दिन बरामद हुआ.गया रेलखंड के नीमा हॉल्ट के पास जीआरपी थानाध्यक्ष रामाधार शर्मा ने बताया कि एक 35 वर्षीय युवक का शव बरामद किया गया. प्रथम दृष्टया में मामला ट्रेन से कटकर हुई मौत प्रतीत हो रहा था.यह भी आशंका जताई जा रही था कि हत्या कर शव को हाल्ट के पास लाकर फेंक दिया गया है.

इस बीच मृतक की पहचान धनरूआ के नीमा निवासी लालधर सिंह के पुत्र सुधीर कुमार के रूप में की गयी. सुधीर के परिजनों ने पीट-पीट कर कहीं अन्यत्र हत्या कर शव को यहां लाकर फेंक देने की आशंका जतायी है. इस संबंध में मृतक के सहोदर रिंकू कुमार ने हत्या की आशंका जता अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है. जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच भेज दिया.

बताया जाता है कि बीते 26 अप्रैल को नीमा गांव के दिनेश शर्मा की हत्या मसौढ़ी गांधी मैदान के पास गोली मारकर कर दी गयी थी. इस मामले में सुधीर नामजद आरोपी था. बताया गया कि मसौढ़ी पुलिस बीते एक पखवारा पूर्व सुधीर के ऊपर दबाव बनाने की नीयत से उसके भाई रिंकु कुमार को हिरासत में लेकर एक सप्ताह तक अपने पास ही रखा. इस दौरान पुलिस उससे कड़ाई से पूछताछ की लेकिन रिंकु से जब कोई खास जानकारी नहीं मिल पायी तो बीते सप्ताह पुलिस उसे छोड़ दिया. इसकी जानकारी रिंकू शुक्रवार को जीआरपी में बातचीत के दौरान दी. उसने यह भी बताया कि सुधीर जब से घर से फरार था उस समय से वह गौरीचक थाना के बाजितपुर स्थित अपने एक रिश्तेदार के यहां छिपकर रह रहा था. बीते गुरुवार को वहां से किसी ने विश्वास में बुलाया और शुक्रवार की सुबह उसकी शव नीमा में मिला.

आलोक कुमार


आज 9 मामलों की सुनवाई की

 नालंदा.बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के रूप में जिलाधिकारी ने आज 9 मामलों की सुनवाई की गई.कई मामलों में शिकायतों का निवारण हुआ.


लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के रूप में जिलाधिकारी द्वारा आज 9 मामले की सुनवाई की गई.इनमें से कुछ मामलों का निवारण सुनवाई से पूर्व ही संबंधित लोक प्राधिकार द्वारा किया गया तथा कुछ मामलों में निवारण के लिए संबंधित लोक प्राधिकार के पदाधिकारियों को आदेश दिया गया.हरनौत के परिवादी मशीर अहसन नाज द्वारा जमीन का खाता संख्या सुधार करने के संबंध में दिए गए परिवाद के आलोक में अपर समाहर्ता को 1 सप्ताह के अंदर निवारण सुनिश्चित कराने का आदेश दिया गया.

हरनौत के मुकेश कुमार द्वारा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर निर्मित चबूतरा के संदर्भ में अतिक्रमण हटाकर जल निकासी की व्यवस्था कराने से संबंधित परिवाद दायर किया गया. इस मामले में अंचल अधिकारी हरनौत को अधिक्रमित भूमि से चबूतरा हटाकर फोटो सहित प्रतिवेदन समर्पित करने का आदेश दिया गया.

हरनौत के ही एक अन्य परिवादी द्वारा फर्जी तरीके से ग्राम पंचायत के खाते से निकासी गई राशि की वसूली के संदर्भ में दायर किये गए परिवाद के क्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी हरनौत को दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध अवैध रूप से निकासी की गई राशि की वसूली के लिए नीलाम पत्र वाद दायर करने का आदेश दिया गया.

हिलसा की परिवादी सुविधा देवी द्वारा तत्कालीन अंचल अधिकारी हिलसा द्वारा गलत आदेश से रसीद काटने के संबंध में परिवार दायर किया गया.बताया गया कि यह मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है.इस संबंध में न्यायालय का निर्णय आने तक पूर्व की यथास्थिति को बरकरार रखने का आदेश दिया गया.

एकंगर सराय के परिवादी धर्मेंद्र पासवान द्वारा अतिक्रमण हटाने के संबंध में दायर किए गए परिवाद के आलोक में अंचल अधिकारी एकंगर सराय द्वारा बताया गया कि अतिक्रमण हटाने के लिए 10 जून की तारीख मुकर्रर की गई है. जिलाधिकारी ने निर्धारित तिथि को अतिक्रमण हटाकर साक्ष्य सहित प्रतिवेदन समर्पित करने का आदेश अंचल अधिकारी एकंगर सराय को दिया.अन्य मामलों में संबंधित लोक प्राधिकार को शिकायत के निवारण के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया.

आलोक कुमार

नगर निगम बिहारशरीफ द्वारा 34 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त किया

 *अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में आंतरिक संसाधन की बैठक


नालंदा. अपर समाहर्त्ता श्री नौशाद अहमद की अध्यक्षता में आज आंतरिक संसाधन की बैठक आहूत की गई.बैठक में राजस्व संग्रहण करने वाले विभिन्न विभागों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रहण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.अप्रैल माह में खनिज विकास कार्यालय द्वारा 90.62 लाख रुपये, राज्यकर संयुक्त आयुक्त कार्यालय द्वारा 25.95 करोड़ रुपये, परिवहन कार्यालय द्वारा 3.95 करोड़ रुपये, निबंधन कार्यालय द्वारा 10.91 करोड़ रुपये (मासिक लक्ष्य का 111 प्रतिशत) राजस्व  संग्रहण किया गया है.इसी प्रकार अप्रैल में राष्ट्रीय बचत द्वारा 20.20 करोड़ रुपये, वन विभाग द्वारा 27.55 लाख रुपये, नगर निगम बिहारशरीफ द्वारा 34 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त किया गया है.

सहायक नियंत्रक  माप  तौल कार्यालय द्वारा अप्रैल माह में लगभग 8 लाख रुपये का राजस्व संग्रह किया गया है.बताया गया कि जिला में चार अधिकृत वेंडर के माध्यम से माप तौल से संबंधित उपकरणों की बिक्री की जा रही है। अपर समाहर्ता ने सभी 4 अधिकृत प्रतिष्ठानों की जांच कर निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.

बिजली बिल के माध्यम से राजस्व संग्रहण में वार्षिक लक्ष्य के विरुद्ध विद्युत आपूर्ति प्रमंडल ग्रामीण द्वारा 4.09 प्रतिशत, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल शहरी द्वारा 8.49 प्रतिशत, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल राजगीर द्वारा 10 प्रतिशत तथा विद्युत आपूर्ति प्रमंडल एकंगरसराय द्वारा 5.45 प्रतिशत राजस्व की प्राप्ति की गई है.

अपर समाहर्ता ने सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रहण करने का निर्देश दिया.जिन विभागों के लिए अभी तक लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है, उन्हें विगत वर्ष के लक्ष्य के अनुरूप फिलहाल मासिक लक्ष्य निर्धारित कर राजस्व वसूली का निर्देश दिया गया.बैठक में राजस्व शाखा प्रभारी, उप नगर आयुक्त, जिला अवर निबंधक, मोटरयान निरीक्षक, कार्यपालक अभियंता विद्युत आपूर्ति प्रमंडल ग्रामीण/शहरी, जिला मत्स्य पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे.

 आलोक कुमार

समन्वित प्रयास कर धरती माता को बीमार होने से बचाना है

  उर्वरक का वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल से बढ़ेगी खेतों की उर्वरा शक्ति, बेहतर होगा पैदावारः जिलाधिकारी.कृषि एलायड क्षेत्रों में किसान लें रुचि, ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर का करें उपयोग.जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना..


बेतिया.गाँव-गाँव जाकर खरीफ फसलों के उत्पादन की उन्नत तकनीक सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी किसानों को देगा जागरूकता रथ. खरीफ महाअभियान-सह-जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र के सभागार में किया गया. उक्त महाअभियान एवं  कार्यशाला  का विधिवत उद्घाटन दीप प्रज्जवलित कर जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा किया गया.

खरीफ महाअभियान-सह-जिलास्तरीय कर्मशाला में जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार ने कहा कि हर साल हम सभी खरीफ महोत्सव का आयोजन किया जाता है.गर्व की बात है कि वैज्ञानिकों एवं किसानों के प्रयास के कारण आज इतनी बड़ी आबादी के लिए खाद्यान्न की उपलब्धता है. उन्होंने कहा कि पैदावार को और ज्यादा कैसे बढ़ाया जाय, किसानों की समस्याओं का निराकरण कैसे किया जाय, इसके लिए सभी को समन्वित प्रयास करना होगा. उन्होंने कहा कि परंपरागत खेती के अलावा चंवर, तालाब का उपयोग कृषि क्षेत्र में किया जा रहा है. मखाना की खेती की जा रही है.जिले में एक्सपेरिमेंट के तौर पर मखाना का बंपर उत्पादन हुआ है. लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में मखाना की खेती हो रही है.मखाना के लिए मार्केट लिंकेज की व्यवस्था है. जिले के किसान परंपरागत खेती के अलावे इस दिशा में आगे बढ़े और मखाना आदि की खेती भी करें.

जिलाधिकारी ने कहा कि उर्वरकों का इस्तेमाल सही तरीके से करें. कृषि वैज्ञानिक एवं कृषि विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश के तहत खेतों में उर्वरक, कीटनाशक का प्रयोग करें.इससे खेतों और फसलों को नुकसान होने से बचाया जा सकता है.उन्होंने कहा कि धरती हमारी माता है और हम सभी इसके बच्चे. अगर धरती माता की तबीयत ज्यादा एवं अनुचित तरीके से उर्वरक का प्रयोग करने से होगा तो उसके बच्चे भी यानी हम सभी भी बीमार होंगे. धरती माता की तबीयत ज्यादा उर्वरक, कीटनाशक आदि के प्रयोगों से हो रही है, इसे हम सभी को रोकना है. सभी को समन्वित प्रयास कर धरती माता को बीमार होने से बचाना है.

उन्होंने कहा कि चम्पारण क्रांति की धरती है. इस क्षेत्र में भी क्रांति की आवश्यकता है. स्वायल हेल्थ कार्ड के आधार पर कौन सा उर्वरक कितनी मात्रा में खेतों में डालना है की जानकारी लेकर ही उर्वरक का प्रयोग करें.उर्वरकों के बेतहाशा प्रयोग से खेतों और फसलों को काफी नुकसान पहुंचता है.उन्होंने कहा कि स्वायल हेल्थ कार्ड के आधार पर उर्वरक आदि का प्रयोग करने पर उर्वरक की कमी नहीं होगी. फसलों की पैदावार अच्छी होगी.खेतों की उर्वरा शक्ति बेहतर बेहतर होगी.फसल अच्छे होंगे.उन्होंने कहा कि सभी को केमिकल उर्वरक से ऑर्गेनिक उर्वरक की ओर बढ़ना होगा. ऑर्गेनिक उर्वरक के प्रयोग से फायदे ही फायदे हैं.

जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि एलायड क्षेत्रों मधुमक्खी पालन, फिशरिज, मशरूम, स्ट्रॉबेरी आदि में किसानों को दिलचस्पी लेनी होगी.उन्होंने कहा कि फर्टिलाइजर को लेकर सरकार द्वारा जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाती है. फर्टिलाइजर एवं बीज वितरण आदि कार्यों में गड़बड़ी पर कार्रवाई भी की जायेगी. जिलाधिकारी ने कृषकों से कहा कि खरीफ महाअभियान-सह-जिला स्तरीय कार्यशाला का लाभ उठायें और अच्छे तरीके से खेती करें.

तदुपरांत जिलाधिकारी द्वारा जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया.यह जागरूकता रथ जिले के गांव-गांव जाकर प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, मुख्यमंत्री तीव्र बीज विस्तार योजना, बीज ग्राम योजना, कृषि यांत्रिकरण योजना, कृषि फसल बीमा, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन आदि की विस्तृत जानकारी कृषकों को मुहैया कराएगा.

खरीफ महाअभियान-सह-जिलास्तरीय कर्मशाला में किसानों को खरीफ फसलों के उत्पादन की उन्नत तकनीक, मौसम के बदलते परिवेश में धान की सीधी बुआई, संकर धान की वैज्ञानिक खेती, जिरो टिलेज से धान की खेती, संकर मक्का की वैज्ञानिक खेती, पैडी ट्रांसप्लांटर से धान की यांत्रिक रोपाई, अरहर की वैज्ञानिक खेती, उड़द की वैज्ञानिक खेती, तिल  की वैज्ञानिक खेती, सब्जी की वैज्ञानिक खेती, समेकित कृषि प्रणाली, फसल अवशेष प्रबंधन, सोयाबिन की वैज्ञानिक खेती, सूक्ष्म सिंचाई पद्धति आदि की विस्तृत जानकारी दी गयी.

 इस अवसर पर उप निदेशक (रसायन), श्री विनय कुमार पाण्डेय, जिला कृषि पदाधिकारी, श्री विजय प्रकाश, सहायक निदेशक, उद्यान, श्री विवेक भारती सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.

आलोक कुमार

विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण पूर्वाह्न 11.00 बजे से पहले कर लेंगे

 * जिले के विभिन्न पंचायतों में कार्यान्वित योजनाओं/कार्यक्रमों की एक साथ करायी गयी स्थलीय जांच


बेतिया.मुख्य सचिव, बिहार द्वारा जारी दिशा-निर्देश तथा जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण के निर्देश के आलोक में आज जिले के सभी प्रखंडों में विभिन्न पंचायतों में कार्यान्वित विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों की स्थलीय जांच जिलास्तरीय पदाधिकारियों से करायी गयी है.इस दौरान विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र, हर घर नल का जल, घर तक पक्की नाली गली, एससी/एसटी/ओबीसी/अल्पसंख्यक छात्रावास, पंचायत में स्वास्थ्य सुविधा, सभी प्रकार के सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पीडीएस, ग्रामीण सड़क, अधिप्राप्ति केन्द्र, मनरेगा, आवास योजना, पंचायत सरकार भवन, भू-राजस्व की स्थिति की सूक्ष्मता से जांच करायी गयी.


जिन पंचायतों में आज एक साथ जिलास्तरीय पदाधिकारियों से विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों की जांच करायी गयी है उनमें सेरहवा, मियांपुर, सेमरबारी, जैतिया, लक्ष्मीपुर, परसौनी, नड्डा, महनाकुली, बसंतपुर, दक्षिणी तेलुआ, राजपुर तुमकड़िया, बसवरिया, चंद्राहा रूपवलिया, गोनौली डुमरा, रायबारी महुअवा, कोलुआ चौतरवा, रमपुरवा महनवा, धनौजी, मंझरिया, गुदरा, हथिया, मधुरी, मलदहिया पोखरिया, मठिया, वाल्मीकिनगर, डीही पकड़ी, बीबी बनकटवा, सोहसा, परसौना, सेमरा-लबेदाहां, तमकुहा, श्रीनगर, मंझरिया, सिसवा-बसंतपुर, सरगटिया, जोगिया, कोईरपटटी, मधुवा, उतरी पटजिरवा, उतर तेलुआ, जगदीशपुर, लखौरा, पूर्वी तुरहापट्टी, बथना, दनियाल परसौना, करमवा, नौतनवा, बैठनिया भानाचक, ढढवा, भितिहरवा, टोला चपरिया, मैनाटांड़, जमुनिया, कुंडिलपुर, मंचगवा, बासोपट्टी, सूर्यपुर एवं पुरैना के नाम शामिल हैं.जांच करने वाले जिलास्तरीय अधिकारियों में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, व्यवस्थापक, बेतिया राज, अनुमंडल पदाधिकारी, बगहा/बेतिया, नरकटियागंज, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, सभी वरीय उप समाहर्ता आदि शामिल थे.

जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा जांच अधिकारियों को निदेशित किया गया था कि विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण पूर्वाह्न 11.00 बजे से पहले कर लेंगे. हर घर नल का जल योजना की स्थिति एवं उसका रखरखाव, अंतिम छोर पर अवस्थित घरों तक जलापूर्ति का निरीक्षण, अतिरिक्त पानी या पानी के रिसाव का निरीक्षण करेंगे.इसी तरह घर तक पक्की नाली गली योजना की स्थिति एवं उसका रखरखाव, नाला के अंतिम छोर तक नाली का निर्माण एवं सोक पीट की स्थिति, पंचायत में प्राथमिक/माध्यमिक/हाईस्कूल निरीक्षण के क्रम में छात्रों की उपस्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति, भवन की स्थिति, लड़कों के शौचालय, लड़कियों के शौचालय, पेयजल, बिजल, वर्दी, स्कूल की किताबें, मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य योजना, साईकिल, पुस्तकालय, कम्प्यूटर कक्ष, प्रयोगशाला, मध्यान भोजन आदि की जांच अच्छे तरीके से की जाय.

पंचायत में स्वास्थ्य सुविधा अंतर्गत चिकित्सकों, पारा मेडिकल स्टॉफ, आशा वर्कर की उपस्थिति एवं दवाईयां, उपकरण, बिस्तर, शौचालय, भवन की स्थिति, बिजली कनेक्शन, जलापूर्ति कनेक्शन का निरीक्षण के साथ ग्रामीणों से प्रतिक्रिया प्राप्त करेंगे. आंगनबाड़ी केन्द्रों पर सेविका-सहायिका, बच्चों की उपस्थिति, भवन, शौचालय, बिजली, पोषण कार्यक्रम, गर्भवती कुपोषित एवं कम वनज के बच्चों के लिए पूरक पोषाहार, यूनिफॉर्म, प्री-स्कूल लर्निंग एवं अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया जाय.इसी तरह पीडीएस अंतर्गत खाद्यान्न भंडार का निरीक्षण, खाद्यान्न की गुणवता, खाद्यान्न का वितरण एवं पॉस मशीन का निरीक्षण अच्छे तरीके से सुनिश्चित किया जाय.

मुख्य सचिव, बिहार द्वारा जारी दिशा-निर्देश तथा जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण के निर्देश के आलोक में अधिकारियों द्वारा पंचायतों में कार्यान्वित विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों की जांच की गयी है तथा जांच प्रतिवेदन फोटोग्राफ एवं ग्रामीणों के फीडबैक के साथ संबंधित पोर्टल पर अपलोड की जा रही है तथा जिलाधिकारी को भी प्रतिवेदित किया गया है. 

आलोक कुमार

पंडित जवाहर लाल नेहरू की 58 वीं पुण्यतिथि

 पटना.देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की 58 वीं पुण्यतिथि आज प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनायी गयी.इस अवसर पर पण्डित नेहरू के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा ने कहा कि पंडित नेहरू आधुनिक भारत के निर्माता थे जब भारत एक स्वतंत्र देश के रूप में 1947 में आया, उस समय देश में ए
क सूई का भी निर्माण नहीं होता था, लेकिन नेहरू जी ने देश के नवनिर्माण की जिम्मेवारी उठाया एवं देश के कोने-कोने में बड़े-बड़े कल कारखाने, विद्युत उत्पादन, पावर स्टेशन, सड़क, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, तकनीकी संस्थाओं के निर्माण पर ध्यान केन्द्रित किया.

डा0 झा ने कहा कि देश के जनमानस में पंडित नेहरू की छवि एक उत्कृष्ट राजनेता, सफलतम प्रशासक एवं देश के सर्वांगीण विकास के लिये समर्पित राजनेता की रही है. आज कृतज्ञ राष्ट्र पंडित नेहरू के योगदान को स्मरण कर उनकी स्मृति को नमन करती है.इसके पूर्व सदाकत आश्रम के उद्यान में स्थित पंडित नेहरू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया.

इस अवसर पर डा0 मदन मोहन झा के अलावे प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष डा0 समीर कुमार सिंह, सदस्यता अभियान प्रभारी बृजेश प्रसाद मुनन, कुमार आशीष, लाल बाबूलाल,ज्ञान रंजन,संजीव कुमार कर्मवीर,  डॉ.कमल देव नारायण शुक्ला, शशिकांत तिवारी, अरविन्द लाल रजक, डॉ आशुतोष शर्मा, धनंजय शर्मा, सुधा मिश्रा, अमरेन्द्र सिंह, सत्येन्द्र कुमार सिंह, प्रदुमन कुमार, सुनील कुमार सिंह, रीता सिंह, उदय शंकर पटेल, मृणाल अनामय, अनूप कुमार, कमलेश कुमार, निरंजन कुमार, निधि पांडेय,आयुष भगत, विमलेश तिवारी, सुभाष झा एवं अन्य कांग्रेस नेताओं ने पंडित नेहरू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.


आलोक कुमार

गुरुवार, 26 मई 2022

इस बार सीट बचाना मुश्किल

 

पटना.पटना नगर निगम के वार्ड पार्षद हैं दिनेश कुमार.पांच वर्षीय कार्यकाल खत्म हो रहा है. इस बार भी चुनाव लड़ेंगे.इस बार उनको सीट बचाना मुश्किल है.जो 2017 में चुनाव हार गये हैं जमकर चुनौती पेश कर रहे हैं.अभी तक प्रचार सामग्री का उपयोग नहीं किये हैं.उनका कहना है कि पांच साल में विकास कार्य किये हैं, उसी के बल पर वोट मांगेंगे.

दरअसल 22 ए के वार्ड पार्षद दिनेश कुमार के पिता शारदा चौधरी पटना जिलान्तर्गत मसौढ़ी के निवासी हैं  .मसौढ़ी से दीघा क्षेत्र में आए थे 1935 में. शारदा चौधरी ने दीघा में स्थित बाजीतपुर मोहल्ला में एक कट्ठा जमीन खरीदी. इसके बाद कहने लायक घर धीरे-धीरे बनाने लगें. इस बीच शारदा चौधरी एक से दो हो गए.उनका विवाह सुदामा देवी के संग हुआ.

दोनों दम्पति के 6 बच्चे हुए. 4 लड़के और 2 लड़की. दिनेश चौधरी, विनोद चौधरी, पप्पू चौधरी और राज कलम चौधरी . दो लड़की रीता देवी और गीता देवी. रीता देवी सराय में और गीता देवी पटना सिटी में रहती हैं. चारों भाई 4 घर में रहते हैं. 1 रूम में जिंदगी काट रहे हैं.

आपका नव निर्वाचित पार्षद दिनेश चौधरी का जन्म 03 फरवरी, 1966 है. मैट्रिक उर्त्तीण हैं. जीवन संगिनी संगीता देवी हैं. 2 बच्चे हैं. लड़की दिव्या ज्योति और लड़का समुन्द्र  गुप्त कुमार हैं. इन्द्र प्रसाद सिंह गंग-स्थली उच्च माध्यमिक बालिका में 10 प्लस 2 में दिव्या पढ़ती हैं. ए.एन.एस. कॉलेज में बीएससी में पढ़ते हैं समुन्द्र गुप्त कुमार.एक कमरा में रहने का दर्द है पार्षद साहब की पत्नी को.इस दर्द को बढ़ाने में किचन भी सहायक है. सीढ़ी के नीचे है किचन.

खैर, सड़क पर रफ्तार से टेम्पों चलाने वाले दिनेश कुमार की जिदंगी में गरीबी का ब्रेक लग गया है.बावजूद , इसके सामाजिक कार्य करने से मुंह नहीं मोड़ा है.  2000 से 2017 तक वार्ड सदस्य बने रहें. पश्चिमी दीघा ग्राम पंचायत के वार्ड नम्बर -14 के माननीय सदस्य रहे. इस पंचायत के मुखिया जवाहर प्रसाद, मुखिया शाहिदा परवीन और मुखिया ममता देवी के नेतृत्व में बढ़कर सीखने का काम किया.रूपया पर ध्यान नहीं दिया. कर्म को ही महत्व देते रहे. इसके आलोक में जन समुदाय ने पटना नगर निगम के वार्ड पार्षद का चुनाव लड़ने को कहा और जीत की माला पहनाकर दम लिये.

उनके पुत्र समुद्रगुप्त कुमार कहते हैं कि पांच पंचायतों को अधिग्रहण कर पटना नगर निगम में शामिल किया गया. पटना नगर निगम ने 3 वार्ड सृजन किये. वार्ड नं.-22 ए, 22 बी और 22 सी. वार्ड नम्बर - 22 ए से दिनेश कुमार के साथ 26 प्रत्याशी मैदान में थे. किसी ने बल्ब छाप को महत्व नहीं दिये. प्रेशर कुकर छाप मनोज पासवान, चिमनी छाप सुशीला देवी, कैरम बोर्ड छाप रौशन देवी आदि का बोलबाला था. लगभग निराशा के समुद्र में गोता खा रहे थे.

04 जून,2017 को मतदान खत्म  हुआ.09 जून को धमाकेदार रिजल्ट सामने आयी. मुरझाए चेहरे खिल गये. पूरे 1010 मत दिनेश कुमार को पड़े. 146 वोट से जीते. द्वितीय स्थान पर मनोज पासवान ,प्रेशर कुकर को हासिल हुई.इस बीच पटना नगर निगम के पांच वर्षीय कार्यकाल 10 जून,2022 को खत्म हो रहा है.अभी तक शोरगुल नहीं है.

आलोक कुमार

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