सोमवार, 23 मई 2022

’समस्तीपुर रवाना हुआ पार्थिव शरीर, पार्टी कतार में शोक की लहर’

 ’वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता रामदेव वर्मा को अश्रुपूर्ण नेत्रों के साथ दी गई अंतिम विदाई.’

◆ ’उनके आवास और माले विधायक दल कार्यालय में वाम-लोकतांत्रिक नेताओं ने दी श्रद्धांजलि’ 

◆ ’समस्तीपुर रवाना हुआ पार्थिव शरीर, पार्टी कतार में शोक की लहर’


पटना.वरिष्ठ कम्युनिष्ट नेता और भाकपा(माले) की बिहार राज्य कमिटी के सदस्य कामरेड रामदेव वर्मा (75 वर्ष) को आज उनके आवास और छज्जूबाग स्थित माले विधायक दल कार्यालय में वाम-लोकतांत्रिक नेताओं ने अपनी श्रद्धांजलि दी.छज्जूबाग आने से पहले उनके पार्थिव शरीर पर बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमति राबड़ी देवी, आलोक मेहता व अन्य राजद नेताओं ने फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी.

छज्जूबाग स्थित माले विधायक दल कार्यालय में भाकपा-माले, सीपीएम, सीपीआई, एसयूसीआई(सी), कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों और बुद्धिजीवियों, पत्रकारों तथा पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके पार्थिव शरीर पर फूल चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. इसके पश्चात उनकी अंतिम यात्रा पटना से समस्तीपुर के लिए शुरू हुई. समस्तीपुर में आज शाम दाह संस्कार किया जाएगा.श्रद्धांजलि सभा में माले के पोलित ब्यूरो के सदस्य काॅ. स्वदेश भट्टाचार्य, काॅ. रामदेव वर्मा की पत्नी, पूर्व विधायक व माले की राज्य कमिटी की सदस्य मंजू प्रकाश, राज्य सचिव कुणाल, धीरेन्द्र झा, राजाराम सिंह, केडी यादव, मीना तिवारी, सरोज चौबे, शशि यादव, अभ्युदयय सीपीएम के राज्य सचिव ललन चौधरी, पूर्व राज्य सचिव अवधेश कुमार, सर्वोदय शर्माय सीपीआई के रामनरेश पांडेयय कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, वामपंथी नेता नंदकिशोर सिंह, फारवर्ड ब्लाॅक के राज्य सचिव अमेरिका महतो, एसयूसीआई (सी) के राजकुमार चौधरी, प्रेरणा के हसन इमाम, संस्कृतिकर्मी अनीश चैधरी आदि उपस्थित थे. श्रद्धांजलि सभा में रामदेव वर्मा के पुत्र रोहित भी शामिल थे.

का. रामदेव वर्मा का जन्म 1 जुलाई 1947 को हुआ था. वे छपरा काॅलेज में समता युवजन सभा के नेता हुआ करते थे. इसके बाद वे सीपीएम से जुड़ गए. उनके नेतृत्व में सीपीएम का बड़ा विस्तार बेगूसराय के सटे इलाकों में हुआ. विभूतिपुर और उजियारपुर सामंतवाद विरोधी संघर्ष का केंद्र बना. वे माकपा की ओर से समस्तीपुर के विभूतिपुर से छह बार विधानसभा के सदस्य चुने गए थे.भाकपा-माले की क्रांतिकारी धारा से प्रभावित होकर वे 2020 में विधानसभा चुनाव के बाद अपने साथियों के साथ भाकपा (माले) में शामिल हो गए. बीमारी से जूझते हुए भी वे पार्टी के कामकाज को आगे बढ़ाने में लगे रहे. विधायक दल मोर्चे पर उनका मार्गदर्शन हमेशा मिला करता था. का. रामदेव वर्मा को मार्च 2022 में अयोजित पार्टी के विगत बिहार राज्य सम्मेलन में स्थाई आमंत्रित सदस्य के बतौर राज्य कमिटी में शामिल किया गया था.

उनकी शादी सीपीएम के क्रांतिकारी नेता का. ज्योति प्रकाश की बेटी का. मंजु प्रकाश से हुई. का. मंजू प्रकाश भी बक्सर से विधायक और राजद के शासनकाल में महिला आयोग की अध्यक्ष रही हैं. वे फिलहाल हमारी पार्टी की राज्य कमिटी की सदस्य हैं.

माले नेताओं ने कहा कि का. रामदेव वर्मा का निधन न केवल हमारी पार्टी के लिए बल्कि संपूर्ण वामपंथ के लिए अपूरणीय क्षति है. पार्टी की बिहार राज्य कमिटी उनको श्रद्धांजलि देती है और उनके शोकसंतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है. पटना से लगभग 11 बजे उनकी अंतिम यात्रा समस्तीपुर के लिए रवाना हुई. माले पोलित ब्यूरो सदस्य काॅ. धीरेन्द्र झा व अन्य नेतागण उनके साथ अंतिम यात्रा में शामिल हैं. समस्तीपुर के मगरदही घाट, विभूतिपुर में उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी.

आलोक कुमार

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

welcome your comment on https://chingariprimenews.blogspot.com/

The Configure Featured Post option in Blogger allows you to highlight a selected post prominently on

How to Configure Popular Posts in Blogger The Popular Posts widget highlights your most viewed post