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शुक्रवार, 27 मई 2022

धनरूआ थाने क्षेत्र में घात-प्रतिघात शुरू

 

पटना.अरवल के पूर्व भाजपा विधायक चितरंजन कुमार के चाचा व शहर के चर्चित होटल व्यवसायी अभिराम शर्मा और चचेरे भाई दिनेश शर्मा की अपराधियों ने गोली मार हत्या कर दी. दोनों हत्या मंगलवार को अलग-अलग जगहों पर सिर्फ 22 मिनट के अंतराल हुईं. 26 अप्रैल की सुबह कड़ौनी ओपी क्षेत्र में एनएच 31 किनारे श्रीराम आश्रम में बाइक सवार दो हमलावरों ने जहानाबाद में घर में घुसकर अभिराम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसके 22 मिनट के अंतराल में अभिराम शर्मा के भतीजे नीमा निवासी दिनेश शर्मा की मसौढ़ी थाना के समीप गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.दोनों हत्याकांड में एक ही गिरोह की संलिप्तता है. पटना और जहानाबाद पुलिस ने संजय सिंह के घर पर दबिश भी दी थी. एक महिला को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था, लेकिन कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा.

अभिराम-दिनेश दोहरी हत्याकांड में दिनेश शर्मा के बेटे अभिषेक उर्फ सोनू ने कुख्यात संजय सिंह, उसके भाई धनंजय कुमार उर्फ रंजय कुमार, संजय के बहनोई तारेगना निवासी शिवरमन उर्फ छोटू, नीमा के राकेश कुमार उर्फ सुग्गा, सुधीर कुमार और बिहटा थाना के सिकंदरपुर निवासी छोटू कुमार उर्फ छोटे सरकार को नामजद किया था.नामजद सुधीर कुमार का शव हत्याकांड के 32 वें दिन बरामद हुआ.गया रेलखंड के नीमा हॉल्ट के पास जीआरपी थानाध्यक्ष रामाधार शर्मा ने बताया कि एक 35 वर्षीय युवक का शव बरामद किया गया. प्रथम दृष्टया में मामला ट्रेन से कटकर हुई मौत प्रतीत हो रहा था.यह भी आशंका जताई जा रही था कि हत्या कर शव को हाल्ट के पास लाकर फेंक दिया गया है.

इस बीच मृतक की पहचान धनरूआ के नीमा निवासी लालधर सिंह के पुत्र सुधीर कुमार के रूप में की गयी. सुधीर के परिजनों ने पीट-पीट कर कहीं अन्यत्र हत्या कर शव को यहां लाकर फेंक देने की आशंका जतायी है. इस संबंध में मृतक के सहोदर रिंकू कुमार ने हत्या की आशंका जता अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है. जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच भेज दिया.

बताया जाता है कि बीते 26 अप्रैल को नीमा गांव के दिनेश शर्मा की हत्या मसौढ़ी गांधी मैदान के पास गोली मारकर कर दी गयी थी. इस मामले में सुधीर नामजद आरोपी था. बताया गया कि मसौढ़ी पुलिस बीते एक पखवारा पूर्व सुधीर के ऊपर दबाव बनाने की नीयत से उसके भाई रिंकु कुमार को हिरासत में लेकर एक सप्ताह तक अपने पास ही रखा. इस दौरान पुलिस उससे कड़ाई से पूछताछ की लेकिन रिंकु से जब कोई खास जानकारी नहीं मिल पायी तो बीते सप्ताह पुलिस उसे छोड़ दिया. इसकी जानकारी रिंकू शुक्रवार को जीआरपी में बातचीत के दौरान दी. उसने यह भी बताया कि सुधीर जब से घर से फरार था उस समय से वह गौरीचक थाना के बाजितपुर स्थित अपने एक रिश्तेदार के यहां छिपकर रह रहा था. बीते गुरुवार को वहां से किसी ने विश्वास में बुलाया और शुक्रवार की सुबह उसकी शव नीमा में मिला.

आलोक कुमार


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