नया टोला (वार्ड संख्या 72) स्थित अनिल यादव जी से मुलाकात
नेता विपक्षी दलों को एक साथ लाने पर चर्चा किये
नई दिल्ली.रविवार को 10 जनपथ पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सह राजद के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुलाकात हुई. तीनों नेताओं के बीच बीजेपी के विरुद्ध एकजुट होने पर बातचीत की गयी. सोनिया गांधी से ये मुलाकात अहम मानी जा रही है.इससे पूर्व सीएम नीतीश कुमार 2024 चुनाव के लिए विपक्षी एकता को मजबूती प्रदान करने के सिलसिले में हरियाणा के फतेहाबाद रैली में शिरकत कर विपक्षी एकजुटता का संदेश दिया.
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के दौरान ये नेता विपक्षी दलों को एक साथ लाने पर चर्चा किये. सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद नीतीश कुमार और लालू प्रसाद ने मीडिया से बात की. बैठक के बाद लालू प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा, ‘हमें भाजपा को हराने के लिए सभी विपक्षी दलों को एक साथ लाना होगा. कांग्रेस अपना नया अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया में है और सोनिया गांधी ने हमें बताया कि हम चुनाव के बाद फिर मिलेंगे‘.
नीतीश कुमार ने कहा कि देश को आगे ले जाने के लिए सभी विपक्षी दलों को हाथ मिलाकर काम करने की जरूरत है. उन्होंने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा,‘भाजपा के खिलाफ लड़ाई में सभी विपक्षी दल एक ही पृष्ठ पर हैं और एक ठोस कार्ययोजना पर चर्चा कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के बाद होगी.‘ ‘बीजेपी विरोधी दलों को एकजुट होना होगा‘ लालू यादव ने कहा कि भाजपा को बिहार से विदा कर दिया गया है, अब देश से उनकी विदाई की बारी है. उन्होंने कहा कि देश को बचाना है तो भाजपा को हराना होगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनके पार्टी अध्यक्ष का चुनाव है. इसके बाद आगे की बात होगी. उन्होंने कहा कि हमारा विचार है देश में भाजपा के विरुद्ध सभी दलों को एकजुट करना और मिलकर प्रगति के लिए काम करना.
17 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष के लिए मतदानः कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया चल रही है और जरूरत पड़ने पर 17 अक्टूबर को मतदान होगा.इससे पहले दिन में, कुमार ने कांग्रेस और वामपंथी दलों सहित सभी विपक्षी दलों को भाजपा से मुकाबला करने के लिए एकजुट करने का आह्वान किया और कहा कि यह ‘विपक्ष का मुख्य मोर्चा‘यह सुनिश्चित करेगा कि भगवा पार्टी 2024 के लोकसभा चुनावों में बुरी तरह हार जाए.
सोनिया गांधी से मुलाकात अहमः हरियाणा की रैली में विपक्ष के सभी दलों ने पहुंचकर बीजेपी को संदेश दिया. लेकिन कांग्रेस की मौजूदगी न होना बताता है कि बीजेपी के सामने दूसरा सबसे बड़ा फ्रंट तो कांग्रेस ही रहेगी. ऐसे में नीतीश और लालू की सोनिया गांधी से मुलाकात पर पूरा विपक्ष भी टकटकी लगाए हुए है. इस मीटिंग पर एनडीए भी नजर गड़ाए हुए है.
विपक्ष को गोलबंद करने का प्रयासः हरियाणा के फतेहाबादी रैली से नीतीश कुमार ने विपक्ष को गोलबंद होने का संदेश दिया. उन्होंने कहा, ये तीसरा गठबंधन नहीं है. मुख्य गठबंधन है. सभी लोग इकट्ठे हो जाएंगे तो भाजपा हारेगी. उन्होंने मंच पर बैठे नेताओं से भाजपा को हराने के लिए एकजुट होने को कहा. कहा, जब सरकार बनेगी तब समाज के सभी तबकों का उत्थान होगा. नीतीश कुमार ने कहा कि देश में कहीं भी हिंदू मुस्लिम का झंझट नहीं है. वोट के लिए भाजपा के लोग, ऐसी स्थिति बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि, देश जब दो हिस्सों में बंट गया था तो क्या सारे मुस्लिम चले गये. मुस्लिम और हिंदू के बीच कोई झगड़ा नहीं है. नीतीश कुमार ने ज्यादा से ज्यादा लोगों को एकजुट होने को कहा.
बिहार के बाद 2024 में देश से भी साफ हो जाएंगे : शनिवार को आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव पटना से दिल्ली आ रहे थे, तब उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा था कि ‘बिहार में बीजेपी की सरकार हटा दी गयी है. 2024 में देश से भी उसका सफाया हो जाएगा‘. उन्होंने कहा कि हम विपक्षी एकता की हर संभव कोशिश कर रहे हैं. सोनिया गांधी के साथ बैठक का यही एजेंडा है.
इस बीच बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सह सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष से मिशन 2024 के तहत कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी से मिलने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव दिल्ली गए हैं.उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद अब कभी किंग मेकर नहीं बनेंगे, लेकिन यदि ऐसा हुआ भी तो वे नीतीश कुमार को नहीं, राहुल गांधी को चुनेंगे. मोदी ने कहा कि यदि कांग्रेस को प्रधानमंत्री पद के लिए नीतीश कुमार या कोई और स्वीकार्य होता, तो राहुल गांधी पदयात्रा क्यों कर रहे होते? श्री मोदी ने कहा कि सोनिया गांधी और लालू प्रसाद अब नीतीश कुमार को कुछ नहीं दे सकते, केवल उनका वक्त बर्बाद कर सकते हैं.
सुशील मोदी ने अपने ट्विटर पर कहा है कि कांग्रेस अब डूबता जहाज है. गठबंधन बना कर नीतीश कुमार उसमें में डूबने वाले हैं. लालू यादव को लेकर उन्होंने कहा कि अपने दौर में से मात्र 4 सीट जीता करते थे. अब लालू का दौर समाप्त हो चुका है.
सुशील मोदी ने कहा है कि सोनिया गांधी नीतीश कुमार को कभी भी प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार स्वीकार नहीं करेंगे.क्योंकि, उनके पुत्र राहुल गांधी खुद भारत जोड़ो यात्रा में पसीना बहा रहे हैं.कांग्रेस मात्र 2 राज्यों तक सिमट गई है. अगले विधानसभा चुनाव के बाद वहां भी सफाया हो जाएगा.ऐसी पार्टी से गठबंधन करके नीतीश कुमार का हश्र बहुत बुरा होगा.उन्होंने कहा कि लालू यादव अब प्रचार करने योग्य भी नहीं हैं.उनका दौर अब खत्म हो चुका है.
सुशील मोदी ने याद दिलाया कि 2009 में राजद ने मात्र चार एमपी सीट जीती.2014 में भी उनकी संख्या चार ही रहे और 2019 के लोकसभा चुनाव में राजद का सफाया हो गया.यह तस्वीर तब थी जब जब लालू यादव धुआंधार प्रचार करते थे.अब तो प्रचार करने लायक भी नहीं रहे. सुशील मोदी ने कहा की लालू यादव का दौड़ लौटने वाला नहीं है.क्योंकि, अभी नरेंद्र मोदी का बोलबाला देशभर में चल रहा है.
आलोक कुमार
निवर्तमान मेयर सीता साहू और डिप्टी मेयर रजनी देवी आमने-सामने
बता दें कि बिहार में निकाय चुनाव के दूसरे चरण की नामांकन प्रक्रिया की शुरुआत बीते 16 सितंबर को हुई थी, जो आज 24 सितंबर को समाप्त हो गयी. दूसरे चरण का चुनाव आगामी 20 अक्टूबर को होने हैं. द्वितीय चरण में नगर निगम के कुल 865 पदों पर 2808 नामांकन पत्र दाखिल किया गया है, जिसमें पार्षद पद के लिए 2528 नामांकन , उप मुख्य पार्षद पद के लिए 111 नामांकन दाखिल किया गया है और मुख्य पार्षद पद के लिए 169 पर्चा दाखिल हुआ है. वहीं, पटना में मुख्य पार्षद के लिए 20 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया है. जबकि वार्ड पार्षद के 300 प्रत्याशियों ने नामांकन कराया है.
बिहार में नगर निकाय चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने के लिए दर्जनों प्रत्याशियों ने नामांकन पर्चा दाखिल किया है. पटना के नामांकन केंद्रो पर शनिवार की सुबह से ही प्रत्याशियों का हुजूम पहुंच रहा था. प्रत्याशियों के साथ-साथ समर्थक भी हजारों की संख्या में पहुंच रहे हैं. राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से नगर निकाय चुनाव के लिए इस बार विशेष इंतजाम किए गए हैं. पार्षद, उप मुख्य,वार्ड पार्षद का चुनाव ईवीएम से होगा. साथ में मतदान केंद्रों पर वोटरों की पहचान के लिए विशेष तैयारी की गई है.
राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से चुनाव की तैयारी पूरी कर ली गई है. दूसरे चरण का नामांकन प्रक्रिया आज शनिवार को समाप्त हो गयी है.संवीक्षा 25 से 26 सितंबर तक होगी. 27 से 29 तक प्रत्याशी अपना नामांकन वापस भी ले सकते हैं.प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह 30 सितंबर को मिलेगा. बता दें कि 20 अक्टूबर को दूसरे चरण का मतदान होगा,जबकि 22 अक्टूबर को मतगणना होगी.
आलोक कुमार
प्रथम चरण के प्रत्याशियों को रविवार 25 सितंबर को चुनाव चिन्ह मिलेगा
पटना.पहले चरण के चुनाव के लिए के लिए स्क्रूटनी 21 सितंबर तक हुई. नामांकन वापसी की प्रक्रिया 22 से 24 सितंबर तक चली. प्रत्याशियों को 25 सितंबर को चुनाव चिन्ह मिलेगा. 10 अक्टूबर को मतदान और 12 अक्टूबर को मतगणना होगी.
बिहार नगर निकाय चुनाव के प्रथम चरण के नामांकन की तिथि समाप्त हो चुकी है.बिहार में पहले चरण के नगर निकाय चुनाव को लेकर नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया सोमवार की शाम को समाप्त हो गयी. इस चरण के लिए 156 नगर निकायों में चुनाव होना है.इस चरण के लिए 10 से 19 सितंबर तक नामांकन पत्र दाखिल किए गए. इस चरण में 37 जिलों में 68 नगर परिषद व 88 नगर पंचायतों के पार्षद, उप मुख्य पार्षद एवं मुख्य पार्षद पदों के लिए नामांकन पत्र दाखिल हुए.कुल पद 1527 पदों के लिए 5499 नामांकन पत्र दाखिल हुए.
बिहार में नगर पंचायत की कुल पद संख्या 1527 है. इसमें पार्षद - 1351, उप मुख्य पार्षद-88, मुख्य पार्षद-88 है. यहां पर कुल नामांकन दाखिल 5499 हुए है. पार्षद-4386, उप मुख्य पार्षद- 495, मुख्य पार्षद- 618 है. नगर परिषद की कुल पद संख्या 2131 है. यहां पर पार्षद-1995, उप मुख्य पार्षद- 68, मुख्य पार्षद- 68 है.कुल नामांकन दाखिल 162 हुए है.यहां पर पार्षद-133, उप मुख्य पार्षद- 13, मुख्य पार्षद- 16 है.10 अक्टूबर को चुनाव होगा.
बिहार नगर निकाय चुनाव के प्रथम चरण के नामांकन की तिथि समाप्त हो चुकी है. 10 सितंबर से 19 सितंबर तक प्रथम चरण के नामांकन की तारीख थी. पटना जिले में प्रथम चरण के दौरान 10 नगर परिषद और दो नगर पंचायत में 10 अक्टूबर को चुनाव होना है. पटना जिले में कुल 1915 प्रत्याशियों ने प्रथम चरण में नामांकन किया है. इसमें मुख्य पार्षद के लिए 174 प्रत्याशियों ने नामांकन किया जबकि उप मुख्य पार्षद के लिए 142 और वार्ड पार्षद के लिए पूरे जिले में 1599 प्रत्याशियों ने अपना पर्चा भरा है.
पटना के संपतचक में इस बार नगर परिषद का गठन किया गया है. यह पहली बार नगर परिषद का चुनाव होगा. संपतचक में कुल 31 वार्ड बनाए गए हैं जिसमें पूरे पटना जिले में सबसे अधिक 207 प्रत्याशियों ने वार्ड पार्षद के लिए नामांकन किया है. सबसे कम फतुहा नगर परिषद में 74 प्रत्याशियों ने वार्ड पार्षद में नामांकन किया है. मुख्य पार्षद के लिए सबसे अधिक मसौढ़ी नगर परिषद में 25 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है. वहीं मुख्य पार्षद में सबसे कम फुलवारी शरीफ में आठ प्रत्याशियों ने नामांकन किया. उप मुख्य पार्षद में सबसे अधिक बिहटा नगर परिषद में 18 प्रत्याशियों ने नामांकन किया तो सबसे कम मोकामा नगर परिषद में पांच प्रत्याशियों ने नामांकन किया है.
आलोक कुमार
नामांकन दाखिल किया
आज नामांकन समारोह में शामिल हजारों समर्थकों ने एक स्वर से रजनी देवी का गुणगान करते रहे. महामारी कोरोना के पूर्व से ही रजनी देवी और उनके प्रतिनिधि पप्पू राय काम करते रहे है.किसी ने कहा कि अल्पसंख्यक कब्रिस्तान में मिट्टी भरने में सहायता दिए. आज पूरी तरह से राजधानी पटना रजनी देवी के समर्थकों से पट गया था.वहीं आज वार्ड नम्बर-22 बी
आलोक कुमार
.पटना नगर निगम चुनाव-2022 में पूरे जोश से शामिल
निवर्तमान पार्षद को पराजित करना मिशन
पटना. आज पटना नगर निगम के वार्ड नम्बर-1 से नामांकन पत्र दाखिल करेंगे राम जी चौधरी.दीघा चौहट्टा से चलकर नामांकन दाखिल करेंगे.यहां के भावी पार्षद प्रत्याशी का मिशन निवर्तमान पार्षद को पराजित करना हैं.इसको लेकर कई माह से बड़े-बड़े पोस्टर लगाया और जनसंपर्क अभियान राम जी चौधरी चलाते रहे हैं. राम जी चौधरी का कहना है कि उनका सीधा मुकाबला निवर्तमान पार्षद छठ्ठिा देवी के साथ है.
इस बीच काफी संख्या में समर्थक भावी वार्ड पार्षद राम जी चौधरी का हो गये हैं.दीघा चौहट्टा से चलकर पोलसन रोड जाएंगे.इसके बाद अपने वार्ड नम्बर-1 के सीमांकन में लोगों से मिलते और समर्थन मांगते नामांकन स्थल पर पहुंगे.
आलोक कुमार
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