गुरुवार, 30 जून 2022

उद्घाटन के छह दिन बाद ही जेपी गंगा पथ का फुटपाथ का एक हिस्सा धंसा

 

पटनाः मानसून की पहली बारिश में ही सीएम नीतीश के ड्रीम प्रोजेक्ट जेपी गंगा पथवे का हाल बेहाल हो गया. जेपी गंगा पथवे का एक बड़े हिस्से की मिट्टी धंस गई. जिससे सड़क का हिस्सा कई फीट तक धंस गया. गौरतलब है कि बिहार की राजधानी पटना में पिछले शुक्रवार 24 जून को ही सीएम नीतीश कुमार ने जेपी गंगा पथ के फर्स्ट फेज का लोकार्पण किया था. लेकिन अब उसी की टूटने की तस्वीर सामने आ रही है. दीघा के पास जेपी गंगा पथवे का हिस्सा धंस गया. इससे इसकी गुणवत्ता पर अब सवाल उठने भी लगे हैं. इस हाईटेक पथ को लेकर लंब-लंबी बातें कही जा रही थीं. अभी मानसून के दस्तक के साथ बारिश शुरू ही हुई थी कि पथवे का हाल-बेहाल हो गया. अभी तो पूरी मानसून की बारिश बाकी ही है.


बिहार के राजधानी पटना में भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. बारिश की वजह से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट को भी नुकसान हुआ है. दरअल पटना में जेपी गंगा पथ की ओर जाने वाले फुटपाथ का एक हिस्सा उद्घाटन के छह दिन बाद ही धंस गया है. इस जेपी गंगा पथ को बिहार का मरीन ड्राइव कहा जा रहा था.पटना में पिछले 24 घंटों से लगातार बारिश हो रही है. जिले के कई इलाकों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को    घुटने भर पानी से गुजरना पड़ रहा है.मीठापुर, यारपुर, जक्कनपुर, राजेंद्र नगर, बस स्टैंड, सिपारा, दीघा, कुर्जी जैसे कई इलाके जलमग्न हैं.

पिछले शुक्रवार को ही सीएम नीतीश ने जेपी गंगा पथ के फर्स्ट फेज का लोकार्पण किया था. जेपी गंगा पथ से डेढ़ घंटे का सफर महज 20 मिनट में पूरा हो जाएगा.बता दें कि उसी दिन यानि 24 जून को सीएम नीतीश इसके अलावे मीठापुर करबिगहिया आरओबी का भी उद्घाटन किया था. जेपी गंगा पथ के बनने से पटना के साथ-साथ उत्तर बिहार के लोगों को बहुत फायदा मिलेगा. जेपी सेतु के पास से ही जेपी गंगा पथ बनायी गयी है. इसके अलावे अटल पथ को भी इससे जोड़ा गया है 

जेपी गंगा पथ के उद्घाटन के बाद इसकी एक झलक पाने के लिए लोग बेताब दिखे.पिछले रविवार को तो मेरिन ड्राइव को देखने के लिए इतनी भीड़ उमड़ी की यहां जाम की स्थिति देखी गयी. पटना के मेरिन ड्राइव को देख लोग भी काफी खुश नजर आए. उद्घाटन के छह दिन बाद ही इसकी पोल खुल गयी. महज दो दिन की बारिश से सड़क किनारे बना पाथवे धंस गया.

इसकी नींव सीएम नीतीश ने मुंबई के मरीन ड्राइव के तर्ज पर वर्ष 11 अक्टूबर 2013 को रखी थी. पिछले 9 साल में यह बनकर तैयार हुआ है, लेकिन अभी भी इसका दूसरा फेज बनना बाकी है. इस पर 3831 करोड़ रुपये खर्च किया गया लेकिन मात्र 6 दिनों में ही दीघा के पास पथवे धंस गया. इस उद्घाटन के दौरान सीएम नीतीश ने इसके निर्माण में लगे कर्मियों का सम्मानित भी किया था. वहीं उद्घटान के दो दिनों बाद ही पहली छुट्टी को इस देखने आये लोगों की इस पथ पर लंबी भीड़ लग गयी थी.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी पटना गंगा ड्राइव वे परियोजना के पहले फेज का सीएम नीतीश कुमार ने उद्धाटन किया था. इसे जेपी गंगा सेतु का नाम दिया गया है, जिसे क्वीन नेकलेस के नाम से भी जाना जाता है. इसके उद्घाटन के साथ ही पटना में लोग मुंबई मरीन ड्राइव का मजा ले रहे हैं. बता दें कि दीघा से पीएमसीएच तक बने इस सड़क की लंबाई 7.4 किलोमीटर है, जिसमें 6.5 किलोमीटर में 13 मीटर ऊंचाई तक बांध बनाकर निर्माण किया गया है. यह परिजना कुल 20 किलोमीटर का है, शेष हिस्सा 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. फिलहाल, मानसून की पहली बारिश से सड़क का हिस्सा धंस जाने से लोग भी हैरान हैं.

आलोक कुमार

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया


                          * बिहार विधानसभा में वंदे मातरम गाने से माननीय विरोध में सीट पर बैठे रहे


पटनाः बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र का समापन हो गया है.यह मानसून सत्र गत 24 जून से शुरू हुआ था.आज पांचवा और आखिरी दिन था. 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया. अग्निपथ योजना  को वापस लेने की मांग के साथ केंद्र सरकार और पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. जिस पर डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने एतराज जताया.

इस दौरान विपक्षी सदस्यों से मार्शलों ने पोस्टर छीन लिया लेकिन उनका हंगामा जारी रहा. आखिरकार विधानसभा की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. 2 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने फिर से नारेबाजी शुरू कर दी. विधान परिषद की कार्यवाही पहले ही स्थगित हो गई. वहीं विधान सभा की कार्यवाही दूसरे हाफ के सेशन के बाद अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई.

सत्र के एक दिन पहले बिहार के सियासी हलचल का असर विधान सभा में दिखा. दरअसल बुधवार को असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के पांच में से चार विधायकों ने आरजेडी की सदस्यता ले ली. इसके साथ ही आरजेडी अब बिहार विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी हो गई है. 80 विधायकों के साथ राजद विधान सभा में मौजूद रहेगी तो उसका असर कार्यवाही पर भी दिखा.

बता दें कि बुधवार को सत्र के चौथे दिन बिना विपक्ष के ही सदन की कार्यवाही संचालित की गई. पहले हाफ में प्रश्नकाल में कई प्रश्नों के उत्तर हुए तो वहीं ध्यान कर्षण में भी सरकार ने सत्ताधारी दल के सदस्यों के प्रश्नों का उत्तर दिया, क्योंकि विपक्ष सदन में मौजूद नहीं था. इसलिए उनके प्रश्न नहीं पूछे जा सके. लेकिन, दूसरे हाफ में सरकार ने सदन से प्रथम अनुपूरक बजट को पास करा लिया.


बिहार विधानसभा के  मानसून  सत्र के समापन पर आज राष्ट्रीय गीत के दौरान फिर से कंट्रोवर्सी पैदा हो गई. आरजेडी के ठाकुरगंज के विधायक सऊद आलम जब राष्ट्रीय गीत बज रहा था तो अपनी सीट पर बैठे हुए थे. आरजेडी विधायक सऊद आलम ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि हमारा मुल्क हिंदू राष्ट्र अभी नहीं हुआ है और हम राष्ट्रगान के समय ही खड़ा होते हैं, इसीलिए बैठे रह गए. इस पर बीजेपी विधायक संजय कुमार सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो राष्ट्रगीत नहीं गाए वह देशद्रोही है और ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए.

वहीं आरजेडी विधायक के बचाव में आरजेडी के विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने कहा कि- विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई थी. राष्ट्रगान में तो किसी तरह की कंट्रोवर्सी नहीं हुई लेकिन समापन राष्ट्रीय गीत से हुई, किसी को कोई खड़ा होने के लिए बाध्य नहीं कर सकता. हमारे देश का राष्ट्रगान जन गण मन है, इसको हम लोग मानते हैं.

विधानमंडल के मानसून सत्र की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई.इस बीच बिहार विधानसभा में विजय सिन्हा के अध्यक्ष बनने के बाद इनके कार्यकाल में विधानसभा सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान से होती है और समापन राष्ट्रगीत से होता है. आज जब  मानसून   सत्र के समापन से पहले राष्ट्रगीत गाया जा रहा था. ऐसे में राष्ट्रगीत के सम्मान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत सदन में मौजूद तमाम विधायक खड़े थे. लेकिन आरजेडी के अल्पसंख्यक विधायक सऊद आलम अपनी सीट पर ही बैठे रहे. जिसको लेकर बीजेपी के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया.

आलोक कुमार 

बिहार मोटरगाड़ी संशोधन नियमावली 2021 अंतर्गत दुर्घटना दावा

 


*जिला पदाधिकारी-सह- अध्यक्ष, जिला सड़क सुरक्षा समिति,की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई आयोजित

* सड़क सुरक्षा, शहर में जाम की समस्या,सड़क मरम्मती,बिहार मोटरगाड़ी नियमावली,2021 के तहत दुर्घटना दावा,घायलों की मदद ,यातायात नियमो के संबंध में जागरूकता आदि को लेकर हुई व्यापक चर्चा                                            

सीतामढ़ी.इस जिले के जिलाधिकारी -सह- अध्यक्ष, जिला सड़क सुरक्षा समिति मनेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में सीतामढ़ी शहर में जाम की समस्या एवं निदान, यातायात नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराना, यातायात नियंत्रण के लिए सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था करना, सड़क दुर्घटना में मृत व्यक्ति से संबंधित आंकड़ों का संकलन एवं समेकित प्रतिवेदन तैयार करना, सड़क दुर्घटना में कमी लाने के लिए उपाय एवं रणनीति तैयार करना, गुड सेमेरिटन को प्रोत्साहित करना है एवं सूची उपलब्ध कराना एवं ब्लैक स्पॉट को चिन्हित कर  कार्रवाई करना से संबंधित अन्य एजेंडों पर विस्तृत समीक्षा की गई.

 जिला पदाधिकारी द्वारा परिवहन विभाग को निर्देश दिया गया कि बिहार मोटरगाड़ी संशोधन नियमावली 2021 अंतर्गत दुर्घटना दावा से संबंधित विषय, हेलमेट, सीटबेल्ट ओवरलोडिंग तथा सेफड्राइविंग को लेकर, वाहनों पर स्पीड गवर्नर प्रवर्तक टेप लगाने की कार्रवाई, प्रेशर हॉर्न के विरुद्ध अभियान चलाकर जागरूकता फैलाएं.नगर निकायों को निर्देश दिया गया कि सभी फुटपाथों, को अतिक्रमण से मुक्त कराएं, ठेला वेंडरों के लिए सड़क से दूरस्थान चयनित करें, पर्याप्त संख्या में स्ट्रीट लाइट ट्रैफिक लाइट लगाना सुनिश्चित करें, बस स्टैंड को अतिक्रमण मुक्त रखें एवं साफ सफाई शुद्ध पेयजल तथा रोशनी की व्यवस्था की जाए.

व्यस्त एवं संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे का अधिष्ठापन कराएं, शहर के मुख्य मार्गों में बने गड्ढों की मरम्मत कराना सुनिश्चित करें, शहरी क्षेत्र अंतर्गत ऑटो ई-रिक्शा पार्किंग की व्यवस्था की जाए. सड़क अतिक्रमण मुक्त के लिए विशेष अभियान चलाया जाय. साथ ही,बिना निबंधित वाहन परिचालन, ओवरलोडिंग, निर्धारित रूट से इतर वाहन चलाने वाले के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर जुर्माना व जब्ती की कार्रवाई प्रारंभ कराएं.

पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग एवं एनएचआई को निर्देश दिया गया कि यातायात संकेतक चिन्हों का प्रावधान सभी जगह सुनिश्चित करें, अधिकाधिक संख्या में जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण करें, सड़कों में तीव्र मोड़ पर रिफ्लेक्टर लगवाना सुनिश्चित करें, पुराने एनएच पर फुटपाथ का निर्माण करें, सड़क को मोटरेबल रखने के लिए नियमित रूप से साइट का विजिट करें. उन्होंने  जिले में दुर्घटना बाहुल्य वलनरेबल स्पॉट्स एवं संभावित ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित स्थानों पर आवश्यक सुधार एवं यातायात पुलिस कर्मियों की पर्याप्त व्यवस्था आदि के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया ताकि जिले में होने वाली दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके.

  उन्होंने कहा कि अवैध पार्किंग, ओवरस्पीड करने वाले वाहनों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही करते हुए उनके चालान काटे जाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए,ताकि शहर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सके और और किसी के भी द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन न किया जा सके. अवैध पार्किंग एवं सड़क अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्यवाही करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया.

 एनएचएआई द्वारा रुन्नीसैदपुर में फ्लाईओवर निर्माण संबंधी कार्रवाई पर भी चर्चा की गयी. ’शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया कि सड़क सुरक्षा पर विद्यालय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए, सड़क किनारे के विद्यालयों के शिक्षकों एवं बच्चों के लिए यातायात मार्गदर्शिका को प्रचारित कर यातायात नियमों के बारे में जागरूकता फैलाया जाए. उन्होंने विद्यालय के पठन-पाठन में बच्चों के बीच वाद-विवाद प्रतियोगिता, स्लोगन, पेंटिंग कंपटीशन, विचार गोष्ठी का आयोजन के माध्यम से सड़क सुरक्षा के प्रति बच्चों को जागरूक करने का निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी  को दिया.

विद्युत विभाग को जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिया कि सीतामढ़ी शहर में रोड से विद्युत पोल के  स्थान्तरण की कार्रवाई करना सुनिश्चित करें, जर्जर विद्युत तार को हटाने की भी कार्रवाई की जाए.एवं एफसीआई प्रबंधक राज्य खाद्य निगम को निर्देश दिया गया कि प्रखंड कार्यालय डूमरा अवस्थित निगम के गोदाम से संबंधित भारी वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें. प्रतिबंधित अवधि के भारी वाहनों का शहर में परिचालन पर रोक लगाने की व्यवस्था करें.

 साथ ही उन्होंने कहा कि आम लोगों को जागरूक कर सड़क दुर्घटना की संभावना को काफी कम किया जा सकता है. जिलाधिकारी द्वारा यातायात नियमों के प्रति लोगों को नियमित रूप से जागरूक करने के लिए अभियान चलाने का निर्देश जिला परिवहन पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया गया.  मोटर वाहन अधिनियम अंतर्गत जांच एवं कार्रवाई को सख्ती से लागू करने का भी  निर्देश दिया गया.

बैठक में जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटना में घायलों की तत्काल मदद करने वालों को लोगो को गुड सेमेरिटन के रूप में उनका चयन करने एवं उनके लिए प्रोत्साहन राशि 5000 देयता के लिए कार्रवाई का निर्देश  दिया. जिलाधिकारी ने निर्देश दिया  की  दुर्घटनाग्रस्त को ससमय अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करें एवं सम्मानित करने के लिए ऐसे लोगों  की सूची जिला परिवहन पदाधिकारी को उपलब्ध कराएं. साथ ही उन्होंने स्कूली वाहनों की जांच, स्वास्थ्य विभाग -शिक्षा विभाग -पंचायती राज विभाग पुलिस एवं यातायात विभाग, पथ निर्माण विभाग ,नगर निगम ,एनएचएआई इत्यादि की भूमिका पर विचार विमर्श किया गया एवं संबंधित विभागों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए.इसके पूर्व जिला परिवहन पदाधिकारी ने पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से सड़क सुरक्षा को लेकर चलाये जा रहे कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी.

 उक्त बैठक में पुलिस अधीक्षक हर किशोर राय, सिविल सर्जन, नगर आयुक्त, मुमुक्षु चौधरी, जिला परिवहन पदाधिकारी रवीन्द्र नाथ गुप्ता, जिला पंचायती राज पदाधिकारी अविनाश कुमार, ओएसडी प्रशांत कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी अवधेश कुमार, सदर अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सुबोध कुमार, डीएसपी मुख्यालय रामकृष्णा, वरीय उप समाहर्ता सोनी कुमारी, डीपीओ रोचना माद्री, के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अनुमंडल पदाधिकारी बेलसंड,अनुमंडल पदाधिकारी पुपरी, सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष उपस्थित थे.


आलोक कुमार                          

बैंक अधिकारियों द्वारा फील्ड वेरिफिकेशन के बाद 111 आवेदन को रिजेक्ट कर दिया

 

* थरुहट क्षेत्र में कैंप लगाकर त्रुटियों का निराकरण करते हुए शत-प्रतिशत लाभुकों को केसीसी उपलब्ध कराने का निर्देश

बेतिया. पश्चिमी चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा केसीसी पशुपालन कार्य प्रगति की समीक्षा की गयी. समीक्षा के क्रम में नोडल पदाधिकारी, केसीसी पशुपालन द्वारा बताया गया कि पशुपालन के लिए 5524 केसीसी आवेदन जनरेट हुआ है. जिसमें से विभिन्न बैंकों द्वारा 2104 एक्सेप्ट किया गया है तथा 516 का सेंक्शन किया गया है. बैंक अधिकारियों द्वारा फील्ड वेरिफिकेशन के बाद 111 आवेदन को रिजेक्ट कर दिया गया है तथा अन्य आवेदन सेंक्शन के लिए लंबित है.

जिलाधिकारी द्वारा इसे अत्यंत ही गंभीरता से लिया गया और एलडीएम को निर्देश दिया गया कि रिजेक्ट किये गये आवेदनों की पुनः समीक्षा करायी जाय साथ ही सेंक्शन के लिए लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन कराना सुनिश्चित किया जाए.

उन्होंने निर्देश दिया कि थारू बहुल यथा-रामनगर, बगहा, गौनाहा आदि क्षेत्रों में कैम्प लगाकर ऐसे मामलों का निष्पादन कराया जाय ताकि थरूहट क्षेत्र के पशुपालक लाभान्वित हो सके और उन्हें परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े.

जिलाधिकारी ने कहा कि केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) की शत-प्रतिशत उपलब्धि के लिए जिले में कार्यरत सभी बैंकों को कैंप लगाकर किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने की आवश्यकता है.

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, नोडल पदाधिकारी, केसीसी पशुपालन, डॉ0 उज्जवल कुमार आदि उपस्थित रहे.


आलोक कुमार

जून महीने में उत्पाद तथा पुलिस बल द्वारा कुल 4454 रेड किए गए


नालंदाः आज अपर मुख्य सचिव मघ निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग,बिहार पटना द्वारा नालंदा जिले में शराबबंदी की समीक्षा समाहरणालय परिसर स्थित हरदेव भवन में किया गया.उन्होंने सबसे पहले उत्पाद कार्यालय में कार्यरत बलों तथा उनके द्वारा की गई कार्यों की समीक्षा की.

समीक्षा के क्रम में जानकारी दी गई कि जून महीने में अब तक उत्पाद तथा पुलिस बल द्वारा कुल 4454 रेड किए गए तथा कुल 502 लोगों की गिरफ्तारी की गई.जून माह में अब तक कुल 1836 लीटर देशी शराब तथा 123 लीटर विदेशी शराब जब्त किए गए.उत्पाद विभाग द्वारा इस माह में कुल 178 शराब पीने वालों तथा 23 आपूर्तिकर्ता की गिरफ्तारी की गई तथा पुलिस द्वारा 87 शराब पीने वालों तथा 214 आपूर्तिकर्ता की गिरफ्तारी की गई.

विशेष न्यायालय द्वारा दिनांक 01/04/2022 से दिनांक 27/06/2022 तक उत्पाद तथा पुलिस द्वारा पकड़े गए कुल 703 लोगों को जेल भेजे गए.समीक्षा में जानकारी दी गई कि जून माह में अब तक उत्पाद तथा पुलिस द्वारा कुल 23 वाहनों की जब्ती की गई है.अपर मुख्य सचिव ने उत्पाद तथा पुलिस द्वारा दैनिक रेड तथा गिरफ्तारी की भी समीक्षा की.

बैठक में माहवार ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट रिपोर्ट की भी जानकारी ली गई.बताया गया कि उत्पाद कार्यालय द्वारा जून माह में अब तक कुल 1508 ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट किए गए जिसमें 189 पॉजिटिव पाए गए. इसी प्रकार पुलिस द्वारा जून माह में अब तक कुल 92 लोगों की ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट की गई जिसमें सभी लोग पॉजिटिव पाए गए.कॉल सेंटर की समीक्षा में पाया गया कि जून माह में अब तक 277 कॉल प्राप्त हुए जिस पर 31 लोगों की गिरफ्तारी की गई.पीने वालों की निशानदेही पर कुल 534 लोगों की गिरफ्तारी की गई तथा 134 व्यक्तियों को जेल भेजा गया.धारा 37 के तहत कुल 8 लोगों को जेल भेजा गया है.

शराब से संबंधित मामलों में जून माह में 75 राज्य सात के मामले लंबित बताए गए जिस पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए.135 वाहनों के वैल्यूएशन कर उन्हें एमएसटीसी पोर्टल पर डाले गए हैं.वाहनों के निष्पादन तथा ट्रायल पर ध्यान देने की बात बताई गई.बैठक में पीने वालों की गिरफ्तारी  तथा पीने वालों के निशानदेही पर पिलाने वालों की गिरफ्तारी पर भी ध्यान देने की बात कही गई.

उक्त समीक्षात्मक बैठक में जिला पदाधिकारी नालंदा श्री शशांक शुभंकर, पुलिस अधीक्षक नालंदा श्री अशोक मिश्रा सहित सभी अनुमंडल पदाधिकारी,अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी तथा उत्पाद कार्यालय के पदाधिकारी उपस्थित थे.

आलोक कुमार 

घायल युवकों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया है. जहां तीनों की स्थिति नाजुक बनी हुई है

 

पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना गंगा ड्राइव वे परियोजना के फर्स्ट फेज का उद्घाटन 24 जून को किया था.महज 5 दिनों के बाद ही तेज रफ्तार बाइक के अचानक संतुलन बिगड़ जाने से तीनों युवक सड़क की रेलिंग से टकराते हुए सीधे पुल के नीचे जा गिर पड़े.

जी हां, राजधानी पटना में हाल के दिनों में ही जेपी सेतु गंगा पथ का उद्घाटित हुआ  था. इस पुल पर तेज रफ्तार से सफर करना तीन दोस्तों को महंगा पड़ गया. एक बाइक पर सवार तीन युवकों के बाइक का अचानक से संतुलन बिगड़ गया और तीनों युवक सड़क की रेलिंग से टकराते हुए सीधे पुल के नीचे जा गिरे पड़े. इस घटना में तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. हादसे की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची दीघा थाने की पुलिस ने घायल युवकों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया है. जहां तीनों की स्थिति नाजुक बनी हुई है.


दीघा थाने की पुलिस संजय कुमार सिंह ने कहा कि लोगों के द्वारा सूचना देने पर तत्काल मौके पर पहुंच गये.जहां लोग घायलों का वीडियों बना रहे थे.किसी ने तीनों को उठाकर अस्पताल ले जाने की कोशिश नहीं की.तीनों को उठाकर गाड़ी में बैठाकर और सुलाकर मुख्य मार्ग पर पहुंचे तो उनके परिजन आ गये. परिजन के साथ पुनाईचक ले गये.वहीं पर उन लोगों का घर है. इस क्षेत्र के एक अस्पताल में भर्ती कर दिया गया.जहां पर तीनों की स्थिति गंभीर है.

पुनाईचक पटना की ओर से अटल पथ से होकर गंगा पथ पर दीघा की ओर से एक बाइक पर बैठकर तीन युवक तेज रफ्तार से जा रहे थे. इसी दौरान बाइक चला रहे एक युवक का संतुलन अचानक बिगड़ गया और देखते ही देखते गंगा पथ की रेलिंग से टकराकर बाइक सवार तीनों युवक सीधे पुल के नीचे गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद घायल तीनों युवकों की पहचान हो गई है. जिनका नाम विरेन्द्र कुमार जिसकी उम्र 18 साल बताई जा रही है, और इसके पिता पेशे से इलेक्ट्रीशियन हैं. वहीं दूसरे घायल युवक की पुष्टि अभिषेक कुमार के रूप में की गई है जो अभी नाबालिग है जो केवल 17 साल का है. तो तीसरे घायल युवक की पहचान अभिषेक के रूप में की गई है.


इस बीच उद्घाटन के बाद से ही गंगा पथ पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने वाले वाहन चालकों पर नियंत्रण करने के लिए हाई क्वालिटी का स्पीड इंडिकेटर मशीन लगाया गया है. इसके बावजूद इस पुल पर बाइक लेकर आने वाले युवा तेज रफ्तार से अपने हाई स्पीड बाइक से फर्राटे भरते हैं. जिस कारण यहां हादसों की आशंका बनी रहती है. और कहीं ना कहीं ट्रैफिक पुलिस को इन तेज रफ्तार बाइक चालकों पर नियंत्रण करने के लिए एक ठोस रणनीति बनाने की आवश्यकता है. इसके बावजूद ट्रैफिक विभाग इस पूरे मामले में कछुए की चाल चलने में लगी है.

मुंबई जुहू बीच के तर्ज पर पटना में बने जेपी गंगा पथ पर सुरक्षा के मद्देनजर 24 घंटे बिहार पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी तैनात रहेगी. हाल के दिनों में राजधानी में बने अटल पथ, राजा बाजार फ्लाईओवर और एम्स दीघा एलिवेटेड पुल पर एक्सीडेंट जैसी घटनाएं होती रहती है. जिसका मुख्य कारण हाई स्पीड होता है. जिसको रोकथाम के लिए बिहार पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है. पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर पटना पुलिस द्वारा गंगा पाथवे पर पुलिस की दो पेट्रोलिंग वाहन 24 घंटे पेट्रोलिंग करती नजर आएंगी.

 


बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा मिली जानकारी के अनुसार जेपी गंगा पथ पर 24  घंटे पुलिस की दो पेट्रोलिंग गश्ती वाहन तैनात रहेगी. हर गाड़ी पर 4 सिपाही और एक दरोगा रैंक के अधिकारी तैनात रहेंगे. इसके साथ-साथ गाड़ियों के स्पीड को कंट्रोल करने के लिए स्पीड राडार गन भी लगाया जाएगा. ताकि, वाहनों की स्पीड को कंट्रोल किया जा सके और तेजी से वाहन चलाने वालों को चिन्हित कर उन्हें दंड दिया जा सके. जिससे एक्सीडेंट जैसे अनहोनी को टाला जा सके. इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर स्थानीय थाना भी वहां मौजूद रहेगी.

गंगा पथ की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समय-समय पर पुलिस अधिकारी पुल का जायजा लेंगे. दरअसल, गंगा पथ बनने के बाद पटना वासियों के लिए ये आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. गंगा पथ पर जाने की वजह से उत्तर बिहार से राजधानी पटना आने वाले लोगों को काफी सहूलियत हो रही है. जिन्हें एम्स पीएमसीएच जाना होता है, उन्हें ट्रैफिक की समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है.


अब बिहार के लोग पटना में ही मुंबई मरीन ड्राइव का मजा ले रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी महत्वाकांक्षी पटना गंगा ड्राइव वे परियोजना के फर्स्ट फेज का उद्घाटन 24 जून को किया था. इसे क्वीन नेकलेस के नाम से भी जाना जाता है. खुद सीएम नीतीश कुमार इस परियोजना पर नजर बनाए हुए हैं.

अब तो यहां पर लोगों के हुजूम को देखते हुए लोग दुकान सजाने लगे हैं.जो गंगा पथ को देखने सुबह और शाम आते हैं.यहां के जलपान का लुफ्त उठाने लगे हैं.


आलोक कुमार

बुधवार, 29 जून 2022

ब्रदर उट्टाटिल्ल जोसेफ का निधन

पटना. वयोवृद्ध ब्रदर उट्टाटिल्ल जोसेफ का निधन हो गया है.वे 81 वर्ष के थे. वे 10 अप्रैल को अंतिम बार जेस्विट साथियों के साथ जन्मदिन का जश्न मनाया था.    

 मालूम हो ‘येसु समाज‘ से 75 साल का सक्रिय जीवन से सेवानिवृत होने के बाद 2016 में ब्रदर उट्टाटिल्ल जोसेफ एक्सटीटीआई परिसर में स्थित जेवियर भवन में विश्राम करने आए थे. 

यहां पर जेवियर भवन में रहने वाले जेस्विटों को हर तरह की सुविधा उपलब्ध करायी जाती है.बता दें कि प्रारंभ में जेस्विटों की सेवा में करने में ब्रदर फ्रांसिस जुड़े थे.मेल स्टाफ नर्स ब्रदर फ्रांसिस सेवा व अन्य चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने में महारत हासिल कर लिये थे.अब ब्रदर फ्रांसिस के बदले में एक फादर के द्वारा सेवा उपलब्ध करायी जाती हैं.  

बता दें कि ब्रदर न्जजंजपसस श्रवेमची का जन्म 10 अप्रैल 1941 को हुआ था.मात्र 23 साल की उम्र में 29 सितंबर 1964 को श्येसु समाज में प्रवेश किये .तब से येसु समाजी ब्रदर के रूप में कार्य किये.येसु समाजी का अंतिम व्रत 15 अगस्त 1977 में लिये.फार्म इंचार्ज और मिनिस्टर के पद पर रहकर येसु समाज के कार्यों में सहयोग दिये.

पास्कल लुइस का कहना है कि मुजफ्फरपुर में आशादीप बना है.वह ब्रदर की देखरेख में निर्माण हुआ.उसके बाद आशादीप में रहकर सभी लोगों को पढ़ाते थे.उन्होंने कहा कि मैं उनको 2012 से जानता हूं.उनका मैं शिष्य रहा और उनके साथ काम भी किया हूं.इस बीच ब्रदर ह्दय रोग के शिकार हो गये.जो मौत का कारण बन गया.

आलोक कुमार

टीएचआर/पोषाहार से संबंधित वाउचर महीने के अंतिम सप्ताह में निर्धारित

 


नालंदा। मंगलवार को देर शाम जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने हरदेव भवन सभागार में आईसीडीएस की समीक्षा बैठक की।

जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए 85250 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से प्रथम त्रैमास के लिए 6820 का लक्ष्य निर्धारित है। योजना के प्रारंभ से अब तक इस योजना से संबंधित एक लाख एक हजार 496 फॉर्म अपलोड किए गए हैं।

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत अब तक 39 हजार 110 लाभुकों का निबंधन  किया गया है।वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए 20 हजार 460 लाभुकों के निबंधन का लक्ष्य निर्धारित है।

विभिन्न विभागीय पदाधिकारियों द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के संदर्भ में बताया गया कि मई माह में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के स्तर से 432, महिला पर्यवेक्षिका द्वारा 2111 तथा परियोजना सहायक द्वारा 138 आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के क्रम में 359 सेविका को चेतावनी तथा 207 से स्पष्टीकरण पूछा गया है। विभिन्न केंद्रों में पाई गई कमियों को लेकर ₹57415 आर्थिक दंड के रूप में वसूली की गई है।

जिलाधिकारी ने शत प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण प्रतिमाह सुनिश्चित करने का निदेश दिया।

सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर सभी प्रकार की पंजियों एवं दस्तावेजों का विधिवत संधारण सुनिश्चित रखने का निर्देश दिया गया। इस संबंध में सभी सेविका, सहायिका, महिला पर्यवेक्षिका को आवश्यक प्रशिक्षण/दिशा निर्देश देने को कहा गया।


टीएचआर/पोषाहार से संबंधित वाउचर महीने के अंतिम सप्ताह में निर्धारित तिथि को ही संबंधित कार्यालय में प्राप्त करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी को इस आशय का आदेश निर्गत करने को कहा गया। सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अपने पर्यवेक्षण में वाउचर जमा करवाने की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

मनरेगा के कन्वर्जंस से जिला में 200 आंगनवाड़ी केंद्र भवन का तत्काल निर्माण कराए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 100 आंगनवाड़ी केंद्र भवन के निर्माण के लिए कार्रवाई की जा रही है जो निर्माण के विभिन्न चरणों में है। अन्य 100 आंगनवाड़ी केंद्र भवन के निर्माण के लिए जमीन चिन्हित करने की कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी एवं सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी उपस्थित थे।

आलोक कुमार

ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं के बारे में उप विकास आयुक्त श्री वैभव श्रीवास्तव द्वारा विस्तार से जानकारी दी

 


नालंदा। जमीनी स्तर की योजनाओं को लेकर पंचायती राज संस्थाओं के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ किया गया संवाद।सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को मिले, इस उद्देश्य के लिए सभी जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील।लघु जल संसाधन विभाग द्वारा क्रियान्वित राजकीय नलकूप योजना एवं अन्य योजनाओं के संदर्भ में विभाग के अपर मुख्य सचिव ने जनप्रतिनिधियों से किया संवाद तथा लिया फीडबैक.परिवहन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग,सामाजिक सुरक्षा,कृषि विभाग,स्वास्थ्य विभाग एवं पंचायती राज विभाग द्वारा पीपीटी के माध्यम से सभी जन प्रतिनिधियों को दी गई योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी।


त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्था के नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ जमीनी स्तर पर क्रियान्वित की जा रही योजनाओं के संदर्भ में आज आरआईसीसी सभागार में संवाद किया गया।

लघु जल संसाधन विभाग द्वारा क्रियान्वित राजकीय नलकूप योजना एवं अन्य योजनाओं के बारे में विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री रवि मनुभाई परमार द्वारा स्वयं जानकारी दी गई तथा उनके द्वारा जनप्रतिनिधियों से फीडबैक भी लिया गया।

राजकीय नलकूप योजना के बारे में बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा लिये गए निर्णय के अनुसार वर्ष 2019 से सभी राजकीय नलकूपों के संचालन की जिम्मेदारी पंचायतों को दी गई है। इसकी मोनिटरिंग के लिए जिलास्तर पर उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ इस संदर्भ में संवाद किया जा रहा है।                                  

उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से विभाग की योजनाओं के बारे में फ़ीडबैक तथा सुझाव प्राप्त किया।

इस उन्मुखीकरण कार्यक्रम में सभी जनप्रतिनिधियों को विभिन्न विभागों द्वारा जमीनी स्तर पर क्रियान्वित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।

मुख्य रूप से ग्रामीण विकास विभाग,परिवहन विभाग,सामाजिक सुरक्षा, कृषि विभाग,स्वास्थ्य विभाग एवं पंचायती राज विभाग के पदाधिकारियों द्वारा विभाग से संबंधित सीधे तौर पर जनसरोकार/जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के बारे में बताया गया।इन योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को मिले, इसके लिए सभी जनप्रतिनिधियों को उनके दायित्व के बारे में बताया गया तथा इनके लिए सहयोग की अपील की गई।

जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा बिहार मोटरयान (संशोधित) नियमावली के तहत वाहन दुर्घटना में मृत्यु की स्थिति में निकटतम आश्रितों को देय मुआवजे तथा दुर्घटना में घायलों को देय मुआवजे की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई।बताया गया कि मुआवजे की राशि के लिए मृतकों/ घायलों के निकटम  आश्रितों द्वारा परिवहन विभाग के वेबसाइट पर ष्रोड एक्सीडेंट कंपनसेशनष् पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जाना होगा। इसके साथ आवश्यक दस्तावेजों को संलग्न करना होगा। लोगों के बीच जानकारी के अभाव के कारण मुआवजे का आवेदन करने में अनावश्यक विलंब होता है।इसमें सभी जनप्रतिनिधियों से सक्रिय भूमिका निभाने का अनुरोध किया गया।


ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं के बारे में उप विकास आयुक्त श्री वैभव श्रीवास्तव द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई।

जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत किये जा रहे विभिन्न कार्यों/योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया एवं अद्यतन स्थिति के बारे में बताया गया। 

 मनरेगा,  प्रधानमंत्री आवास

 योजना(ग्रामीण) एवं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के द्वितीय चरण के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस/तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत किये जा रहे कार्यों के बारे में बताया गया। इन सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों से अपेक्षित सहयोग की अपील की गई।

जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। CFMS/PFMS/DBT  माध्यम से किसानों के बीच अनुदान वितरण के संबंध में जानकारी दी गई। बताया गया कि कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों का पंजीकरण अनिवार्य है। सभी प्रखण्डों में ई-किसान भवन में किसानों के निःशुल्क पंजीकरण की व्यवस्था की गई है।जिन किसानों ने अपना पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें पंजीकरण के लिए प्रेरित करने का अनुरोध सभी जनप्रतिनिधियों से किया गया।

सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग द्वारा समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न पेंशन एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया गया। कबीर अंत्येष्टि योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, मुख्यमंत्री पारिवारिक लाभ योजना,विभिन्न पेंशन योजना, मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना, मुख्यमंत्री निः शक्तजन विवाह योजना, अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना, मुख्यमंत्री सामर्थ्य योजना(संबल) आदि की पात्रता तथा आवेदन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। सभी जनप्रतिनिधियों से इन सभी योजनाओं का लाभ सभी पात्र व्यक्ति को मिले, इसके लिए सहयोग की अपील की गई।

सिविल सर्जन द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं- मिशन परिवार विकास के तहत योग्य दम्पत्ति को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के बारे में बताया गया। ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस कार्यक्रम के बारे में  भी विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, नियमित टीकाकरण, कोविड टीकाकरण आदि की व्यवस्था के बारे विशेष रूप से बताया गया तथा जनप्रतिनिधियों से अपेक्षित सक्रिय सहयोग की अपील की गई।



जिला पंचायत राज पदाधिकारी द्वारा विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे बताया गया।बताया गया कि विभाग द्वारा जिला में 73 पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया गया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 89 पंचायत सरकार भवन के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पंचायत सरकार भवन के निर्माण के लिए उपयुक्त स्थल का चयन कर प्रस्ताव भेजने में सक्रिय सहयोग की अपील की गई। सभी वार्डों में नए WIMC का गठन तथा नवगठित WIMC को प्रभार सौंपने के कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने का अनुरोध किया गया।नल जल योजना के उपभोक्ताओं से उपभोक्ता शुल्क संग्रहण के लिए भी लोगों को जागरूक करने को कहा गया।

आज के उन्मुखीकरण कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों को संबोधित किया तथा इस आयोजन के उद्देश्य एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर विशेष रूप से प्रकाश डाला।आज के कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अन्य पदाधिकारियों/कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। 

इससे पूर्व आज के उन्मुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ अपर मुख्य सचिव लघु जल संसाधन विभाग, जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त, जिला परिषद अध्यक्ष/उपाध्यक्ष द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, जिलापार्षदगण, प्रमुखगण, मुखियागण, प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।


आलोक कुमार

डोभी में बड़े और मध्यम दर्जे के उद्योग लगाने की योजना

 

गया। ’नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के वरीय अधिकारी श्री अभिषेक चौधरी द्वारा ’डोभी चतरा रोड पर 1670 एकड़ में प्रस्तवित इंडस्ट्रियल पार्क का स्थल निरीक्षण किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी शेरघाटी एवं अंचलाधिकारी डोभी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारियों द्वारा नक्शे के माध्यम से पूरे औद्योगिक क्षेत्र के बारे में अवगत कराया।

निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम में अपर समाहर्ता श्री मनोज कुमार तथा अंचलाधिकारी डोभी को निर्देश दिए कि उक्त इंडस्ट्रियल एरिया प्रोजेक्ट में कितने लिंक रोड है तथा कितने संख्या में और अतिरिक्त लिंक रोड बनाने की आवश्यकता है, संबंधित बिंदुओं पर विस्तार से एक कनेक्टिविटी मैप तैयार करें। बिहार में उद्योगों का तेजी से वातावरण बन रहा है।अमृतसर - दिल्ली - कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के तहत गया के डोभी में बनने वाले इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग कलस्टर  परियोजना ज़िले के लिय काफी प्रभावशाली वरदान साबित होगा। इस प्रोजेक्ट के तहत डोभी में बड़े और मध्यम दर्जे के उद्योग लगाने की योजना है।


अमृतसर - दिल्ली - कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर से नजदीकी की वजह से यह क्षेत्र इकोनॉमिक ज़ोन के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में इतनी बड़ी पैमाने पर इंडस्ट्रियल हब बनने से गया की तकदीर बदल देगा। इस इंडस्ट्रियल पार्क को विकसित करने हेतु जीटी रोड से चौड़ी सड़के जुड़ेगी, रेलवे कनेक्टिविटी होगी तथा एयर कनेक्टिविटी भी होगी। उन्होंने बताया कि देश का बेहतरीन इंडस्ट्रियल पार्क गया में बनने जा रहा है। केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार दोनों का सहयोग इस इंडस्ट्रियल पार्क के निर्माण में प्राप्त है।

   गया जिले में उद्योगों तथा इंडस्ट्रीज का जाल बिछाने के लिए सरकार तथा उद्योग विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों के संबंध में ज़िला पदाधिकारी गया ने बताया कि डोभी प्रखंड अंतर्गत डोभी चतरा रोड पर स्थित 1670 एकड़ जमीन भू अर्जन प्रक्रिया में है। उन्होंने बताया कि 1297.74 एकड़ जमीन सरकारी है तथा 372.47 एकड़ जमीन रैयाति है। जिला पदाधिकारी ने कहा कि इस से संबंधित आने वाले दावा आपत्तियों को भू अर्जन विभाग द्वारा अच्छे से समीक्षा की जाएगी। भू अर्जन विभाग की समीक्षा एवं कागजातों की जांच उपरांत मुआवजा देकर अर्जित की जाएगी। इस जमीन को उद्योगों इंडस्ट्रीज के लिए आवंटन करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमृतसर कोलकाता कॉरिडोर इंडस्ट्रियल पार्क में उद्योग संबंधी सभी आवश्यक सुविधाएं कॉमन फैसिलिटी सेंटर सहित अन्य सुविधाएं दी जाएगी। ’उन्होंने बताया कि यह अपने आप में एक शानदार इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनेगा।’


एहतियातन सभी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया

 * नदियों के जलस्तर, तटबंधों एवं निचले इलाकों में बसावटों की सतत निगरानी करने का निर्देश।

लगातार माइकिंग कराकर लोगों को करें सतर्क

* आश्रय स्थलों पर सभी व्यवस्थाएं अपडेट रखने का निर्देश

* 29 जून को मध्याह्न 12 बजे तक गंडक बराज से छोड़ा गया दो लाख तीन हजार क्यूसेक पानी


बेतिया। आपदा प्रबंधन विभाग, भारत मौसम विज्ञान विभाग, पटना द्वारा जारी अत्यधिक भारी वर्षा एवं वज्रपात अलर्ट तथा बरसात मौसम के मद्देनजर जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा अत्यधिक भारी वर्षा, मेघ गर्जन, वज्रपात के प्रभाव से निपटने हेतु प्रभारी पदाधिकारी, जिला आपदा कोषांग, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ को अलर्ट मोड में रहकर एहतियातन सभी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

उन्होंने कहा कि सभी अनुमंडल पदाधिकारी अपने सूचना तंत्र को पूर्णतः क्रियाशील रखें ताकि आपदा से संबंधित सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान हो सके। एसडीएम, बगहा वाल्मीकिनगर गंडक बराज के जलस्तर की प्रॉपर निगरानी एवं प्रत्येक दो घंटे के अंतराल पर पानी डिस्चार्ज से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने निर्देश दिया कि जरूरतमंदों के बीच पॉलीथिन शीट्स का वितरण अविलंब कराना सुनिश्चित किया जाय।

उन्होंने अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगर किसी गांव/पंचायत में ठनका गिरने से किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो इसकी सूचना अविलंब आपदा प्रबंधन शाखा को दें और निर्देशानुसार मृत व्यक्ति के आश्रित को 24 घंटे के अंदर मुआवजा राशि का भुगतान करना सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही वज्रपात (ठनका) की सूचना तुरंत पाने के लिए बिहार सरकार द्वारा डेवलप किये गये इन्द्रवज्र एप के बारे में आम जनों को अवगत करायें।

जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि आपदा प्रबंधन विभाग, मौसम विज्ञान केन्द्र द्वारा जारी मौसम चेतावनी का प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सहित सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से जिलेवासियों को अवगत कराना सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन सजग और सतर्क रहते हुए अत्यधिक भारी वर्षा एवं वज्रपात आदि से सुरक्षित रह सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अंचलाधिकारी, संबंधित कार्यपालक अभियंता को स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखेंगे तथा तटबंधों की नियमित निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा कि आंधी-तूफान के दौरान सड़कों पर पेड़ आदि गिर जाते हैं, जिससे आवागमन में बाधा पहुंचती है। सभी अंचलाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि पेड़ गिरने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाय तथा त्वरित गति से यातायात व्यवस्था सुचारू करने की कार्रवाई करेंगे।

सभी अंचलाधिकारियों को निदेश दिया गया कि माईकिंग के माध्यम से आमजन को अत्यधिक भारी बारिश, तेज आँधी, वज्रपात से बचाव हेतु जागरूक करेंगे। किसानों एवं तटवर्ती इलाकों में निवास करने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निवास करने, घरों में रहने आदि के संबंध में माइकिंग के माध्यम से जागरूक करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही सभी आश्रय स्थलों पर सभी व्यवस्थाएं अपडेट रखने के लिए निर्देशित किया गया है।

उन्होंने कहा कि फ्लड फाइटिंग कार्य से संबंधित सभी कार्यपालक अभियंता पूरी मुस्तैदी के साथ अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन करें। गत वर्ष आयी बाढ़ आपदा के समय सभी ने अच्छा कार्य किया है। ऐसे ही संभावित बाढ़ एवं कटाव से निपटने के लिए अपना बेस्ट दें। फ्लड फाइटिंग टीम सभी आवश्यक संसाधनों के साथ हमेशा अलर्ट रहेगी तथा आवश्यकतानुसार फ्लड फाइटिंग कार्य सम्पन्न करायेगी।

जिला आपदा प्रभारी को निदेशित किया गया कि मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी निदेश तथा संभावित बाढ़ के मद्देनजर एसडीआरएफ की टीम को सभी आवश्यक संसाधनों के साथ पूरी तरह अलर्ट मोड में रखना सुनिश्चित करेंगे ताकि विषम परिस्थिति में जान-माल की सुरक्षा की जा सके। साथ ही सभी अंचलाधिकारियों को नाव, नाविकों आदि की समुचित व्यवस्था करने का निदेश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया है।

कार्यपालक पदाधिकारी, विद्युत विभाग को आंधी-तूफान के दौरान बिजली पोलों, तारों पर पैनी नजर बनायें रखने को कहा गया है। अगर कोई बिजली पोल या तार क्षतिग्रस्त होता है तो अविलंब उसकी मरम्मति कर बिजली आपूर्ति सुचारू करें। साथ ही टीम का गठन कर जिले के सभी बिजली तारों एवं पोलों का मुआयना करने का भी निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया है।  

जिले वासियों से अपील करते हुए जिलाधिकारी ने कहा है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा अत्यधिक भारी बारिश, मेघ गर्जन, वज्रपात को लेकर जारी अलर्ट को अत्यंत ही गंभीरता से लें। जिलेवासी उचित सावधानी एवं सुरक्षा के उपाय बरतें। बिजली चमकने या गड़गड़ाहट की आवाज सुनाई देने के बाद किसान तथा नागरिक पक्के घर में शरण लें। तटवर्ती इलाकों में निवास करने वाले व्यक्ति इस दौरान सुरक्षित स्थलों पर चले जाएं। नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने पर सभी ऊँचे स्थानों पर आ जाएं। घरों में रहें, अपने तथा अपने परिवार के बचाव हेतु सतर्क रहें। बारिश-तूफान के दौरान अपने बच्चों को घरों में रखें, उन्हें बाहर नहीं जाने दें। किसान अपने मवेशियों को खुले में नहीं बांधे, सुरक्षित स्थानों पर रखें।

बेतिया नगर निगम के नगर आयुक्त सहित सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि भारी बारिश, तेज आंधी, वज्रपात के मद्देनजर शहरी क्षेत्रों में सभी संसाधनों के साथ टीम तैयार रखेंगे। साथ ही भारी बारिश के आलोक में जल निकासी की समुचित व्यवस्था करेंगे।

समीक्षा के क्रम में नगर आयुक्त के द्वारा बताया गया कि नगर निगम, बेतिया द्वारा शहर के विभिन्न नालों की बड़े मशीनों के माध्यम से सफाई/उड़ाही कर जल निकासी करायी जा रही है। साथ ही अंधेरी-चुनरी, चन्द्रावत सहित अन्य नदी जहाँ शहर का पानी निकलता है, वहाँ भी अच्छे तरीके से सफाई की जा रही है ताकि शहर में जमा पानी को जल्द से जल्द निकाला जा सके।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, अपर समाहर्ता, श्री नदंकिशोर साह, अपर समाहर्ता-सह-जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी, श्री अनिल राय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


आलोक कुमार

पूर्व मंत्री मुंगेरी लाल की 21वीं पुण्यतिथि

 पटना.प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व मंत्री मुंगेरी लाल की 21वीं पुण्यतिथि आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनाई गयी.समारोह की अध्यक्षता बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा ने की.

इस अवसर पर डा0 मदन मोहन झा ने कहा कि स्व0 मुंगेरी लाल उच्च कोटि के स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक थे. राज्य सरकार के मंत्री के रूप में उन्होंने दलितों के विकास की कई योजनाएँ चलायीं.पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने जो रिपोर्ट पेश की उसी के आधार पर आज तक बिहार में पिछड़ों एवं अति पिछड़ों के लिये आरक्षण की व्यवस्था है.

डा0 झा ने कहा कि स्व0 मुंगेरी लाल बड़े ईमानदार थे तथा सादा जीवन उच्च विचार के वे प्रतीक थे. आज कृतज्ञ राज्य उनके योगदान को स्मरण कर उनकी स्मृति को शत-शत नमन करती है.इसके पूर्व मुंगेरी लाल के चित्र पर माल्यार्पण किया गया.

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमेन राजेश राठौड़, पूर्व विधायक प्रमोद कुमार सिंह, लाल बाबू लाल, कुमार आशीष, अरविन्द लाल रजक, चुन्नू सिंह, अनोखा सिंह,  प्रदुम्न कुमार यादव, मंजीत आनन्द साहू, मृणाल अनामय, निधि पाण्डेय, ई0 कमलेश, निरंजन कुमार, राणा अजय सिंह, रीना देवी रागिनी, आयुष भगत, हसीब खान सहित कांग्रेसजनों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धाँजलि अर्पित की.

बताते चले कि पिछड़ा आयोग का अध्यक्ष मुंगेरी लाल थे.राजनीतिज्ञों ने मुंगेरी बाबू को पूर्ण रूप से सम्मान नहीं दिया. आजतक मुंगेरी बाबू के जन्म स्थल कुर्जी ग्राम का नाम परिवर्तन कर मुंगेरी ग्राम नहीं कर सके. इसे परिवार वाले मुंगेरी लाल का हसीन सपना करार देते हैं. स्थानीय कुर्जी मोहल्ला को अब मुंगेरी ग्राम कहलाएगा. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने 2014 में (दिसम्बर माह) विधान परिषद में इसकी घोषणा की थी. विधान पार्षद दिलीप जायसवाल ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से यह मांग सदन में उठाई थी.उस वक्त पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी सदन में मौजूद थे. श्री जायसवाल ने कहा था कि मुंगेरी लाल प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी और राज्य के मंत्री रहे. वे कुर्जी के निवासी थे. स्वतंत्रता आंदोलन में वे जेल भी गए। जिसकी अकाल मौत हो गयी.उसे क्रियान्वित नहीं किया गया.


आलोक कुमार

मंगलवार, 28 जून 2022

चनपटिया स्टार्टअप जोन की सफलता की चहुं ओर तारीफ़

 * निवेशक अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए डी०आर०सी०सी० में फंक्शनल हुआ सिंगल विंडो सिस्टम

* सिंगल विंडो सिस्टम में उद्यमियों की समस्याओं को सिर्फ सुना ही नहीं जाएगा बल्कि सभी प्रकार के आवश्यक अनुज्ञप्ति एक समय सीमा के अंतर्गत दिलाने का प्रयास भी किया जाएगा


बेतिया. राज्य सरकार औद्योगिक विकास के माध्यम से राज्य के चारों ओर औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक उपक्रमों की स्थापना के लिए आवश्यक मंजूरी को बढ़ावा देने और सुविधा प्रदान करने के लिए “प्रभावी“ और “कार्यात्मक“ सिंगल विंडो सिस्टम के लिए प्रतिबद्ध है और एक निवेशक अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए भी प्रतिबद्ध है.

पश्चिम चंपारण जिले में कोरोना की महामारी के दौरान स्थापित चनपटिया स्टार्टअप जोन की सफलता की चहुं ओर तारीफ़ की जा रही है. इसकी सफलता से अभिभूत होकर जिले के अन्य क्षेत्रों में भी स्टार्टअप के स्थापना के लिए अनुकूल इको सिस्टम तैयार हो गया है. प्रतिदिन कई लोग स्टार्टअप की स्थापना के लिए जिला प्रशासन से मिलते हैं और अपने-अपने आइडिया को शेयर करते हैं. जिलाधिकारी के निर्देश के आलोक में उनकी समस्याओं को सुनने और निराकरण के लिए पश्चिम चंपारण जिले में डी०आर०सी०सी० में उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में सिंगल विंडो सिस्टम स्थापित कर दिया गया है.

सिंगल विंडो सिस्टम में उद्यमियों की समस्याओं को सुना जाएगा, ना केवल उन्हें सुना जायेगा बल्कि सभी प्रकार के आवश्यक अनुज्ञप्ति एक समय सीमा के अंतर्गत दिलाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे उद्योग के स्थापना में सहयोग मिलेगा और कम से कम समय में अपना उत्पादन प्रारम्भ किया जाएगा. साथ ही उन्हें हरेक आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाता है.

इस सिस्टम के तहत फायर, श्रम, फैक्ट्री लाइसेंस, प्रदूषण नियंत्रण, बिजली विभाग, जी०एस०टी, माप एवं तौल विभाग एवं बैंकों के अधिकारी रहेंगे. पश्चिम चंपारण में औद्योगिक और अन्य परियोजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन के लिए, प्रमोटरों को एकल बिंदु मंजूरी प्रदान करके और ऐसी परियोजनाओं के प्रारंभिक वाणिज्यिक उत्पादन को सुनिश्चित कराया जाएगा.


आलोक कुमार

सहारा इंडिया में जमा पैसों के भुगतान की मांग पर हजारों जमाकर्ताओं का आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन

 ● गर्दनीबाग धरना स्थल पर उनके आंदोलन के समर्थन में पहुंचे माले विधायक

● बिहार सरकार जमाकर्ताओं के अविलंब भुगतान के मसले पर विधानसभा से प्रस्ताव ले



पटना.1980 से ही सहारा इंडिया हाउसिंग फाइनेंस और रियल इस्टेट में राज्य के करोड़ों गरीब परिवार अपना पेट काटकर अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए पैसा जमा करते आए हैं, लेकिन वर्ष 2013 के बाद से पैसे की परिपक्वता पूरी होने के बाद भी जमाकर्ताओं को भुगतान नहीं किया जा रहा है. इसके खिलाफ आज बिहार के कोने-कोने से भाकपा-माले के बैनर तले हजारों की संख्या में जमाकर्ता पटना पहुंचे और बिहार सरकार से हजारों करोड़ की जमा पानी ही राशि के अविलंब भुगतान के मसले पर विधानसभा से प्रस्ताव पारित करने की मांग की.

गेट पब्लिक लाइब्रेरी से माले की केंद्रीय कमिटी सदस्य मीना तिवारी, राज्य कमिटी के सदस्य सूरज कुमार सिंह, पार्टी नेता कमलेश शर्मा, कुमार परवेज़ आदि के नेतृत्व में हाथों में तख्तियां लिए जमाकर्ताओं ने मार्च शुरू किया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं. गर्दनीबाग धरना स्थल पर उनके प्रदर्शन को उक्त नेताओं के अलावा बिहार विधानसभा में पुस्तकालय समिति के सभापति सुदामा प्रसाद, माले विधायक दल के नेता महबूब आलम, महानंद सिंह, ऐपवा की बिहार राज्य सचिव शशि यादव आदि ने संबोधित किया.

सुदामा प्रसाद ने कहा कि इस मसले पर हमने बिहार विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाने की कोशिश की. कहा कि बिहार सरकार को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए. एक तरफ राज्य में कर्ज के दबाब में लोग आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं, तो दूसरी ओर करोड़ो जमाकर्ता अपने ही पैसे की वापसी के लिए लगातार आंदोलनरत हैं, लेकिन उनकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं है. यह बहुत ही दुखद है.

ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि समय पर पैसा नहीं मिलने के कारण जमाकर्ता कई प्रकार की समस्याओं का सामना कर रहे हैं और इनमें अधिकांश परिवार आज भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं. पैसों के अभाव में सैंकड़ों जमाकर्ता बिना इलाज के मर गए और कई परिवार आत्महत्या को मजबूर हैं. ऐसे समय में उनके रुपए का भुगतान नहीं होना एक गंभीर अपराध है. सहारा इंडिया सेबी से पैसे की वापसी का जिक्र करके कहता है कि सेबी से पैसा मिलने पर ही जमाकर्ताओं को पैसा मिलेगा, लेकिन वास्तविकता यह है कि सहारा इंडिया की तरफ से दिल्ली उच्च न्यायालय में पैसे की वापसी को लेकर कोई भी मुकदमा नहीं किया गया है. वह देश की जनता की आंखों में और धूल नहीं झोक सकती.

महबूब आलम ने कहा कि कॉरपोरेटों को मोदी सरकार ने लूट की खुली छूट दे रखी है. यदि सरकार चाहती तो अब तक जमाकर्ताओं के पैसे मिल गए होते. लेकिन यह सरकार तो सब कुछ बर्बाद करने पर तुली हुई है. जनता की गाढ़ी कमाई को लूटा जा रहा है. इसे हम स्वीकार नहीं करेंगे.

महानंद सिंह ने कहा कि सहारा इंडिया में जमा बिहार के एक करोड़ जमाकर्ताओं के अविलंब भुगतान संबंधित एक प्रस्ताव बिहार विधानसभा से पारित करने, सहारा इंडिया परिवार के जमाकर्ताओं के भुगतान के लिए  सरकार द्वारा अपने स्तर से कानूनी कार्रवाई करने, दिल्ली हाइकोर्ट के आदेश कि जबतक भुगतान नहीं तब तक कोई काम नहीं के आदेश की अवहेलना करते हुए सहारा की शाखाओं में सादे कागज पर लिए जा रहे पैसों पर अविलंब रोक लगाने तथा सहारा से जुड़े सभी मामलों का 6 महीने के अंदर फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए निपटारा करने की मांगों का समर्थन करते हैं. उन्होंने इसपर सदन के अंदर लड़ाई तेज करने का आश्वासन दिया.

शशि यादव ने कहा कि सरकार का असली चेहरा अब पूरी तरह साफ है. जनता की गाढ़ी कमाई को धोखेबाजी से लूट लेने वाला सहारा इंडिया की संपत्ति जब्त करके जमाकर्ताओं का पैसा सरकार उन्हें दिलाए.

मौके पर प्रदर्शनकारियों ने अपना स्मार पत्र मजिस्ट्रेट को सौंपा. कार्यक्रम के समन्वयक सूरज कुमार सिंह ने कहा कि यदि सरकार इस प्रदर्शन के बाद भी नहीं चेतती, तब हम धारावाहिक आंदोलन में उतरेंगे. कहा कि यह शर्मनाक है कि इतना कुछ होने के बाद भी सादे कागज पर सहारा आम लोगों से पैसा ले रहा है. सरकार इसे तो कम से कम रोके.


 आलोक कुमार

विरोध सभा में माले के कई विधायक व नागरिक समाज के लोग शामिल रहे

 

* मोदी के ‘नए भारत’ में न्याय मांगना सबसे बड़ा अपराध

* मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और आरबी श्रीकुमार की गिरफ्तारी के खिलाफ पटना में प्रतिवाद

* अल्ट न्यूज के सह संस्थापक मो. जुबैर की गिरफ्तारी का भी किया विरोध

पटना. 2002 गुजरात जनसंहार के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कई अभियान चला चुके तीस्ता सीतलवाड़ व आरबी श्रीकुमार, तथा 2018 में किए गए एक ट्वीट के लिए अल्ट न्यूज के सह संस्थापक मो. जुबैर की दिल्ली पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी के खिलाफ आज पटना में एआइपीएफ, माले व इंसाफ मंच के बैनर से विरोध कार्यक्रम का आयोजन किया गया तथा उनकी अविलंब रिहाई की मांग की गई. बुद्ध स्मृति पार्क के पास आयोजित विरोध सभा में माले के कई विधायक व नागरिक समाज के लोग शामिल रहे.

कार्यक्रम में मुख्य रूप से एआइपीएफ से जुड़े व शहर के चर्चित शिक्षाविद गालिब, अभय पांडेय, अखिल भारतीय किसान महासभा के महासचिव राजाराम सिंह, माले विधायक दल के नेता महबूब आलम, इनौस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व विधायक मनोज मंजिल, अरवल से पार्टी विधायक महानंद सिंह, ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी, राज्य सचिव शशि यादव, पटना नगर के सचिव अभ्युदय, पार्टी के वरिष्ठ नेता राजाराम, इंसाफ मंच के नसीम अंसारी, आफशा जबीं, आसमां खां, कोरस की समता राय आदि शामिल थे. जबकि कार्यक्रम का संचालन एआइपीएफ के संयोजक कमलेश शर्मा ने किया.

नेताओं ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के तथाकथित नए भारत में न्याय मांगना सबसे बड़ा अपराध है. मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलबाड़ और आर.बी. श्रीकुमार के बाद अब अल्ट न्यूज से जुड़े मो. जुबैर को गिरफ्तार कर लिया गया है. नफरत, झूठ व अन्याय के इस दौर में अब प्यार, सच और न्याय की मांग करना सबसे बड़े अपराध बन गए हैं. जहां पूरे देश में नफरत व झूठ  को पूरा छूट हासिल है, वहीं सच और न्याय को जेल की सलाखों में डाल दिया जा रहा है. 

आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जिन जजों ने गुजरात जनसंहार में नरेन्द्र मोदी को निचली अदालत द्वारा मिली क्लीन चिट के खिलाफ तीस्ता सीतलवाड़ की अपील को खारिज करते हुए कहा कि ‘‘न्याय के हिमायती’’ लोगों ने जकिया जाफरी के दर्द का फायदा उठाया और उसके महज 24 घंटे के अंदर ही मुकदमा दायर करके तीस्ता सीतलबाड व आर बी श्रीकुमार की गिरफ्तारी हुई, उन जजों की बहाली प्रक्रिया देखने लायक है. इस बहाली प्रक्रिया से यह स्पष्ट हो जाता है कि सुप्रीम कोर्ट जैसी संस्था आज प्रधानमंत्री मोदी के पूरे दबाव में काम कर रही है. तीन जजों में दिनेश महेश्वरी के लिए उनसे 32 वरिष्ठ जजों को साइडलाइन किया गया. अन्य दोनों जजों की नियुक्ति प्रक्रिया भी नियम-कानूनों का घोर उल्लंघन है. जाहिर सी बात है कि ऐसी स्थिति में न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती. सुप्रीम कोर्ट द्वारा न्याय की तलाश का अपराधीकरण कर देना व न्याय मांगने वालों को कठघरे में खड़ा कर देना लोकतंत्र के हित में बिलकुल ठीक नहीं है.

ये सारी गिरफ्तारियां प्रधानमंत्री मोदी व गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर हुई हैं, जिसमें बदले की भावना काम कर रही है. आज पूरा देश तीस्ता सीतलबाड़, आर.बी. श्रीकुमार व मो. जुबैर की रिहाई की मांग पर सड़क पर है. 

कार्यक्रम में उपर्युक्त नेताओं के अलावा प्रकाश कुमार, अनय मेहता, जितेन्द्र कुमार, डॉ. प्रकाश, अनिल अंशुमन, संजय यादव, विनय कुमार आदि भी उपस्थित थे.


आलोक कुमार

सर्वेक्षण में कुल 2682 कुआं चिन्हित किए


नालंदा. इस जिले के जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज पंचायती राज विभाग द्वारा जिला स्तर पर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की.कुआँ के जीर्णोद्धार एवं सोख्ता  निर्माण के संदर्भ में बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कराये गये सर्वेक्षण में कुल 2682 कुआं चिन्हित किए गये, जिनमें से 2267 कुओं के जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ किया गया. अब तक 1611 कुओं का जीर्णोद्धार कार्य पूरा किया गया है. सभी कुओं के समीप, जहां भी जमीन उपलब्ध है, वहां सोख्ता का निर्माण किया जाना है. अब तक 1202 सोख्ता का निर्माण पूरा किया गया है.

जिलाधिकारी ने सभी सर्वेक्षित कुओं की संबंधित पोर्टल पर एंट्री सुनिश्चित करते हुए उनके जीर्णोद्धार का कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया. जिन कुओं के जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ हुआ है किंतु पूरा नहीं हुआ है, उसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया.हर घर नल का जल की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिला में पंचायती राज विभाग द्वारा 2146 वार्डों में कुल 2388 योजनाओं का क्रियान्वयन कराया गया है.इनमें से 1864 योजनाओं में जल मीनार का निर्माण कराया गया है, शेष 524 योजनाओं में जल मीनार का कार्य नहीं हुआ है.

सभी बीपीआरओ को जल मीनार विहीन इन सभी 524 योजनाओं की विस्तृत जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.जांच के क्रम में बीपीआरओ यह देखेंगे कि योजना की संपूर्ण राशि वार्ड क्रियान्वयन समिति को हस्तांतरित हुई या नहीं. अगर संपूर्ण राशि हस्तांतरित हुई है तो संपूर्ण राशि की निकासी की गई है या नहीं. जहां भी संपूर्ण राशि की निकासी की गई है वहां तत्कालीन संबंधित वार्ड क्रियान्वयन समिति को नोटिस निर्गत कर जल मीनार का निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा अन्यथा संबंधित डब्लू आईएमसी के विरुद्ध राशि के गबन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी.

समीक्षा के क्रम में पाया गया कि नल जल की 445 योजनाओं में विधिवत विद्युत कनेक्शन नहीं लिया गया है. सभी बीपीआरओ को संबंधित  डब्लू आईएमसी  को नोटिस निर्गत करके विधिवत विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया.

जिला में क्रियान्वित 1246 योजनाओं में एक बार भी उपभोक्ता शुल्क (₹30 प्रतिमाह) की वसूली डब्ल्यू आईएमसी द्वारा नहीं की गई है. संबंधित  डब्लू आईएमसी   को नोटिस निर्गत कर इसका अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया. योजनावार उपभोक्ता शुल्क पंजी का अलग से संधारण सुनिश्चित करने को कहा गया.

विगत महीनों में जिलाधिकारी द्वारा प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों एवं पंचायत स्तरीय जनप्रतिनिधियों से नल जल योजना के क्रियान्वयन की स्थिति के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया गया था. प्राप्त फीडबैक के आधार पर 41 वार्ड में निकटतम वर्तमान योजना से वंचित/छूटे हुए घरों को नल जल का कनेक्शन देने के लिए चिन्हित किया गया था. इनमें से 14 वार्ड में कार्य पूरा किया गया तथा 14 अन्य वार्ड में कार्य प्रगति पर बताया गया. प्राप्त फीडबैक के आधार पर 132 वार्डों में अतिरिक्त योजना का क्रियान्वयन कर छूटे हुए घर/ टोलों को नल जल का कनेक्शन दिया जाना था.इनमें से 14 अतिरिक्त योजनाओं का कार्य पूरा किया गया तथा 63 अन्य अतिरिक्त योजनाओं का कार्य प्रगति पर है.जिलाधिकारी ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी को अविलंब सभी योजनाओं का कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया.

 हरनौत बीपीआरओ द्वारा अतिरिक्त योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में किसी तरह का स्पष्ट प्रतिवेदन नहीं दिया गया.जिलाधिकारी ने उनसे स्पष्टीकरण पूछते हुए उनका वेतन निकासी स्थगित करने का निर्देश दिया. सभी बीपीआरओ को स्पष्ट रूप से कहा गया कि इन सभी अतिरिक्त योजनाओं का कार्य उच्च प्राथमिकता  से पूर्ण करें अन्यथा संबंधित के विरुद्ध प्रपत्र ' क ' गठित कर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी. इन सभी वार्डों की अद्यतन स्थिति की जांच प्रखंड के वरीय पदाधिकारियों से सुनिश्चित कराया जाएगा.

बैठक में बगैर किसी पूर्व अनुमति के अनुपस्थित रहने के कारण बीपीआरओ परवलपुर से स्पष्टीकरण पूछते हुए उनका वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया गया.विगत पंचायत चुनाव के बाद जिला के 3105 वार्डों में से 2867 वार्डों में वार्ड क्रियान्वयन समिति का नया स्तर से गठन हुआ है. इनमें से 1468 वार्डों में पुरानी समिति द्वारा नई समिति को अभिलेख हस्तांतरित किया जा चुका है. जिलाधिकारी ने शेष वार्डाें में शीघ्र से शीघ्र वार्ड क्रियान्वयन समिति का नवगठन सुनिश्चित कराने तथा शत प्रतिशत वार्डों में अभिलेख का हस्तांतरण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया.अभिलेख के हस्तांतरण के लिए सभी बीपीआरओ को संबंधित पुराने वार्ड क्रियान्वयन समिति को 24 घंटे के अंदर नए वार्ड क्रियान्वयन समिति को अभिलेख हस्तांतरण कराने के आशय का नोटिस निर्गत करने का निर्देश दिया गया. इसका अनुपालन नहीं करने वाले वार्ड क्रियान्वयन समिति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा गया.

बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला पंचायती राज पदाधिकारी एवं विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी उपस्थित थे.

आलोक कुमार

जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिलास्तरीय समीक्षा समिति की बैठक सम्पन्न

 *जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक हुई सम्पन्न

*सीडी रेसियो बढ़ाने के लिए, बैंकर्स को तत्परतापूर्वक कार्य करने की नसीहत


बेतिया.पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिलास्तरीय समीक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुयी. इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार सहित सभी संबंधित अधिकारी, बैंकर्स आदि उपस्थित रहे.

सीडी रेशियो (ऋण जमा अनुपात) की समीक्षा के दौरान एलडीएम द्वारा बताया गया कि एसबीआई, सीबीआई, पीएनबी, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक का सीडी रेशियो अपेक्षाकृत काफी कम है. वहीं यूको बैंक, यूनियन बैंक, आईओबी, एचडीएफसी बैंक, बंधन बैंक, उत्कर्ष बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र आदि का सीडी रेशियो बेहतर है.

 उन्होंने बताया कि पश्चिमी चंपारण जिले का सीडी रेशियो राज्य के औसत से ऊपर है और सोशल सिक्योरिटी के तहत पेंशन प्रदान करने में पश्चिमी चम्पारण जिला प्रथम है.जिलाधिकारी द्वारा बारी-बारी से सीडी  रेशियो   में अच्छा प्रदर्शन करने वाले बैंकर्स से फीडबैक लिया गया कि कैसे उनके बैंक का सीडी रेशियो बेहतर है. साथ ही अपेक्षाकृत कम उपलब्धि वाले बैंकर्स से भी पृच्छा की गयी.केनरा बैंक प्रबंधक द्वारा बताया गया कि जुलाई माह के अंत तक 28.45 से 40 प्रतिशत सीडी रेशियो करा लिया जायेगा. वहीं पीएनबी ने 40.84 से 60 प्रतिशत करने, एसबीआई ने 45.08 से 60 प्रतिशत करने की बात कही.


जिलाधिकारी ने कहा कि जिले का एवरेज सीडी रेशियो लगभग 60 प्रतिशत है. उन्होंने निर्देश दिया कि जुलाई माह के अंत तक संबंधित बैंकर्स हर हाल में 60 प्रतिशत सीडी रेशियो के लक्ष्य को पूर्ण करेंगे. उन्होंने कहा कि किसी भी बैंक का सीडी रेशियो डिस्ट्रिक्ट एवरेज से कम नहीं रहना चाहिए.

 पीएमईजीपी की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 21-22 में 90 के विरूद्ध 139 व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया है.वित्तीय वर्ष 22-23 में 303 योग्य व्यक्तियों को पीएमईजीपी के तहत लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी बैंकर्स कार्रवाई कर रहे हैं.

जिलाधिकारी ने कहा कि जिन 139 लोगों को पीएमईजीपी के तहत लाभान्वित किया गया है, सभी की विस्तृत जानकारी समेकित की जाए.उन्होंने कहा कि यह पता लगाये कि पीएमईजीपी से लाभान्वित व्यक्ति ग्राउंड लेवल पर क्या कर रहे हैं. अगर वे लड़खड़ा रहे हैं तो उनको आगे बढ़ाने के लिए प्रयास किया जायेगा. 

उन्होंने कहा कि आसमान में उड़ने की चाह रखने वाले अर्थात अपना उद्यम स्टार्ट करने के इच्छुक व्यक्तियों को जिला प्रशासन द्वारा पंख उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि पश्चिम चम्पारण जिला का आर्थिक विकास और तेजी के साथ हो सके.इस कार्य में बैंकर्स की भूमिका महत्वपूर्ण है। उद्यम स्टार्ट करने के इच्छुक योग्य व्यक्तियों को आर्थिक सहायता मुहैया कराने में बैंकर्स अपना महती भूमिका अदा करें. बैंकर्स सकारात्मक भावना के साथ कार्य करें तथा योग्य इच्छुक व्यक्तियों को ऋण उपलब्ध करायें.

जिलाधिकारी द्वारा एसीपी, केसीसी, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, जेएलजी, पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई, एपीवाई, सुकन्या समृद्धि योजना, पीएम स्वनिधि योजना, समग्र गव्य विकास योजना आदि योजनाओं के कार्य प्रगति की समीक्षा की गयी.

उन्होंने कहा कि उक्त सभी जन कल्याणकारी योजनाओं से योग्य व्यक्तियों को लाभान्वित करने में बैंकर्स पूरी दिलचस्पी दिखाये तथा लंबित मामलों का त्वरित गति से निष्पादन कराना सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस कारण के उक्त योजनाओं के आवेदनकर्ताओं को परेशान किये जाने और ससमय ऋण मुहैया नहीं कराने को जिला प्रशासन द्वारा अत्यंत ही गंभीरता से लिया जायेगा.ऐसे बैंकर्स के विरूद्ध ठोस कार्रवाई की जायेगी.

जिलाधिकारी ने जीएम डीआईसी सहित कृषि, जीविका, पशुपालन आदि के अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण लेने के इच्छुक योग्य व्यक्तियों को बैंक से लिंक कराना सुनिश्चित करें. एक-एक आवेदन की पुनः समीक्षा करें तथा बैंकर्स और ऐसे व्यक्तियों की मीटिंग कराकर ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें.

उन्होंने कहा कि पोल्ट्री, गोट्री,  फिशरीज के क्षेत्र में भी संबंधित विभाग और बैंकर्स को तत्परतापूर्वक कार्य करने की आवश्यकता है. ऐसे क्षेत्रों में कार्य करने के इच्छुक योग्य व्यक्तियों को आर्थिक सहायता मुहैया कराने की समुचित व्यवस्था की जाय.

उक्त महत्वपूर्ण बैठक में अनुपस्थित रहे बैंक ऑफ इंडिया तथा इंडियन बैंक के प्रबंधकों को शोकॉज करने का निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया.

आलोक कुमार


सोमवार, 27 जून 2022

प्रिंसिपल डॉ. सिस्टर एम. रश्मी ए.सी. के मार्गदर्शन में किया गया

 

पटनाः देश की सबसे प्रतिष्ठित और सबसे बड़ी प्रसारित पत्रिका इंडिया टुडे द्वारा इंडिया टुडे एमडीआरए बेस्ट कॉलेज ऑफ इंडिया सर्वे 2022 में पटना वीमेंस  कॉलेज (स्वायत्त) ने कला और विज्ञान श्रेणियों में उच्च रैंकिंग हासिल की है.कला में इसकी राष्ट्रीय रैंकिंग 30 है, जो कि पूर्वी क्षेत्र में पहली है. पटना वीमेंस कॉलेज की यह रैंकिंग विज्ञान में 43 की राष्ट्रीय रैंकिंग के साथ पूर्वी क्षेत्र में तीसरे स्थान पर हैं. रैंकिंग प्रक्रिया में चयनित गुणवत्ता मानदंडों के आधार पर शैक्षणिक संस्थानों का मूल्यांकन शामिल है.संपूर्ण रैंकिंग अभ्यास आईक्यूएसी समन्वयक डॉ अमृता चौधरी और आलोक जॉन द्वारा हमारी प्रिंसिपल डॉ. सिस्टर एम. रश्मी ए.सी. के मार्गदर्शन में किया गया था.

इंडिया टुडे एमडीआरए, 2022 सर्वेक्षण में देश के अव्वल शिक्षण संस्थानों का डेटा तैयार किया गया है. इसके अंतर्गत कला की श्रेणी में शहर के पटना वीमेंस कॉलेज को पूर्वी क्षेत्र में फर्स्ट रैंक मिला है. वहीं, विज्ञान की श्रेणी में कॉलेज को पूर्वी क्षेत्र में तीसरा रैंक दिया गया है. कला की श्रेणी में कॉलेज की राष्ट्रीय रैंकिंग 30 है. वहीं, विज्ञान की श्रेणी में कॉलेज की राष्ट्रीय रैंकिंग 43 है.

रैंकिंग प्रक्रिया में गुणवत्ता मानदंडों के आधार पर शैक्षणिक संस्थानों का चयन किया गया है. इसमें कॉलेज की प्राचार्य डॉ सिस्टर एम रश्मि एसी, आइक्यूएसी समन्वयक डॉ अमृता चौधरी और आलोक जॉन ने अपना मार्गदर्शन किया. प्राचार्य डॉ सिस्टर एम रश्मि एसी ने कॉलेज के सभी शिक्षकों और कर्मियों को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि कॉलेज आगे भी बेहतर करने का प्रयास करेगा.

इंडिया टुडे ग्रुप तथा एमडीआर के बेस्ट कॉलेज सर्वेक्षण 2022 में एएन कॉलेज ने साइंस में देश में 42 वां स्थान प्राप्त किया है, जबकि बिहार में प्रथम स्थान प्राप्त किया है. गौरतलब है कि इस श्रेणी में एएन कॉलेज बिहार के अलावा झारखंड, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि प्रदेशों के काॅलेजों में भी पहले स्थान पर है. वहीं, आर्ट्स में कॉलेज ने देश में 70 वां स्थान प्राप्त किया है.

कॉलेज के प्राचार्य प्रो एसपी शाही ने इस सफलता के लिए सभी शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मियों और विद्यार्थियों को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि कॉलेज की प्रगति के लिए हम सभी प्रयत्नशील हैं. इंडिया टुडे रैंकिंग में बेहतर स्थान प्राप्त करना गौरव की बात है और कॉलेज नैक, एनआईआरएफ आदि रैंकिंग में भी उच्च प्रदर्शन के लिए लगातार प्रयासरत है.



आलोक कुमार










जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक


सीतामढ़ी. उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई. जिसमें जिला स्तरीय सभी पदाधिकारी द्वारा भाग लिया गया. वहीं अनुमंडल एवं प्रखंड/ अंचल स्तरीय पदाधिकारी द्वारा इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया गया.

 जिले में चल रही मुख्य योजनाओं तथा क्रियाकलापों की समीक्षा एवं इससे संबंधित विभागों का दूसरे विभागों से समन्वय में हो रही कठिनाइयों का समीक्षा किया गया. तथा समन्वय स्थापित करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया. मुख्यतः स्वास्थ्य, शिक्षा, आईसीडीएस, पंचायती राज, पथ प्रमंडल, ग्रामीण कार्य विभाग, योजना, क्षेत्रीय अभियंत्रण संगठन के विकासात्मक कार्यों की एवं बाढ़ पूर्व तैयारी की समीक्षा की गई.

 


समीक्षा के क्रम में स्वास्थ विभाग को निर्देश दिया गया कि कोरोना तेजी से बढ़ रहा है. जिसे लेकर वैक्सीनेशन का कार्य प्रत्येक पंचायत में किया जाए साथ ही टीम बनाकर कोरोना की जांच करना करना सुनिश्चित करें.  साथ ही नल जल योजना में प्रखंडवार समीक्षा की गयी जिसमे  बिजली कनेक्शन , कार्य अपूर्ण, साथ ही पीएचडी से नल जल योजना में अनियमितता पाये जाने पर नल जल योजना से संबंधित सभी योजनाओं को कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया.

वहीं अमृत सरोवर योजना की समीक्षा की गई एवं मानव बल बढ़ाकर कार्यपूर्ण करने का निर्देश दिया गया. जिले के विभिन्न प्रखंडों में सरकार के योजनाओं से संबंधित भवन निर्माण के लिए  जमीन की उपलब्धता को लेकर समीक्षा की गयी एवं जल्द से जमीन की उपलब्धता कराने का निर्देश संबंधित अंचलाधिकारी को निर्देश दिया गया. 

वहीं कब्रिस्तान घेराबंदी, मंदिर की चारदीवारी, से संबंधित सभी मामलों का निष्पादन जल्द से जल्द करना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. आंगनबाड़ी केंद्रों में विरतण किये गये पोषाक राशि प्राप्ति की जाँच एवं बच्चों को पोषाक पहनकर कर ही आये. इसके लिये प्रेरित करना सुनिश्चित करें. आरटीपीएस माध्यम एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त पब्लिक पिटीशन को सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी ससमय निष्पादित करना सुनिश्चित करें.

 पंचायतों में कैंप लगाकर वहां के लोगों के लंबित कार्यों का निष्पादन करें.पंचायत स्तरीय पदाधिकारी व कर्मी के कार्य में लापरवाही बरते जाने पर कार्रवाई करते हुए मुख्यालय को सूचित करें. बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर  कार्यपालक अभियंता बागमती प्रमंडल को निदेश दिया गया कि तटबंधों के रख रखाव एवं मरम्मत के लिए बालू भरे बोरो की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें. तटबंधों की 24 घंटे  निगरानी के लिए जल निशरण के अभियंता को मानव बल प्रतिनियुक्ति करते हुए पेट्रोलिंग कराने का निर्देश दिया गया.

बैठक के अंत में जातिगत जनगणना को लेकर  सामान्य प्रशासन विभाग बिहार सरकार द्वारा निर्गत दिशा निर्देशों को पावर पॉइंट के माध्यम से परिचारित किया गया साथ साथ विभिन्न कोषांगों के गठन एवं संबंधित  पदाधिकारियों के कार्य एवं उत्तरदायित्व को भी साझा किया गया. उक्त बैठक में  जिला परिवहन पदाधिकारी रविंद्र नाथ गुप्ता, अनुमंडल पदाधिकारी सीतामढ़ी, सदर, जिला विकास प्रशाखा प्रभारी पदाधिकारी विजय कुमार पांडे, के साथ सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे.                                          

आलोक कुमार

अंतरजातीय विवाह करने वाली महिला को आर्थिक दृष्टि से सम्बल बनाने के लिए एक लाख रुपये

 * उप विकास आयुक्त ने मुख्यमंत्री अंतरजातीय विवाह योजना अंतर्गत छह विवाहित दम्पतियों को एक-एक लाख का दिया  प्रोत्साहन राशि


सीतामढ़ी.हेलन केलर दिवस के अवसर पर उप विकास आयुक्त विनय कुमार ने समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग सीतामढ़ी अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री अंतरजातीय विवाह योजना के तहत कुल छह विवाहित दम्पति को प्रोत्साहन राशि दिया. -1.आरती कुमारी पत्नी पिन्टू कुमार 2. कृति कुमारी पत्नी आदित्य राज 3. सुनैना कुमारी पत्नी शंकर कुमार 4. ऋतु कुमारी पत्नी निवास कुमार 5.संजू कुमारी पत्नी राजू कुमार 6. निभा कुमारी पत्नी अमित कुमार.

गौरतलब हो कि बिहार सरकार  द्वारा अंतरजातीय विवाह करने वाली महिला को आर्थिक दृष्टि से सम्बल बनाने के लिए एक लाख रुपये मात्र का अनुदान के रूप में प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दिया जाता है. स्वीकृत अनुदान राशि विवाह सम्पन्न होने के बाद तीन महीने के


भीतर सम्बंधित वधू को अधिकतम परीपक्कवता राशि देने वाले राष्ट्रीयकृत बैंक में सावधि जमा प्रमाण पत्र के माध्यम से भुगतान किया जाता है. जिसकी अवरुद्धता अवधि तीन वर्ष की होती है. हेलन केलर विश्व की पहली महिला थी जो मुख बधिर, तथा नेत्रहीन होने के बावजूद प्रथम स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी.

उक्त अवसर पर  सहायक निदेशक निजु राम, जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी विजय कुमार पांडेय कुमार आदि उपस्थित थे.                                  

आलोक कुमार


मोतिहारी में जिला बाल संरक्षण समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक

 

मोतिहारी. माननीय अध्यक्ष, जिला परिषद, मोतिहारी की अध्यक्षता में डॉ राधाकृष्णन सभागार, मोतिहारी में जिला बाल संरक्षण समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई.जिला बाल संरक्षण समिति, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के द्वारा 22 एजेंडा पर विस्तृत चर्चा की गई.

1. चाइल्ड लाइन, मोतिहारी की गतिविधियों की समीक्षा तथा बालकों के संरक्षण से संबंधित सेवाओं के बेहतर संचालन एवं बालकों का फालो-अप की समीक्षा.

2. जिले में अवस्थित सभी विद्यालय एवं सभी आवासीय विद्यालयों में आवासित बच्चों के समस्याओं की समीक्षा.

3. 18 वर्ष से कम उम्र के बालक/बालिकाओं को कारखानों/ दुकानों तथा आर्केस्ट्रा में कार्य करने से रोकने की समीक्षा.

4. सभी स्तर पर बच्चों को उनके परिवारों में वापस भेजने की प्रक्रिया की समीक्षा.

5. बच्चों के साथ दुर्व्यवहार/हिंसा/शोषण आदि पर विचार.

6. एन0जी0ओ0 द्वारा संचालित बाल गृहों की समीक्षा.

7. किशोर न्याय परिषद में बाल विवादित किशोरों से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा.

8. बाल कल्याण समिति में लंबित मामलों की समीक्षा.

9. पर्यवेक्षण गृह के भवन को मरम्मत कराने संबंधी चर्चा.

10. बच्चों के अन्य जिलों अथवा राज्यों में स्थानांतरण होने पर मार्ग रक्षा के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराये जाने के संबंध में


11. पर्यवेक्षण गृह में गणित के शिक्षक की प्रतिनियुक्ति के संबंध में चर्चा.

12. चिकित्सा विभाग द्वारा बाल देखरेख संस्थानों में गृह में नियुक्त कर्मियों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण देने के संबंध में चर्चा.

13. सभी बाल देखरेख संस्थानों में प्रतिनियुक्त डॉक्टर के द्वारा नियमित रूप से मेडिकल इलाज की सुविधा उपलब्ध कराये जाने की समीक्षा

14. बालिका गृह में आवासित बालिकाओं के आपातकालीन मेडिकल इलाज के लिए एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराये जाने के लिए चर्चा.

15. बालिका गृह में बाहरी सुरक्षा के लिए 1/4 का पुलिस बल एवं आंतरिक सुरक्षा गार्ड को अधीक्षक, बालिका गृह के अनुशंसा पर ही बदले जाने के लिए चर्चा.

16. बच्चों की मृत्यु उपरांत पोस्टमार्टम कराने में आ रही कठिनाइयों के संबंध में चर्चा.

17. परवरिश एवं स्पॉन्सरशिप योजना के लाभुकों का संयुक्त खाता खोलने में उत्पन्न कठिनाइयों पर चर्चा.

18. परवरिश योजना के आवेदनों का बाल विकास परियोजना कार्यालय एवं अनुमंडल कार्यालय से ससमय अग्रसारण एवं स्वीकृति पर चर्चा.

19. प्रखण्ड/पंचायत/वार्ड स्तरीय बाल संरक्षण समिति के गठन की प्रगति एवं अनुमंडल स्तर पर प्रशिक्षण की स्थिति के संबंध में चर्चा.

20. बालिका रखने संबंधी चर्चा.

21. बालिका गृह के लिये नये भवन की समस्या पर चर्चा.

22. जिला में कार्यरत स्वयंसेवी संस्था-डंकन अस्पताल, आईडिया, बचपन बचाओ आंदोलन इत्यादि का बाल संरक्षण प्रणाली में सहयोग लेने के लिए जिला बाल संरक्षण समिति में शामिल करने के संबंध में चर्चा.

सहायक निदेशक,जिला बाल संरक्षण इकाई, द्वारा बताया गया कि मोतिहारी बालिका गृह में 95, बाल गृह में 19 एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में 0 से 6 वर्ष के 8 बच्चों का पालन पोषण किया जा रहा है.जनप्रतिनिधियों से अनुरोध करते हुए उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र में बाल श्रम के प्रति  प्रचार प्रसार कर जागरूकता अभियान सुनिश्चित करें.

इस अवसर पर सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, पुलिस उपाधीक्षक, सिविल सर्जन, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक, सामान्य  विशेष किशोर पुलिस इकाई, जिला कल्याण पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता भवन, माननीय जिला परिषद सदस्य, मुखिया गण ,प्रयास प्रोजेक्ट मैनेजर ,अधीक्षक बाल गृह समन्वयक एस ए ए, समन्वय चाइल्ड लाइन कोलैब , आदि उपस्थित थे.


आलोक कुमार

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