सोमवार, 13 जून 2022

बिहार विधान परिषद के सात सीटों पर प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन हो गया


पटना.बिहार विधान परिषद के सात सीटों पर प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन हो गया है. बिहार विधानसभा में विधानसभा के सचिव ने निर्वाचित होने का सभी को सर्टिफिकेट दे दिया है.बता दें कि बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए दालिख किये गये सातों उम्मीदवारों के नामांकन पत्र वैध पाये गये हैं. शुक्रवार को इनके नामांकन पत्रों की जांच हुई. इससे यह तय हो गया था कि सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित होंगे.नामांकन प्रक्रिया के अंतर्गत नाम वापसी की अंतिम तिथि सोमवार 13 जून है.विधायक कोटे से सात सीटों के लिए हो रहे चुनाव में उम्मीदवार भी सात ही हैं. इसलिए मतदान की जरूरत नहीं हुई. इन सातों में तीन अशोक कुमार पांडेय, मुन्नी रजक और कारी सोहेब राजद से, दो -आफाक अहमद खान और रवींद्र प्रसाद सिंह जदयू से तथा दो हरि सहनी और अनिल शर्मा भाजपा से हैं.इन सदस्यों का कार्यकाल 22 जुलाई से अगले छह साल के लिए मान्य होगा. 

बता दें कि विधान परिषद की सात सीटें रिक्त हो रही हैं. जिन सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है उनमें मो. कमर आलम, गुलाम रसूल, अर्जुन सहनी, रोजिना नाजिश, रणविजय सिंह, सीपी सिन्हा और मुकेश सहनी हैं. इन सभी का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है.

 2-2 सीटों पर जेडीयू-बीजेपी के एमएलसी हैं तो वहीं आरजेडी के तीन एमएलसी का निर्विरोध चुनाव हुआ है.भारतीय जनता पार्टी ने अनिल शर्मा और हरि सहनी को अपना उम्मीदवार बनाया था. वहीं, जेडीयू ने अफाक अहमद खान और रविंद्र प्रसाद सिंह को एमएलसी प्रत्याशी बनाया था.राजद ने अशोक कुमार पांडेय, मुन्नी रजक और कारी सोहेब को एमएलसी प्रत्याशी बनाया था.  इन सभी का निर्विरोध चुन लिया गया है.हालांकि विधान परिषद के लिए आठवें उम्मीदवा का नाम मैदान में नहीं आया जिसके चलते चुनाव की नौबत नहीं आई. एनडीए के चारों प्रत्याशी को जीत हासिल हुई.

भाजपा की ओर से हरि सहनी और अनिल शर्मा निर्विरोध चुनाव जीत लिया है. दोनों प्रत्याशियों ने निर्विरोध जीत के बाद सर्टिफिकेट हासिल किया. जदयू की ओर से 2 प्रत्याशी मैदान में उतारे गए थे. रविंद्र सिंह और अफाक अहमद मैदान में थे. दोनों प्रत्याशी निर्विरोध चुनाव जीत गए और उन्हें सर्टिफिकेट भी दिया गया है. मौके पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह, विजय चैधरी और उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद मौजूद थे.ष्जीत के लिए सभी का धन्यवाद. हम अपने वर्ग के लोगों के लिए आवाज उठाते रहेंगे. पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी उसका निर्वहन करेंगे.-हरि सहनी, नवनियुक्त एमएलसी

कपड़े धोकर गुजारा करने वाली मुन्नी देवी को टिकट मिलने के बाद लालू प्रसाद की सबने तारीफ की थी और उन्हें गरीब गुरबों का मसीहा बताया था. वहीं टिकट मिलने के बाद मुन्नी रजक ने कहा कि लालू प्रसाद परिवारवाद नहीं दलितवाद करते हैं. आरजेडी एमएलसी मुन्नी देवी किसी परिपक्व नेता की तरह एक के बाद एक बयान देकर चर्चा में बनी रही.मुन्नी देवी बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह जाति से नहीं काम से भी धोबी है. सदन में सांप्रदायिक ताकतों को पटक-पटक कर धोएगी.

तहे दिल से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को धन्यवाद देता हूं. पार्टी की ओर से जो भी मुझे जिम्मेदारी मिलेगी उसका मैं ईमानदारी से निर्वहन करुंगा.- अनिल शर्मा,  सातों प्रत्याशियों के निर्विरोध चुने जाने के बाद बिहार विधान परिषद में 75 सदस्यों में जेडीयू सदस्यों की संख्या 25 हो गई है. वहीं बीजेपी के सदस्यों की संख्या 23 और आरजेडी अब तीसरा सबसे बड़ा दल बन चुका है. उसके सदस्यों की संख्या 14 हो गई है. उसके अलावा कांग्रेस के 4, सीपीआई के 2, हम और आरएलजेडी एक और निर्दलीय 5 सदस्य हैं.

बिहार विधान परिषद में कुल सदस्यों की संख्या 75 है, जिनमें विधायकों द्वारा निर्वाचित किए जाने वाले सदस्यों की संख्या 27 है. इसी 27 में से सात सीटें 21 जुलाई को रिक्त हो रही हैं. विधान परिषद में इसके अलावा स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भी छह-छह यानी कुल 12 सदस्य चुन कर आते हैं. वहीं, स्थानीय निकायों से 24 और विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्टता रखने वाले 12 सदस्यों को राज्यपाल द्वारा मनोनीत किया जाता है.

आलोक कुमार




                       


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

welcome your comment on https://chingariprimenews.blogspot.com/

The Configure Featured Post option in Blogger allows you to highlight a selected post prominently on

How to Configure Popular Posts in Blogger The Popular Posts widget highlights your most viewed post