बगहा-02 अंचल के खरहट में 15 एकड़ भूमि चिन्हित

 

 जनजातीय मामले मंत्रालय ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) के छात्रों के लिए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (Eklavya Model Residential School) अनुसूचित जनजाति (एसटी) योजना शुरू की है जो दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को मध्यम और उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान करती है. योजना अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए लाभकारी है....


बेतिया.अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, बिहार के निर्देश के आलोक में जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अनुमोदित योजना के तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए 480 आसन वाले एकलव्य मॉडल आवासीय उच्च विद्यालय का निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है. इससे इस क्षेत्र के जनजातीय छात्र-छात्राओं को अत्यधिक फायदा होगा और वे उच्च विद्यालय तक की पढ़ाई उक्त विद्यालय के माध्यम से कर सकेंगे.इससे जनजातीय वर्ग के बच्चों का शैक्षणिक विकास होगा और भविष्य उज्जवल होगा.

उक्त परिप्रेक्ष्य में जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार की अध्यक्षता में एकलव्य मॉडल आवासीय उच्च विद्यालय के लिए भूमि उपलब्धता की समीक्षा की गयी. समीक्षा के दौरान अपर समाहर्ता, पश्चिम चम्पारण द्वारा बताया गया कि बगहा-02 अंचल के खरहट में 15 एकड़ भूमि को चिन्हित करा लिया गया है तथा भूमि हस्तानांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है.उन्होंने बताया कि प्रस्तावित भूमि जल स्रोतों से आच्छादित नहीं है. यह भूमि सैरात, भूदान, भू-हदबंदी, मंदिर, मस्जिद एवं अन्य विवादों से मुक्त है.

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि एकलव्य मॉडल आवासीय उच्च विद्यालय के निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि का हस्तांतरण अविलंब पूर्ण करा लिया जाय. साथ ही भूमि हस्तांतरित होने के उपरांत तीव्र गति से एकलव्य मॉडल आवासीय उच्च विद्यालय का निर्माण कराने की कार्रवाई की जाए.इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, अपर समाहर्ता, श्री नंदकिशोर साह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे.

मालूम हो कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) को वर्ष 1997-98 में शुरू किया गया था। भारत के संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत अनुदान से एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों में स्थापित किए जाते हैं. राज्य/केंद्र शासित प्रदेश, अनुच्छेद 275 (1) के तहत निर्माण के लिए मिली राशि को अपने अनुसार इस्तेमाल करने के लिए स्वतंत्र हैं. राज्य, मंत्रालय द्वारा स्वीकृत संख्या से अतिरिक्त ईएमआरएस का भी संचालन कर सकते हैं.अगर राज्य के सभी विद्यालय सुचारू रूप से काम कर रहे हैं तो राज्य केंद्र से और विद्यालयों की मांग कर सकता है.

आलोक कुमार

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