इस्लामिक धर्मशास्त्री होने के बावजूद धर्मनिरपेक्ष थे मौलाना कलाम : डा0 अखिलेश
पूरे देश में शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता
पटना। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की दो कैटोगरी है। एक वर्ग उनका है जो स्वतंत्रता संग्राम में अविस्मरणीय योगदान दिये और दूसरे वो जिन्होंने आजादी की लड़ाई लड़ने के साथ-साथ आजादी के बाद भी व्यवस्था की नींव रखने में अमिट छाप छोड़ी। आजाद भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री अबुल कलाम आजाद दूसरे वर्ग के रत्नों में से एक हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक योगदान के कारण ही 11 नवम्बर को मनायी जाने वाली उनकी जयंती को पूरे देश में शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
डा0 सिंह स्वतंत्र भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की 135वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अबुल कलाम आजाद की सबसे बड़ी पहचान ये है कि वे मौलाना मतलब कट्टर समझे जाने वाले इस्लामिक धर्मशास्त्री होने के बावजूद धर्मनिरपेक्ष थे। भारतीय इतिहास में मौलाना आजाद की पहचान हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रबल समर्थक और मुसलमानों के लिए एक प्रथक राष्ट्र की अवधारणा के प्रबल विरोधी के रूप में होती है। भारत में शिक्षा व्यवस्था की नींब रखने में मौलाना आजाद ने अपने दूरगामी सोच का परिचय दिया। उन्होंने यु0जी0सी0 और आई0आई0टी0 जैसे संस्थानों की नींव रखी जो भारत में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा का मापदंड तय करती है।
जयंती के अवसर पर सदाकत आश्रम में एक विचार-गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता डा0 शकील अहमद खान ने विस्तार से मौलाना आजाद के योगदान को रेखांकित किया। और वर्तमान संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता पर विचार व्यक्त किये।
विचार-गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में पटना कॉलेज, पटना के प्राचार्य डा0 तरूण कुमार मौजूद थे। अपने संबोधन में डा0 तरूण कुमार ने मौलाना आजाद के योगदान और हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रति उनके नजरिये पर प्रकाश डाला। मंच संचालन मधुवाला ने किया।
इसके अलावा इस अवसर पर उपस्थित कांग्रेस नेताओं में शामिल थे- प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी,पूर्व मंत्री डा0 अशोक कुमार, संजीव प्रसाद टौनी, विधायक राजेश कुमार, बंटी चौधरी, कपिलदेव यादव, लाल बाबू लाल, ब्रजेश प्रसाद मुनन, निर्मल वर्मा, पूनम पासवान, डा0 विनोद शर्मा, गरीब दास, शरबत जहां फातिमा, डा0 संजय यादव, आलोक हर्ष, राजेश राठौड़, आनन्द माधव, असित नाथ तिवारी, चन्द्र प्रकाश सिंह, गरीब दास, रीता सिंह, आई0 पी0 गुप्ता, गुंजन पटेल, नागेन्द्र विकल, सुधा मिश्रा, असफर अहमद, शाशिकान्त तिवारी, अमरेन्द्र सिंह, स्नेहाशीष वर्द्धन पाण्डेय, राजनन्दन कुमार, शशि रंजन, निधि पाण्डेय, अखिलेश्वर सिंह, अश्विनी कुमार, फिरोज हसन, मंटन सिंह, आदित्य कुमार पासवान, सुमित सन्नी, मृणाल अनामय, ललित सिंह, राज छविराज, अरूणा सिंह, शमा परवीन।
आलोक कुमार

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