सोमवार, 25 अगस्त 2025

बीमा क्लेम विवाद पर अदालत सख्त, नेशनल इंश्योरेंस की संपत्तियों की कुर्की का आदेश

 बीमा क्लेम विवाद पर अदालत सख्त, नेशनल इंश्योरेंस की संपत्तियों की कुर्की का आदेश


नई दिल्ली. सात वर्षों से लंबित बीमा दावे के मामले में अदालत ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए संपत्ति कुर्की का वारंट जारी करने का निर्देश दिया है. यह मामला 018 से पटियाला हाउस कोर्ट, नई दिल्ली में लंबित था.

     वादी सुचिता डेविड, निवासी ए-ब्लॉक हट्स, धोबी घाट, किरबी प्लेस, नई दिल्ली, ने वाहन संख्या DL-ILS-5501 के लिए बीमा पॉलिसी संख्या 35101031176340031147 के तहत नेशनल इंश्योरेंस से बीमा कराया था। पॉलिसी 03 अप्रैल 2017 से 02 अप्रैल 2018 तक वैध थी. 23 जून 2017 की सुबह अकबर रोड, जिमखाना क्लब गोलचक्कर के पास उक्त वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया,वादी के अनुसार, वाहन का बीमा घोषित मूल्य ₹2,05,000/- था और दुर्घटना के बाद इसे मरम्मत से परे माना गया.

    बीमा कंपनी से क्लेम न मिलने पर वादी ने 26 अप्रैल 2018 को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद सुचिता डेविड ने 06 जुलाई 2018 को सिविल वाद (CS SCJ No. 875/2018) दायर किया. 08 दिसंबर 2023 को सीनियर सिविल जज, पटियाला हाउस कोर्ट ने कंपनी को ₹2,05,447/- राशि 9% वार्षिक ब्याज सहित अदा करने का आदेश दिया. लेकिन आदेश के बावजूद नेशनल इंश्योरेंस ने भुगतान नहीं किया.वर्तमान में वादी ₹2,20,477/- राशि के साथ 24% वार्षिक ब्याज की मांग कर रही है.

अदालत ने पाया कि आदेश पालन में जिला मजिस्ट्रेट भी विफल रहे हैं। अब निर्देश दिए गए हैं कि चल संपत्तियों की कुर्की का नया वारंट जारी किया जाए.1 जुलाई 2025 को बेलीफ नियुक्ति के लिए उपस्थित होने का निर्देश.19 अगस्त 2025 को अगली कार्यवाही की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश.यह मामला भारतीय बीमा क्षेत्र में दावों के निपटान में देरी और आदेश अनुपालन की गंभीर समस्या को उजागर करता है.धारा 151 CPC (न्यायालय की अंतर्निहित शक्तियों) के तहत अदालत ने कुर्की की कार्रवाई का निर्देश दिया है.

कंपनी का आदेश पालन न करना अवमानना के दायरे में आ सकता है.यह केस उपभोक्ता संरक्षण कानूनों और बीमा अधिनियम, 1938 के तहत दावों के समय पर निपटान के महत्व को रेखांकित करता है.अगर नेशनल इंश्योरेंस आदेश का पालन नहीं करता, तो संपत्तियों की नीलामी और वादी का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए अगली कार्यवाही और कठोर दंडात्मक कदम उठाए जा सकते हैं.

आलोक कुमार

दुकान लगाने से सड़क अतिक्रमण हो जाता



पटना.पटना नगर निगम,दीघा थाना और दीघा हाट में दुकान सजाने वालों के साथ छतीस का रिश्ता बन गया है.कई दशक से पटना- बांस घाट- दानापुर मुख्य मार्ग के दीघा के आसपास मुख्य मार्ग के दोनों तरफ बेरोजगार गरीब लोग दीघा हाट में दुकान सजाने का काम करते हैं. यहां सब्जी,फल और घरेलू सामान बेचते हैं.इन लोगों के द्वारा दुकान लगाने से सड़क अतिक्रमण हो जाता है.जिसके कारण जाम की स्थिति बन जाती है.
         बता दें कि पटना-  बांस घाट-  दानापुर मुख्य मार्ग के संपर्क में संत माइकल हाई स्कूल, हार्टमन हाई स्कूल,साईं शिवम पब्लिक स्कूल ,डॉन बोस्को एकेडमी, संत दोमनिक सावियों स्कूल के अलावे अन्य स्कूलों में 'साहब' लोगों के साहबजादे लोग पढ़ते हैं.जो स्कूल से घर और घर से स्कूल आते समय जाम में फंसकर बिलबिलाने लगते हैं.सभी स्कूलों का समय स्कूल लगने और छोड़ने का लगभग समान ही है.इन स्कूलों के पास लंबे और चौड़ी गाड़ी है.जो जाम को महाजाम बनाने में सहायक है.
     वहीं अधिकारियों की सरकारी गाड़ी और अधिकारियों के रौबदार चालक मनमर्जी से गाड़ी को पार्किंग कर रहे हैं.इन लोगों पर दीघा थाने की पुलिस व यातायात पुलिस का पुलिसिया कानून नहीं चलता है.इनका केवल दीघा हाट पर सब्जी,फल और घरेलू सामान बेचने पर पड़ता हैं.यहां सड़क अतिक्रमण कर दुकान सजाने वालों को सबक सिखाया जाती है.
           अब बताया जाता है कि दीघा थाना पुलिस और पटना नगर निगम के कर्मियों के बीच सांठगांठ हो गया है.सादे लिबास में आकर कुछ लोग दीघा हाट पर सब्जी बेचने वालों से कहा कि सरकार अन्यत्र दुकान बनाकर देगी. नाम,मोबाइल नंबर और पता लिखा लीजिए.ये लोग इस कहावत को जानकर भी अनजान बनकर लोभ में फंस गए."शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा" यह एक प्रसिद्ध कहावत है जिसका अर्थ है कि "धोखा देने वाला, फंसाने वाला आएगा, जाल फैलाएगा". यह लोगों को आगाह करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है कि वे किसी के बहकावे में न आएं या किसी के जाल में न फंसें. यह अक्सर राजनीति या सामाजिक मुद्दों में इस्तेमाल होता है, जहां किसी को फंसाने या धोखा देने की कोशिश की जाती है.इसमें पचास से अधिक लोग फंस गए.अब उनको कोर्ट से जमानत लेने के लिए कहा जा रहा है.यहां तो दुकान चलाने का मसला है.जो दशकों से मांग की जाती है.
      इस बीच पटना नगर निगम ने तुगलकी फरमान जारी कर दिया है.इस बेतुका या अव्यावहारिक आदेश में कहा गया कि सुबह आठ बजे के बाद दीघा हाट की सभी दुकानों को बंद कर देना है.ऐसा नहीं करने पर मोटी रकम वसूली और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.जो  बिना सोचे-समझे जारी कर दिया जाता है, जिससे बड़ा नुकसान होता है और अक्सर उसे बाद में वापस लेना पड़ता है. 
       पटना- बांस घाट- दानापुर मुख्य मार्ग के दीघा के आसपास मुख्य मार्ग के दोनों तरफ बेरोजगार गरीब लोग दीघा हाट में दुकान सजाने की मांग है कि सरकार हम लोगों को उपयुक्त जगह पर दुकान बनाकर दें.जिस दुकानदार पर केस किया गया है.वह केस वापस लिया जाए.

आलोक कुमार
           

शनिवार, 23 अगस्त 2025

तरीका चर्च में बार-बार विमर्श का विषय बनता रहा है

 


पटना. परमप्रसाद (पवित्र कम्युनियन) केवल एक धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं है, बल्कि यह वह क्षण है जब ईसाई अनुयायी स्वयं प्रभु यीशु मसीह को ग्रहण करते हैं.यह संस्कार अनुयायियों को न केवल पवित्रता प्रदान करता है बल्कि उन्हें आध्यात्मिक शक्ति से परिपूर्ण करता है और परमेश्वर के निकट लाता है.इसी कारण, इसका महत्व और इसका तरीका चर्च में बार-बार विमर्श का विषय बनता रहा है.

       रोमन कैथोलिक परंपरा में पुरोहित “ख्रीस्त का शरीर और रक्त” कहकर लोकधर्मियों की जीभ पर कम्युनियन रखते थे.यह पद्धति पीढ़ियों से चली आ रही है और इसे प्रभु के प्रति गहरी श्रद्धा का प्रतीक माना गया.परंतु कोरोना महामारी के दौरान सुरक्षा कारणों से प्रीस्ट ने कम्युनियन लोकधर्मियों के हाथ में देना आरंभ किया.अब जब महामारी का दौर थम चुका है, बेतिया धर्मप्रांत के बिशप पीटर सेबेस्टियन गोबियस ने पुराने तरीके को फिर से अपनाने का आदेश जारी किया है.उनके अनुसार पुरोहितों को लोकधर्मियों की जीभ पर ही परमप्रसाद रखना चाहिए.

      प्रसिद्ध प्रीस्ट और लेखक फादर जॉर्ज मैरी क्लैरेट ने भी अपने वीडियो संदेश में इसी बात पर बल दिया कि प्रभुभोज को ग्रहण करने का तरीका केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि आस्था, श्रद्धा और अनुशासन का प्रश्न है.उन्होंने अनुयायियों से कहा कि यदि वे प्रभु भोज से अधिकतम आशीष प्राप्त करना चाहते हैं, तो उन्हें उचित तैयारी और सही तरीके से इसे ग्रहण करना चाहिए. उन्होंने बाइबिल के उस अंश की याद दिलाई जिसमें चेतावनी दी गई है कि यदि कोई प्रभु का शरीर और रक्त बिना पहचाने ग्रहण करता है, तो वह अपनी ही दण्डाज्ञा खाता और पीता है.

       यह सवाल आज भी प्रासंगिक है – कितनी बार हम लापरवाही में प्रभु को अपवित्र कर बैठते हैं? कितनी बार हमारे हाथों से परमप्रसाद गिरा और हम अनजाने में उसे पैरों तले रौंद देते हैं? यह केवल शारीरिक असावधानी नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अपराध भी है.

          इसी संदर्भ में यह बहस जरूरी हो जाती है कि “पवित्र कम्युनियन” को ग्रहण करने का सही तरीका क्या है.परंपरा कहती है कि इसे जीभ पर ग्रहण किया जाए, ताकि प्रभु के शरीर और रक्त की पवित्रता अक्षुण्ण बनी रहे. आधुनिक परिस्थितियां हाथ में ग्रहण करने को सहज मानती हैं, लेकिन प्रश्न यह है कि क्या सहजता के लिए पवित्रता से समझौता किया जा सकता है?

         अंततः, यह केवल किसी आदेश या नियम का पालन करने का विषय नहीं, बल्कि श्रद्धा और विश्वास की गहराई का प्रश्न है. परमप्रसाद तभी फलदायी होगा जब हम पूरे मन, आत्मा और विश्वास के साथ प्रभु को ग्रहण करें. यह संस्कार हमें यीशु के समान बनने और उनके जीवन-संदेश को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा देता है.इसलिए आवश्यक है कि चर्च, पुरोहित और अनुयायी – तीनों इस संस्कार की पवित्रता और गरिमा की रक्षा करें.


आलोक कुमार


शुक्रवार, 22 अगस्त 2025

दिव्यांगजन आपदा सुरक्षा कार्यक्रम का राज्यव्यापी शुभारंभ

 

दिव्यांगजन आपदा सुरक्षा कार्यक्रम का राज्यव्यापी शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में ऐतिहासिक पहल, 38 जिलों में एक साथ कार्यक्रम आयोजित

दानापुर. बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (बी.एस.डी.एम.ए.) ने समाज कल्याण विभाग की संस्था “सक्षम” के सहयोग से आज प्रदेशभर में “दिव्यांगजन आपदा सुरक्षा कार्यक्रम” का भव्य शुभारंभ किया. यह महत्वाकांक्षी पहल माननीय मुख्यमंत्री सह प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नीतीश कुमार के प्रगतिशील नेतृत्व में संचालित की जा रही है.

        राज्यस्तरीय उद्घाटन समारोह पटना जिले के दानापुर स्थित सदर बुनियाद केंद्र में आयोजित हुआ.प्राधिकरण के माननीय उपाध्यक्ष डाॅ. उदय कांत, माननीय सदस्य श्री कौशल किशोर मिश्र, श्री नरेंद्र कुमार सिंह एवं श्री प्रकाश कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. समारोह में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन और उनके परिजन उपस्थित रहे.

               इस अवसर पर माननीय उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत ने कहा - “यह कार्यक्रम केवल आपदा प्रबंधन नहीं, बल्कि मानवता की सच्ची सेवा है.इसका लाभ समाज के उस अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य है, जो आज सबसे ज्यादा संवेदनशील है.” माननीय सदस्य श्री नरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि “संभवतः पूरे देश में बिहार पहला राज्य है जिसने दिव्यांगजनों के लिए आपदा सुरक्षा कार्यक्रम को इतनी व्यापकता से लागू किया है.”

            समारोह में प्राधिकरण के ओ.एस.डी. मो. मोइन उद्दीन, एस.डी.आर.एफ. कमांडेंट श्री राजेश कुमार, "सक्षम" के वरिष्ठ प्रशासनिक पदाधिकारी श्री हरिशंकर राम, डिप्टी सी.ई.ओ. श्री सुनील कुमार, राज्य कार्यक्रम प्रबंधक श्री शाहनवाज अहमद और श्री सुशील श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे। नोडल पदाधिकारी श्री संदीप कमल तथा प्राधिकरण की अवैतनिक सलाहकार सुश्री सुमन कुमारी के साथ प्राधिकरण की पूरी टीम भी मौके पर मौजूद थी.

          प्रदेश के सभी 38 जिलों में यह कार्यक्रम आज एक साथ आयोजित किया गया.वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के बुनियाद केंद्र उद्घाटन समारोह से जुड़े रहे.जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में सहायक जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी ने भी भाग लिया.

            इस अभियान के तहत अब तक 1000 से अधिक मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा चुके हैं तथा दर्जनों स्कूलों में मॉक ड्रिल आयोजित कर दिव्यांगजनों को आपदा के समय सुरक्षित रहने के तरीके सिखाए गए हैं.आने वाले दिनों में यह कार्यक्रम “सुरक्षित शुक्रवार” के नाम से राज्य के सभी 101 अनुमंडलों के बुनियाद केंद्रों से नियमित रूप से चलाया जाएगा. इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आपदा के समय आत्मनिर्भर एवं सुरक्षित बनाना है.बी.एस.डी.एम.ए. और एस.डी.आर.एफ. की विशेषज्ञ टीमों के साथ प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर दिव्यांगजनों को उनके अधिकार, सुरक्षा उपाय और आपातकालीन प्रतिक्रिया के गुर सिखा रहे हैं.


आलोक कुमार

गुरुवार, 21 अगस्त 2025

लिपिक और 2 परिचारी को मिला नियुक्ति पत्र

 


लिपिक और 2 परिचारी को मिला नियुक्ति पत्र

नियुक्ति पत्र पाकर खिल उठे चेहरे, अभ्यर्थियों ने सरकार और जिला प्रशासन को दिया धन्यवाद

नवनियुक्त विद्यालय लिपिकों को एक सप्ताह का मिलेगा प्रशिक्षण

बेतिया.पश्चिम चम्पारण जिले के समाहरणालय सभागार में मंगलवार को भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें अनुकम्पा के आधार पर माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत 45 विद्यालय लिपिक एवं 02 विद्यालय परिचारी पदों पर कुल 47 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया. यह अवसर न केवल अभ्यर्थियों के लिए बल्कि उनके पूरे परिवार के लिए एक यादगार और ऐतिहासिक दिन साबित हुआ.

नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के मुख्य अतिथि श्री जनक राम, माननीय मंत्री, अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग-सह-प्रभारी मंत्री, पश्चिम चम्पारण थे तथा समारोह की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी, श्री धर्मेन्द्र कुमार ने की. जिला पदाधिकारी ने माननीय प्रभारी मंत्री का स्वागत पुष्प गुच्छ एवं ट्री पॉट देकर किया. साथ ही अन्य वरीय पदाधिकारियों ने अन्य माननीय जनप्रतिनिधिगणों का स्वागत ट्री पॉट देकर किया.

    समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री जनक राम ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है. कम समय में पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया अपनाकर नियुक्ति पत्र दिया जाना जिला प्रशासन की बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा बेहतर कार्य किया गया है, यह काबिलेतारीफ है. कम समय में 45 विद्यालय लिपिक एवं 02 विद्यालय परिचारी पद पर नियुक्ति पत्र मिल रहा है, यह बड़ी बात है. इसके लिए सभी पदाधिकारी के कार्यों की जितनी सराहना की जाय, कम है.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को अवसर दे रही है.नियुक्ति पत्र पाने वाले सभी अभ्यर्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ.उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने ईमानदारी और निष्ठा से काम किया है.अभ्यर्थी इस अवसर का पूरा लाभ उठाएँ और अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें. उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थी अपनी गरिमा को बरकरार रखेंगे. शेष आवेदनकर्ताओं को भी जांचोपरांत एवं प्रक्रियाओं का अनुपालन करते हुए शीघ्र नियुक्ति पत्र प्रदान किया जायेगा.

         इस अवसर पर जिला पदाधिकारी, श्री धर्मेन्द्र कुमार ने माननीय प्रभारी मंत्री सहित अन्य माननीय जनप्रतिनिधिगणों का आभार प्रकट किया.उन्होंने अनुकम्पा के आधार पर माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 45 विद्यालय लिपिक एवं 02 विद्यालय परिचारी के पदों पर कुल-47 अनुशंसित अभ्यर्थियों के अनुशंसा को लेकर विस्तृत जानकारी दिया.उन्होंने अभ्यर्थियों से कहा कि आपके जीवन में यह अच्छा एवं बड़ा अवसर है। इस तरह का कार्यक्रम आयोजित कर नियुक्ति पत्र माननीय प्रभारी मंत्री के हाथों से हस्तगत कराया जा रहा है। शिक्षा कार्यालय में किसी भी प्रकार का शोषण या परेशानी हो तो सीधे मुझे अवगत कराएँ.शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और त्वरित कार्रवाई होगी.”

उन्होंने पदाधिकारियों को यह निर्देश दिया कि सभी नवनियुक्त विद्यालय लिपिकों को एक सप्ताह का प्रशिक्षण दिया जाए। इस प्रशिक्षण में फाइलिंग, नोटिंग, ड्राफ्टिंग तथा कार्यालयी कार्यों की बारीकियों से उन्हें अवगत कराया जाएगा, ताकि कार्यों में दक्षता लाई जा सके। उन्होंने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को नसीहत भी दी कि अपने कार्यों में ईमानदारी, निष्ठा और पारदर्शिता रखें। अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का निवर्हन बेहतर तरीके से करेंगे.

                    इस अवसर पर माननीय विधान पार्षद श्री आफाक अहमद ने माननीय प्रभारी मंत्री, जिला पदाधिकारी को धन्यवाद दिया। साथ ही अभ्यर्थियों से कहा कि आप सभी युवा हैं, सर्विस में जा रहे हैं.उर्जावान होकर बेहतर तरीके से अपने कार्यों को संपादित कीजिएगा। माननीय विधायक श्री उमाकांत सिंह ने जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि अनुकम्पा के आधार पर इतनी जल्दी नौकरी मिली है, यह अत्यंत ही सराहनीय है. सरकार के क्षेत्र में ऐतिहासिक रूप से अच्छा कार्य कर रही है। उन्होंने अभ्यर्थियों से कहा कि अपने दम पर अपनी पहचान बनाएं. बेहतर तरीके से कार्य करें और एक अच्छा इंसान बनें और कार्यों को भलिभांति निष्पादित करें. माननीय विधायक श्री राम सिंह ने कहा कि सरकार की नियत साफ है.सरकार ने बेहतर कदम उठाया है.नौकरियों की बहार है, खुशहाली की लहर है.उन्होंने अभ्यर्थियों से कहा कि अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहेंगे.माननीय विधायक श्री नारायण साह ने कहा कि विद्यालय लिपिक अपने कर्तव्य का पालन करेंगे. माननीय विधायक, श्री विनय बिहारी ने कहा कि आज 47 परिवारों के लिए खुशी की बात है.47 लोगों को आज अनुकम्पा के आधार पर नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र दिया जा रहा है.आपका भविष्य बेहतर हो.

         जिन अभ्यर्थियों को आज विद्यालय लिपिक पद हेतु नियुक्ति पत्र दिया गया उनमें अनूप कुमार, अमूल कुमार मिश्र, प्रिति कुमारी, वाजिद अली, अरशु राज, विवेक कुमार, अभिषेक कुमार, हर्षित ओस्ता, विजेन्द्र कुमार गौतम, सुशील कुमार, सुमन कुमारी, कमरूल एैन, नवीन कुमार, मो0 इमरान, अमित आनंद, निलेश कुमार, रंजू देवी, अन्नपूर्णा रानी, शमीम हसन, राजु कुमार, रंजना कुमारी, नदीम अफजल, राजेन्द्र कुमार, सुधीर कुमार चौबे, दीपक कुमार पाण्डेय, उज्जवल आनंद, प्रिति कुमारी, कुमारी अंजना, विभा कुमारी गुप्ता, दीपा कुमारी, अजीत कुमार, दिनेश कुमार राम, रूपेश कुमार, साक्षी कुमारी, अफाक हुसैन अंसारी, गुड्डू ठाकुर, रीतु रानी डे, अभिषेक कुमार, अजय कुमार, गुलफाम अंसारी, वसीम राजा, निरंजन राज, पवन कुमार यादव, रीम्पु कुमारी, निकिता कुमारी तथा विद्यालय परिचारी पद हेतु नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वालों में ज्ञानसागर कुमार एवं जीवन कुमार राय के नाम शामिल हैं.

नियुक्ति पत्र मिलते ही अभ्यर्थियों के चेहरों पर मुस्कान और आंखों में नए सपनों की चमक दिखाई दी। अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे और आँखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। अभ्यर्थी झुककर कृतज्ञता जताते हुए नियुक्ति पत्र प्राप्त किये और सरकार एवं जिला प्रशासन को धन्यवाद दिए.

इस अवसर पर माननीय विधायक, श्री राम सिंह, श्री विनय बिहारी, श्री उमाकांत सिंह, श्री नारायण साह, माननीय विधान पार्षद, श्री आफाक अहमद सहित उप विकास आयुक्त, श्री सुमित कुमार, अपर समाहर्ता, श्री कुमार रविन्द्र, जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्री रविन्द्र कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

बुधवार, 20 अगस्त 2025

पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वo राजीव गाँधी की 81वीं जयन्ती

 भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वo राजीव गाँधी की जयन्ती पर कांग्रेसजनों ने किया नमन


पटना . पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वo राजीव गाँधी की 81वीं जयन्ती के अवसर पर आज प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मुख्यालय सदाकत आश्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित कांग्रेसजनों ने सदाकत आश्रम के उद्यान में स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया.कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष श्री राजेश राम  ने किया.

             इस अवसर पर श्री राजेश राम  ने कहा कि राजीव गाँधी संचार क्रांति के जनक थे तथा सत्ता के विकेन्द्रीकरण के लिये पंचायती राज की स्थापना की जिसे बाद में कांग्रेस सरकार के दौरान संविधान संशोधन कर पंचायत को विशेष अधिकार सौंपे गये.उन्होंने कहा कि राजीव गाँधी ने देश के युवाओं को मताधिकार दिलाया तथा महिला सशक्तिकरण के दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया था. श्री राजेश राम  ने कहा कि इन्दिरा गाँधी एवं राजीव गाँधी ने देश की एकता एवं अखण्डता की रक्षा के लिये एवं इसके धर्मनिरपेक्ष चरित्र को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिये अपनी कुर्बानी दी.उन्होंने कहा कि आज देश के धर्मनिरपेक्ष चरित्र पर बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है.उन्होंने कहा कि आज कांग्रेसजनों को संकल्प लेना है कि वे इन्दिरा गाँधी एवं राजीव गाँधी के सपनों का भारत बनाने में अपनी सारी शक्ति लगायेंगे.


    इस अवसर पर स्व0 राजीव गांधी के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अघ्यक्ष चंदन वागची, प्रेमचन्द्र मिश्रा, अभय दूबे, वीणा शाही, मोती लाल शर्मा, राजेश राठौड़, ब्रजेश प्रसाद मुनन, डा0 हरखू झा, प्रमोद कुमार सिंह, कपिलदेव प्रसाद यादव,  अम्बुज किशोर झा, विनय वर्मा, अजय चैधरी,  राजेश कुमार सिन्हा, चन्द्र प्रकाश सिंह, सौरभ सिन्हा, मंजीत आनन्द साहू, वैद्यनाथ शर्मा, ज्ञान रंजन, राजीव मेहता, अरविन्द लाल रजक, संतोष श्रीवास्तव, वसी अख्तर, सत्येन्द्र कुमार सिंह,  शशिकांत तिवारी, संजीव कर्मवीर, कमलेश ,सुधा मिश्रा, साधना रजक, असफर अहमद, मनोज मेहता, मो0 शाहनवाज, विश्वनाथ बैठा, रामाशंकर पाण्डेय, कैसर, संजय श्रीवास्तव, अखिलेश्वर सिंह, विमलेश तिवारी, सुनील कुमार सिंह, हीरा सिंह वग्गा, अजय पासवान, प्रियंका सिंह, सुनील कुमार चौधरी , सुदय शर्मा, रामाशंकर कुमार, शम्मी कपूर, नदीम अंसारीआदि प्रमुख थे.

आलोक कुमार






मंगलवार, 19 अगस्त 2025

सूर्या हांसदा का मामला राज्यसभा में उठा

 सूर्या हांसदा का मामला राज्यसभा में उठा


नई दिल्ली .राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद आदित्य साहू ने मंगलवार को इस मामले को उठाया. उन्होंने कहा कि खनन माफिया के इशारे पर सूर्या हांसदा की हत्या की गयी है. उन्होंने कहा कि आदिवासियों की हितैषी बनने का दिखावा करने वाली सरकार आदिवासियों की हत्या करवाती है.

       सूर्या हांसदा एनकाउंटर का मामला मंगलवार को राज्यसभा में भी गूंजा. भाजपा प्रदेश महामंत्री सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने इस मामले को उठाते हुए राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि आदिवासी की हितैषी बनने का ढोंग करने वाली हेमंत सरकार युवा आदिवासी नेता की हत्या करवाती है. वहीं सदन में कांग्रेस -राजद के लोग जोर-जोर से चिल्लाते हैं और सदन नहीं चलने देते हैं, लेकिन दूसरी ओर इन दलों के समर्थन से चलने वाली झारखंड सरकार में अत्याचार, अन्याय और अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाने वाले सूर्या हांसदा जैसे लोगों की हत्या की जाती है.

       उन्होंने कहा कि सूर्या हांसदा का परिवार जनजाति समाज की सांस्कृतिक, सामाजिक व्यवस्था का अगुआ है. स्वयं सूर्या हांसदा सैकड़ों अनाथ बच्चों को निशुल्क शिक्षा देते थे. उनके लिए भोजन, आवास की व्यवस्था कराते थे. ऐसे समाजसेवी को राज्य की पुलिस प्रशासन ने साजिश के तहत गोलियों से छलनी कर दिया.

    आदिवासी नेता सूर्या हांसदा के एनकाउंटर पर ढेर सारे सवाल उठ रहे हैं. सूर्या हांसदा को 10 अगस्त की शाम को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था. गोड्डा जिले के बोआरीजोर ब्लॉक स्थित सूर्या हांसदा के गांव ललमटिया में इस घटना के बाद से मातम छाया हुआ है. वहीं घटना के बाद नेताओं का आना-जाना लगा हुआ है और परिजन एनकाउंटर की जांच सीबीआई से कराने के लिए गुहार लगाते फिर रहे हैं.

     सूर्या हांसदा अपने गांव में आदिवासी बच्चों को फ्री शिक्षा और आवास देने वाला एक स्कूल चलाते थे. हांसदा कई राजनीतिक दलों में रहे और उनके खिलाफ 25 आपराधिक मामले भी दर्ज थे. जिसमें हत्या, हत्या के प्रयास, फिरौती के लिए अपहरण, जबरन वसूली, दंगा फैलाने के आरोपों से जुड़े मुकदमे शामिल हैं. राजनीतिक जीवन में सक्रिय रहे सूर्या हांसदा दो बार जेवीएम और बाद में इसका भाजपा में विलय होने पर वे बीजेपी में शामिल होकर 2019 में विधानसभा चुनाव लड़े. बहरहाल, सूर्या हांसदा की मौत पर सवाल उठ रहे हैं. बीजेपी इसे एनकाउंटर नहीं, बल्कि हत्या बताकर सरकार पर जांच का दबाव बनाने में जुटी है.


आलोक कुमार

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