बताया गया कि कुल 106 किसानों ने बिचाली व्यवसाय के ऋण के लिए विभिन्न बैंकों को अपने डी पी आर समर्पित किये थे.सबसे ज्यादा 32 आवेदन पी एन बी,29 आवेदन भारतीय स्टेट बैंक,15 आवेदन ग्रामीण बैंक,8 आवेदन इंडियन बैंक,7 आवेदन केनरा बैंक को दिए गए थे.
106 डी पी आर के विरुद्ध मात्र 33 की स्वीकृति की जानकारी प्राप्त हुई. पी एन बी द्वारा 16,भारतीय स्टेट बैंक द्वारा 13 तथा केनरा बैंक द्वारा 4 स्वीकृति के अलावे किसी बैंक ने एक भी स्वीकृति नहीं की है.
बैठक में एक किसान ने बताया कि बैंक प्रबंधक द्वारा हमेशा डी पी आर बदलने की बात की जाती है।जिला पदाधिकारी ने इसे काफी गंभीरता से लिया और सभी किसानों की शिकायतों के वीडियो बनाकर बैंकों के प्रबंधकों को बारी-बारी से बुलाकर समाधान करने का निर्देश दिया.उन्होंने यह भी कहा कि इसके बावजूद भी अगर बैंकर टालमटोल करते रहे तो बैंकों के राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी को वीडियो भेजा जाएगा.
आलोक कुमार
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